खोलकर दिखाऊँ क्या?

हमारे एक मित्र हैं और उनकी बिटिया की शादी के लिये वो लड़का देख रहे थे। एक दिन हमारे सामने जिक्र कर बैठे तो हमने अपने एक परिचित के लडके का नाम सुझा दिया। उन्होंने लड़का भी चुपके से देख लिया, सब मालूमात भी कर ली, तबसे वो हमारे पीछे पड़ गए कि ये रिश्ता करवा दीजिये, दोनों की जोड़ी भी बढ़िया जम रही है, पैसे वैसे की भी समस्या नहीं है, जैसा आप कहोगे वैसा ही कर देंगे।

हमने प्रोग्राम सेट कर दिया और लड़की देखने लड़का, उसकी माँ और बहन उसके घर  चले गये।
लड़का भी बहुत खानदानी घर से था साथ ही ऊंचे ओहदे पर भी था लिहाजा खूब जमकर खातिरदारी की गई। यूं भी लड़की पक्ष आर्थिक रूप से अति सक्षम था।

अब लड़की की बहन का ध्यान लड़की की बाजू पर बंधी पट्टी पर गया, पट्टी कुछ कुछ कुर्ते की बाहों में छुपी हुई भी थी। लिहाजा लड़के की बहन को शक हुआ कि हो ना हो इसको कोई सफेद दाग होगा जिसे छुपाने की कोशिस की गई है।

लड़के की बहन ने अपनी माँ के कान में खुसुर पुसुर की और मां ने लड़की से पूछा - ये पट्टी क्यों लगा रखी है?

लड़की ने सीधेपन में बता दिया कि उसे यहाँ हल्की सी फुंसी हो गई है इसलिए पट्टी लगा रखी है।

अब तो माँ बेटी दोनों का शक और भी परवान चढ़ गया और दोनों ने अजीब सी दृष्टि लड़की पर डाली। अचानक...कोई और लड़की की तरफ से सफाई देता उसके पहले ही लड़की ने दोनों मां बेटी से नजर मिलाते हुए पूछा - खोलकर दिखाऊँ क्या?

मां बेटी दोनों ने नहीं नहीं कहते हुए चलने की परमिशन मांगी और चले गए।

फिर हमको फोन किया और सारा वाकया बताया। हमने कहा - कि लड़की को हम बचपन से जानते हैं उसको कोई दाग वाग नहीं है बड़ी सुंदर और सुशील लड़की है।

अब लड़की की माँ बोली - अरे ताऊ काहे की सुशील, बड़ी मुँहफट है, शादी के पहले ही बोलती है कि "खोल कर दिखाऊँ क्या" तो शादी के बाद क्या करेगी? हम तो यह रिश्ता नहीं करेंगे।

हमने लाख समझाया पर वो नहीं माने। अब इसमें कसूर किसका?


#हिन्दी_ब्लॉगिंग

Comments

  1. बात कसूर की नहीं ,बात तो ये है कि लड़कियाँ इतनी आसानी से मिल जाती हैं कि उनकी कोई कदर ही नहीं..

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  2. बहुत खूब,
    व्यंग्य के साथ बढ़िया प्रस्तुति।

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  3. सादर नमस्कार,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शुक्रवार (05-06-2020) को
    "मधुर पर्यावरण जिसने, बनाया और निखारा है," (चर्चा अंक-3723)
    पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है ।

    "मीना भारद्वाज"

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  4. इसमें कसूर किसी का नहीं है। लड़की की किस्मत अच्छी थी जो वो बच गयी। जो लोग इतनी सी बात नहीं समझ सकते वो आगे जिंदगी दुश्वार कर ही देते। रोचक बात ये भी है कि लड़का बीच में कुछ नहीं बोला।

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  5. सुन्दर प्रस्तुति

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