"ताऊ मशरूम ने मेरी जिंदगी संवार दी" मिस समीरा टेढी

पहले के जमाने में गोरे होने का मतलब इतना ही होता था कि शादी ब्याह में आसानी होती थी, बिना किसी पंचायत के ब्याह हो जाता था. हमारे एक मित्र थे टुन्ना भिया, अब यों तो भिया बहुत गुणी और शरीफ़ थे पर काले इतने कि कोई भी लडकी शादी करने को तैयार नहीं हुई. आखिर एक जगह बात तय हुई और बारात लेकर पहुंच गये. पहले के जमाने में लडकी लडके का आपस में देखने दिखाने का जमाना तो था नहीं सो बात बन गई.  पर जब टुन्ना भिया घोडी पर सवार होकर तोरण पर पहुंचे तो लडकी की सहेली ने लडकी के कान में कहा कि लडका तो काले तव्वे की तरह काला ढुस्स है बस लडकी ने मना कर दिया और भिया की बारात बैरंग वापस आ गई. हमें भी बिना लड्डू खाये ही वापस आना पडा.

हमने तभी से तय कर लिया था कि इस कालेपन का इलाज जनकल्याण के लिये ढूंढना ही पडेगा और हमने सारे वेद शाश्त्र पढकर इसका इलाज ढूंंढ ही लिया. जी हां, ये एक मशरूम है जिसका सोमरस पीकर देवता इतने सुंदर, शक्तिशाली और गोरे चिट्टे हो गये. और अब तो आपको यकीन करना ही पडेगा, मोदी जी की धुर विरोधी कांग्रेस भी अब तो इसका समर्थन कर रही है. और तो और उधर भाजपाई कह रहे हैं कि राहुल बाबा भी इतने गोरे चिट्टे "ताऊ औष्धि फ़ार्म" का मशरूम खाकर ही हुये हैं और उनके गाल के डिंपल भी इन्हीं मशरूमों के सेवन से बने हैं.

आपको यकिन ना हो तो मिस समीरा टेढी को ही देख लिजीये. हमारे मशरूम सेवन से पहले एकदम काली कलूटी थी बिल्कुल  शुरूआती दिनों की फ़िल्म अभिनेत्री रेखा की तरह और आज देखिये दुनियां की सफ़लतम अभिनेत्री और माडल है.


मिस समीरा टेढी "ताऊ मशरूम" सेवन से पहले 

और अब नीचे की तस्वीर देखिये "ताऊ मशरूम" सेवन के चंद दिनों बाद ही गोरी होकर एक सफ़ल माडल और सफ़लतम अभिनेत्री बन गई. उन्हीं के शब्दों में "ताऊ मशरूम ने मेरी जिंदगी संवार दी" और सेवन के बाद आप भी ऐसा ही कहने को मजबूर हो जायेंगे.





जल्दी किजीये, ताऊ मशरूम की सप्लाई बहुत ही सीमित है. कहीं पछ्ताना ना पडे कि आपको उपलब्ध नहीं करवा सके. 

कीमत : 

गोरेपन वाली मशरूम :  80 हजार प्रति नग
गोरापन एवम डिंपल वाली मशरूम : 90 हजार प्रति नग

सेवन विधि : प्रतिदिन 5 मशरूम के सेवन से तीव्र गति से असर होता है.
 
 

#हिन्दी_ब्लॉगिंग

Comments

  1. क्या कहने?
    निरुत्र कर दिया आपकी पोस्ट ने तो।

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  2. आज सलिल वर्मा जी ले कर आयें हैं ब्लॉग बुलेटिन की १९०० वीं पोस्ट ... तो पढ़ना न भूलें ...

    ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, 1956 - A Love story - १९०० वीं ब्लॉग-बुलेटिन “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  3. अगले आम चुनाव में मांग बढ़ने वाली है मशरूमों की
    बहुत खूब!

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  4. कोई कुकुरमुत्तुवा ऐसा भी मिले जो काले मन को उजला कर दे !

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  5. समीर भाई तो बिलकुल जवान हो गए ... थोड़े गोर भी लग रहे हैं ...
    ताऊ हमें भी चाहिए ...

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