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वाह वाह ताऊ क्या लात है? में श्री पी.सी.गोदियाल ’परचेत’


हाय...अंक्ल्स...आंटीज... भैयाज एंड  दीदीज...मैं मिस रामप्यारी,  "ताऊ टीवी फ़ोडके चैनल" के दर्शकों का फ़िर
से बादाम बजाने आ गई हूं.

इतने दिन से आपका दिमाग खा खाकर मुझे थोडी बदहजमी हो गई थी इसलि ये  कल की पोस्ट का दिन मैंने ताऊ को दे दिया था ताकि वो भी आपका दिमाग खाकर पेट भरले.


ताऊ टीवी के आज के "वाह वाह ताऊ क्या लात है" कार्यक्रम में हम आज आपको मिलवा रहे हैं ब्लागिस्तान के   गीतकार कार्टूनकार और बेहतरीन गजलकार पी.सी.गोदियाल अंकल से.... गोदियाल अंकल यूं तो अपने व्यंग और बागी तेवरों के लिये ही जाने जाते हैं....लेकिन यह बहुत कम लोगों को मालूम है कि आप एक मंजे हुये शाश्त्रिय संगीत  गायक भी  हैं और ढोलक की  पेटी बजाने में माहिर हैं..... आपको किसी का भी ढोलक बजवाना हो तो गोदियाल  अंकल को याद कर लिया किजीये. आप राग मारू ब्लाग बिहार के माहिर गायक हैं. आज ये आपको राग ताऊ में दो टप्पे सुनायेगें...जिन्हें सुनकर आप भी टपाटप हो जायेंगे......तो आईये गोदियाल अंकल....आकर जरा ताऊ का टपाटप...बजा दिजीये..


वाह वाह ताऊ क्या लात है? में शाश्त्रिय संगीत गायक श्री पी.सी. गोदियाल ’परचेत’ महाराज

प्यारे साथियों, ताऊ टीवी के कार्यक्रम वाह वाह ताऊ क्या लात है? में आपसे रूबरू होकर प्रसन्नता हो रही है. वैसे तो हम अपनी मारू बिहार ब्लाग राग शैली की साधना में ही तल्लीन रहते हैं और सिर्फ़ क्लासिकल ही गाते हैं......पर ताऊ टीवी के स्वागत पेय का कुछ ऐसा असर हुआ है कि आज हम आपको अपने फ़र्रूखाबादी राग की कुछ बंदिशे सुनायेंगें....सबसे पहले हम ताई वंदना से आज के कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे....सुनिये  

ताऊ  ताई   दोनों खडे,  स्टेशन  के बाहर
दौड  पडे  हम  तुरंत, लेकर  अपनी  कार
लेके  अपनी  कार,  करी  ताई से विनती
ताऊ को लठ्ठ मारियो,  करे बिना गिनती

दोस्तों, अब मैं एक होरी गीत राग ठकाठक में आपको सुना रहा हूं....आपका आशीर्वाद चाहूंगा.....सुनिये...

रंगने   जो  आओ  तुम अबके इस होरी,
तो  प्रेम के  ही रंग  में रंगना हमें छोरी।
जग के द्वेष रंग, घणे चढ़े इस तन पर,
प्रीत रंग  दिल पे, इब उड़ेल दियो गोरी।  

किसी  और  की गैल, मत  आना रंगने,
धुक-धुक  सी होती है, जियरा मा मोरी।
चाहत है किस रंग की, दीवाने दिल को,
सब मालूम है तुमका,बनना मत भोरी।

बोले तेरी अँखियाँ,  बतियाँ कोरी-कोरी,  
बात एक भी न अबके  सुनेंगे हम तोरी।
चुनर  ओढ़  के  आना कहीं ताऊ न देखे,
ताई ने आजकल, खींच के रखी है डोरी।  

इसी के साथ आपको होली की शुभकामनाएं देता हुआ विदा चाहुंगा.....

ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....

हमारे पिछले "नाच मेरी बुलबुल" प्रतियोगिता में आपने मशहूर और  सदाबहार "कलेजा फ़ोड-कमर तोड" नृत्य की ख्यात   नृत्यांगना   सुश्री रूपा बाई    का डांस देखा था.....  

आज की शाम  "नाच मेरी बुलबुल" प्रतियोगिता में जवां दिलों की धडकन...ब्लागिस्तान की मशहूर सदा बहार.....बुलबुल....ब्रेक-हार्ट  डांस शैली की जनक,  ख्याति प्राप्त गुलों की महफ़िल की शान प्रसिद्ध   नृत्यांगना  
मिस. गोदियाला कुमारी  अपना  दिल-तोडू यानि ब्रेक-हार्ट डांस पेश कर रही हैं......मिस. गोदियाला कुमारी... अपने दिल को थाम कर और संभालकर रखियेगा........



नाच मेरी बुलबुल प्रतियोगिता में ब्रेक-हार्ट डांस पेश करते हुये मिस. गोदियाला कुमारी



ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....ब्रेक....ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक...ब्रेक....


कौन होगी अगली नृत्यांगना?  अगले अंक में ब्लागिस्तान की एक चुलबुली बुलबुल अपना आईटम नंबर और गीत पेश करेंगी...जो अभी बहुत ही नादान और कमसिन है पर अपने फ़न की उस्ताद और माहिर है.....तो  हमारे लौटने तक इंतजार किजिये.........???????


25 comments:

  1. दिल का क्या संभालना ताऊ? इसने तो एक दिन टूटना ही है :)

    राम राम।

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  2. गोदियाल भाई भी ताऊ के शिकंजे में ..
    शुभकामनायें !

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  3. वैसे तो हम अपनी मारू बिहार ब्लाग राग शैली की साधना में ही तल्लीन रहते हैं और सिर्फ़ क्लासिकल ही गाते हैं.....

    हाहा-हा-हा-हा-हा-हाहा।।।।।। ताऊ जी, राग तो मुझे बहुत सारे आते है मगर कभी मंच पर जाने की हिम्मत नहीं होती, वहाँ हवा निकल जाती है :) खैर, आपके इस सम्मान(लात) के लिए तहे दिल से आपका शुक्रिया और आपको सपरिवार और सभी ब्लोगर मित्रों को होली की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाए!

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  4. बोले तेरी अँखियाँ, बतियाँ कोरी-कोरी,
    बात एक भी न अबके सुनेंगे हम तोरी।
    चुनर ओढ़ के आना कहीं ताऊ न देखे,
    ताई ने आजकल, खींच के रखी है डोरी।
    होरी गीत, नृत्य सब कुछ मस्त है ... शाश्त्रिय संगीत गायक श्री पी.सी. गोदियाल ’परचेत’ महाराज को मै पहली बार इस अंदाज में देख रही हूँ :)

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  5. आपको किसी का भी ढोलक बजवाना हो तो गोदियाल अंकल को याद कर लिया किजीये. आप राग मारू ब्लाग बिहार के माहिर गायक हैं.

    रामप्यारी तेरी सलाह अपने पास रख, हमें खोपडी नही तुडवानी.:)

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  6. आपको किसी का भी ढोलक बजवाना हो तो गोदियाल अंकल को याद कर लिया किजीये. आप राग मारू ब्लाग बिहार के माहिर गायक हैं.

    रामप्यारी तेरी सलाह अपने पास रख, हमें खोपडी नही तुडवानी.:)

    ReplyDelete
  7. मारू बिहार ब्लाग राग शैली का यागन बेहद पसंद आया..जय हो परचेत महाराज जी की.

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  8. ताऊ ताई दोनों खडे, स्टेशन के बाहर
    दौड पडे हम तुरंत, लेकर अपनी कार
    लेके अपनी कार, करी ताई से विनती
    ताऊ को लठ्ठ मारियो, करे बिना गिनती

    वाह वाह गोदियाल जी, दिल खुश कर दित्ता ताई की वंदना करके, चार लठ्ठ मेरी तरफ़ से भी.:)

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  9. ताऊ ताई दोनों खडे, स्टेशन के बाहर
    दौड पडे हम तुरंत, लेकर अपनी कार
    लेके अपनी कार, करी ताई से विनती
    ताऊ को लठ्ठ मारियो, करे बिना गिनती

    वाह वाह गोदियाल जी, दिल खुश कर दित्ता ताई की वंदना करके, चार लठ्ठ मेरी ररफ़ से भी.:)

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  10. नृत्यांगना मिस. गोदियाला कुमारी अपना दिल-तोडू यानि ब्रेक-हार्ट डांस करते हुय बडी बोल्ड दिख रही हैं.:)

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  11. नृत्यांगना मिस. गोदियाला कुमारी अपना दिल-तोडू यानि ब्रेक-हार्ट डांस करते हुय बडी बोल्ड दिख रही हैं.:)

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  12. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (24-03-2013) के चर्चा मंच 1193 पर भी होगी. सूचनार्थ

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  13. ताऊ को लठ्ठ मारियो, करे बिना गिनती

    हा-हा-हा

    अगली नृत्यांगना कौन होगी?

    प्रणाम

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  14. वाह वाह ! गोदियाल जी की ताऊ कविता और डांस , दोनों रंग जमा गए।

    होली के हुडदंग में , देख ताऊ के ढंग
    कस कस लट्ठा मारती, ताई पीके भंग। :)

    लगे रहो फागुनी मस्ती में।

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  15. गोदियाल भाई जी आज फंसे हो ताऊ के शिकंजे में
    होली में आपकी ये अदा कमाल की लगी,,,जय हो ताऊ जी की,,,

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  16. दुकान फ़ेर जमाण लाग रहे सो ताऊ जी।

    राम राम

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  17. यहाँ तो हर बड़ा ब्लॉग लपेटे में आ रहा है ...वाह जी वाह

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  18. बिना गिनती के लट्ठ लगवा दिए ... क्या हाल होगा पिछवाड़े का ...
    हा हा ... मज़ा आ गया गौदियाल साहब ... होली का रंक सिर चडके बोलने लगा है अब ...

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  19. ताई वंदना!वाह! :)
    बहुत खूब!

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