आज सुर्यग्रहण जैसा लग रहा है : ताऊ




मन अशांत है. ना लिख पाने के लिये क्षमा याचना.

32 comments:

  Udan Tashtari

Thursday, May 13, 2010 5:26:00 AM

लिखना जारी रखें. ग्रहण का प्रभाव भले ही देर तक रहता है मगर अधियारा जल्द ही छट जाता है.


एक विनम्र अपील:

कृपया किसी के प्रति कोई गलत धारणा न बनायें.

शायद लेखक की कुछ मजबूरियाँ होंगी, उन्हें क्षमा करते हुए अपने आसपास इस वजह से उठ रहे विवादों को नजर अंदाज कर निस्वार्थ हिन्दी की सेवा करते रहें, यही समय की मांग है.

हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार में आपका योगदान अनुकरणीय है, साधुवाद एवं अनेक शुभकामनाएँ.

-समीर लाल ’समीर’

  M VERMA

Thursday, May 13, 2010 5:31:00 AM

ताऊ जी
मन आपका ही नहीं वरन बहुतों का है. वाकई सूर्यग्रहण लगा चुके हैं.

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Thursday, May 13, 2010 5:59:00 AM

ताऊ!
केतु राहु सूरज को कभी
गहा नहीं करते
केवल भ्रम है यह आँखों का
वे तो छायाएँ हैं, केवल छायाएँ
कुछ पल को आती हैं
फिर चली जाती हैं
बच्चों के करतब से
धाएँ, मायूस नहीं होती हैं
वे तो उन को जीने की रीत सिखाती हैं

  मो सम कौन ?

Thursday, May 13, 2010 6:30:00 AM

ताऊ रामराम,
सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक घटना ही तो है, और अस्थाई भी। हर ग्रह की अपनी स्वाभाविक चाल है, ये तो छंटना ही है।
रामराम।

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Thursday, May 13, 2010 6:46:00 AM

हमारी हालत भी आपके ही जैसी है!
मगर
हालात बदलने में बहुत देर नही है!

  मनोज कुमार

Thursday, May 13, 2010 7:27:00 AM

मन अशांत है.
अब यह पढ कर यही कहूंगा
है अंधेरा घना छा रहा
तेरा इंसान घबरा रहा
हो तेरी रौशनी में जो दम
तू अमावस (सूर्य ग्रहण)
को कर दे पूनम
ऐ मालिक..!

  बेचैन आत्मा

Thursday, May 13, 2010 7:27:00 AM

ताऊ के ब्लॉग में सूर्य ग्रहण..! अब तो नहाना पड़ेगा.

  अविनाश वाचस्पति

Thursday, May 13, 2010 7:27:00 AM

खूब गर्मी में
ऐसा भी होता है
तरबूज जैसा लग रहा है
खरबूज का आकार है
विचार आपके बिना कहे ही
हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत में साकार हैं।

  रंजन

Thursday, May 13, 2010 8:27:00 AM

लो ताऊ... इतनी दवा, ताबीज बानाए.. बाटें.. आश्रम खोले.. और कहते हो मन अशांत है... धंधे पर बुरा असर पडेगा...

शनिवार की पहेली का हिंट भेजो...:)

take care..

  AlbelaKhatri.com

Thursday, May 13, 2010 8:29:00 AM

raam raam

  रंजन

Thursday, May 13, 2010 8:29:00 AM

ताऊ इसका ईलाज मेरे पास है.. सारे ब्लॉग बंद करो. और आदि की पोस्ट पढ़ो.. मन प्रसन्न हो जाएगा.. गारंटी...

  सतीश सक्सेना

Thursday, May 13, 2010 8:59:00 AM

आज हमारा लिखा पढ़ कर विवेचना और अपनी अपनी समझ के हिसाब से उसका अर्थ लगाने वाले बहुत हैं ! देर सबेर सबके बारे में पता चल जाएगा ! हाँ हमें ईमानदार होना चाहिए ...एक तरफा झुकाव कभी किसी को भी सही लोगों की इज्ज़त नहीं दिला पायेगा !
आप जैसा मस्त मौला उदास हो जाये ...अच्छा नहीं लगा ताऊ ! उठ जाओ और जो भी मन में आये ...लिखो !

  उन्मुक्त

Thursday, May 13, 2010 9:25:00 AM

अरे क्या हुआ।

  seema gupta

Thursday, May 13, 2010 10:26:00 AM

क्या हुआ ताऊ जी????????
regards

  अन्तर सोहिल

Thursday, May 13, 2010 11:03:00 AM

ताऊ जी
कम से कम आपसे तो यह आशा नहीं थी।
ब्लाग जगत का जिंदादिल, खिलंदडा ताऊ होने के बाद भी आप इतने संजीदा हो जायेंगें।
समीर जी भी आहत हुए होंगें फिर भी देखिये सबको संबल खुद ही दे रहे हैं।

किसी ने सच ही कहा है कि -
"जिन्हें हंसने की आदत है, वो बहुत रोते हैं अन्दर ही अन्दर"

कुछ ज्यादा कह दिया है तो अपना बच्चा समझकर क्षमा कर दीजियेगा।

प्रणाम

  वन्दना

Thursday, May 13, 2010 11:40:00 AM

अरे ताऊ जी एक ही ब्लोग तो ऐसा था जहाँ सबको सुकून मिल जाता था और वहाँ भी ग्रहण लग जायेगा तो बाकी किधर जायेंगे।

  ललित शर्मा

Thursday, May 13, 2010 12:11:00 PM

उत्तिष्ट जागृत पराप्निबोधत।

  पी.सी.गोदियाल

Thursday, May 13, 2010 12:41:00 PM

COME ON TAUJI,चलता है, कभी सुख, कभी दुःख........... आप जैसा इंसान निराशवादी कैसे हो सकता है ? IF WINTER
COMES,SPRING IS NOT FAR AWAY. FALTU LOGO KE BAK-BAK KARNE SE DIGNE KEE KOI JARURAT NAHEE !

  shikha varshney

Thursday, May 13, 2010 12:47:00 PM

Are kya hua? khair asthai stithi hai chhat jayegi.

  राज भाटिय़ा

Thursday, May 13, 2010 1:17:00 PM

अरे शांति काम पर नही आई क्या??? ज्जो मन आशांत हो रहा है.... अभी ताई को हकीकत बताता हुं, वो करे ही इस अशांति का इलाज थोडा ठहरो... वो लठ्ठ ले कर आती ही होगी

  Sonal Rastogi

Thursday, May 13, 2010 1:49:00 PM

अरे ताऊ जी
ग्रहण बीत गया सूतक समाप्त... देखिये सूर्यदेव नवीनतम आभा के साथ चमक रहे है .. अगर ग्रहण लंबा चला तो लेखको की जीवनशक्ति का क्या होगा हम तो मुरझा जायेंगे ..
तो बस शरू हो जाये.. लट्ठ घुमा के

  नीरज जाट जी

Thursday, May 13, 2010 3:05:00 PM

मतलब कि लिख दिया, फोटू भी डाल दिया टिप्पणी भी आ गयी।
फिर क्षमा कैसी।

  दिगम्बर नासवा

Thursday, May 13, 2010 6:26:00 PM

Taau Raam Raam ...

Ye surygranah hai ye to pata nahi ... par foto lajawab jaroor hai ...

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Thursday, May 13, 2010 7:15:00 PM

गाओ मेरे मन...
चाहे सूरज चमके चाहे लगा हो गहन...
गाओ मेरे मन... (योगेश)

  शेफाली पाण्डे

Thursday, May 13, 2010 7:17:00 PM

jaldee hee hat jaaega ye grahan....

  राम त्यागी

Thursday, May 13, 2010 8:53:00 PM

चलो कोई नहीं, सूर्य ग्रहण तो कुछ देर का मेहमान होना चाहिए,
जल्दी से आ जाओ और लिखो ....
आपकी तो एक लाइन पर इतने लोग लाइन लगा कर खड़े हो गए ...लोग आपको भागने नहीं देंगे :)

  नरेश सिह राठौङ

Thursday, May 13, 2010 9:36:00 PM

हां आज सच में ग्रहण है कुछ दान वान करो मन शांत हो जाएगा |

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Thursday, May 13, 2010 11:27:00 PM

यो अमावस का असर दिखे हैं...

  अजय कुमार झा

Thursday, May 13, 2010 11:33:00 PM

ताऊ जी ,
ग्रहण की ऐसी की तैसी , हमारा सूरज सलामत है हम नई आकाशगंगा ही बना लेंगे । आप निश्चिंत रहिए ।

  अल्पना वर्मा

Friday, May 14, 2010 9:33:00 PM

देर से इस घटना का पता चला ,जो हुआ ,दुखद हुआ.
आशा है ग्रहण अब तक खत्म हो गया हो.

  बवाल

Sunday, May 16, 2010 5:13:00 PM

प्यारे ताऊ, हमारा मन तो पिछले कई दिनों से अशांत है। क्या कहें भाई इस सब पर ? खै़र समीर जी ने जो कहा वही हम भी कहते हैं। नया उजाला आएगा।

  वाणी गीत

Sunday, May 16, 2010 5:23:00 PM

ये वक़्त भी गुजर जायेगा ....हर अच्छा या बुरा वक़्त गुजर ही जाता है ...!!

ताऊ उवाच :-:


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