Powered by Blogger.

ताऊ चिल्लाया, भूख लग रही है, बेलन टूटा




1
ताऊ चिल्लाया
भूख लग रही है
बेलन टूटा


2
 महंगे भाव
प्याज रोटी चटनी
शाही दावत


3
अलसभोर
कमसिन कविता
रूबरू खुदा


4
पतंग चली
व्योम पार करने
वापस वहीं


5
ख्वाबों का जहां
सफ़र जिंदगी का
हवा हो गया




19 comments:

  1. ताउ हायकु
    प्यारे हैँ खुबसुरत
    मन लुभायेँ ।

    ReplyDelete
  2. ताऊ चिल्लाया
    भूख लग रही है
    बेलन टूटा

    रोज बेल कर
    बेलन तो टूटेगा ही
    बेल रोटियाँ
    ताऊ ,
    मै हाइकू लिखना बिलकुल नहीं जानती बस आपके साथ तुकबंदी करने में मजा आता है !
    महीने के तीस दिन साल के बारा महीने रोटियाँ बेलना बड़ा बोरींग काम है :)

    अलसभोर
    कमसिन कविता
    रूबरू खुदा

    दोनों रचनाकार ...सुन्दर लगी यह रचना !

    ReplyDelete
  3. अच्छे हायुक बन पड़े है

    ReplyDelete
  4. वाह ताऊ श्री ... मज़ा आ रहा है बहुत इन हाइकू में ... बहुत खूब ...

    ReplyDelete
  5. ताऊ, हाइकू
    शानदार जानदार
    वाह वाह वाह,

    ReplyDelete
  6. ताऊ जी क्या बात है ...घर के झगड़े ब्लॉग तक हाइकु के रूप में सबके सामने आ रहें हैं :)

    ReplyDelete
  7. पतंग चली
    व्योम पार करने
    वापस वहीं

    आज तो देश की हालत भी यही है

    ReplyDelete
  8. अलसभोर
    कमसिन कविता
    रूबरू खुदा

    वाह!बहुत सुन्दर.

    अलग-अलग कई रंग दिखे आज के इन सभी हायकू में !
    सभी अच्छे, संतुलित और अर्थपूर्ण.

    ReplyDelete
  9. लिखा हाइकु
    ताऊ इत्ता गज़ब
    भला काइकु
    -----

    ReplyDelete
  10. वाह ...
    बहुत बढ़िया हायकू...
    शब्द सीमा कहाँ रोक पायी भावों की अभिव्यक्ति को..

    सादर
    अनु

    ReplyDelete
  11. ताऊ चिल्लाया
    भूख लग रही है
    बेलन टूटा
    हा-हा-हा ..बेचारा ताऊ !

    ReplyDelete
  12. लाजवाब प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

    ReplyDelete
  13. ताऊ जी क्या बात है ...घर के
    झगड़े ब्लॉग तक हाइकु के रूप में
    सबके सामने आ रहें हैं :)

    ReplyDelete
  14. फिर हाइकू ...
    खुद खैर करे :)

    ReplyDelete
  15. हाईकु वाले ताऊ...

    ReplyDelete