आखिर ताऊ की हिंदी चिठ्ठा चर्चा शुरु हो ही गई...

अभी कुछ समय पहले ही ताऊ और रामप्यारी ने केश वर्धक तेल, कद वर्धक तेल, भाग्य वर्धक तेल और ब्लाग हिट कराऊ एवम टिप्पणी खींचू तेल बेचना शुरु किया था पर जैसा ताऊ के साथ हमेशा होता आया है वही हुआ. यानि सब माल उधारी पर बांट दिया और रकम वापस आई नही और ताऊ की ये दुकान भी बंद होगई.

अब ताऊ और रामप्यारी ने बैठकर विचार विमर्श शुरु किया कि क्या किया जाये? महंगाई के जमाने में बिना काम धंधे गुजर बसर भी बडी मुश्किल है. संतू गधा भी अब पढ लिख कर आ चुका था सो उससे भी विचार मांगे गये. संतू आजकल ब्लाग जगत में दिन भर निर्बाध घुमता था और पढा लिखा तो था ही सो उसने अपने विचार व्यक्त किये कि - ताऊ, आजकल सबसे ज्यादा चर्चा मे है चिठ्ठों की चर्चा...

ताऊ बोला - यार संतू, यहां बात होरही है काम धंधे की और तू बीच मे ले आया ये चिठ्ठों की चर्चा का खटराग...अरे तेरे को क्या इसलिये लिखाया पढाया था कि तू दिन भर बैठा यहां ब्लाग पढता रहे और हिरोगिरी करके हमारी छाती पर मूंग दलता रहे? अरे नामाकूल..तुझे पढा दिया..लिखा दिया...अब कुछ कमा कर बता...

संतू बोला - ताऊ...कूल डाऊन...कूल डाऊन..मेरे पास एक बहुत ही जबरदस्त आईडिया है कमाने का...

ताऊ जबरदस्त आईडिये के नाम पर तुरंत ही बीच में बोल पडा - अरे जल्दी बता...जल्दी बता...

संतू गधा बोला - ताऊ..वेट..वेट...आई एम गोइंग टू टेल यू... द होल प्लान...यू नो...?

ताऊ बोला - अरे सुसरी के...जल्दी बता...यो तेरी अंगरेजी बात मे झाड लेना...

और संतू ने सारा प्लान ताऊ और रामप्यारी को समझा दिया. उसी अनुसार अब ताऊ ने निम्न बिजनेस करना तय किया .


प्यारे बहणों और भाईयों, भतीजियों और भतीजो आप सबको ताऊ परिवार की तरफ़ से नमस्ते.

मुझे यह जानकर बडा दुख हो रहा है कि आज कल चारों तरफ़ चिठ्ठों की चर्चा के नाम पर हा हा कार मचा हुआ है. चारों तरफ़ जिधर देखो..ले चर्चा..दे चर्चा...दनादन चर्चा...फ़टाफ़ट चर्चा...घमासान चर्चा...कपडे फ़ाडू चर्चा...कान पकाऊ चर्चा...असली चर्चा...नकली चर्चा...पुरातन चर्चा..आदि-पुरातन चर्चा... चर्चा ही चर्चा...बतर्ज रिश्ते ही रिश्ते...इत्यादि इत्यादि...विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं?

पर क्या आपने ध्यान दिया कि आपकी पोस्ट की चर्चा इन चर्चाओं में होने के बावजूद भी कभी हिट हुई क्या? नही ना...तो इसका मतलब साफ़ है कि फ़ोकट मे की गई किसी भी चर्चा से कोई फ़ायदा नही होता. और फ़ायदे की उम्मीद में वहां जाकर आपको नियमित रुप से टिप्पणी करने का नुक्सान रोज रोज होता है. इसे कहते हैं "सस्ता रोवे बारबार और महंगा रोवे एक बार."

तो अब आप ये जरुर पूछेंगे कि कि ताऊ...ये एक बार रोने का कौन सा फ़ार्मुला है? तो बहणों और भाईयो...अब चिंता की कोई बात नही है. अब ताऊ पेश करते हैं...पेड चर्चा...यानि बिल्कुल प्रोफ़ेशनल चर्चा...पहली बार...और ये हिंदी ब्लाग जगत में पहली बार होने जारहा है....बिल्कुल अनुभवी और विषय की समझ रखने वाले चर्चाकारों द्वारा.

अनुभवी चर्चाकार श्री संतू गधेडा जी


तो अब प्रस्तुत है....हमारी यह चर्चा स्कीम....इसमे सबसे पहले हम आपको मिलवाते हैं हमारे जिनियस और एक बार कुयें मे गिरकर बाहर निकल चुके अनुभवी चर्चा कार श्री संतराज गर्दभराज उर्फ़ संतू गधेडा जी से....आईये संतराज गर्दभराज जी..आपका स्वागत है.....

वरिष्ठ चर्चाकारा मिस.रामप्यारी


और हमारी दूसरी चर्चाकार मिस. रामप्यारी को तो आप जानते ही हैं...इनका आपसे क्या तार्रुफ़ करवाऊं? ये किसी परिचय की मोहताज नही हैं....असल मे इस चर्चा कंपनी के सारे सुत्र इन्ही के हाथों मे रहेंगे...और कुछ खास मौको पर ये भी चर्चा को नये आयाम और कलेवर प्रदान करेंगी....तो आईये मिस. रामप्यारी जी..आपका स्वागत है..इस चर्चा कंपनी में...

स्टार चर्चाकार : डाँ. झटका


और अब मिलिये हमारे स्टार चर्चाकार डाँ. झटका जी से! डाक्टर झटका को ताऊजी डाट काम पर काम करने का वृहद अनुभव है. जिन लोगों को ताऊजी डाट काम पर डाक्टर साहब से वास्ता पडा है वो भलिभांति जानते हैं कि डाक्टर झटका टिप्पणी खींचने मे माहिर हैं. उनको इस कला मे महारत हासिल है. डाक्टर साहब के द्वारा की गई चर्चा पर १०१ टिप्पणी कम से कम आने की ग्यारंटी दी जायेगी.

सामान्य चर्चा के रेट :-


१.शाम की प्राईम टाईम चर्चा के रेट :-

रु. १११.११ पैसा प्रति लाईन.

प्रत्येक अगली लाईन रु ९९.९९ पैसा प्रति लाईन.

( सात पोस्ट की बुकिंग पर २२ प्रतिशत का डिस्काऊंट)

( २५ पोस्ट की की बुकिंग पर ताऊ टिप्पणी खींचू तेल खुदरा मुल्य रु २५००/= की एक बोतल फ़्री)

२. सुबह की चर्चा में :-

उपरोक्त दरों मे २० प्रतिशत का स्पेशल डिस्काऊंट दिया जायेगा.

3. एक मुश्त एक साल की चर्चा का कंट्रेक्ट करने के लिये आप संपर्क कर सकते हैं. विशेष डिस्काऊंट की व्यवस्था है.


स्पेशियल चर्चा के रेट :-


१. हमारे यहां स्पेशल चर्चा की विशेष व्यवस्था की गई है. जैसे की किसी दूसरे की पोस्ट की छीछालेदर करना. आप जिस किसी की भी पोस्ट की मिट्टी खराब करवाना चाहेंगे, और जिस तरह चाहें...हमारे चर्चाकार आपके इशारे पर करेंगे...इस सेवा के रेट होंगे रु. २५००/= प्रति पोस्ट. इसमें कोई डिस्काऊंट नही दिया जायेगा.

२. आपकी खुद की पोस्ट की स्पेशल चर्चा ..यानि कि उस चर्चा मे सिर्फ़ आपकी ही तारीफ़ के कसीदे हमारे चर्चा कार निकालेंगे...रेट है रु. २७५०/= प्रति दो पोस्ट...साथ मे ताऊ टिप्पणी खींचू तेल की बोतल फ़्री...

जो भी छ माह का इकठ्ठा पेकेज लेगा उसको ताऊ तेल का एक सेट मुफ़्त दिया जायेगा जिसका न्युनतम खुदरा मूल्य है रु. १०,०००/=

छ माह के पेकेज पर यह रु.१०,०००/= मूल्य का सेट फ़्री दिया जायेगा!


हमारे द्वारा हमारी चिठ्ठा चर्चा का टी.वी. विज्ञापन भी शुरु किया जायेगा. आपकी पोस्ट का ताऊ टी.वी. पर भी न्युनतम सेवा शुल्क पर प्रचार किया जा सकता है.

आपके खर्च पर आपकी पसंद के चर्चाकारों को भी बुलवाया जा सकता है. समस्त खर्चे की जिम्मेदारी आप पर होगी.

हमारे द्वारा की गई पोस्ट चर्चा को हम न्युनतम मूल्य पर मामा मारीचों और सुर्पणखांओं से बचाने के लिये विशेष कवर प्रदान करते हैं. जिससे आप चैन की नींद सो सकें.

तो आईये और तुरंत बुक करवाईये आपकी पोस्ट की चर्चा...और बन जाईये सुपरहिट पोस्ट के मालिक...फ़िर मत कहियेगा कि आपको खबर नही की थी...

ताऊ हिंदी ब्लाग चर्चा कंपनी को अनुभव हीन चर्चा कारों की आवश्यकता है कृपया बिना प्रोफ़ाईल के मिलें. आपको अपने खर्चे पर ट्रेनिंग दी जायेगी. सफ़लता पूर्वक ट्रेनिंग पूरी करने पर आपको ब्लाग चर्चा का लायसेंस प्रदान किया जावेगा. जोब दिलाने की शत प्रतिशत गारंटी दी जाती है. विस्तृत जानकारी के लिये प्रत्यक्ष मिलें.

(निर्मल हास्य.....कोई कलेजे पे ना ले... जारी रहेगा!)

45 comments:

  Udan Tashtari

Thursday, February 04, 2010 5:40:00 AM

चर्चाकार की जगह खाली हो तो बताना भाई..थोड़ा बहुत अनुभव भी है. :)

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Thursday, February 04, 2010 5:41:00 AM

चलो किसी ने तो हिन्दी ब्लाग पर पेड काम शुरू किया।

  अविनाश वाचस्पति

Thursday, February 04, 2010 5:45:00 AM

आपने तो कलेजा चीरकर रख दिया
अब उस पर लेने लायक बचा ही क्‍या ?

  अविनाश वाचस्पति

Thursday, February 04, 2010 6:05:00 AM

कलेजे पर तो लेना ही पड़ेगा
हम तो ड्राफ्ट बनवाने के लिए
ढूंढ रहे थे पता
जो है लापता
नीचे लिखा मिला
हास्‍य व्‍यंग्‍य
यह तो ठीक है
पर ड्राफ्ट किसके नाम बनवायें
या उस पर पाने वाले की जगह
हास्‍य व्‍यंग्‍य लिखवायें
और कौन से बैंक का भिजवायें
या ऑनलाईन की भी है व्‍यवस्‍था
चर्चा सुलगाने की इससे बेहतर
नहीं हो सकती कोई भी व्‍यवस्‍था।

  'अदा'

Thursday, February 04, 2010 6:22:00 AM

चलिए ई बहुत बढियां रहा...
देखते हैं ..आज नहीं तो कल हमहूँ गंहकी बनबे करेंगे... :):)

  Arvind Mishra

Thursday, February 04, 2010 7:10:00 AM

बजरिये एक चिटठा चर्चा यहाँ पहुंचा हूँ -रेट ज्यादा लग रहे हैं महराज .
हिन्दी ब्लागरों की दरिद्रता पर जरा गौर फरमाए -यहाँ नहुत कम खाए पीये अघाए लोग है जो खुद
चिट्ठाचर्चा कर रहे हैं -गरीब गुरुबों का ख्याल रख ताऊ ! और महिलाओं के लिए कौनो कंसेसन भी नहीं रखा.
ऊ चिट्ठाचर्चा पर तो उनके लिए विशेष निःशुल्क पॅकेज भी है .

  वाणी गीत

Thursday, February 04, 2010 7:53:00 AM

ताऊ जी ....बहुत नाइंसाफी है ये ...बेचारे गरीब कहाँ जायेंगे अपना चिटठा लेकर ...:)

  Devendra

Thursday, February 04, 2010 8:11:00 AM

हा हा हा ...
ऐसे ब्लॉग और ऐसे पोस्ट न हो तो आदमी कम्पूटर बहुत जल्दी बंद कर दे.
..यह पोस्ट तो मस्तिष्क के लिए मेवा-बादाम है.

  Raviratlami

Thursday, February 04, 2010 8:31:00 AM

ग्रेट :) मौलिक पोस्ट.
कोई लाइफटाइम स्कीम हो तो बताइए, हम पहले ग्राहक बनेंगे फिर आपके!

और, बधाई व शुभकामनाएँ!

  Ratan Singh Shekhawat

Thursday, February 04, 2010 8:43:00 AM

वाह ताऊ श्री !
क्या कमाल का आइडिया लाते है आप | ताऊ पत्रिका पर तो हास्य के नित नए विषयों पर पढ़कर मजा आ जाता | इन हास्य रचनाओं के बिना तो ब्लोग्स पढना बोरियत सा लगता है |
आपके ये हास्य लेख नीरसता में रस घोल देते है |

  makrand

Thursday, February 04, 2010 9:08:00 AM

ताऊ हिंदी ब्लाग चर्चा कंपनी को अनुभव हीन चर्चा कारों की आवश्यकता है कृपया बिना प्रोफ़ाईल के मिलें. आपको अपने खर्चे पर ट्रेनिंग दी जायेगी. सफ़लता पूर्वक ट्रेनिंग पूरी करने पर आपको ब्लाग चर्चा का लायसेंस प्रदान किया जावेगा. जोब दिलाने की शत प्रतिशत गारंटी दी जाती है. विस्तृत जानकारी के लिये प्रत्यक्ष मिलें.

ताऊजी आपका पता तो बताईये कि ट्रेणिंग के लिये रुबरु आकर कहां मिलना है?

आज तो वाकई सुपर, डुपर और ट्रुपर हिट पोस्ट है. बहुत जोरदार.

  ललित शर्मा

Thursday, February 04, 2010 9:12:00 AM

हो गई एक नई चर्चा की शुरुवात
अब चर्चा चर्चा चलने दो दिन-रात
संतु गधा रामप्यारी डॉक्टर झटका
नित-नित लगाएंगे चर्चा का तड़का

आपको घणी-घणी-बधाई
खबर है घणी-घणी-सुखदाई

  दीपक "तिवारी साहब"

Thursday, February 04, 2010 10:58:00 AM

रेट कुछ कम किये जाने की दर्खास्त है.:)

बहुत जोरदार और निर्मल हास्य.

  Hiral

Thursday, February 04, 2010 10:59:00 AM

hamko ek keshvardhak tel ki bottle chahiye.

nice.

  sangeeta swarup

Thursday, February 04, 2010 11:02:00 AM

ब्लॉग लिखने वालों कि नब्ज़ पकड़ रहे हैं....बढ़िया हास्य - व्यंग....

  निर्मला कपिला

Thursday, February 04, 2010 1:11:00 PM

ताऊ इसमे किसी एजेन्ट के लिये भी जगह रखें 1टिप्पणी कार को लाने वाले को कितनी छूट मिलेगी मैं एजेन्ट का काम कर लूँगी| magar pahale munaafaa tay ho raam raam

  MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर

Thursday, February 04, 2010 1:37:00 PM

HUMKO Bhool Naa Jana... HUM BHI HAI Khaali.......

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Thursday, February 04, 2010 2:21:00 PM

गधे का आँख मार कर हमें पटाना अच्छा लगा!
इन दामों मे तो चर्चा कोई बुरी नही है।

बहुत-बहुत स्वागत और बधाई!

  प्रिया सिंह

Thursday, February 04, 2010 2:50:00 PM

bahut kamal ka vyang hai.

  makrand

Thursday, February 04, 2010 2:55:00 PM

हमारे स्टार चर्चाकार डाँ. झटका जी से! डाक्टर झटका को ताऊजी डाट काम पर काम करने का वृहद अनुभव है. जिन लोगों को ताऊजी डाट काम पर डाक्टर साहब से वास्ता पडा है वो भलिभांति जानते हैं कि डाक्टर झटका टिप्पणी खींचने मे माहिर हैं.

ये अभी वापस आकर पढा मैने...

जय हो डाक्टर झटका की तो ..सभी जानते हैं इनको...:) मुझे ही सबसे ज्यादा तपाया है इस डाक्टर ने वहां. अब यहां भी आ धमका?

  makrand

Thursday, February 04, 2010 2:55:00 PM

हमारे स्टार चर्चाकार डाँ. झटका जी से! डाक्टर झटका को ताऊजी डाट काम पर काम करने का वृहद अनुभव है. जिन लोगों को ताऊजी डाट काम पर डाक्टर साहब से वास्ता पडा है वो भलिभांति जानते हैं कि डाक्टर झटका टिप्पणी खींचने मे माहिर हैं.

ये अभी वापस आकर पढा मैने...

जय हो डाक्टर झटका की तो ..सभी जानते हैं इनको...:) मुझे ही सबसे ज्यादा तपाया है इस डाक्टर ने वहां. अब यहां भी आ धमका?

  लालों के लाल....इंदौरीलाल

Thursday, February 04, 2010 2:56:00 PM

बहुत चकाच्क पोस्ट है ताऊ...आनंद आगया..

  सिद्ध बाबा बालकनाथ त्रिकालज्ञ

Thursday, February 04, 2010 2:58:00 PM

हमे भी ट्रेनिंग चाहिये..बाबागिरी नही चलती है...क्या पता चर्चाकार के रुप मे ही चल निकलें?:)

  मृणालिनी

Thursday, February 04, 2010 2:59:00 PM

बहुत मजेदार वाकया...केश वर्धक तेल और कद बढाऊ तेल कहां मिलेगा?

  भूतनाथ

Thursday, February 04, 2010 3:00:00 PM

yah to lajavab post hai... majedar

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Thursday, February 04, 2010 3:04:00 PM

ताऊ हमारी तो एक साल की बुकिंग कर दीजिए...लेकिन पहले ही बता दिरूँ कि पैसे वैसे कोणी मारे धोरै. हम तो फोकट के ग्राहक हैं :)

  दिगम्बर नासवा

Thursday, February 04, 2010 3:28:00 PM

भाई १० पार्सेंट हमको भी दे देना ,,,,,,,,,,,,, हर चर्चा पर टिप्पणी देने हाँ भी आ जाएँगे ..... चर्चा पर वाह ... वाह ..... भी करने ...

  मीत

Thursday, February 04, 2010 3:31:00 PM

क्या कहने ताऊ बिजिनेस जोरों पर है...
मीत

  अल्पना वर्मा

Thursday, February 04, 2010 3:36:00 PM

:) ek aur charcha...wo bhi paid!
..discount offers bhi!!
bahut badhiya idea hai...
Nayaab ,lajawab!!!!

all the best!

  shikha varshney

Thursday, February 04, 2010 3:44:00 PM

bahut mahangi dukan hai bhai.

  Mishra Pankaj

Thursday, February 04, 2010 5:22:00 PM

मै अपने पुरे होशो-हवाश में संतू गधे को अपने ब्लॉग की चर्चा करने के लिए एक लाख रुपये अदा करने का वचन देता हु :)
वाह जी वाह चर्चा भी और कमाई भी 1

  नीरज गोस्वामी

Thursday, February 04, 2010 6:30:00 PM

आपने संतू गधेडा जी जैसे महान रचनाकार साहित्यकार आलोचनाकार को चिठ्ठा चर्चा जैसे तुच्छ कार्य के लिए मना लिया है ये आपके ही बस की बात थी. उनकी लेखनी से जिस चिठ्ठाकार की चर्चा हो गयी समझो उसका चिठ्ठा गया गंगा जी में...बतर्ज़े 'तुम जिस पे नज़र डालो उस दिल का खुदा हाफ़िज़'
आपने जो फीस निर्धारित की है वो गधेड़ा जैसों की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है...मेरे हिसाब से आप फीस में चार शून्य की बढ़ोतरी और करें तब कहीं थोड़ी सी बात बनेगी...जैसे 2500 की जगह 2500,00,00 करें...बाकि आगे आपकी मर्ज़ी आपके फायदे से मुझे कौनसा कमीशन मिलने वाला है...(मिलने वाला है क्या)
नीरज

  Parul

Thursday, February 04, 2010 6:31:00 PM

aapki charcha blog ki galiyon mein hai..reha kharche ka sawaal to sochna padega... :)

  भारतीय नागरिक - Indian Citizen

Thursday, February 04, 2010 7:03:00 PM

फ्रेंचाईजी देने के बारे में क्या खयाल है?

  डा. अमर कुमार

Thursday, February 04, 2010 7:52:00 PM


ताऊ श्री, राम राम.. आपके इस सार्थक पहल पर अपुन को बड़ा हर्ष है,
ताऊ यदि आपका फटेहाल-बैंक में खाता हो तो नम्बर दे दें, पईसा जमा करा देंगे ।
यदि न हो तो बता दें, ताकि मैं अपने स्विस ऍकाउँट से कँगला हुँडी का जुगाड़ कर लूँ ।
मैं सँतू गधेड़ा को ट्यूशन पढ़ा चुका हूँ, कहियेगा गुरु को भरसक छूट देने का प्रयास करे !



ताऊ जी ध्यान दें :
मॉडरेशन के बावज़ूद मैं वर्ष में एक टिप्पणी देने का अपना वादा निभा रैय्या हूँ !

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

Thursday, February 04, 2010 8:04:00 PM

चलिये इतने भारी भरकम काम के लिये मेरी जरूरत तो पड़ेगी ही। आज ही टिकट रिजर्व करवाता हूं।

  हिमांशु । Himanshu

Thursday, February 04, 2010 8:17:00 PM

जबर्दस्त ! यह लिखावट ही तो विशेषता है ताऊ की !

  RAJNISH PARIHAR

Thursday, February 04, 2010 8:52:00 PM

बहुत-बहुत स्वागत और बधाई!..बढ़िया हास्य - व्यंग....

  डॉ. मनोज मिश्र

Thursday, February 04, 2010 9:55:00 PM

चलिए यह काम अच्छा शुरू हुआ ,बधाई ताऊ जी.

  दीपक 'मशाल'

Thursday, February 04, 2010 11:17:00 PM

ye bhi khoob rahi ha.. ha.. ha..
Jai Hind...

  मो सम कौन ?

Friday, February 05, 2010 12:29:00 AM

ताऊ जी महाराज, इस काम में भी घाटा ही खाओगे, जब तक भाटियाजी का और कनाडा वाले सी.ए.साहब का पिछला हिसाब क्लियर नहीं करोगे, फ़ायदा होने का नहीं। लेकिन आपका भी हमें पता है, मानने वाले तो हो नहीं, शुभकामनायें।

  संजय भास्कर

Friday, February 05, 2010 4:48:00 PM

बहुत जोरदार और निर्मल हास्य.

  संजय भास्कर

Friday, February 05, 2010 4:49:00 PM

tau visit my new post..........
ram ram ji......

  बवाल

Saturday, February 06, 2010 10:20:00 AM

हा हा मज़ा आ गया ताऊ।

  Suman

Sunday, February 07, 2010 7:46:00 PM

nice

ताऊ उवाच :-:


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