Powered by Blogger.

अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में ताऊ सद साहित्य का विमोचन

अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन के सांध्य सत्र में आपका स्वागत है. जैसा कि हमने सुबह के सत्र में निवेदन किया था उस अनुसार अब ताऊ सद साहित्य की नई पुरानी पुस्तकें आपके समक्ष प्रस्तुत हैं. इनमें से कुछ दुर्लभ और अप्राप्य पुस्तकों का आपकी डिमांड पर पुन: प्रकाशन किया गया है.    

इन पुस्तकों को पढकर हर एक ब्लागर सदगति को प्राप्त हो सकता है. ऐसे पुनीत और पावन कार्य में  ताऊ प्रकाशन ने अपनी पूरी निष्ठा और लगन से इन पुस्तकों का पुनर्प्रकाशन करवाया है  जो बहुत ही  विद्वान और छंटे हुये ब्लाग साहित्यकारों द्वारा लिखी गई हैं.  ताऊ सद साहित्य की अनेकों पुस्तके बाहर स्टाल पर उपलब्ध करवाई गई हैं. इन पुस्तकों को पढकर आपका अगला तो क्या उसका अगला जन्म भी सन्नाट हो जायेगा.

निष्णांत ब्लाग लेखकों द्वारा लिखित नई पुस्तकों का मूल्य एवम संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :-


1. ब्लॉग सुन्दरी कैसे बने? -ऊँटनी और गधी के दूध सहित सौ नुस्खे : यह पुस्तक ब्लागिंग के शौकीनों के लिये एक वरदान है. इस पुस्तक की सहायता से आप ब्लागिंग के जिंदा रहने यानि चिरकाल तक सुंदर और युवा बने रह सकते हैं. इसमें बताये गये फ़ार्मुलों को आजमाकर आप देह की सुंदरता के अलावा पुरूष होते हुये भी एक सुंदर कमनीय नारी के रूप में ब्लागिंग कर सकते हैं.  लेखक के  महाभारत कालीन अनुभवों द्वारा यह फ़ार्मुले परीक्षित हैं और लेखक स्वयं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण. लेखक ग्रीक और रोमन  सौंदर्य शाश्त्र के  परम ज्ञाता हैं. ग्रीक और रोमन सुंदरियों को सौंदर्य निखारने और बनाये रखने की ट्रेनिंग आप ही देते रहे हैं. क्लियोपेट्रा के आप विशेष सौंदर्य सलाहकार रहे हैं. आपकी  अनेकों पुस्तके प्रकाशित हो चुकी हैं. शीघ्रता किजिये. सीमित प्रतियां ही शेष बची हैं. कहीं पछताना ना पडे.



कीमत : 4499/- मात्र
*****


2. चिठ्ठा रोगों का शर्तिया खानदानी इलाज : अपने विषय की सर्वोत्तम पुस्तक है. बिल्कुल सहज और सरल भाषा में लिखी गई है. हर ब्लाग रोग का अचूक इलाज आपको इसमे मिलेगा. लेखक के आजमाये हुये नुस्खे हैं. और लेखक के बारे में कुछ कहना गधे के सर पर सींग रखना है. लेखक एक सफ़ल ब्लाग चिकित्सक  और अनंत काल के अनुभवी हैं.



कीमत : 3899/- मात्र
*****
      
3. ब्लाग हितकारी पुराण : यह नितांत परम मनोहर परम पुनीत पुराण है जो कि विषय के ज्ञाता विद्वान द्वारा लिखा गया है. लेखक का संबंध भी सतयुग से है और बातों को गोल गोल घुमाने के बजाये बहुत ही नपे तुले शब्दों में समझाया गया है. इस पुराण के पठन पाठन से कुमारी सुर्पणखां की आप पर अनंत कृपा हो सकती है जो कि सब जगह आपकी रक्षार्थ तैयार खडी मिलेगी. अवश्य ट्राई करें.



कीमत : 3799/- मात्र
                                                                               *****

4.  ब्लागिंग मे खोई ताकत  वापस प्राप्त करें : यह पुस्तक उन ब्लागर्स के लिये रामबाण सिद्ध होगी जो रीत कर रीतिकालीन हो चुके हैं. और चारों तरफ़ से अपनी गल्तियों की वजह से निराश हो चुके हैं. जिनकी जोशे जवानी लुट चुकी है और निराश होकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.  लेखक  अपने क्षेत्र के विशिष्ट और  ख्याति प्राप्त   माडल है और लोगों में नया जोश और जवानी भरने में माहिर है. शौकीन और  तंदुरुस्त लोग भी ट्राई कर सकते हैं, उनमें भी नया जोश नई जवानी भर जायेगी. लेखक के   नुस्खे आपको भी सारे खुरपेंच दांव सिखा कर   ब्लागिंग में आसमान दिखा देंगे. दिन में तारे दिखने की गारंटी ली जाती है. तुरंत आर्डर करें. सीमित स्टाक ही उपलब्ध है.



कीमत : 3299/- मात्र
                                                                              *****

5. सफ़ेद पोश ब्लागर बनिये : इससे बेहतरीन किताब आज तक इस विषय पर लिखी ही नही गई. आप भले ही फ़टीचर हों...बल्कि कालेपोश हों और निपट गंवार हों..तब भी आपने अगर यह पुस्तक खरीद ली तो समझ लिजिये कि आप ब्लाग सोसायटी के हीरों हो जायेंगे....सब आप पर जान देंगे और खासकर तो वो..जिंन्हे आप अपने ग्रूप में शामिल करना चाहते थे और आज तक सफ़ल नही हो सके थे. पुस्तक खरीदते ही आप काले से सफ़ेदपोश ब्लागर बन जायेंगे...अंग्रेजी और उर्दू शब्दों को घाल घूसेडू ब्लागर बनने के अचूक फ़ार्मुलों सहित एक संपूर्ण पुस्तक.....लेखक की यह सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक है.


कीमत 3199/- मात्र
                                                                               *****

6. बुढऊ ब्लागर्स  रिटायरमैंट के अचूक सौ नुस्खे: - लेखक ने अपनी समस्त कलाओं को एकत्रित करते हुये नायाब नुस्खे बताये हैं. आप भी अगर किसी से त्रस्त हैं तो अवश्य लाभ उठायें. पुस्तक इसी डिक्लेरेशन पर दी जायेगी कि आप इसे पढकर किसी को नाहक तंग नही करेंगे. आर्डर के साथ डिक्लेरेशन फ़ार्म भेजना ना भूलें.



कीमत : 2299/- मात्र
                                                                                 *****
7. मौज लेने के 161 नुस्खे : मौज लेने के अनेकों नुस्खों के लिये इस पुस्तक को अवश्य पढें. लेखक अपनी टिप्पणियों के लिये काफ़ी प्रसिद्ध हैं. लोग इंतजार करते हैं कि कब इनकी टिप्पणी आये और उनकी मौज ली जाये. लेखक के अनुभव और ज्ञान का फ़ायदा उठायें. स्टाक बहुत ही सीमित है...शीघ्रता करें वर्ना पछताना पड सकता है.



कीमत : 2799/-
*****

8. सातवीं फ़ेल सीधे MBA  करें : इससे ज्यादा और आप क्या चाहेंगे? किताब खरीदते ही MBA पास करने की ग्यारंटी दी जाती है. लेखक की यह पुस्तक पढकर हजारों लोगों ने अब तक सफ़लता प्राप्त की है और यह पुस्तक बिक्री के सारे रिकार्ड तोड चुकी है. लेखक  के बारे में कुछ कहना सुर्य को लालटेन दिखाना है. आज ही आर्डर करें.



लेखक : प्रोफ़ेसर दिगम्बर नासवा
कीमत : 2899/- मात्र
*****

9. मोक्षकारिणी ब्लाग यंत्र तंत्र मंत्र गुटिका : यह एक अति दुर्लभ ग्रंथ है. जिसे बाबाश्री ने आपके हित के लिये लेखक से विशेष आग्रह करके लिखवाया है. इस पुस्तक को पढकर आप स्वयं ही समस्त ब्लाग रोगों से बचते हुये दूसरों की पीडा का शमन भी कर सकते हैं.  लेखक इस क्षेत्र के नामचीन और प्रख्यात विद्वान हैं.


कीमत : 3199/- मात्र
*****

10.  ताऊ ब्लागर गीता महात्यम : इस ब्लागर गीता का जो कोई ब्लागर जाप करेगा और श्रद्धा पूर्वक पठन पाठन करेगा वो सबको पछाडते हुये नंबर वन ब्लागर बनेगा. हे पार्थ इसमें संदेह नही करना. संदेह करने से महाराज ताऊश्री नाराज हो सकते हैं जिसका प्रतिफ़ल अच्छा नही मिलता. लेखक चोर उठाईगिरो और डकैतों के रजिस्टर्ड सरदार हैं अत: विषय के परम ज्ञानी हैं. सफ़लता निश्चित मिलेगी. अवश्य ट्राई करें...मौज लेने के शौकीन भी ट्राई कर सकते हैं. 



कीमत 3799/- मात्र
*****

11. ब्लागं करोति कल्याणम : यह पुस्तक अपने विषय  की साक्षात ज्ञान चक्षु प्रदीपिका है. पुस्तक पढने के पहले ही आपके ज्ञान चक्षु, दर्शन मात्र से ही खुल जायेंगे. यह पुस्तक ब्लाग गुह्य ज्ञान का खजाना है जो लेखक ने हमारे विशेष अनुरोध पर जन कल्याणार्थ लिखा है. यह पुस्तक पढकर आप ब्लाग संसार के मर्म को समझ पायेंगे. तत्व ज्ञान के इच्छुक चुनिंदा  भक्तगणों को ही प्राप्त हो सकेगी क्योंकि अत्यंत सीमित स्टाक शेष बचा है. शीघ्रता करें.. 


कीमत : 3799/- मात्र
*****


12. जूतम-पैजारियता पुराण : इस पुराण का पाठ करने से आप दूसरों को जूते मारने  में माहिर हो जायेंगे. इस पुराण का इतना बडा महात्यम है कि कोई भी ब्लागर  बिना मोडरेशन के अपने ब्लाग को नही छोड सकता और सपने में  भी उसे जूते दिखाई देने लगते हैं.  सटीक व्यंग और  इस परम मोक्षदायक पुराण को अवश्य मंगवाये इसके पठन पाठन से आपके भय ताप दूर होकर मन चाही मुराद मिलेगी. महाराज बाबाश्री की आप पर कृपा बनी रहने की गारंटी दी जाती है. लेखक ताऊ डाट इन द्वारा आयोजित  विशेष   "ब्लेक बूट एवार्ड ट्राफ़ी" आफ़ ब्लागर जूतमपैजारियता - 2011 के भी  विजेता रहे हैं.  सीमित प्रतियां ही स्टाक में उपलब्ध हैं.




कीमत : 3299/- मात्र
                                                                                *****

13. ब्लागर सम्मोहन गुटिका एवम टोटके : कोई आपको परेशान करता हो, आपकी बात ना मानता हों उससे छुटकारे का उपाय आपको इस पुस्तक में मिलेगा. विषय की शानदार पुस्तक है. और खरीदते ही आपका काम हो जायेगा. स्ट्रिंग आपरेशन के एक से एक उपाय बताये गये हैं. साथ ही उन स्थानों के नाम पते भी दिये गये हैं जहां से आप स्टिंग आपरेशन में काम आने वाले स्पाई कैमरे आदि सामान खरीद सकें. अति उपयोगी पुस्तक. आज ही आर्डर करें. और निराश होने से बचें.


कीमत 2999/- मात्र
*****


14. श्री ब्लाग गरुड पुराण : जैसा कि आप जानते हैं गरुड पुराण का पाठ मृत और भटकी हुई आत्माओं की शांति के लिये होता है. ब्लाग जगत में मृत के बजाये जीवित भटकी हुई आत्माएं बहुतायत से विचरण करती हैं. हमारे जाने माने ब्लागर शिरोमणी मूर्धन्य लेखक ने यह ब्लाग गरुड पुराण लिख कर समस्त ब्लाग जगत पर उपकार किया है. अत: तुरंतBold आर्डर करें. सीमित प्रतियां शेष हैं.



कीमत 3399/- मात्र
                                                                               *****

15. ब्लागिंग  गुह्य ज्ञान प्रदीपिका : यह ब्लागजगत  में टिके रहने के लिये एक रामबाण पुस्तक है.  हमारे ज्ञानी विशेषज्ञ लेखक ने  बडे जतन और अपने दिव्य ज्ञान की बदौलत यह  पुस्तक लिखी है. जितने भी ब्लागिंग के बडे मठाधीष हुये हैं उन सबके लिये भी यह पुस्तक ब्लाग-गीता के समान महत्व रखती है. इस पुस्तक के श्रवण मनन से   आप भी पीठ खुजलाने की कला में पारंगत हो जायेंगे. और यह जान पायेंगे कि कैसे हर कोई नामचीन शख्स सिर्फ़ अपने अपने गुट के पठ्ठों की पीठ खुजलाता है और बदले में अपनी पीठ ठुकवाता है. यह पुस्तक पढकर आपको ब्लागजगत के असली चेहरे दिखाई देंगे...और पता लगेगा कि गुटबाजी क्या होती है?  आज ही आर्डर करें. कुछ ही प्रतियां शेष हैं.



कीमत : 2999/- मात्र
*****

16. ब्लाग मठ प्रदीपिका : खुरपेचिया रचित यह पुस्तक ब्लाग संसार में अनोखी है.ब्लागर शिरोमणी खुरपेचिया द्वारा इस पुस्तक की रचना 420 BC में मूलत: ब्राह्मी भाषा में की गई थी. इस ग्रंथ के कुछ पन्ने फ़टी हालत में इधर उधर बिखरे पडे थे. इसके कुछ पन्ने तो भानगढ में गब्बरसिंह को मिले थे. लेखक ने गब्बर सिंह से यह पन्ने कैसे हासिल किये थे? इसका खुलासा भी लेखक ने इस पुस्तक में किया है. लेखक ने मूल ग्रंथ से अनुवाद किया है और ब्लागरी भाषा में समझाया है.  वर्तमान में विद्वान लेखक एक मात्र ब्राह्मी भाषा के जानकार है. उनके अथक परिश्रम से  ही इस महान ब्लाग ग्रंथ का प्रकाशन हो पाया है.  इस पुस्तक में ब्लाग मारण, ब्लाग तारण, ब्लाग उच्चाटन व ब्लाग सम्मोहन जैसी उच्च क्वालिटी की बाते साधारण भाषा में समझायी गई हैं.  यदि किसी ब्लागर ने इस ग्रंथ को नही पढा तो ब्लागिंग के असली तत्व से महरूम ही रहेगा. तुरंत आर्डर भेंजे. कुछ प्रतियां ही शेष बची हैं.


                                             खुरपेचिया विरचित  मूल ग्रंथ  "भाषा टीका सहित"
                                                               लेखक : अनुराग शर्मा
                                                                कीमत : 5999/- मात्र
                                                                              *****
======================================

निम्न पुरातन पुस्तके भी उपलब्ध हैं.


डिस्क्लेमर : हमारी कोई ब्रांच नही है.पुस्तके संपूर्ण अग्रिम पर ही भेजी जाती हैं.इन पुस्तकों को किसी भी रुप मे कापी करने की सख्त मनाही है.बिका हुआ माल किसी भी कीमत पर वापस नही होगा.इन पुस्तकों में दिये गये फ़ार्मुले अपनी रिस्क पर ट्राई करें. प्रकाशक या लेखक इसके लिये जिम्मेदार नही होंगे.

यह पोस्ट शुद्ध मनोरंजन के लिये लिखी गई है. कोई भी सज्जन दिल-दिमाग, कलेजे-जिगर पर ना ले क्योंकि आजकल लू चल रही है. अगर इन पुस्तकों के पढने की वजह से कोई बीमार पड गया तो हमारी किसी भी तरह की कॊई जिम्मेदारी नही होगी. यह पोस्ट किसी को किसी भी रूप मे छोटा या बडा दिखाने के लिये नही लिखी गई है.  फ़िर भी किसी को ऐतराज हो तो उसका नाम हटा दिया जायेगा.

ॐ ब्लागदेवताभ्यो नम:
अनामी नम:
बेनामी नम:
मारीचाय नम:
सूर्पनखाए नम:
सर्व अलाने-फलाने देवताभ्यो नम:
ॐ........सर्वे भवन्तु  सुखिनां विनोदप्रियां
तमसोर्मां हास्यगमय
ॐ हास्यम हास्यम हास्यम.

अगले सत्र में कुछ महिला लेखकों की पुस्तकों का उदघाटन होगा तत्पश्चात तुरंत ताऊ महाराज द्वारा खोजी गई अनुपम और लोक कल्याण कारी औषधियों की जानकारी दी जायेगी. एजेंसी लेने के लिये अपनी फ़ायनेंसियल रिपोर्ट के साथ संपर्क करें.

110 comments:

  1. एक से बढ़कर एक ब्लॉगर लेखकों की पुस्तकें ......बहुत बढ़िया

    ReplyDelete
  2. डॉ अरविन्द मिश्र ,पी एच डी दिनांक ,३ मई
    अंतर्जाल विशेषज्ञ एवं व्लाग शिरोमणि
    प्रिय श्री ताऊ ,
    आपके प्रकाशनों का कैटलाग आज सुबह के ई मेल से प्राप्त हुआ . निश्चय ही आपने अंतर्जाल साहित्य के प्रकाशन में आपने एक कीर्तिमान कायम कर लिया है . इन किताबों से निश्चय ही मुद्रित साहित्य में इन दिनों आये घटाटोप से निजात मिलेगी -पाठक प्रेमी वृन्द इस पर वैसे ही टूट पड़ेगें जैसे पुराने घावों पर मक्खिया भिनभिनाती हैं . मुझे खुशी है कि किताबों में एक टायटल मेरा भी है .
    मगर निराशा हुई कि कुछ स्वनामधन्या ब्लागरों द्वारा कोई टायटल यहाँ नहीं दिखा जब कि आपके प्रतिष्ठान से जुडी एक से एक भद्र विद्वान् लेखिकाएं भी हैं -कम से कम शीघ्र प्रकाश्य कटेगरी में उनके नाम का आकर्षण होता तो इस भीषण बढ़ती गर्मीं में राहते रूह का अवसर मिलता -खैर आपके लिए यह कौन मुश्किल है -तुरंत प्राकशित करें .
    अपरंच कुछ बिजिनेस की बातें भी हो जायं . मेरी किताब का मूल्य सर्वाधिक है . आपने लाख बार कुरेदने पर भी इसकी रायल्टी फिक्स नहीं की है -क्या पता आप औरों के साथ भी यही वर्ताव न कर रहे हों . चूंकि ये किताबें हाट केक की तरह बिक जायेगीं अतः इस मामले का निपटारा जल्दी होना चाहिए . मेरे एक जिज्ञासु पाठक ने यह पूछा है कि क्या सम्पूर्ण सेट लेने पर कोई विशेष छूट है ? .
    पत्रोत्तर के जवाब की प्रतीक्षा में ...

    श्री ताऊ महराज हरियाणा वाले
    श्री ताऊ सद साहित्य अंतर्जाल प्रकाशन
    (अरविन्द मिश्र )

    ReplyDelete
    Replies
    1. @ डॉ अरविन्द मिश्र ,
      ताऊ से रॉयल्टी की उम्मीद करना ??

      Delete
    2. डा.अरविंद मिश्र जी, आप जानते हैं कि ताऊ प्रकाशन पुस्तक की प्रिंटिंग और बाईंडिंग उच्च क्वालीटी की करवाता है इस वजह से जो भी पुस्तके तैयार हो चुकी थी उनका विमोचन करवा लिया, बाकी बहुत सारे टाईटल जल्द ही विमोचित होने को तैयार हैं. थोडा इंतजार किजिये.

      रामराम.

      Delete
    3. डा.अरविंद मिश्र जी, जहां तक रायल्टी की बात है वो आपसे नक्की हुई थी, हम झूंठ नही बोलेंगे. आपकी सारी किताबें बिक चुकी हैं पर आपकी रायल्टी अभी तब तक रीलिज नही होगी जब तक क्लियोपेट्रा वाला केस नही निपट जाता.

      आपने शायद क्लियोपेट्रा से लिखा पढी की होगी कि आपके द्वारा उसे बताया गया फ़ार्मुला कहीं ओर डिस्क्लोज नही करेंगे पर आपने यहां उसका "गधी और ऊंटनी" के दूध वाला फ़ार्मुला डिस्क्लोज कर दिया है. उसने हमको कानूनी नोटिस भिजवाया है कि इस फ़ार्मुले पर उसका कापीराईट है. अब आप केस लडने के और द्विवेदी जी की फ़ीस की रकम अतिशीघ्र भिजवायें जिससे यह मामला निपट सके. वैसे हम समझौते की भी कोशीश कर रहे हैं. रकम तय होने के बाद आपको बता देंगे तब आप रकम भिजवा दिजीयेगा.

      रामराम.

      Delete
  3. हर पुस्‍तकालय के लिए जरूरी. प्रत्‍येक ब्‍लागर के लिए न सिर्फ पठनीय, बल्कि इनका पठन-पाठन अनिवार्य.

    ReplyDelete
    Replies
    1. वाकई ...
      सही सुझाव , हिंदी जगत का भला होगा !
      आभार आपका !

      Delete
  4. @ ब्लॉग सुंदरी कैसे बनें :
    पुरूष होते हुये भी एक सुंदर कमनीय नारी के रूप में ब्लागिंग कर सकते हैं. लेखक के महाभारत कालीन अनुभवों द्वारा ....

    ताऊ महाराज , लगे हाथों यह राज भी खोल देते ब्लॉग जगत की कौन सी नारी वास्तव में पुरुष है..

    डॉ अरविन्द मिश्र की भांति मुझे भी शिकायत है कि रॉयल्टी के नाम पर एक धेला भी नहीं मिल पाया किताबों की लोकप्रियता देखते हुए मुझे ताऊ की नीयत पर भी पूरा शक है !

    ReplyDelete
    Replies
    1. ये आप कैसी उल्टी पुल्टी बाते कर रहे हैं? रायल्टी की तो आपसे कोई बात ही नही हुई थी बल्कि पुस्तक की प्रिंटिंग का खर्च आपको उठाना था. आपने एडवांस भी दिया था शेष राशि तुरंत भिजवायें. ताऊ प्रकाशन धंधे में बेईमानी नही करता. हिसाब बिल्कुल साफ़ रखता है.

      रामराम

      Delete
    2. ताऊ आपने सतीश जी से जो बात की हो वो मुझे नहीं पता ....हाँ और कितने लोगों ने किताब छपवाने के पैसे दिए यहाँ खुलासा किया जाय ..... मगर अब किताब के चल जाने पर आम प्रकाशकों की तरह आप भी बिचारे लेखक का पैसा हड़प जाना चाहते हैं और क्लियोपेट्रा का मामला आपने खुद लड़ने के लिए कहा था -अब आप वायदे से मुकर रहे हैं हाँ ! :-(

      Delete
    3. अरविंद जी, आप अजीब बातें करते हैं? किस आदमी ने किताब छपवाने के पैसे दिये? यह हम सार्वजनिक रूप से क्यों बतायें? यह धंधे के असूल के खिलाफ़ है.

      जहां तक किताब चल जाने के बाद पैसे हडपने का सवाल है तो हम कोई धर्मादा खोल कर थोडे ही बैठे हैं?:)

      क्लियोपेट्रा का मामला आपको ही सुलझाना पडेगा क्योंकि आपने एग्रीमैंट करने के पहले हमको नही बताया था कि ये गधी और ऊंटनी के दूध का फ़ार्मुला आप क्लियोपेट्रा को बेच चुके हैं कापी राईट के साथ. यह बात आपने किताब छप जाने के बाद बताई थी. अब क्लियोपेट्रा का कानूनी नोटिस भी आ चुका है. वकील और कोर्ट खर्चे के रूपये भिजवाईये. यदि क्लियोपेट्रा हमारे घर आगई तो ताई हमारा क्या हाल करेगी यह खुदा जानता है.

      हम आपसे पुन: निवेदन करते हैं कि आप क्लियोपेट्रा से अपने स्तर पर बाहर ही समझौता कर लिजिये, हम आपके साथ संबंध बिगाडना नही चाहते क्योंकि आपके पास विभिन्न विधाओं के कई फ़ार्मुले हैं जिन पर हमको भविष्य में भी किताबे छापनी है.

      जहां तक पैसे हडपने का सवाल है तो जब पैसे दिये ही नही तो हडपेंगे कैसे?

      Delete
  5. रॉयल्टी कितने प्रतिशत है, यह तो बताया ही नहीं। खैर जितनी भी हो, उसका ३० प्रतिशत ताउ प्रकाशन में नवसाहित्यकारों की पुस्तकें छपवाने के लिये।

    ReplyDelete
    Replies
    1. अजी जब आपको ताऊ से रॉयल्टी मिल जाए तब देना ३० % ...
      मिल गयी ३० % :(

      Delete
    2. @पाण्डेय जी, रायल्टी की बात दस प्रतिशत की हुई थी, आप चाहें तो एग्रीमैंट देख लें, आपने ताऊ धर्मार्थ संस्थान को तीस प्रतिशत देना तय किया है. इस मुताबिक बाकी बीस प्रतिशत की राशी शीघ्र भिजवाये. आपके जैसे ही लेखक सब प्रकाशकों को मिलें यही प्रार्थना है.:)

      रामराम.

      Delete
    3. यही है ताऊ ...
      सबका ताऊ
      हज़ार मरे तो,
      पैदा ताऊ !

      Delete
    4. सतीश सर, आपको एक चुप्पी वाली राय दे रही हूँ. इन प्रकाशन और प्रकाशकों के झमेलों का मुझे खूब अनुभव है. बिकेंगी ५००० प्रतियां तो ये आपको बताएँगे ५०० और सारी रॉयल्टी गटक जायेंगे. मेरी मानिए तो कॉस्ट एंड एकाउंटिंग विंग से ताऊ प्रकाशन के ऑडिट की याचिका दायर करवा दीजिये. सारा राज खुल जाएगा. लेकिन बात अपने तक ही रखियेगा सतीश सर, देखिएगा किसी को कानो कान खबर न हो. और ताऊजी को तो हरगिज़ नहीं...

      Delete
    5. स्नेहा जी ये अंदर की बात सबको मत बताईये, आपकी पुस्तक जब भी छपेगी आपको पुरी रायल्टी घूस बतौर दे देंगे.:)प्लीज अपना मुंह बंद रखिये.

      रामराम

      Delete
  6. जहाँ पुस्तकों के शीर्षक देखकर ही आनंद आ गया वही कीमत देखकर चक्कर
    आ रहा है :)
    बहुत बढ़िया पोस्ट !

    ReplyDelete
    Replies
    1. सब माल ताऊ के खजाने में ..

      Delete
    2. जब लोग खजाना भरने को तैयार हैं तो ताऊ महाराज को क्या परेशानी है? छपने से पहले ही सारा माल बिक गया, अब तो अगले लाट की तैयारी है.:)

      रामराम.

      Delete
  7. ताऊ के दिमाग में इतने खतरनाक ब्लॉग आईडिया कहाँ से आते हैं , ताई के लट्ठ के बारे में भी कोई किताब है क्या !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. ताई के लठ्ठ खा खा कर ही तो ये आईडियाज आते हैं.:)

      रामराम.

      Delete
  8. "बुढऊ ब्लागर्स रिटायरमैंट के अचूक सौ नुस्खे" यह हमारे काम की होगी.

    ReplyDelete
  9. प्रकाशक तो दमदार लग रहा है.....

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपकी शायरी शायरी पढ पढ कर प्रकाशक में कुछ ज्यादा ही दम आगया.:)

      रामराम.

      Delete
  10. इस सैट में राज भाटिया की किताब नहीं है। हमें तो वही खरीदनी थी। उन की किताब शामिल की जाए। वर्ना समारोह का बहिष्कार किया जाएगा।

    ReplyDelete
    Replies
    1. राज भाटिया जी के बगैर ब्लागिंग का इतिहास अधूरा रहेगा. उनका टाईटल अभी प्रिंटिंग में है. थोडा इंतजार किजिये जल्द ही पुस्तक का विमोचन होगा.

      रामराम

      Delete
  11. जय हो ताऊनंद महाराज की। मौज लेवा प्रकाशन की पुस्तकों के लिए बधाई एवं साधुवाद :)

    ReplyDelete
  12. ताऊ ब्लाग पर ई-मेल सबस्क्रिप्शन की सुविधा तो लगाओ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. about me के ठीक नीचे लगा है.

      रामराम.

      Delete
  13. देख लो (!) 'लेडीज़ फ़र्स्ट' वाले फ़ंडे का पालन नहीं हुआ है, कुछ ब्‍लॉगर नाराज़ हो सकते हैं ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. इसके लिये क्षमा मांग लेते हैं, पर अगले भाग में वही है.:)

      रामराम.

      Delete
    2. हम नाराज हो चुके हैं सनम

      Delete
  14. आपके सद प्रकाशन से इन लेखकों की पुस्तक अजर अमर हो जाएगी . .यदि आप पुस्तकें पढ़ाने के शौकीन हैं तो मुफ्त में पुस्तकें भेजने का एकमात्र स्थान ...

    महेंद्र मिश्र, त्रिमूर्ति नगर जबलपुर

    ReplyDelete
    Replies
    1. मिश्रजी, आप मुफ़्त की बात कर रहे हैं, छपने से पहले ही पुस्तकें आऊट आफ़ स्टाक हो चुकी हैं.:)

      रामराम

      Delete


  15. पाठक जन ध्यान दे और इस ठग प्रकाशन से बच कर रहे , मेरे जानने वाले ने जब पुस्तको का आर्डर दे कर मंगाया तो पता चला की सभी पेज तो बिलकुल कोरे थे पूछने पर कहा गया की एक विशेष स्याही से पुस्तको का प्रकाशन किया गया है जिस पर एक रशायन लगाने के बाद ही आप उसे पढ़ सकते है , और उस रशायन की कीमत दस हजार मात्र है , उन्होंने तो इस ठग प्रकाशन के खिलाफ रिपोर्ट भी लिखा दी है जल्द ही ताऊ जेल में अपनी आत्मकथा लिखते मिलेंगे ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आप शायद भूल रही हैं कि हम जेल से ही यह सब आपरेशन चला रहे हैं.:)

      रामराम.

      Delete
    2. सही है ओपरेशन ताऊ ...
      ज्योत जलती रहे भर्ष्टाचार की ...

      Delete
    3. :)
      जेल से धन्धा चलाते रहो
      ताउगिरि को बढाते चलो!

      Delete

    4. राह में आये जो नैन सुखी
      उसको ठिकाने लगाते चलो
      धोखे की गंगा बहाते चलो
      प्रेम से जूता सुंघाते चलो

      Delete
  16. "बुढऊ ब्लागर्स रिटायरमैंट के अचूक सौ नुस्खे" किताब काम कि लग रही है - और मूल्य भी.

    क्या बाबा लोगों को कुछ रियायत का भी प्रस्ताव है.

    ReplyDelete
    Replies
    1. बाबा लोगों से सिर्फ़ 25 प्रतिशत ही अधिक लिया जायेगा.:) कृपया समस्त बाबागण इस बात का ख्याल रखें और खुदरा मूल्य पर 25 प्रतिशत अधिक जोडकर धन राशि भिजवायें.:)

      रामराम

      Delete
    2. बाबाओं को ताऊ खूब पहचानता है ...

      Delete
    3. बाकि कमी सतीश बाबा पूरी कर देते हैं.:)

      Delete
  17. ये तो वाकई लाजवाब किताबें हैं.इनका परिचय पा कर तो यकीनन अब तक सारी प्रतियाँ बुक हो चुकी होंगी.
    =====
    ताऊ प्रकाशन की इन पुस्तकों का विमोचन किसने किया?और यह समारोह कब हुआ?किन्हें बुलाया गया था?कितने और किन लेखकों की पुस्तकें छापने से मना कर दिया गया?ख़ास बात यह कि इस विमोचन समारोह की रिपोर्ट कब आएगी?
    या फिर यह पोस्ट ही विमोचन कर रही है ?
    =======
    निसंदेह इस पोस्ट को पढ़कर उतरे हुए चेहरों पर मुस्कान वापस आ गयी होगी.

    ReplyDelete
    Replies
    1. छपने के साथ साथ ही समस्त प्रतियां बिक चुकी हैं. कुछेक टाईटल की दो दो तीन तीन प्रतियां ही शेष बची हैं.
      =============

      विमोचन समारोह अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में पहुंचे ब्लागर्स के समक्ष हुआ जिसमें रामप्यारे स्वयं ही अध्यक्ष बन गया.:)

      किसी भी लेखक को पुस्तकें छापने से अभी तक मना नही किया गया. सभी की पांडुलिपियां रख ली गई हैं. जब वो हार थक जायेंगे तब ताऊ प्रकाशन अपने किसी प्रिय लेखक के नाम से जरा सी हेर फ़ेर के साथ छपवा देगा.:)
      =========

      मुस्कान वापस लाना ही इस आलेख का मकसद था, धन्यवाद.

      रामराम.

      Delete
  18. लेखक, पाठक और प्रकाशक के सुंदर और टिकाऊ भविष्य के लिए ...
    शुभकामनायें!

    ReplyDelete
    Replies
    1. सलुजा साहब, हौसला अफ़्जाई के लिये धन्यवाद.

      रामराम.

      Delete
    2. ताऊ के होते कोई भविष्य नहीं भाई जी,
      सब चौपट ...

      Delete
  19. ब्लॉग का नया कलेवर बहुत अच्छा है.

    ReplyDelete
    Replies
    1. आज ही सतीश सक्सेना जी ने टेंपलेट को इस रूप में बदलने की सलाह दी और आशीष खंडेलवाल जी ने इसे तुरंत यह रूप भी दे दिया, आपकी सराहना से सतीश जी, मेरी और विशेष रूप से आशीष जी तीनों की ही हौंसला अफ़्जाई हुई है, धन्यवाद.

      रामराम.

      Delete
  20. छापने के लिए ताऊ नें लट्ठ का प्रयोग किया प्रिंटिग रॉल की जगह.
    लेखकों की आह तो निकली ही हाय भी निकल रही है ताऊ रॉयल्टी के लिए... सम्हालें

    ReplyDelete
    Replies
    1. ताऊ प्रकाशन धंधे में बेईमानी नही करता, हमने रायल्टी तो आज तक किसी को नही दी, बल्कि छपाई खर्च भी लेखक को ही उठाना पडता है. यदि रायल्टी देते तो आज इतने बडे प्रकाशक होते क्या?:)

      रामराम.

      Delete
  21. सही है ताऊ सरकार.
    लेकिन मैंने भी तो एक पांडुलिपि भेजी थी ..आपको .
    " ब्लॉग जगत में सदा कैसे शुर्कियो में रहा जाए "
    उसका क्या हुआ ... :):):)
    मैं तो सोच रहा था की लड़ -झगड़ कर ही शुर्कियो में रहा जायेंगा .. हे हे हे

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपकी पुस्तक अभी प्रेस में छप रही है.

      रामराम.

      Delete
    2. राम राम ताऊ ... किताब की कीमत ज़रा ऊंची लगाना ...! :):)

      Delete
    3. कीमत की चिंता ही मत किजीये, अब आपकी पांडुलिपी हमारे पास है तो फ़िर रूपये पैसे की चिंता मत किजीये जो एग्रीमैंट आपको भेजा है उस पर दस्तखत करके भेज दिजिये.

      रामराम.

      Delete
    4. राम राम ताऊ ,

      अभी अभी अग्रीमेंट पढ़ा , पढ़कर जो बची खुची बुद्धि थी [ब्लॉग्गिंग करते करते खतम हो रही है न :::] वो भी चकरा गयी .. अग्रीमेंट मे लिखा है . सर्वाधिकार ताऊ के .... नाम सिर्फ लेखक का . कभी भी अगर किसी भी मामले में , मैंने जरा भी छूं चपड की तो , ताऊ अपनी लट्ठ से मार मार कर मुझे ब्लॉगजगत से बाहर निकाल करेंगा और ऊपर से ये भी झूठी अफवाह फैलाया जायेंगा की , लेखक ही लड़ रहा था ... किताब भी तो इसी बात पर लिखा जो है ....

      हे भगवान , अब मैं क्या करूँ... मैंने तो डर के मारे दस्तखत करके भिजवा दिया है .
      राम राम ..

      Delete
    5. विजय भाई, आप नाहक परेशान ना हों, एग्रीमैंट हम तक आ जाने दिजीये फ़िर देख लेंगे. फ़िर आपकी हमारी तो घर की बात है, पैसा आपकी जेब में गया या हमारी में, इससे क्या फ़र्क पडता है?:)

      रामराम.

      Delete
    6. ताऊ जी ,
      आपको मेरा प्रणाम ,
      आप यूँ ही , इस ब्लॉग जगत में खुशियाँ बांटते रहिये ,आज के युग में इसी बात की सबसे बड़ी जरूरत है ....!
      आपका
      विजय

      Delete
  22. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार(4-5-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
    Replies
    1. आभार वंदना जी.

      रामराम.

      Delete
    2. ताऊ, भूल न जाना, चर्चा का खर्चा ...

      Delete
  23. आपका प्रकाशन तो बहुत ही उच्च कोटि का लग रहा है दिग्गज ब्लॉगर अब बड़े बड़े ग्रन्थ लिख कर छोटे मोटे ब्लॉगर को दिशा देंगे तो अगली बार जरूर एक की बजाय दो चार प्रेस लगाने पड़ जायेंगे . वैसे ये काम भी यश धन सब एक साथ देने वाला है .
    गंथ्रों का विषय परिचय पढ़ कर मन खुश हो गया , बहुत बहुत आभार !

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपके मुंह में घी शक्कर, हम भी चाहते हैं यह धंधा ऐसे ही चलता रहे.:) आभार.

      रामराम.

      Delete
  24. अरे ताऊ ५५ कमेन्ट मार लिए अब तक ...
    मेरे कमेन्ट सर्वाधिक हैं , पैसे शाम तक पंहुचा देना यार ..
    अब तो कमाई भी घणी है !

    ReplyDelete
  25. http://mypoeticresponse.blogspot.in/2013/05/blog-post.html
    ham to kal hi blog sae kamaaii kae vishya mae likh chukae haen

    sabhie pustake prapt hogyaii haen aur 75% chhut jo aap ne dii uskae liyae ham dil sae abhari haen

    saari psutake kharidnae kae kaarn aap ne jo hamari nepal aur germany ki yaatra kaa ticket bhi saath hi bhej diyaa haen uskae liyae bhi thanks my dear friend

    may god bless the likes like you

    ReplyDelete
    Replies
    1. यह कमीशन वाली बात आप अपने तक ही रखियेगा.:)

      नेपाल और जर्मनी यात्रा के लिये अग्रिम शुभकामनाएं.

      रामराम.

      Delete
  26. ताऊ सद साहित्य प्रकाशन से किसी ब्लॉगर की पुस्तक छपना उसके लिए ब्लोगिंग जीवन सफल होने समान है और हमें यह उपलब्धि देकर ताऊ प्रकाशन ने धन्य कर दिया :)
    जय हो ताऊ महाराज की व उनके प्रकाशन की :)

    ReplyDelete
  27. रायल्टी की चिंता अरविन्द जी करें तो करते रहें अपनी बला से पर...अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर्स सम्मलेन में हुए विमोचन समारोह और उसमें "पहुंचे" हुए ब्लागर्स में "रामप्यारे" का यूं जबरिया अध्यक्ष बन जाना, हमारी आपत्ति दर्ज़ की जाये !

    सुब्रमनियन जी की अप्रकाशित किताब पे ध्यान दीजियेगा,काहे से कि एक ना एक दिन सारे ब्लागर्स की मुक्ति उसी पथ पे होना है :)

    ReplyDelete
    Replies
    1. अली साहब, रायल्टी की चिंता से मुक्त करने के लिये आभार, आजकल कागज, छपाई सब इतना महंगा हो गया है कि प्रकाशक को कुछ भी नही बचता.:)

      विमोचन समारोह में रामप्यारे की बदतमीजी नाकाबिले बर्दाश्त थी. रामप्यारे को जहां भी मौका मिलता है अपना दांव दिखा ही देता है. इसका भी कोई उपाय खोज लिया जायेगा.

      सुब्रमनियन जी हमारे सीनियर हैं पर उन्होने कभी अपनी सीनियरटी नही दिखाई, वे बडॆ नम्र और सहृदयशील व्यक्ति हैं, उनसे हमारी निजी तौर पर गुफ़्तगू होती ही रहती है.

      बुढऊ ब्लागर्स के रिटायरमैंट से मतलब सीनियर ब्लागर्स से समझा जाये जो मठ चलाते हैं उम्र से नही.:)

      वैसे बंदर की तरह ब्लागर कभी बुढा नही होता.:)

      रामराम.

      Delete
  28. इधर भी ताऊ है , उधर भी ताऊ है,
    जिधर भी देखिये , ताऊ ही ताऊ है। :)

    आज का दिन ताऊ के नाम।

    ReplyDelete
    Replies
    1. इधर भी ताऊ है , उधर भी ताऊ है,
      बंदा हुशियार तो ब्लोगींग भी कमाऊ है

      Delete
  29. लेखन जैसा भी हो , ताऊ ने हम सबको साहित्यकार बना ही दिया। :)

    ReplyDelete
  30. मौज मस्ती की मास्टर पोस्ट।

    ReplyDelete
  31. सदी की सबसे बड़ी सेल !

    ReplyDelete
    Replies
    1. इस सेल से अभी तक आंकडा 98 लाख तक पहुम्च चुका है.:)

      रामराम.

      Delete
  32. ताउजी मेरा सुझाव है कि ऐसी बहुमूल्य किताबो को यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जाना चाहिए. साथ ही इन अनमोल किताबो के पठन पाठन को प्रोत्साहित करने का पुनीत कार्य करने वाले आपके ताऊ प्रकाशन को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए. हम इसकी अनुशंसा करते है

    ReplyDelete
    Replies
    1. इतने प्रसंशक हो गए ताऊ के ...
      पहले क्या कसर थी अब पता नहीं ताऊ क्या करेगा !

      Delete
    2. क्या है न सतीश सर, कि हम भी लाइन में खड़े है प्रकाशन के लिए. अब प्रकाशन के लिए तनिक खुशामद तो करनी पड़ेगी न. क्या पता ताउजी खुश होकर हमारी किताब छाप दे और ५०% रॉयल्टी दे दे :)

      Delete
    3. सतीश जी , अब तो निसंदेह रूप से ताऊ ही इस ब्रम्हांड का श्रेष्ट ब्लॉगर है . राम राम
      [ बहु बहु बहु बहु ,हमारे सपने चूर चूर जो हो गए ]

      Delete
    4. "ताऊ से सावधान"
      बहुत पहले यह किताब लिखी थी मगर ताऊ ने पाण्डुलिपि ही हथिया ली !
      रह गयी बात सपनों की , यहाँ सपने ताऊ के ही पूरे होते रहे हैं !!

      Delete
  33. ताऊ घाल्के अवार्ड भी इस साल से प्रदान किया जायेगा, उसके बारे में चुप्पी क्यों...

    ReplyDelete
    Replies
    1. "ताऊ घाल्के अवार्ड" की शुरूआत भी इसी साल क्या इसी महिने से कर देते हैं....sponsored by भारतीय नागरिक - Indian Citizen.:)

      रामराम.

      Delete
    2. मेरे ख़याल से घाल्के की जगह 'ताऊ ताल्के अवार्ड' सही रहेगा :)

      Delete
    3. आईडिया बुरा नही है.:)

      रामराम.

      Delete
  34. अपना ब्लाग-जगत भी कुछ कम नहीं- हर क्षेत्र में कमाल ..!

    ReplyDelete
  35. ताऊ प्रकाशन कि पुस्तकें तो एक से बढ़कर एक है लेकिन इनकी कीमत इतनी ज्यादा है कि महंगाई के इस दौर में हम जैसे लोग तो इनको खरीदनें कि सोच भी नहीं सकते और ये हम जैसे लोगों के साथ अन्याय होगा इसलिए किराए पर पुस्तकें देने कि व्यवस्था ताऊ प्रकाशन कि तरफ से की जाए !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. भाई, जब किताबे स्टाक में होंगी तभी तो किराये पर देने की बात उठेगी ना? यहां तो विमोचन के साथ ही सारा स्टाक खत्म हो गया.:)

      रामराम

      Delete
  36. सभी लेखक अहसान माने कि ताऊ प्रकाशन में उनकी किताब छप गई ,,, यही बहुत है,,,

    RECENT POST: दीदार होता है,

    ReplyDelete
  37. हा हा हा हा ..
    पुस्‍तकें तो बहुत उपयोगी हैं ..
    मूल्‍य अवश्‍य कुछ अधिक है !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. इस महंगाई के दौर में इतनी उच्च गुणवत्ता वाली पुस्तकों का मूल्य कम ही है, अगली बार दस प्रतिशत बढायेंगे तो कुछ मुनाफ़ा होगा, अभी तो "no proft no loss" में ही गाडी चल रही है.:)

      रामराम.

      Delete
  38. एक से बढ़कर एक पुस्तकें हा हा हा हा ......बहुत बढ़िया गज़ब

    ReplyDelete
  39. हा हा हा एक से बढ़ कर एक वाह , गज़ब , बेह्द उपयोगी साहित्य है , हार्दिक बधाई
    सादर

    ReplyDelete
  40. रोमांच से भरा मनोहारी ब्लॉग साहित्य प्रकाशन .....

    ReplyDelete
  41. ताऊ के पुस्तक मेले ने मुर्दा ब्लॉगिंग में जान सी फूंक दी।

    ReplyDelete
    Replies
    1. daral saheb ye aapne sahi kaha . ye post is baras kee sabse acchi post hai

      Delete
    2. काश ऐसा हो जाये दराल साहब.

      रामराम.

      Delete
  42. हा॥हा॥हा॥ मान गए ताऊ आपको ।

    ReplyDelete
  43. हा॥हा॥हा॥ मान गए टाई आपको , जवाब नहीं आपका :)

    ReplyDelete
  44. बधाई हो ताऊ...!
    हमारी किताब कहाँ है ताऊ महाराज...!
    लगता है दीमक चाट गयी होगी!
    और हाँ... रॉयल्टी की पहली किश्त भी भेज देना ताऊ...!

    ReplyDelete
    Replies
    1. किताब छप रही है और आप रायल्टी की बात करने लग गये? पहले प्रिंटिंग खर्च तो भिजवाईये.:)

      रामराम.

      Delete
  45. ताउ
    जौन महान कर्म आप कर रये है बो बेशक़ भौतई उम्दा कर्म है.. लिन लेखकों को आपने प्रकासित करौ है बे खुदई कालजई लेखक हो गये.. इनके घरन मैं टाल्स्टाय, गोर्की, मुंशी दादा, सब की आत्माएं विचरणार्थ आवेंगी ताऊ इन लेखकन को हम्म पद्म-सिरी के लाने अनशन पै बैठबी

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका ख्याल बुरा नही है, आप आदेश करिये इनको पदमश्री भी दे देते हैं.:)

      रामराम.

      Delete
  46. ताऊ श्री ...
    मुझे तो सीधा रोयेलती का चेक आया तो मामला समझ आया की आपने पुस्तक छाप ही दी हमारी ... इब पद्म श्री मिल रही है तो हमें भी दिलवा दीजो ... हरियाणा के हैं हम भी ....

    ReplyDelete
  47. Best sellers !!kya baat hai ...haha

    ReplyDelete