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चुनावी साल, वादों की बरसात, महाभारत


1.
चुनावी साल
वादों की बरसात
महाभारत

2.
चैतुए आये
पांच साला फ़सल
ऐसी की तैसी

3.
लोकसेवक
शरीफ़ों का मुखौटा
आदमखोर

4.
गुबार उठा
गधे रेंकने लगे
चुनावी वादे

5.
अंधी जनता
ये हैं चुनावी वादे
हाथ मलोगे


43 comments:


  1. एक से एक
    हाईकू है सटीक
    ताऊ जी लाए !

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

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  3. मैं तेरा ताऊ
    बात मेरी मान ले
    समझ जा तू ............:-)))

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  4. आदरणीय ताऊ ,
    आप कैसें हैं |ब्लॉग की दो पोस्टों के बीच लम्बा अंतराल?|
    बहुत ही सुंदर हायकू |

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  5. ताऊ !!
    कहाँ से मारा माल बता दे ताऊ प्यारे
    कुछ गुर हमको भी सिख्लादे ताऊ प्यारे !
    हाइकू कभी नहीं लिख पाए, हम तो
    हीर न जाने कब से मांग रही हैं हमसे !!
    मिलेगा जो कुछ आधा आधा होगा वादा
    ताऊ इतना करो भरोसा, यार पुराना !

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  6. हाथ मलने के बाद भी फिर-फिर वही करेंगे..बहुत बढ़िया कहा..

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - बुधवार - 2/10/2013 को
    जो जनता के लिए लिखेगा, वही इतिहास में बना रहेगा- हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः28 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra


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  8. चुनाव के ऊपर बहुत सुन्दर हाइकू !
    नवीनतम पोस्ट मिट्टी का खिलौना !
    नई पोस्ट साधू या शैतान

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  9. चुनावी माहौल है ..

    सामयिकऔर अच्छे हायकू लिखे हैं,

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  10. एकदम सटीक और समसामयिक .....

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  11. यहां दि‍ल्‍ली में तो लोकसभा से पहले , वि‍धानसभा के चुनाव आ रहे हैं इसलि‍ए और भी ज़्यदा सामयि‍क लग रहे हैं पॉंचों बंद.

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  12. बहुत बढ़िया,...सुंदर सटीक हाइकू !

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  13. जनता के हिस्से हाथ मलना ही रहा है अब तक !!
    व्यंग्य में भी कमाल धमाल !

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  14. 5.
    अंधी जनता
    ये हैं चुनावी वादे
    हाथ मलोगे

    बचके रहियो

    आरहा है ,

    बुद्धिमंद।

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  15. इस पोस्ट की चर्चा, बृहस्पतिवार, दिनांक :-03/10/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" चर्चा अंक -15 पर.
    आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

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  16. गज़ब की बात कह दि इन हाइकू में ...
    छोटे तीर ..
    घाव करें गंभीर ...

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  17. अंधी जनता
    ये हैं चुनावी वादे
    हाथ मलोगे

    चुनाव पर बहुत बढ़िया हाइकु ...!!

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  18. गुबार उठा
    गधे रेंकने लगे
    चुनावी वादे

    5.
    अंधी जनता
    ये हैं चुनावी वादे
    हाथ मलोगे

    umdaa, vichaarniy

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  19. खबरदार करते हाइकु -

    सावधान वो आ रहा है।

    पैकेज में सिर्फ वायदे ला रहा है।

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  20. आपने भी बिगुल फूंक दिया

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  21. bahut khoob tau ji.
    kya tikat mila apko ya abhi vaydon se hi kaam chal rha hai.

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  22. बहुत सुन्दर हाइकु ... समसामयिक़ अभिव्यक्ति !!

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  23. चुनाव आये ,

    सभी सेकुलर समस्वर टर्राये।

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  24. बहुत दिनों के बाद आपको पढ़ना ...अच्छा लगा
    सटीक लेखन

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  25. सच को कहते व्यंग्य पूर्ण हाइकु ।

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  26. आज को देखती
    अभी को मांगती
    जनता भोली।

    आपका ये नया रंग अच्छा लगा।

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  27. क्या चटपटे हाइकु बरसाए हैं ताऊ ! वाह मजा आ गया ।

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  28. बहुत सुन्दर ताऊ !!
    राम राम !!

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  29. चैतुए आये
    पांच साला फ़सल
    ऐसी की तैसी

    3.
    लोकसेवक
    शरीफ़ों का मुखौटा
    आदमखोर

    बहुत खूब ताऊ सा !सुभान!अल्लाह !

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  30. देखन में छोटन लागे....घाव करे गंभीर...
    वाह......

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  31. ताऊ जी आप कहाँ हैं आजकल ? न्यू पोस्ट नही दिखी आपकी

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