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हम "अंतर्यामी और सर्व जगह प्रकटम बाबा हैं मूर्ख...

ताऊ टीवी पर बहस चल रही थी "बाबा" शब्द कहां से आया? बहस में शामिल सभी बाबा गणों की बोलती बंद हो गई.... जैसे बाबा शब्द कोई गाली हो. एंकर रामप्यारे ने बहस छेड तो दी पर वह  खुद भी उलझ गया.



थोडी देर में  बाबाश्री ताऊ महाराज भी बहस के लिये कनेक्ट हो गये.....अचानक बाबाश्री को देखकर सभी घबरा गये...... पर एंकर रामप्यारे अपने स्वाभाविक जोश में था जैसा कि आमतौर पर सारे एंकर आ जाते हैं सो उसी रौ में पूछ बैठा... आप तो जोधपुर जेल में बंद थे यहां कैसे आ गये?

बाबाश्री ताऊ महाराज बोले -  अरे बावलीबूच... हम कोई छोटे मोटे बाबा नही हैं...असली बाबा हैं असली... तेरी जेल हमें क्या रोकेगी? हम "अंतर्यामी और सर्व जगह प्रटकम बाबा हैं मूर्ख....देख हम एक ही साथ  जोधपुर जेल में भी हैं... और सिरसा जेल में भी....और तेरे स्टूडियो में भी हैं..... हम तो लीला कर रहे हैं जेल में रहने की, वर्ना किसमें दम है जो  बाबाश्री ताऊ महाराज को जेल में डाले.

रामप्यारे एंकरिंग भूल चुका था....कुछ और पूछने की सोचता इतनी ही देर में बाबाश्री ताऊ महाराज अंतर्ध्यान हो गये.

9 comments:

  1. बाबा की लीला............ :-) एक ही समय में सब जगह होते हैं
    जय ताऊ बाबा की

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  2. अंतरध्यानी, फिर-फिर प्रकटयानी बाबा की जय हो

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  3. जय हो बाबा ताऊ श्री की ....
    आप ने दर्शन दिए यही बहुत है हम जैसे तुच्छ जनों के लिए ...

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  4. हर जगह मौजूद हैं - हर बार नए रूप में पर हैं वही !

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  5. भीड़ जब तक बाबा शब्द पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगाती तब तक इनका धंधा
    मंदा नहीं हो सकता, सटीक पोस्ट :)

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  6. जय हो ताऊ बाबा की... अपना खाता नम्बर भेजिये ताकि सदस्यता की राशि का भुगतान कर सत्संग का सुख प्राप्त कर सकें हमारे जैसे तुच्छ प्राणि और ईहलोक तो व्यर्थ गया, शायद बाबा की किरपा से परलोक सुधर जाए!
    जय हो अंतर्ध्यानी सॉरी अंतर्यामी बाबा की!

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  7. बढ़िया कटाक्ष .
    बहुत दिनों बाद प्रकट हुए अंतर्ध्यानी अंतर्ज्ञानी बाबा जी की जय!

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