सब को आज रंगपंचमी की रामराम...आज सुबह से ही रंगपंचमी की धमाल में शामिल रहा....आज शायद रंगोत्सव का आखिरी दिन होगा. पर मेरे जैसे गधों का तो बारहों महिने ही रंगोत्सव रहता है...
होली पर ताऊ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था. जिसमें स्वनामधन्य कवियों ने हिस्सा लिया. हम उस कवि सम्मेलन की रिकार्डिंग आपको टुकडे टुकडों में दिखाते रहेंगे. आज देखिये कवि हिमांशु जी का शानदार कविता पाठ ... लिजिये पेशे खिदमत है...कवि हिंमाशु जी की कविता....
जो लिखा सो कमाल है ताऊ।
पर गधों को मलाल है ताऊ ।
एक दो पोस्ट पढ़ के जान गये-
"ब्लॉगिया बेमिसाल है ताऊ"
फाग में सबकी तबीअत की हरी!
और ख़ुद लाल-लाल है ताऊ!!
आप आगे हैं पीछे है दुनिया,
कुछ किया तो बवाल है ताऊ!
किसकी खटिया को फूँक दो तुम कब,
उठा मन में सवाल है ताऊ!
"रूपकंचन" सुना लगाया था…
कैसा ताई का हाल है ताऊ?
तमाशा घुस के देखते हैं हम,
मोटी अपनी भी खाल है ताऊ!
Thursday, March 04, 2010 11:19:00 PM
होली वाले दिन भंग पीकर ताऊ के कुणबे ने रामलीला का आयोजन किया. जिसमे ताऊ, ताई, रामप्यारे, रामप्यारी, हीरामन और रमलू सियार ने बढ चढकर हिस्सा लिया और विभिन्न पात्रों के किरदार निभाये. ताऊ की ये हरयाणवी रामायण कैसी बनी होगी?
पहला भाग आप नीचे के विडियो मे देखें...बाकी भी आपको क्रमश: दिखाते ही रहेंगे...तो असली हरयाणवी रामायण का आनंद ऊठाईये. इस भाग मे महाराज दशरथ का रोल ताऊ ने और महारानी कैकयी का ताई ने निभाया है. महारानी कैकयी मोबाईल पर बात करते हुये...महाराज से अपने वचन पूरे करने का कहती है... उनके संवादों का आनंद उठाईये..
जैसा की आप जानते हैं कि जितने भी सफ़ल ब्लागर हुये हैं उन्होने कभी ना कभी प्रोफ़ेसर रामप्यारे उर्फ़ प्यारे की कार्यशाला से ज्ञान अवश्य प्राप्त किया है. हर वर्ष प्रोफ़ेसर प्यारे द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जाता है.

परंपरा अनुसार इस साल 2010 की ब्लागर्स कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमे एक सफ़ल ब्लागर बनने के गुर प्रोफ़ेसर रामप्यारे उर्फ़ "प्यारे" जी द्वारा बताये जायेंगे. सफ़ल ब्लागर बनाने में रामप्यारे उर्फ़ प्यारे ने झंडे गांड रखे हैं. आपसे अनुरोध है कि अपनी सीट सुरक्षित करवालें और इस कार्यशाला से ज्ञान प्राप्त कर अपना सफ़ल ब्लागर कहलाने का सपना अवश्य पूरा करें.




32 comments:
Friday, March 05, 2010 3:41:00 PM
रूपकंचन" सुना लगाया था…
कैसा ताई का हाल है ताऊ?
तमाशा घुस के देखते हैं हम,
मोटी अपनी भी खाल है ताऊ!
ये भी बहुत ही खूब रही ताऊ !
Friday, March 05, 2010 3:47:00 PM
ati uttam...
Friday, March 05, 2010 4:13:00 PM
तमाशा घुस के देखते हैं हम,
मोटी अपनी भी खाल है ताऊ!
kya khub kavi sammelan krawaya tauji...
Friday, March 05, 2010 4:54:00 PM
कवि हिमांशु जी का काव्य पाठ तो गजब का लगा....क्या खूब लिखा है!!
बाकी गदर्भराज प्रोफेसर रामप्यारे जी की क्लास के लिए हमारा भी एडमीशन कर लिया जाए ताकि हम भी सफल ब्लागर बनने के कुछ नुस्खे सीखकर अपने ब्लागिंग जीवन में कुछ सुधार कर सकें :-)
Friday, March 05, 2010 5:18:00 PM
ये फोटो कैसे खींच लिया आपने.
Friday, March 05, 2010 5:26:00 PM
मेरे लिए एक कुर्सी आरक्षित करने का कष्ट कीजिएगा। कुछ तो सीखने को मिलेगा।
Friday, March 05, 2010 5:52:00 PM
एक सीट आगे की हमारे लिए बूक करना प्लीज. हमें सफल बिलागर बनना है.
Friday, March 05, 2010 5:52:00 PM
बड़ा जोरदार आयोजन हुआ लगता है..तभी शायद बीकानेर होली मनाने नहीं आ पाए ताऊ..!चलो इंतजार रहेगा ..
Friday, March 05, 2010 6:24:00 PM
कुछ भी हो जी हमें तो हरियाणवी रामायण देख कर मजा आ गया।
Friday, March 05, 2010 6:28:00 PM
Haryanvi Ramyan majedar lagi .
Friday, March 05, 2010 6:34:00 PM
वाह ताऊ जी वाह.
Friday, March 05, 2010 6:37:00 PM
हिमांशु जी की कविता दमदार है. फिर रामायण ने तो पेट हंसा हंसा कर २ इंच बढ़ा दिया..हा हा!! बहुत मस्त हरियणवी रामायण.
प्यारे का सूत्र गांठ बाँध कर रख लिया है घणा ज्ञानी है प्यारे तो!!
जय हो!
डिस्क्लेमर नहीं लगाया ताऊ कि किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाना मंशा नहीं, मात्र कोमल हास्य हेतु ..टाईप. :)
Friday, March 05, 2010 7:04:00 PM
बहुत अच्छी प्रस्तुति।
इसे 06.03.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह ०६ बजे) में शामिल किया गया है।
http://chitthacharcha.blogspot.com/
Friday, March 05, 2010 7:08:00 PM
होली के सतरंगी पर्व पर ताऊ द्वारा कुछ अनूठा ना हो यह कैसे हो सकता था।
Friday, March 05, 2010 7:23:00 PM
वाह ताऊ जी वाह.
Friday, March 05, 2010 7:24:00 PM
कविता दमदार है.
Friday, March 05, 2010 7:37:00 PM
होली वाले दिन भंग पीकर ताऊ के कुणबे ने रामलीला का आयोजन किया. जिसमे ताऊ, ताई, रामप्यारे, रामप्यारी, हीरामन और रमलू सियार ने बढ चढकर हिस्सा लिया और विभिन्न पात्रों के किरदार निभाये. ताऊ की ये हरयाणवी रामायण कैसी बनी होगी?
सचमुच आनंद आगया रामायण में. हिमांशु जी की कविता लाजवाब रही. बाकी के कवितों को भी सुनाया जाये.
Friday, March 05, 2010 7:38:00 PM
वाह ताऊ बडे गजब की रामयाण बनाई ताऊ की टीम ने तो. ब्लागर गीता सुत्र वाकई काबिले तारीफ़ हैं. नमन है रामप्यारे उर्फ़ प्यारे जी को.
Friday, March 05, 2010 7:48:00 PM
वाह ताउजी सेमीनार में खासी सीख दी गई . प्रोफ़ेसर रामप्यारे को व्याख्यान पर बधाई ....
Friday, March 05, 2010 8:16:00 PM
wah kya ramayan hai..wah.
Friday, March 05, 2010 8:34:00 PM
:)...'Geeta sutr' bahut badhiya hai..!
Sir Raampyare ji ke lectures ka intzaar rahega.
Friday, March 05, 2010 8:42:00 PM
जो लिखा सो कमाल है ताऊ।
पर गधों को मलाल है ताऊ ।
एक दो पोस्ट पढ़ के जान गये-
"ब्लॉगिया बेमिसाल है ताऊ"
हिमांशु जी की कविता जोरदार ताऊ, मजा आगया.
Friday, March 05, 2010 8:43:00 PM
हरयाणवी रामायण तो गजब की लगी, बस देशी भाषा मे आनंद ही आगया.
Friday, March 05, 2010 8:44:00 PM
रामप्यारे जी की कार्यशाला के लिये हमारा भी नाम रजिस्टर करें. और तारीख बतायें कि कब आये? और कहां आये?
Friday, March 05, 2010 8:47:00 PM
Taauji Ramram,
Aaj to hasi nahi rukato post bhi mazedar hai aur ramayan bhi....!!
aapko ek haryanvi link main bhi deti hun shayad aapane dekha ho par mujhe bahut pasand hai socha aapse share karatu bataiyega kesa laga :)
Link
http://www.youtube.com/watch?v=Q_iXpK5HRMg
Friday, March 05, 2010 9:41:00 PM
रूपकंचन का असर हम देखा
गर्दभ पर दिल निहाल है ताऊ...
हा हा हा हा
Friday, March 05, 2010 10:17:00 PM
nice
Friday, March 05, 2010 11:15:00 PM
रंगपंचमी की घणी घणी बधायाँ!
Saturday, March 06, 2010 4:37:00 AM
कवि हिमांशु की कविता कमाल है ताऊ जी ....:)
इस रामायण पर नो कमेंट्स .....
Saturday, March 06, 2010 6:58:00 AM
क्या बात है ! शानदार ।
Saturday, March 06, 2010 10:06:00 AM
बढिया लगी रामायण। कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन कहाँ करना है?
Saturday, March 06, 2010 3:05:00 PM
ek seat mahila aarakshan ke tahat mere liye bhi ...donetion vagairah bhi chalega kya?
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