ताऊ पहेली - 63 : होलीनुमा जवाब मे श्री प्रकाश गोविंद विजेता




हैल्लो एवरीवन...हाऊ आर यू? कोई बात नही जी, आप जैसे भी होंगे आज तो भंग-भवानी के नशे में अंटाचित ही होंगे...जैसे मैं हूं...असल में ताऊ का हीरामन जिम कार्बेट पार्क की सैर को निकल गया, होली की छुट्टियों में, तो ताऊ पहेली - 63 के रिजल्ट की जिम्मेदारी मुझे दी गई है...आप पूछेंगे की संतू जी...ताऊ पहेली मे और भी लोग थे...खुद ताऊ..अल्पनाजी और रामप्यारी जी? फ़िर आप क्युं कष्ट ऊठा रहे हैं?

तो हे भंगेडियों..आप मेरी कथा ध्यान लगाकर श्रवण करिये...आपका होली का नशा भी उतर जायेगा और आपके सब पाप ताप नष्ट होजायेगें. मैं आपको सबसे पहले तो ताऊ पहेली टीम के ही हाल चाल बताऊंगा..कि उनके क्या हाल हैं और उसके बाद मैं आपको पहेली के विजेता आदि की पूरी जानकरी दूंगा..

वैसे बता दूं कि मुझे भी भांग के नशे का झौंका अब भी आता है..सो आप मेरी सब बातों को यानि उपर से नीचे तक लिखी बातों को अपनी जिम्मेदारी पर ही सच या झूंठ मानें...मैं या ताऊ पहेली टीम इसके लिये जिम्मेदार नही होगी. और ताऊ को तो दोष देना ही मत. क्युंकि ताऊ की भैंस चंपाकली गायब होगई है...और ताऊ लठ्ठ लिये घूम रहा है उसको ढूंढने के लिये...ताऊ का दिमाग खराब होगया है इसके चलते.

तो अब मैं आपको प्रेम पुर्वक आज का होली प्रवचन सुना रहा हूं....यानि रिपोर्टिंग शुरु कर रहा हूं. सबसे पहली और ताजातरीन खबर तो यह है कि अल्पना जी ने अब ताऊ पहेली से किनारा कर लिया है....आप खुद उनके मुंह से ही सुन लिजिये.....

बस अब ताऊ पहेली से रामराम!!! मैं तो चली अपनी पहेली शुरु करने...बाय बाय....अल्पना वर्मा


दुसरी खबर...अब अल्पना जी के ताऊ पहली से रामराम करने के बाद रामप्यारी जी ने भी ताऊ पहेली से किनारा कर लिया है. और सन्यास लेकर समीरानंद आश्रम चली गई है.

ओह.अब बहुत होगया...नो पहेली... सहेली...चूहे खाना भी बंद...मैं तो चली अब सन्यास लेकर समीरानंद आश्रम में प्रवचन देने ...


और जबरदस्त खबर यह है कि अब ताऊ पहेली से अल्पना जी और रामप्यारी के किनारा कर लेने के बाद ताऊ का दिमाग खराब हो गया है. और आग में घी का काम यह हुआ कि ताऊ की भैंस चंपाकली को कोई ले उडा है. इस बात से ताऊ को बहुत सदमा लगा है. ताऊ लठ्ठ कंधे पर रखकर भैंस को ढूंढने निकला है. कुछ लोगों ने बताया कि ताऊ को आगरा की तरफ़ जाते देखा गया था. शायद पागल हो चुका है और उसकी पागलपन की हरकतें देखते हुये इलाज के लिये लोगों ने पकडकर उसको अस्पताल-ए-पागल आगरा में भर्ती करवा दिया है.

ताऊ की भैंस चंपाकली


ताऊ जैसे खतरनाक पागल से छुटकारा मिलने पर आज ब्लागजगत मे भी खुशियां मनाई गई और मिठाई बांटी गई. ब्लाग जगत मे अब लोगों ने चैन की सांस लेना शुरु कर दिया है. और नियमित ब्लाग लेखन शुरु कर दिया है. लोगों का ऐसा कहना है कि अब ब्लाग जगत को रमलू सियार के आतंक से भी छुटकारा मिल जायेगा और शेरू महाराज अब चैन के साथ बंशी बजा सकेंगें.

वैसे ताऊ से मेरी बात हुई थी. ताऊ ने इस षडयंत्र में राज भाटिया जी, सतीश सक्सेना जी और खुशदीप सहगल के शामिल होने का संदेह व्यक्त किया है और सीधा आरोप भी लगाया है. ताऊ का कहना था कि राज भाटिया जी का अभी भारत आना सिर्फ़ इसी वजह से हुआ है और अजयकुमार झा जी, और अविनाश वाचस्पति जी को बहका कर इसे ब्लागर मिलन का नाम दिया गया जबकि वहां एक उंचे लेवल का षडयंत्र रचा गया था. और कई लोगों ने इसका नोटिस भी लिया था. पर उनकी बात हवा में उडा दी गई!

ये मेरी भैंस को कौन बावलीबूच ले गया होगा? जरुर राज भाटिया जी, खुशदीप सहगल और सतीश सक्सेना जी का षडयंत्र होगा!


और आईये अब आपको ताऊ पहेली 63 के विजेताओं से मिलवा दूं. फ़िर अगली पोस्ट में समस्त प्रतिभागियों से मिलवा दूंगा....

601

श्री प्रकाश गोविंद   अंक 101

जली को आग कहते हैं बुझी को राख कहते हैं ,
जो ईश्वर के आगे भी न झुके उसे 'प्रकाश' कहते हैं!

602

श्री उडनतश्तरी अंक 100

रूप कंचन लेप का कमाल,
बदला' मैं ',हुआ धमाल!

603

श्री श्यामल सुमन अंक 99

कलम उठी तो  गीत बन गए,

हाथ बढे  तो  मीत बन गए!

 
604

सुश्री पारुल अंक  98

स्वर  लहरी गुलज़ार हुई!

605

श्री ललित शर्मा अंक 97

मूछें हो तो ललितानंद  जैसी!

606

श्री अजयकुमार झा  अंक 96

हम बोलेगा तो बोलोगे कि बोलता है!

607

श्री रजनीश परिहार अंक 95

देखनें में भोला है दिल का सलोना!


608

श्री रंजन अंक 94
'आदि के पापा ' हैप्पी बड्डे…

609

डा.रुपचंद्रजी शाश्त्री "मयंक, अंक 93

'कम्प्यूटर मेरा साथी ,बुढ़ापे की लाठी!'

610

डॉ. मनोज मिश्र अंक 92
मिस्टर कूल !

611

श्री दीपक मशाल अंक 91

जरुरत है जरुरत है एक श्रीमती  की , कलावती  की!

 
612

प. डी.के. शर्मा "वत्स" अंक 90

धर्म कर्म विज्ञान तर्क संग  परोसे जाएँ ,

ब्लॉग जगत में ढूंढ लो इन सा मिल नहीं पाए!


613

   श्री संजय बेंगाणी अंक 89

जहाँ तेरी ये नज़र है ,मेरी जाँ  मुझे ख़बर है!

614

श्री एम वर्मा अंक 88
मैं चुप हूँ!
 

615


श्री जितेंद्र अंक 87
अग्निपथ पर बढते जाना है!

616

सुश्री सीमा गुप्ता  अंक 86

तुम न जाने किस जहाँ में खो गए!

617

श्री दिगम्बर नासवा अंक 85

बड़ी दूर से आता हूँ,प्यार का तोहफा लाता हूँ!

618

श्री मो सम कौन? अंक 84

'जीना सीखा अभी अभी '

619

श्री रतन सिंह शेखावत अंक  83

-'ठाकुर साहब की बात की कुछ ओर है!'

620

श्री अभिषेक ओझा अंक   82

सैर कर दुनिया की  गाफिल!

621

श्री चंदन कुमार झा अंक 81
गुलमोहर का फ़ूल जरुर खिलेगा दोस्त!

322-1

श्री यशवंत मेहता “फ़कीरा” अंक 80
चल चला चल! चल चला चल…
ब्लाग के उस पार……
 

623

सुश्री रेखा प्रहलाद अंक 79
जले  भगोने  जले  पतीली,भूल सभी मैं  बूझूं  पहेली !

 

आईये अब आपको मैं बाकी के प्रतिभागियों से मिलवाता हूं जिन्होने इस होली पहेली में भाग लेकर हमारा उत्साह बढाया……

(क्रमश:)

28 comments:

  Udan Tashtari

Tuesday, March 02, 2010 5:17:00 AM

रामप्यारी साध्वी हो गई..
हमारा रुप ही बदल गया..
रुप कंचन के कमाल से..
बाकी सब भी बदले बदले नजर आते हैं...
हाय!! दुनिया कितनी भी बदल जाये
लेकिन
संजय बैंगाणी आजकल हर बार
विजेताओं की लिस्ट में नजर आते हैं.


-वो काहे नहीं बदलते!!



प्रकाश भाई को बहुत बहुत बधाई...

सबके साथ एक लाईना जबरदस्त रही..अच्छी मेहनत की गई है..बधाई.

  Vivek Rastogi

Tuesday, March 02, 2010 6:36:00 AM

वाह ये लगा कि होलीनुमा पोस्ट भांग खाने के बाद बुरा न मानो होली के मूड में लिखी गई है। :)

  ललित शर्मा

Tuesday, March 02, 2010 6:52:00 AM

सभी विजेताओं को होली की राम-राम
शास्त्री जी तो गजब ही ढा रहे हैं इस रुप मे,
हा हा हा हा-होली की भांग अभी उतरी नही है।

  RaniVishal

Tuesday, March 02, 2010 6:56:00 AM

Taauji Ramram,
ha ha ha bahut maza aaya vijetao se mil kar ....sabhi ko badhai!

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Tuesday, March 02, 2010 7:00:00 AM

प्रकाश गोविन्द जी को बधाई!
अरे बाह ताऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ!
हमारे समेत न जाने कितनों का
लिंग परिवर्तन कर दिया आपने तो!
ये भंग की तरंग बहुत बढ़िया रही!
शुभकामनाओं सहित-
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"

  डॉ. मनोज मिश्र

Tuesday, March 02, 2010 7:49:00 AM

आप की पहेली भी आखिरकार होलिया गयी ताऊ,
जब आपकी भैस इतनी माडर्न और खूबसूरत है तो औरो का क्या?
अल्पना जी नें आपसे नाता तोड़ लिया ,हा-हा-हा-हा-?
ये रही भंगियाई खबर .

  M.A.Sharma "सेहर"

Tuesday, March 02, 2010 8:00:00 AM

haha...atii cute andaaz vejetaaon ko aur sabhee ko darshane kaa....sabhee hloi ke rang main dube mast lag rahen hain...:)))

Taauji kahe dubla gayen hain..??itne patle kyun dikhaye ??

sabhee mitron ko namaskaar !!

  निर्मला कपिला

Tuesday, March 02, 2010 9:51:00 AM

प्रकाश गोविन्द जी को बधाई!
वाह वाह सब के बदले हुये रूप कमाल हैं। बहुत अच्छी लगी ये पोस्ट । राम राम

  seema gupta

Tuesday, March 02, 2010 10:54:00 AM

आदरणीय प्रकाश जी सहित सभी विजेताओ को हार्दिक बधाई. सभी विजेताओं के ये नये नये रूप देखकर बस बहुत अच्छा लगा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ताऊ जी तुस्सी ग्रेट हो.....

regards

  Parul

Tuesday, March 02, 2010 11:05:00 AM

hehehe...aapka andaaz hamesha alag hota hai aur aaj bhi vaisa hi hai..
maja aa gaya!

  अविनाश वाचस्पति

Tuesday, March 02, 2010 11:31:00 AM

इन मूर्तियों/चित्रों को भी

हिन्‍दी ब्‍लॉगर मंदिर में

सजाना है

पर पहले निकल आए बाहर

जो छिपा खजाना है

http://avinashvachaspati.blogspot.com/2010/03/blog-post.html

  संजय बेंगाणी

Tuesday, March 02, 2010 11:31:00 AM

डाँडीया के चक्कर में लम्बा फटका लगा है :)

गुरू समीर की संगत में रंगत बदल गई, अपनी भी.

  संजय भास्कर

Tuesday, March 02, 2010 12:50:00 PM

प्रकाश भाई को बहुत बहुत बधाई...

  संजय भास्कर

Tuesday, March 02, 2010 12:52:00 PM

ताऊ जी तुस्सी ग्रेट हो.....

संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

  Rekhaa Prahalad

Tuesday, March 02, 2010 2:41:00 PM

प्रकाश जी सहित सभी विजेताओ को हार्दिक बधाई.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Tuesday, March 02, 2010 3:14:00 PM

लगता है कि अभी तक होली और भाँग का सरूर खत्म नहीं हुआ :-)
शास्त्री जी तो यूँ लग रहे हैं कि मानो दुल्हन फेरों के बाद विदाई के इन्तजार में बैठी हो :-)
अर समीर जी के लिए तो हमने शादी डाट काम पर एक विज्ञापन भी दे दिया है-----"एक सुन्दर,सुशील,कैनेडा वासी कन्या के लिए वर की तलाश है"---दो एक रिश्ते तो अभी तक आ भी चुके हैं :-)

  अल्पना वर्मा

Tuesday, March 02, 2010 4:06:00 PM

बहुत ही बढ़िया होली पोस्ट लिखी है सन्तु जी ने!
पूरे होलिया नशे में!बहुत सुन्दर चित्र भी हैं!
***विजेताओं को इस रंग में देखना भी पसदं आया....**
सभी बहुत ही सुन्दर लग रहे हैं!
सभी विजेताओं को बहुत बहुत बधाई.
शेष रिपोर्ट कल पढने आयेंगे..

  वन्दना

Tuesday, March 02, 2010 5:08:00 PM

lagta hai badi tagdi bhang thi ........nasha ab tak utra nhi hai........sabhi vijetaon ko badhayi.

  anjana

Tuesday, March 02, 2010 5:13:00 PM

संतु जी इन सभी का ऎसा क‌ायाकल्प!!!! हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा :-)

  सुशील कुमार छौक्कर

Tuesday, March 02, 2010 6:22:00 PM

होली के ये रंग देखकर तो आनंद आ गया जी। वैसे ये संतू जी की गजब की फोटो लगाई है जी।

  सतीश सक्सेना

Tuesday, March 02, 2010 6:54:00 PM

ताऊ !
क्यों बदनाम कर रहे हो ताऊ, चम्पाकली पर हमारी निगाह कभी नहीं थी हमारा तो ध्यान कहीं और ही था ....यह जरूर किसी दोस्त का काम है जो तुम्हे हमारे खिलाफ भड़का रहा है, कनाडा वाले को कम ना समझो ताऊ, सुना है वे, तुमसे विज्ञापन के द्वारा जो कमाई हुई है उसे अकेले हड़प जाने से नाराज हैं ! हमें तो अपने प्रोडक्ट वाले कमरे की चाबी चाहिए थी जो तुमने देने को सफाई से मना कर दिया था मगर हमारी दोस्ती पर भरोसा रखो !
राम राम !
तुम्हारे सबसे ख़ास दोस्त

  मो सम कौन ?

Tuesday, March 02, 2010 7:04:00 PM

ताऊ जी, राम राम।
हम तो आड़े भी चौरासी में फ़ंसगे, बेरा न कद कटेगी यो चौरासी।
बाकी हमने आपने ताऊ पै भरोसा सै कि इंटरनेशनल लेवल का षडयंत्र भी पुंझल नी पाड़ सकदा, फ़िर भी हनुमान चालीसा पढ़्ना ना छोडिये।
राम राम

  प्रकाश गोविन्द

Tuesday, March 02, 2010 8:23:00 PM

सभी पहेली धुरंधरों को जीत की बधाई और होली की शुभ कामनाएं !

भंग की तरंग ने क्या समा बाँधा है .......वाह
सारे ब्लागर्स का कायाकल्प देखकर हंसी आ रही है ! बस एक होली के मस्ती भरे गीत की कमी खल रही है !
-
-
-
होली तो एक प्रतीक मात्र है -- मन के तरंग की जो कभी ख़त्म नहीं होनी चाहिए

बाकी के प्रतिभागियों से मिलने अब कल आता हूँ !

  काजल कुमार Kajal Kumar

Tuesday, March 02, 2010 8:59:00 PM

आज तो विजेताओं को पहचान पाना ही मुश्किल हो गया :) होली की फुल रंगत में

  राज भाटिय़ा

Tuesday, March 02, 2010 9:10:00 PM

अरे ताऊ..... ताऊ की भैंस चंपाकली को तो झोटा भगा ले गया, उसे प्यार हो गया था , यह सब तेरी गलती है, ओर शक हम पर कर रहा है, वो गोरा करने वाली क्रीम के कारण यह सब हुआ, हुआ युं के जब मै अपने झोटे को रेहडे से बांध कर सीमेंट लेजा रहा था तो सामने से एक सुंदर सी भेंस गोरी चिट्टी, सुंदर सुंदर नयनो वाली आ रही थी, बस मेरा झोटा तो अड गया, बहुत समझाया कि भाई ठेके दार पेसे नही देगा, अगए समय पर माल नही पहुचाया तो, तो झोटा भाई तो पता नही केसे रेहडे से निकल कर भागा ओर बोला भटिया जी हम आप के गुलाम नही, हम तो गोरी चिट्टी चंपा के गुलाम है, ओर सारा सीमेंट भी पानी मे गिर गया, अब वो सारा खर्च तो आप को देना है,
प्रकाश गोविन्द जी को बधाई!
ताऊ जी सॊ बोरी सीमेंट का सारा पेसा भेज दे

  गिरीश बिल्लोरे मुकुल अब पॉडकास्टर

Tuesday, March 02, 2010 10:39:00 PM

ताऊ मन्ने थारी आधी भैंस पसंद आ गी है,.?
भेज दे

  दिगम्बर नासवा

Wednesday, March 03, 2010 12:17:00 PM

सभी विजेताओ को हार्दिक बधाई ....

  अभिषेक ओझा

Friday, March 05, 2010 12:40:00 AM

:) अपनी फोटो देखना तो भूल ही गया था मैं !

ताऊ उवाच :-:


विजेट आपके ब्लॉग पर
www.blogvani.com

Followers