बडे ही दुखित मन से पंडितजी (महेंद्र मिश्र) ने एक पोस्ट फ़ेंक के मारी गुस्से में. और लोगों ने हाथों हाथ लपक ली. उनको मलाल था कि उनके पूज्य दादा जी ने उनको बुढऊ की पदवी से नवाज दिया. पंडितजी ने गुस्से गस्से में पोस्ट दे मारी.
अब देखिये...बडे बुजुर्गों के मुंह से जो निकलता है वो आशीर्वाद ही होता है. मिश्रजी को तो मालूम ही नही कि आजकल बुढऊ शब्द बडा होट hot होगया है. यानि टिप्पणी खींचू होगये हैं आजकल के बुड्ढे भी. इसीलिये ललित शर्मा जी भी आजकल दिन रात बुढ्ढों पर पोस्ट लिखा करते हैं.
फ़िर घूमते घामते हम भी मिश्र जी के दरवाजे पहुंच गये और वहां मिश्रजी की पीडा देखते हुये हम द्रवित होगये. मिश्रजी ने बुढऊ लोगों की इतनी पीडाएं सुनाई कि हमने वहां पर ही तुरंत BBA के गठन की घोषणा कर दी. हम स्वयम भू अध्यक्ष घोषित होगये और महेंद्र मिश्रजी को हमने सेकेरेटरी घोषित कर दिया.
और अब हमने महेंद्र मिश्र जी को मेंबर बनाने का काम सौंप दिया और हम खुद जीवन में पहली बार अध्यक्ष बनने का सुख उठा रहे थे. आज तक तो किसी ने हमको चपरासी भी नही बनाया. और आज हम शान से "BBA" यानि "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के आफ़िस में बैठे हुक्का गुडगुडा रहे थे.
थोडी देर बाद मिश्रजी का फ़ोन आया कि ताऊ BBA की स्कीम फ़ेल ही समझो...जबसे तुमने BBA का बोर्ड टांगा है कोई दिखाई ही नही दे रहा है...हमने सोचा कि बुढापे में पंडितजी का शरीर आरामतलबी का आदि होगया सो हमने उनको साथ लिया और निकल पडे सडक पर भरी दोपहर मे बुढ्ढऊ ब्लागर्स ढूंढने.
दिन भर धूप में सडक पर भटकने के बाद हमको एक भी जालिम बुढ्ढा नही मिला. थक हार कर हम वापस आये और हमने सोचा कि आखिर हमारी स्कीम मे कहां गडबड रह गयी थी? बहुत मनन के पश्चात हमको कमियां समझ में आगयी और हमने तुरंत उनको दूर कर दिया.
पहला तो ये कि आजकल किसी सेलेब्रेटी को ब्रांड अंबेसडर बनाना बहुत जरुरी है अत: हमने तुरंत मिस. समीरा टेढी जी से बात की "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की ब्रांड अंबेसडर बनने के लिये. और वो भी इस शर्त पर की वो इसके लिये जब भी मिटिंग होगी यहां पर आयेंगी. और साथ में यह भी कि बुढऊ लोगों को कहीं हार्ट अटेक ना हो जाये तो वो सफ़ेद बालों वाला विग और साडी में रहेंगी यानि भडकाऊ ड्रेस नही पहनेगी.
मिस. समीरा टेढी इस बात पर भडक गई. पर जब हमने उनको समझाया कि यह समाज हित का काम है सो थोडा त्याग भी करना चाहिये और आपको कौन सा रोज रोज आना है? बस मिटींग वाले दिन आना है जिससे मीटिंग मे सारे बुढ्ढे आपके दीदार के बहाने हाजिर हो जायें और हमारे इस BBA के मेंबर बन जायें. बडी मुश्किल से वो राजी हूई, पर आखिर हां भर ही ली.
बस जैसे ही बुढऊ लोगों को मालूम पडा कि BBA की ब्रांड अंबेसडर मिस. समीरा टेढी ने बनना स्वीकार कर लिया वैसे ही लाईन लग गई मेंबर शिप के लिये. जो जवान ब्लागर थे वो भी सफ़ेद विग लगाकर आ गये. बहुत ज्यादा मारामारी होगई. और सारे मेंबरशिप के फ़ार्म खत्म होगये.
मेंबरशिप किस किस को दी गई इसकी और किस का फ़ार्म रिजेक्ट होगया यह अगले सप्ताह बताया जायेगा.
अब आपको "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के एजेंडा के बारे मे कुछ बता देते हैं जिससे आप भी BBA की सदस्यता लेकर चैन से ब्लागिंग कर सकें. BBA के उद्देष्य और नियम इस प्रकार हैं.
१.BBA यानि कि "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" किसी भी तरह के लिंग भेद को नही मानता. यहां ब्लागर्स से मतलब पुरुष और महिला दोनों हैं. और "बुढऊ" शब्द दोनों को अभिव्यक्त करेगा. यानि आप महिला ब्लागर्स को बुढिया नही बोल सकते.
२. बुढऊ ब्लागर की परिभाषा : जिन्हें एक साल से ज्यादा का समय ब्लागिंग करते होगया उनको बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन की सदस्यता की पात्रता तो है पर उनको सदस्यता उनके लेखकीय उत्पात को देखते हुये दी जायेगी . उनकी सदस्यता इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्होने कितने बेनामी ब्लाग चलाये? कितने बेनामी कमेंट किये? कृपया आवेदन फ़ार्म में अपनी उपलब्धियों की समस्त जानकारियां देवें
३. ५० साल से ज्यादा उम्र के ब्लागर्स को वाईल्ड कार्ड एंट्री दी जायेगी. यानि उनको हर हालत मे बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन की सदस्यता लेनी अनिवार्य कर दी गई है. उनके लिये योग्यता का कोई पैमाना नही है.
४. कोई अपनी वास्तविक उम्र छिपाने की कोशीश करता पाया गया तो उसे "सरताज-ए-बुढऊ" की पदवी से पहली अप्रेल को नवाजा जायेगा. इसमें किसी भी तरह की रियायत नही दी जायेगी. चाहे महिला बुढऊ ही क्युं ना हो.
५. सभी की उम्र का हमने आयकर विभाग के पेन कार्ड से पता लगा लिया है अत: ज्यादा होशियारी ना करें और चुपचाप सदस्यता के लिये आवेदन करें.
१. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" इसके सभी सदस्यों को चश्मा, छडी और डेंचर (दांत वाली बत्तीसी) एक बार मुफ़्त और बाद में नाम मात्र के चार्ज पर उपलब्ध करवायेगा.
२. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के सदस्यों के ब्लाग को नियमित अपडेट किया जायेगा, सदस्यों की ब्लाग पोस्ट पर सभी बुढऊ टिप्पणी करेंगे.
३. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के सभी सदस्यों को ताऊ जादूई चिराग नाम मात्र की कीमत पर उपलब्ध करवाये जाने की बात चल रही है. जिससे आपके सभी कार्य जादूई चिराग द्वारा पूरे कर दिये जायेंगे.
४. मोटी चमडी करने हेतु प्रत्येक बुढऊ ब्लागर को भैंस का शुद्ध दूध पिलाने का इंतजाम किया जायेगा.
५. "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" के सदस्यों के ब्लाग पर अगर मामा मारीच या सुर्पणखां का हमला होता है तो उनसे बचाने के अलावा...सामने वाले के ब्लाग पर इतनी खतरनाक टिप्पणीयां जादूई चिराग से करवाने का करार किया जा रहा है कि मारीच और सुर्पणखां सिट्टी पिट्टी भूल जायेंगे.
६. अगर किसी बुढऊ को गरियाने की इच्छा हो जाये तो उसकी यह इच्छा पूरी करवाने के लिये किराये पर गाली सुनने वाले बुलाये जायेंगे.
७. हर बुढऊ ब्लागर की पोस्ट पर ४३१ हिट और ४१ टिप्पणीयां कम से कम करवाने का प्रबंध किया जायेगा.
८. अगर कोई बुढऊ टंकी पर चढने की इच्छा करेगा तो उसे बाकायदा शान से टंकी पर चढाया जायेगा और सब मिल जुलकर उसको नीचे उतारेंगे. इसके लिये एक २३९ मीटर उंची टंकी का निर्माण किया जायेगा.
९. हर बुढऊ को कुछ पद पाने की इच्छा रहती है तो हर बुढऊ ब्लागर "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" का उपाध्यक्ष कहलायेगा.
१०. हर बुढऊ को अपनी राय देने का अधिकार होगा भले उसके घर मे उससे कोई राय ना लेता हो.
११. चूंकी "बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" अभी शैशवकाल मे ही है तो इसके नियम कायदे बन रहे हैं. जो अगली मिटींग में घोषित किये जायेंगे. सदस्यता मंजूर करने या ना करने के अधिकार सिर्फ़ अध्यक्ष महोदय और सेक्रेरेट्री महोदय के पास सुरक्षित रहेंगे.




43 comments:
Friday, March 12, 2010 5:15:00 AM
मुबारक हो
सदस्यों की एक मीटिंग ही करवा देते.
Friday, March 12, 2010 6:14:00 AM
nice
Friday, March 12, 2010 6:38:00 AM
nice
Friday, March 12, 2010 7:22:00 AM
वाह!ताउ जी,
मन्ने तो दो ही पोस्ट लिखी थी,
और आपने बड़ी जल्दी ही BBA बणा ली।
वैसे उमर क्या रखी है इस एसोसिएशन में
सदस्यता के लिए---
वैसे भी ४३१ हिट और ४१ टिप्पणियों
का लालच किसी को भी असमय बुड्ढा बना सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई।
Friday, March 12, 2010 7:27:00 AM
बहुत खूब आईये साईंस ब्लॉगर असोसिएशन के साथ फेडरेशन फेडरेशन खेलें
Friday, March 12, 2010 7:29:00 AM
"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की स्थापना की बधाई ...!!
Friday, March 12, 2010 7:59:00 AM
मुझे भी शामिल कर लें
कोई पोस्ट तो मिलेगी
ब्लॉग पोस्ट न हिट हो
बीबीए की पोस्ट से तो
हो ही जाएगा हितसंधान।
Friday, March 12, 2010 8:08:00 AM
यह मिस टेढ़ी कौन हैं ? नाम समीरा रख दिया ....सारे मेम्बर उपाध्यक्ष और खुद अध्यक्ष और पंडित जी को सेक्रेटरी का झुनझुना थमा दिया ...और ताई को कोई पोस्ट क्यों नहीं देता ???
हर काम में चार सौ बीसी , जवान होने के कारण मैं फार्म भी नहीं भरूँगा !
Friday, March 12, 2010 8:08:00 AM
बधाई हो ताऊ!
मिस समीरी को ते भरी जवानी में ही
बुढ़िया बना दिया!
एक बात समझ में नही आई-
मिस समीरी विधवा है या सुहागिन!
अगर कुवाँरी हैं तो ताई कहने में
बहुत आनन्द आयेगा!
एशोसियेसन में सदस्यता के लिए
आवेदन कहाँ करें?
Friday, March 12, 2010 8:11:00 AM
"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की स्थापना हा हा हा...ताऊजी आपके पास तो एक से एक आईड़ीयास है !!
चलिए हमारी भी बधाई स्वीकार कीजिये ...भविष्य का एक ठिकाना तो पता चला कुछ नहीं मिला तो :)
रामराम
Friday, March 12, 2010 8:17:00 AM
ताउ मन्ने पूरी खबर लाग री से कि आ रिए हैं वा घोटे वाले सोट्टे लेकर ....
अजय कुमार झा
Friday, March 12, 2010 8:33:00 AM
ये गेट अप सिर्फ एशोशियेशन के लिए फैन्सी ड्रेस है वरना हम जवानों को इस एशोशियेशन से कोई लेना देना नहीं है.
Friday, March 12, 2010 8:56:00 AM
चढ़ी जवानी फागुन में,ताऊ मस्ती के मूड में है ।मुझे सद्स्य बनने में बहुत टाइम लगेगा ( अभी तो मैं जवान हूं ) तो मुझे सेलिब्रेटी ब्रांड एम्बेसडर का PWD बालक ( पर्सनल वाला देखभाल बालक )बना लिया जाय ।
Friday, March 12, 2010 9:47:00 AM
चल ताऊ, (यह दोनों शब्द अलग-अलग हैं, मिलाए नहीं जाएं।) अपना तो तूने काम कर दिया। अपणी उम्र तो पचास के पार हो गयी तो अपणे आप की सदस्यता मिल गयी। चल तणे बधाई। मीटिंग-वीटिंग हो तब सुपारी देकर बुला लियो। नहीं तो वैसे ही उठा लीजो।
Friday, March 12, 2010 10:00:00 AM
ना ताऊ ना आपके सदस्य गालियाँ बहुत निकालते हैं हम तो अलग से बुढिया अस्सोसिएशन बनायेंगे यहा केवल हमारा एक छत्र राज होगा शायद और कोई एक आध बुढिया ही होगी ब्लागजगत मे। फिर सभी पद अपने पास रहेंगे। हम आपसे रिज़रवेशन क्यों माँगे? अपने दम पर बूढे हुये और अपने दम पर ही पार्टी बनायेंगे। मगर एक बात का धन्यवाद जरूर देंगे कि आपने अच्छा आईडिया दिया वरना हमे चिन्ता थी कि महिला आरक्षण बिल अगर लोक सभा से पास ना हो सका तो हम कहाँ जायेंगे। वाह ताऊ की जै हो।
Friday, March 12, 2010 10:14:00 AM
"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" जिंदाबाद जिंदाबाद...."बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" जिंदाबाद जिंदाबाद...."बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" जिंदाबाद जिंदाबाद...
अरे लेकिन मैं क्यूँ ये नारे लगा रहा हूँ मैं कोई"बुढऊ " थोड़े ही हूँ....भाई मैं तो मात्र अठ्ठारह साल का ही हूँ बाकि बयालीस साल का तो मेरा तजुर्बा है...
जोरदार पोस्ट...बुजुर्गों की सुनो वो तुम्हारे सुनेंगे...तुम एक पोस्ट दोगे वो दस लाख देंगे...
नीरज
Friday, March 12, 2010 10:25:00 AM
badhayi ho.
Friday, March 12, 2010 10:36:00 AM
चूंकि यह समाज हित का काम है। हम तो थोडा त्याग करने को तैयार हैं, (५० पूरे होने के बाक़ी सालों को त्याग दिय है) आपको भी कुछ करना चाहिये!
Friday, March 12, 2010 10:39:00 AM
भाई मुबारक !!!
Friday, March 12, 2010 11:02:00 AM
आदरणीय अध्यक्ष महोदय
देर से आने के लिए क्षमा चाहूँगा ... कृपया ध्यान दें कहीं बुधिया एसोसिएसन न बन जाए इसीलिए कोर्ट में दादा दिनेश जी से एक केवियट लगवा दें हा हा हा . आपके एजेंडे से शत प्रतिशत सहमत हूँ .
Friday, March 12, 2010 11:02:00 AM
बड़ा नेक विचार है....मैं तो निर्मला जी के साथ हूँ....हा हा हा
Friday, March 12, 2010 11:05:00 AM
कृपया नोट करें यहाँ भी कुछ लोग अपनी उम्र को कम कर बता रहें है ....
Friday, March 12, 2010 11:07:00 AM
:)
Friday, March 12, 2010 11:27:00 AM
taau....ham to 16 ke the, 16 ke hain aur 16 ke hee rahne vale hain.....haa haa haa...
Friday, March 12, 2010 11:31:00 AM
मुबारक़ हो ताऊ।और एक रिक्वेस्ट है ज़रा सदस्यों की लिस्ट भी जारी हो जाये तो महेन्द्र भैया अकेले नही रहेंगे।
Friday, March 12, 2010 11:48:00 AM
हमारे जैसे सठियाये बुढ़ऊ के लिये क्या कुछ विशेष प्रावधान है या नहीं?
Friday, March 12, 2010 1:38:00 PM
ताउजी, हुक्के चिलम के साथ-साथ नाच गाने की भी व्यवस्था होनी चाहिये , क्योंकि आजकल के बुढाऊ भी ठरकी हो गए है :)
Friday, March 12, 2010 2:26:00 PM
हर अंदाज निराला - और भाता गर गले में होती एक माला - इसलिए मेरी तरफ से कबूलें.
Friday, March 12, 2010 2:30:00 PM
हम तो ताऊ को पिछले साल ही बता चुके हैं कि अभी अभी घुटनों के बल पर चलना सीख रहे हैं :-)
बस आप बुढ़ऊओं का स्नेह बना रहे, बालक कुछ कर ही जाएगा :-D
Friday, March 12, 2010 2:35:00 PM
बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन मे सिर्फ़ बुड्डॆ होगे तो हम अभी से इंकार करते है, अरे हम लडे गे किस से ? इस लिये इन मै बुढ्ढियां भी लाओ,जिन से कुछ पंगा ले कर समय भी पास हो.....
Friday, March 12, 2010 2:46:00 PM
आपने गलती से सारे युवाओं को मेंबर बना दिया है.लगता है बर्थ सर्टिफिकेट में गडबड़ी है...सुधार्र लीजियेगा...
Friday, March 12, 2010 3:57:00 PM
बधाई हो ।
Friday, March 12, 2010 5:21:00 PM
ताऊ यो के चाला कर रह्य सै
BBA म्है मेरा भी दाखिला हो जाता तै 41 टिप्पणियां मन्नै भी मिल जाती अर समीरा टेड्डी का दीदार करण का मौका भी मिल जाता
घाट तै घाट कितनी उम्र होनी चाहिये यो भी तै बता देता
राम-राम
Friday, March 12, 2010 5:54:00 PM
जब जेहादी, साहित्य्कार, वैज्ञानिक, कवि, गजलकार, लेखक इत्यादि इत्यादि "लखनऊ ब्लागर एसोसियशन" के नाम पर एक छत के नीचे आ सकते हैं तो फिर जवान होकर भी "बढऊ एसोसियशन" में शामिल होने में भला हमें क्या एतराज हो सकता है....चल लिख ले ताऊ हमारा नाम भी :-)
Friday, March 12, 2010 6:02:00 PM
बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" की स्थापना की बधाई.
vaise main to shaifali ke saath hoon .
Friday, March 12, 2010 6:06:00 PM
बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन जिंदाबाद! एकदम धमाकेदार पोस्ट रहा! वाह क्या बात है! बहुत खूब!
Friday, March 12, 2010 7:43:00 PM
ताऊ जी
हम तो आजकल धृत कुमारी (एलोवेरा)का रस पी रहे है | रामबाबू बता रहे थे कि ये एंटी बुढ़ापा होता है यदि उनका बताया ये फार्मूला काम कर गया तो हमें तो BBA की सदस्यता की शायद जरुरत ही ना पड़े
Friday, March 12, 2010 10:16:00 PM
हा हा हा
:)
Saturday, March 13, 2010 12:15:00 AM
बहुत अच्छी प्रस्तुति।
इसे 13.03.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह ०६ बजे) में शामिल किया गया है।
http://chitthacharcha.blogspot.com/
Saturday, March 13, 2010 12:45:00 AM
"बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन" अभी शैशवकाल मे ही है |
ओय ताऊ इस वाक्य से मतबल की है त्वाडा ?
इनकी जवानी भी लाने की फ़िराक में हो क्या आप ? हैं। तब तो फिर कबाड़ा कुटना निश्चित ही है। किस "किस" की जवानी का ये पता नहीं ? हा हा।
Saturday, March 13, 2010 12:47:00 AM
और BBA अक्सर आगे चलकर बमचक बवाल एसोसिएशन में तब्दील होती पाई गईं हैं,
संभालना ताऊ।
Sunday, March 14, 2010 9:19:00 AM
हा हा हा ! मजेदार पोस्ट ।
Monday, March 29, 2010 12:58:00 AM
ताऊ जी प्रणाम, आइडिया तो घणा अच्छा है लेकिन अभी तो हमको बहुत टाइम है सदस्यता लेने के लिए। अभी तो दूध के दांत भी नहीं टूटे। फ़िर मिलते हैं तीस चालिस साल बाद्…वैसे किराये पर गाली सुनने वाले और 41 हिट का आइडिया बहुत अच्छा है।
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