ताऊ प्रकाशन का सद साहित्य पढिये : सफ़ल ब्लागर बनिये!

आदरणीय ब्लागर गणों, आप सभी को रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" की आदाब अर्ज..नमस्कार. आज कल ताऊ ब्लागजगत में कम दिखाई दे रहे हैं क्योंकि ताऊ प्रकाशन सद साहित्य के प्रकाशन में अनेकों पुस्तकों की छपाई का काम च ल रहा है.


इन पुस्तकों को पढकर हर एक ब्लागर सदगति को प्राप्त हो सकता है. ऐसे पुनीत और पावन कार्य में आजकल ताऊ लगा हुआ है. आज मैं कुछ ताऊ प्रकाशन साहित्य की पुस्तकों से आपको रूबरू करवाता हूं जो बहुत विद्वान ब्लाग साहित्यकारों द्वारा लिखी गई हैं.



मूल्य सूची और संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :-

१. ब्लाग यंत्र तंत्र मंत्र गुटिका : यह पुस्तक पढकर आप स्वयं ही समस्त ब्लाग रोगों से बचते हुये दूसरों की पीडा का शमन भी कर सकते हैं. लेखक इस क्षेत्र के नामचीन और प्रख्यात विद्वान हैं.

लेखक : प. डी.के. शर्मा "वत्स"
कीमत : ३१८०/- मात्र

२. बुढऊ ब्लागर्स को रिटायर करने के अचूक सौ नुस्खे: - लेखक ने अपनी समस्त कलाओं को एकत्रित करते हुये नायाब नुस्खे बताये हैं. आप भी अगर किसी से त्रस्त हैं तो अवश्य लाभ उठायें. पुस्तक इसी डिक्लेरेशन पर दी जायेगी कि आप इसे पढकर किसी को नाहक तंग नही करेंगे.

कीमत : २२८०/- मात्र

३. मौज लेने के नायाब नुस्खे : मौज लेने के अनेकों नुस्खों के लिये इस पुस्तक को अवश्य पढें. लेखक अपनी टिप्पणियों के लिये काफ़ी प्रसिद्ध हैं. लोग इंतजार करते हैं कि कब इनकी टिप्पणी आये और उनकी मौज ली जाये. लेखक के अनुभव और ज्ञान का फ़ायदा उठायें. स्टाक बहुत ही सीमित है...शीघ्रता करें वर्ना पछताना पड सकता है.

लेखक : अजयकुमार झा
कीमत : २२५०/-

४. पांचवीं फ़ेल डायरेक्ट MA पास करें : इससे ज्यादा और आप क्या चाहेंगे? किताब खरीदते ही MA पास करने की ग्यारंटी दी जाती है. लेकहक के बारे में कुछ कहना सुर्य को लालटेन दिखाना है. आज ही आर्डर करें.

लेखक : समीरलाल "समीर"
कीमत : २७४५/- मात्र

५. ब्लागिंग मे खोई ताकत फ़िर से वापस प्राप्त करें : यह पुस्तक उन ब्लागर्स के लिये रामबाण सिद्ध होगी जो रीत कर रीतिकालीन हो चुके हैं. और चारों तरफ़ से अपनी गल्तियों की वजह से निराश हो चुके हैं. लेखिका अपने क्षेत्र की प्रख्यात माडल है और लोगों में नया जोश और जवानी भरने में माहिर है. तुरंत आर्डर करें. सीमित स्टाक ही उपलब्ध है.

लेखिका : मिस. समीरा टेढी
कीमत : २२००/= मात्र

६. ताऊ ब्लागर गीता महात्यम : इस ब्लागर गीता का जो कोई ब्लागर जाप करेगा और श्रद्धा पूर्वक पठन पाठन करेगा वो सबको पछाडते हुये नंबर वन ब्लागर बनेगा. हे पार्थ इसमें संदेह नही करना. संदेह करने से ताऊ नाराज हो सकते हैं जिसका प्रतिफ़ल अच्छा नही मिलता. लेखक चोर उठाईगिरो और डकैतों के रजिस्टर्ड सरदार हैं अत: विषय के परम ज्ञानी हैं. सफ़लता निश्चित मिलेगी. अवश्य ट्राई करें.

लेखक : ताऊ रामपुरिया
कीमत ३७८०/= मात्र

७. टंकी आरोहण अवरोहण ज्ञान प्रदीपिका : इस पुस्तक की विशेषता है कि यह अनुभव सिद्ध लेखक द्वय द्वारा लिखी गई है. आप इस पुस्तक को पढते पढते ही आरोहण अवरोहण करने और करवाने में माहिर हो जायेंगे. लेखक द्वय विषय के उदभट विद्वान हैं और डाक्टरेट कर चुके हैं.

लेखक द्वय : डा. अनिल पूसदकर और डा. ललित शर्मा
कीमत : ३२५०/= मात्र

उपरोक्त पुस्तके छपकर तैयार हैं. जिन्हें भी खरीदना हो तुरंत नगद मनीआर्डर भेज कर प्राप्र करें. निम्न पुस्तके प्रकाशनाधीन हैं और बहुत शीघ्र आ रही हैं. इच्छुक जन निराशा से बचने के लिये अग्रिम मनीआर्डर भेजकर अपनी प्रति सुरक्षित करवालें.



आगामी माह आने वाली पुस्तकों का विवरण इस प्रकार है.

१. मारीच पुराण : इस पुराण का पाठ करने से आप दूसरों को डराने में माहिर हो जायेंगे. इस पुराण का इतना बडा महात्यम है कि कोई भी ब्लागर बिना मोडरेशन के अपने ब्लाग को नही छोड सकता. और हमेशा आपके नाम का गुणगान किया करता है. इस परम मोक्षदायक पुराण को अवश्य मंगवाये इससे मामा मारीच की आप पर कृपा बनी रहने की गारंटी दी जाती है....... लेखक का संबंध सतयुग से है.

लेखक : मामा मारीच
कीमत : ३७५०/= मात्र

२. सुर्पणखां पुराण : यह नितांत परम मनोहर परम पुनीत पुराण है जो कि विषय की ज्ञाता विद्वान द्वारा लिखा गया है. लेखिका का संबंध भी सतयुग से है और बातों को गोल गोल घुमाने के बजाये बहुत ही नपे तुले शब्दों में समझाया गया है. इस पुराण के पठन पाठन से कुमारी सुर्पणखां की आप पर अनंत कृपा हो सकती है जो कि सब जगह आपकी रक्षार्थ तैयार खडी मिलेगी. अवश्य ट्राई करें.

लेखिका : कुमारी सुर्पणखां
कीमत : ३७५०/= मात्र

३. चिठ्ठा रोगों का शर्तिया इलाज : अपने विषय की सर्वोत्तम पुस्तक है. बिल्कुल सहज और सरल भाषा में लिखी गई है. हर ब्लाग रोग का अचूक इलाज आपको इसमे मिलेगा. लेखक के आजमाये हुये नुस्खे हैं. और लेखक के बारे में कुछ कहना गधे के सर पर सींग रखना है. लेखक एक सफ़ल चिकित्सक हैं और अनंत अनुभवी हैं.

लेखक : डा.झटका (ताऊ क्लिनिक) 'जनहित में'

कीमत : ३७५०/= मात्र

४. सफ़ेद पोश ब्लागर कैसे बने? : इससे बेहतरीन किताब आज तक इस विषय पर लिखी ही नही गई. आप भले ही फ़टीचर हों...बल्कि कालेपोश हों और निपट गंवार हों..तब भी आपने अगर यह पुस्तक खरीद ली तो समझ लिजिये कि आप ब्लाग सोसायटी के हीरों हो जायेंगे....सब आप पर जान देंगे और खासकर तो वो..जिंन्हे आप अपने ग्रूप में शामिल करना चाहते थे और आज तक सफ़ल नही हो सके थे. पुस्तक खरीदते ही आप काले से सफ़ेदपोश ब्लागर बन जायेंगे...अंग्रेजी और उर्दू शब्दों को घाल घूसेडू ब्लागर बनने के अचूक फ़ार्मुलों सहित एक संपूर्ण पुस्तक.....लेखक की यह सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक है.

लेखक : ताऊ रामपुरिया
कीमत २८९०/= मात्र

५. साथी ब्लागर की वाट लगायें : जिस किसी को भी आप अपने खिलाफ़ पाते हों उससे छुटकारे का उपाय आपको इस पुस्तक में मिलेगा. विषय की शानदार पुस्तक है. और खरीदते ही आपका काम हो जायेगा. स्ट्रिंग आपरेशन के एक से एक उपाय बताये गये हैं. साथ ही उन स्थानों के नाम पते भी दिये गये हैं जहां से आप स्ट्रिंग आपरेशन में काम आने वाले स्पाई कैमरे आदि सामान खरीद सकें. अति उपयोगी पुस्तक. आज ही आर्डर करें. और निराश होने से बचें.

लेखक : प्रवीण जाखड
कीमत १८९०/= मात्र

६. बेनामी टिप्पणी छिद्रान्वेषण : बेनामियों से बचने के सटीक उपाय दिये गये हैं. आप जब बेनामियों से बचने के उपाय जानेंगे तो बेनामी बनकर टिप्पणीयां करना स्वत: ही सीख जायेंगे. अत: यह दुधारी पुस्तक खरीदने की हम विशेष सिफ़ारिश करते हैं. अत: अविलंब खरीदें और परेशानी से बचें.

लेखक : आशीष खंडेलवाल
कीमत १८९०/= मात्र

७. ब्लाग गरुड पुराण : जैसा कि आप जानते हैं गरुड पुराण का पाठ मृत और भटकी हुई आत्माओं की शांति के लिये होता है. ब्लाग जगत में मृत के बजाये जीवित भटकी हुई आत्माएं बहुतायत से विचरण करती हैं. हमारे जाने माने ब्लागर शिरोमणी मूर्धन्य लेखक ने यह ब्लाग गरुड पुराण लिख कर समस्त ब्लाग जाग्त पर उपकार किया है. अत: तुरंतBold आर्डर करें. सीमित प्रतियां शेष हैं.

लेखक : अविनाश वाचस्पति
कीमत २७५०/= मात्र

८. सफ़ल चर्चाकार कैसे बनें : अगर आप सफ़ल चर्चाकार बनना चाहते हैं तो हमारे उदभट विद्वान चर्चाकारों द्वारा इस विषय पर लिखी हुई यह पुस्तक अवश्य मंगवायें. आजकल सिर्फ़ चर्चा ब्लाग ही हिट है.... ऐसे मे आज हर कोई चर्चा कार बनना चाहता है. पर अज्ञानता की वजह से सफ़ल नही हो पाता. पुराने चर्चाकार किसी को कुछ सिखाना नही चाहते ऐसे में हमारे पंच लेखक समूह ने जो उदारता इस ग्रंथ को लिखने मे दिखाई है उसके लिये वो बधाई के पात्र हैं. तुरंत आर्डर करें.

कीमत : ५७९९/ मात्र


९. पीठ खुजायें भाग 1 (संकलन) : यह ब्लागजगत में यत्र तत्र बिखरी पडी उन चुनिंदा टिप्पणियों का संकलन है जो पीठ खुजलाने की परंपरा में की गई हैं. हमारे ज्ञानी विशेषज्ञों ने बडे जतन पूर्वक इन्हें आपके लिये संजोया है. इस पुस्तक को पढकर आप भी पीठ खुजलाने की कला में पारंगत हो जायेंगे. और यह जान पायेंगे कि कैसे हर कोई नामचीन शख्स सिर्फ़ अपने अपने गुट के पठ्ठों की पीठ खुजलाता है और बदले में अपनी पीठ ठूकवाता है. यह पुस्तक पढकर आपको ब्लागजगत के असली चेहरे दिखाई देंगे...और पता लगेगा कि गुटबाजी क्या होती है? अवश्य आज ही आर्डर करें.

लेखक : ताऊ प्रकाशन टीम
कीमत : २३९९/- मात्र

शेष पुस्तकों की सूची अगली पोस्ट में दी जायेगी.
प्रत्येक पुस्तक की समीक्षा नामचीन समीक्षकों द्वारा आगामी दिनों मे की जायेगी.

हमारी कोई ब्रांच नही है.
पुस्तके संपूर्ण अग्रिम पर ही भेजी जाती हैं.
इन पुस्तकों का किसी भी रुप मे कापी करने की सख्त मनाही है.
बिका हुआ माल किसी भी कीमत पर वापस नही होता है.
इन पुस्तकों में दिये गये फ़ार्मुले अपनी रिस्क पर ट्राई करें. प्रकाशक या लेखक इसके लिये जिम्मेदार नही होंगे.

डिस्क्लेमर : यह पोस्ट शुद्ध मनोरंजन के लिये लिखी गई है. कोई भी सज्जन दिल या कलेजे पे ना ले क्योंकि आजकल लू चल रही है. अगर कोई बीमार पड गया तो हमारी किसी भी तरह की कॊई जिम्मेदारी नही होगी. यह पोस्ट किसी को किसी भी रूप मे नीचा या ऊंचा दिखाने के लिये नही लिखी गई है. बस लिख दी सो लिख दी. आगे आप जानें. मेरा क्या? मैं तो रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" यानि ताऊ का गधा हूं.

सादर

-रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे"

42 comments:

  M VERMA

Thursday, April 29, 2010 5:14:00 AM

अच्छी पुस्तकें. विक्रय प्रतिनिधि का नाम भी बता देते, थोक में मंगवानी थी.
सभी पुस्तकों का दस सेट मंगवाने पर कितना डिस्काउंट मिलेगा.
क्या टिप्पणियों से सम्बन्धित कोई किताब उपलब्ध नहीं है क्या?

  वाणी गीत

Thursday, April 29, 2010 5:17:00 AM

इतनी महँगी किताबें खरीदने की क्या जरुरत है ....सफल ब्लॉगर्स की गतिविधियों पर नजर डाल ले ...सारे नुस्खे मिल जायेंगे ...मुफ्त ....!!

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Thursday, April 29, 2010 5:48:00 AM

ताऊ बस हमें तो टंकी आरोहण मैं पीएचडी चाहिए.

  Suman

Thursday, April 29, 2010 5:52:00 AM

nice

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Thursday, April 29, 2010 5:56:00 AM

पुस्तकों की कीमतें जरा कम हैं, इतनी सस्ती पुस्तकें कौन खरीदता है?

  Udan Tashtari

Thursday, April 29, 2010 6:02:00 AM

हा हा!! सारी पुस्तक का कोई पैकेज मूल्य नहीं तय किया क्या? सभी काम की हैं..एक साथ आर्डर करें तो क्या डिस्काउन्ट मिलेगा, ताऊ?

  अविनाश वाचस्पति

Thursday, April 29, 2010 6:25:00 AM

पूरा सैट भिजवाने के लिए भिजवा रहा हूं हजारी नोट। ब्‍लॉग गरुण पुराण की मेरी लेखकीय प्रतियां भी भिजवाएं जैसा कि प्रकाशन के वक्‍त अनुबंध हुआ था और ताऊजी आपने तो बतलाया था कि पुस्‍तक बिक नहीं रही है, यहां पर आप लिख रहे हैं सीमित प्रतियां शेष हैं मतलब बच नहीं रही है। यह भी मार्केटिंग का नया फंडा है या अगर यह सच है तो रायल्‍टी तुरंत भिजवाएं। अगली पांडुलिपि तैयार है। शीर्षक ब्‍लॉगिंग करते वक्‍त जॉगिंग कैसे करें - इस आत्‍मकथात्‍मक पुस्‍तक में खुलासा किया गया है धुंआधार ब्‍लॉगिंग करते हुए जॉगिंग के फायदे कैसे उठाये जायें। वैसे विज्ञापन आप आज छाप रहे हैं और मेरे पास अनेक नेक ब्‍लॉगरों की टिप्‍पणियां आ चुकी हैं कि पुस्‍तक उनके पास प्रकाशनपूर्व ही उपलब्‍ध हो गई थी मतलब पुस्‍तक में भी पायरेसी।

  पी.सी.गोदियाल

Thursday, April 29, 2010 6:27:00 AM

bahut khoob Tau, waise ye mauj lene ke naayaab nukshe bhee kyaa "Sad" saahity ke andar aataa hai ?:)

  Ratan Singh Shekhawat

Thursday, April 29, 2010 6:28:00 AM

वाह रामप्यारे ! आजकल ताऊ तो वाकई कमाल करने में लगा है इतनी ढेरों काम की पुस्तके !
पर रामप्यारे यदि सारे ब्लोगर ताऊ प्रकाशन की किताबें ही पढ़ते रहे तो ब्लॉग कौन पढ़ेगा ? फिर तो ब्लोगिंग की ही वाट लग जाएगी |

  भारतीय नागरिक - Indian Citizen

Thursday, April 29, 2010 6:31:00 AM

ब्लागरियाना कैसे सीखें - यह मैंने लिखी है, इसे भी स्थान दें, कुछ आमदनी अपनी भी हो जायेगी..
:))

  ललित शर्मा

Thursday, April 29, 2010 7:15:00 AM

ताउ प्रकाशन की किताबें कुछ मंहगी नहीं हो गयी हैं?

कृपया आम पाठकों के लिए पेपरबैक संस्करण की व्यवस्था कराई जाए, जिससे वे भी इसका लाभ ले सकें।

राम राम

  मो सम कौन ?

Thursday, April 29, 2010 7:21:00 AM

ताऊ राम राम,
गज़ब का कलैक्शन है, बधाई।
राम राम।

  ajit gupta

Thursday, April 29, 2010 8:22:00 AM

मैंने आपको दस हजार रूपए का मनीआर्डर किया था लेकिन मुझे अभी तक एक भी पुस्‍तक प्राप्‍त नहीं हुई है। परीक्षा नजदीक है, तुरन्‍त पुस्‍तके भेजे और यदि विलम्‍ब हो रहा हो तो पैसे वापस लौटाएं। हम स्‍वयं प्रकाशन समूह खोल लेंगे।

  seema gupta

Thursday, April 29, 2010 8:33:00 AM

buy one, get one free ka offer nahi hai kya??????

regards

  बेचैन आत्मा

Thursday, April 29, 2010 8:39:00 AM

सुर्पणखां पुराण पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूँ। लेकिन लेखिका का नाम संदेहास्पद है.. कुमारी सुर्पणखां ! दोनो कैसे संभव है ? या तो कुमारी नहीं या सुपर्णखा नहीं. कुमारी है तो सुपर्णखा पुराण कैसे लिख सकती है! जरा इस पुस्तक के विषय में प्रकाश डालिए.. कीमती है.. कहीं पैसा डूब गया तो !

--आपका ब्लाग पढ़कर आनंद आता है।

  डॉ. मनोज मिश्र

Thursday, April 29, 2010 8:59:00 AM

अब तो पूरे ब्लॉग जगत पर शोध हो जायेगा,बधाई इन पुस्तकों के लिए .

  खुशदीप सहगल

Thursday, April 29, 2010 9:07:00 AM

ताऊ,
इन पुस्तकों का ऑन लाइन संस्करण कब आएगा...

मेरी रूचि सबसे ज़्यादा परम श्रद्धेय, प्रातस्मरणीय श्री श्री ताऊ महाराज के महाकाव्य ताऊ ब्लॉगर गीता महात्यम को श्रद्धापूर्वक कंठस्थ करने की है...

जय हिंद...

  जितेन्द़ भगत

Thursday, April 29, 2010 9:14:00 AM

ताऊ, एकाध कि‍ताब मुझसे भी लि‍खवा लो, बड़ी तंगी चल रही है, रॉयल्‍टी से कुछ तो गुजारा होगा:)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Thursday, April 29, 2010 9:44:00 AM

ब्लॉग पढ़ते-लिखते तो एक साल से अधिक का समय हो गया है!
यह सत्साहित्य मुफ्त में भिजवा दीजिए!
फ्री में पढ़ भी लेंगे और समीक्षा भी कर देंगे!

  Sonal Rastogi

Thursday, April 29, 2010 9:52:00 AM

बहुत खूब , हम सारी की सारी बांच लेंगे तो सफल ब्लोगर बन जायेंगे ना ,कोई गारंटी

  यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

Thursday, April 29, 2010 10:13:00 AM

अब कोर्ट में मिलते हैं ताऊ......ये प्रकाशन तो मैं चलने नहीं दूंगा
मेरे से किताबे लिखवा ली, और सबका नाम चिपका कर छाप डाली
अब सब हो गये खुश की नाम लेकर बुक छाप डाली ताऊ ने
ताऊ अकेले चांदी न काटने दूंगा तुझ को...मुकदमा चलेगा
कर लिए जो वकील करना हो....और अगर मुक़दमे से बचना हैं
तो चुपचाप सारी किताबो पर मेरा नाम दे देना....
...धमकी को यो ही मत ले लेना ताऊ......सोलिड केस बन रहा हैं ताऊ प्रकाशन के खिलाफ

  नीरज जाट जी

Thursday, April 29, 2010 10:28:00 AM

अबे गधे, मेरी लिखी किताब कहां है?
और मनीऑर्डर तो मांग रहा है, अपना पता भी तो दे दे।

  यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

Thursday, April 29, 2010 10:31:00 AM

ताऊ, जरा आंगन में जाकर देख, क़ानूनी नोटिस पड़ा होगा थारे नाम का
इब थारे पास १ हफ्ते का टाइम से.....
और यो के हैं.......सब पुस्तकों की कीमत ९९ रूपये मात्र कर दे......
...मार्केटिंग नहीं आती तन्ने....ललित शर्मा जी की बात को कंसीडर करो ताऊ.....
.....बहुत हुक्का गुडगुडा लिया तन्ने चौपाल पे....इब आया टेम हुक्के में पानी भरने का.....

  P.N. Subramanian

Thursday, April 29, 2010 10:37:00 AM

"ताऊ ब्लागर गीता महात्यम" याह नाम गलत छप गया. सेकण्ड एडिशन में सुधार कर लें महात्यम के बदले महात्म्य

  अन्तर सोहिल

Thursday, April 29, 2010 10:59:00 AM

रामप्यारे क्या ताऊ फाइनेंस कम्पनी इन किताबों के लिये फाइनेंस कर देगी। मुझे किस्तों में चाहिये।
जो ब्लागर इनमें से कोई पुस्तक खरीदे कृप्या पढने के बाद मुझे मेल करे
मैं आधे दाम पर खरीद लूंगा।

  वन्दना

Thursday, April 29, 2010 11:15:00 AM

ाआजकल तो एक पर पाँच फ़्री का ज़माना है…………………सब इन्तज़ार कर रहे है ये औफ़र कब आ रहा है………………अगले एडीशन के साथ?

  महफूज़ अली

Thursday, April 29, 2010 11:39:00 AM

अरे! मेरी कोई किताब नहीं छापी?

  अविनाश वाचस्पति

Thursday, April 29, 2010 12:10:00 PM

@ महफूज भाई

आप तो अब खुद किताब की सामग्री हैं। आप पर किताबें लिखी जाएंगी न कि आप किताबें लिखेंगे।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Thursday, April 29, 2010 1:12:00 PM

सुना है कि भारत सरकार लोककल्याण की भावना से प्रकाशित इस सदसाहित्य पर कुछ अनुदान भी देने जा रही है....इसका मतलब कि आगामी संस्करण पाठकों को बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध होंगें...आगामी संस्करणों तक हम भी प्रतीक्षा कर ही लेते हैं..
ॐ ब्लागदेवताभ्यो नम:
अनामी नम:
बेनामी नम:
मारीचाय नम:
सूर्पनखाए नम:
सर्व अलाने-फलाने देवताभ्यो नम:
ॐ........

  Arvind Mishra

Thursday, April 29, 2010 2:32:00 PM

हो हो हा हा हा -तेरा प्रकाशन तो चल निकला ताऊ -तरस आता है उस निरुआ बिचारे पर ..अब उसका ल्या होगा ?
और मेरी किताब काहे नहीं छापी ? ब्लॉग सुन्दरी कैसे बने -ऊँट और गधी के दूध सहित सौ नुस्खे ....
और हाँ बेचैन जी, सूर्पनखा आजीवन कुंवारी ही रह गयी थीं न बेचारी ,कान नाक काटने के बाद आखिर कौन ......?

  राज भाटिय़ा

Thursday, April 29, 2010 2:55:00 PM

अरे ताऊ सारी पुस्तके भेज दो जल्दी से

  रंजन

Thursday, April 29, 2010 3:43:00 PM

taau bank a/c number to bataao.. paise jama karata hun..:)

  सुलभ § सतरंगी

Thursday, April 29, 2010 3:45:00 PM

पहले कौन सी मंगाऊं....बड़ी मुश्किल में हूँ.

  शेफाली पाण्डे

Thursday, April 29, 2010 7:06:00 PM

vaah....saree chahiye....money order bhej diya...

  अल्पना वर्मा

Thursday, April 29, 2010 8:21:00 PM

ये सारे नूतन आईडिया इस प्यारे के दिमाग के हैं!इसकी भर्ती जब से हुई है तब प्यारे प्यारे ही छाया हुआ है..
पहले के उत्पादों के आर्डर पूरे हुए नहीं ,ये नया कार्यक्रम..
बढ़िया है!
--------
अगली पुस्तक प्रदर्शनी के लिए प्रगति मैदान में एक स्टाल पहले ही से बुक करवा लेना रामप्यारे जी!
---------------
टीचरों को किताबें हर जगह sample [फ्री]मिलती हैं..मुझे तो एक एक sample सब के भिजवा देना.

  संगीता पुरी

Thursday, April 29, 2010 8:39:00 PM

ऐसे ऐसे सद्साहित्‍य ??

  सतीश सक्सेना

Thursday, April 29, 2010 8:42:00 PM

ताऊ !
मैं सबेरे से इन किताबों को ही देखे जा रहा हूँ ! तेरा कोई इलाज़ नहीं , भीड़ भी खूब खींच रहे हो ....जब तक चल रही है... चलाये जाओ !
राम राम

  अजय कुमार

Thursday, April 29, 2010 8:43:00 PM

"मुफ्त में किताब कैसे हासिल करें " इस पर भी एक किताब होनी चाहिये ।

  डॉ टी एस दराल

Thursday, April 29, 2010 9:11:00 PM

इतनी पोथियाँ बांच कर तो ये जग मुआ मुआ हो जायेगा।
राम राम जी ।

  नरेश सिह राठौङ

Friday, April 30, 2010 7:29:00 AM

ताऊ लगता है सबको इस विषय का डॉक्टर बनाके मानेंगे | किताबों की कीमत बहुत ज्यादा है |

  Babli

Friday, April 30, 2010 6:25:00 PM

बहुत बढ़िया कालेकशॉन है! दिल तो कर रहा है कि सारी किताबें इकट्ठे खरीद लूं पर कीमत थोड़ा ज़्यादा है! क्या डिस्काउंट मिलना संभव है?

ताऊ उवाच :-:


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