Powered by Blogger.

रहनुमा हैं, रक्त पिपासु लोग, पसरा तम




1.
रहनुमा हैं
रक्त पिपासु लोग
 पसरा तम


2.
इंसानी बस्ती
फ़ितरती शैतान
अमन खत्म


3.
खून खराबे
लोगों का शोरगुल
आज का धर्म


4.
झेड सुरक्षा
धवल वस्त्रों को
नवाज़िश है


5.
फ़ुगां को सुनो
मेहरबाँ  हाकिम
फ़र्मान छोडो

23 comments:

  1. @

    1. रहनुमा हैं रक्त पिपासु लोग पसरा तम

    2. इंसानी बस्ती फ़ितरती शैतान अमन खत्म

    3. खून खराबे लोगों का शोरगुल आज का धर्म

    4. झेड सुरक्षा धवल वस्त्रों को नवाज़िश है

    5. फ़ुगां को सुनो मेहरबाँ हाकिम फ़र्मान छोडो

    ताऊ यार ...
    हमारे यह जापानी कविता , पल्ले ही नहीं पड़ती , अपने प्यारेलाल से टयूशन कर लूं ??
    कुछ और सुनाओ ना कोई बिसनेस करते हैं ..
    क्या होगया तुझे
    कुछ बदला बदला सा
    :(

    ReplyDelete
  2. प्रभावी हाइकू |
    आभार आदरणीय ||

    ReplyDelete
  3. छोड़ रै ताऊ
    सेंटी मत हो आज
    आया बसंत। :)

    हाइकु सच्चे हैं।

    ReplyDelete
  4. sateek.samsamayik evam sarthak haiku.
    sadar shubhkamnayen ...

    ReplyDelete
  5. इंसानी बस्ती
    फ़ितरती शैतान
    अमन खत्म...

    बहुत खूब .... हाइकू में आफा हाथ हथियार बनता जा रहा है ... लाजवाब ताऊ श्री ...

    ReplyDelete
  6. कड़े तेवर लिए और वर्तमान समय पर पैनी नज़र रखते हुए हैं सच कहते हैं सभी हायकू.
    बहुत अच्छे हैं.

    ReplyDelete
  7. सतीश भैया ....आज कल इस जापानी विद्द्या का बहुत चलन है ...अब क्या करें ...सीखना तो पड़ेगा


    वैसे ताऊ जी बढिया हाइकु लिखे हैं (सीखते सीखते हम भी सीख ही रहें है )

    ReplyDelete
  8. कटु सत्य को कहते गंभीर हाइकु ...

    ReplyDelete
  9. सही रेखांकन है आज के दौर का ...

    ReplyDelete
  10. जो भी कहा सच हे कहा। रामराम!

    ReplyDelete
  11. सभी हाईकु अर्थपूर्ण, बहुत प्रभावी!
    ~सादर!!!

    ReplyDelete
  12. ये हाईकु रोग आपने कैसे पाल लिया...लठ्ठ के साथ हाईकु नहीं जंचते...जरा पैंतरा बदल रे ताऊ...

    ReplyDelete
  13. लोगो की समझ में ऐसी बाते कम ही आती है ताऊ जी , लेकिन आपने वाकई लाजबाब गागर में सागर भरा है !

    ReplyDelete
  14. बहुत बढ़िया...
    दमदार हायकू...


    सादर
    अनु

    ReplyDelete
  15. स्थिति सच में खराब है..सुन्दर हाईकू

    ReplyDelete
  16. बहुत खूबसूरत हड्कु

    ReplyDelete
  17. वाह ! ताऊ ! यमलोक से नई विद्या सीख आयें है !
    यमलोक से मतलब - ताऊ यमलोक क्यों गया ? और वापस क्यों आया ?
    आपकी यमलोक की यात्रा का सीक्रेट हमें रामप्यारे ने बता दिया है जिसका कल शाम को ज्ञान दर्पण पर खुलासा किया जायेगा !!

    ReplyDelete
  18. इंसानी बस्ती
    फ़ितरती शैतान
    अमन खत्म
    badhiya yek se yek hai ...

    ReplyDelete
  19. आज 21/02/2013 को आपकी यह पोस्ट (संगीता स्वरूप जी की प्रस्तुति मे ) http://nayi-purani-halchal.blogspot.com पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!

    ReplyDelete
  20. बहुत सटीक और अर्थपूर्ण हाइकू

    ReplyDelete
  21. सुंदर पंक्तियाँ ... आपको धन्यवाद ............
    आप भी पधारो आपका स्वागत है ....pankajkrsah.blogspot.com

    ReplyDelete