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ओछी जबान, संत भये असंत, कलियुग है




(1)
ओछी जबान
संत भये असंत
कलियुग है




(2)
दिया बयान
कडाके की ठंड में
नमन तात


(3)
महाराज श्री
कुंभ के आनंद में
काहे की माफ़ी



(4)
जुबाँ फ़िसली
नेतागिरी चमकी
दवा ठंड की



(5)

धृष्ट बयान
वाहियात जवाब
दौर जारी है




16 comments:

  1. देश का दर्द बयां करते हुए हाइकु।

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  2. सही है जी अर्थ लिए हुए हाइकु ...बहुत खूब

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  3. ताऊ हाइकू सीख गया ...
    बधाई !

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  4. धृष्ट बयान
    वाहियात जवाब
    दौर जारी है

    वाह!जबरदस्त हायकू है .वाकई दौर जारी है..

    सभी के सभी हायकू गागर में सागर समान हैं.

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  5. सभी कमाल
    मचा रहे धमाल
    ताऊ के तीर!

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  6. संत बने असंत
    नेता से देस तंग
    भष्ट्राचार पे ना लग रहा रोक
    शिष्टाचार को बेच रहा मुफ्त मे
    क्या होगा क्या होगा क्या ..होगा सब हैँ इसी गुफ्तगु मेँ ।

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  7. सभी सार्थक
    हाइकू रचनाएँ
    एक से एक !

    सबसे कहे
    हाइकू का जवाब
    हाइकू में दे !

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    Replies
    1. काश सभी आपके
      जितना बुद्दीमान और हाइकू
      रचनाकार होते ।

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  8. ताऊ जी ..दिल से अपने मन की वेदना को आपने बयाँ कर दिया ..काश! कुछ असर हो ...
    शुभकामनायें!

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  9. इन बेतुके बयानों का सिलसिला रुक भी नहीं रहा ...
    गहरा दर्द ओर अर्थ समेटे ...

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  10. ये कोई संत नहीं हैं, बस व्‍यापारी हैं।

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  11. ब्‍यान ताजी हैं
    सब
    बयानवीरों को लगी जंग
    विचार हुए मलंग

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  12. नंद में आनन्द भयो,
    हमें कलियुग दियो..
    जय कन्हैया लाल की।

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  13. इसे कहते है ताऊ जी गागर में सागर भरना !बहुत खूब

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  14. सार्थक सन्देश देते हाइकू
    बहुत बढ़िया

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