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टिप्पणी ठोक, रचना मत बांच, अगला ब्लाग

नीचे चार महानतम ताऊ ब्रांड सीख हैं. इन्हें अमल मे लाकर आप एक महान ब्लागर और महानतम नेता बन सकते हैं. बस याददाश्त पर जोर डालिये और  अभी से अमल शुरू किजिये.

टिप्पणी ठोक
रचना मत बांच
अगला ब्लाग


वोट डकार
नेता गया सिधार
फ़िर चुनाव


हमको भी हैं
तीन तीन बेटियां
क्यों डरते हो


आश्वासन दे
ताऊ की फ़ितरत
झेलते रहो

16 comments:

  1. हा हा हा .......
    जोरदार सीख ताऊ !
    बड़ा ब्लोगर और नेता बनने के लिए तो ये रामबाण उपाय है !!

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  2. ये तो सभी अलग -अलग चार हायकू हैं!
    ५-७-५ की शर्त पूरी करते हुए हर पंक्ति का अपना अर्थ .
    बहुत बढ़िया!
    आखिरी हाईकू में ...>'आश्वासन' में अक्षर ज़रूर चार ही गिने जायेंगे क्योंकि 'श् 'आधा है- इसलिए अगर लिखें--आश्वासन शब्द में---> दे/ले /.कोई एक अक्षर और जोड़ें तो पाँच अक्षरों की शर्त पूरी होती है .


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  3. चलो ताऊ जी ....
    अमल आप से शुरू करते हैं ....:-))
    राम-राम जी .....

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  4. काइकू
    ताऊ लिखे है
    हाइकु .:)

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  5. धन्यवाद अल्पना जी, गल्ती सुधार दी है.

    रामराम.

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  6. आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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  7. ताऊ और हाईकु...क्या हो गया है जमाने को....हूह्ह!! :)

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  8. निराला रूप
    ताऊ का
    पते की बात

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  9. हाइकू की
    हवा निकाल
    कर
    बन यहाँ कवि।

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  10. पहले से ही आप गुरु हो उस्ताद ...

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  11. ताऊ के बोल
    कड़वे हैं लेकिन
    खोलेंगे पोल ...

    क्या बात है ... राम राम ताऊ श्री ...

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  12. देश को पिता नहीं पुत्र चाहिए -और प्रजातंत्र को प्रजातंत्र चाहिए .जहां प्रजा की सत्ता से तंत्र की सत्ता खड़ी होती है वहां अब दिल्ली रेप के मामले में प्रजा की सत्ता को समाज के निचले

    पायेदान पे पड़े

    अपराध किस्म के लोगों का शगल बतलाया जा रहा है .यही लूम्पेन चुनाव के मौके पर तंत्र सत्ता के प्रतीक विधायकों और वोट खोरसांसदों के लिए आदरणीय हो जाते हैं .इनके द्वारे आते हैं यही

    फिर

    से

    सत्ता मांगने जनता से मान्यता मांगने .

    यह बलात्कार दिल्ली पुलिस का महज़ 'निर्भय' के साथ अपराध तत्व द्वारा नहीं हुआहै अपराध तत्व की माँ द्वारा हुआ है .प्रजा की सत्ता के साथ हुआ है सरकार द्वारा जो आज अपराध का

    पर्याय वाची बन गई है . प्रजा सत्ता का इंडिया गेट पे सरे आम जनाज़ा

    निकाला गया है .और दोष साधू सन्यासियों देश के शीर्ष शौर्य के प्रतीक पूर्व सैना पति पे मढने की नाकामयाब कोशिश की गई है .

    देखते हैं इन वोट खोरों को अगले आम चुनाव में कौन सत्ता में भेजता है .जिसके बीच में रात उसकी क्या बात .2013 तो आ गया .देखना चोर की माँ भागेगी इंडिया छोडके .यह भारत धर्मी समाज

    का भारत है .वोट खोरों का इंडिया नहीं है .

    एक प्रतिक्रिया ब्लॉग पोस्ट :


    "टिप्पणी ठोक, रचना मत बांच, अगला ब्लाग"

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  13. ज़बरदस्त
    ठोक दिये हाइकु
    खोली है पोल ।

    बहुत बढ़िया :):)

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  14. टिप्पणी ठोक
    रचना मत बांच
    अगला ब्लाग
    vaah...

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