सियाचिन में ब्लॉगर मिलन का आमंत्रण : ऊँचे लोग ऊँची पसंद

अभी पिछले सप्ताह ही श्री गोदियाल जी ने एक बडी ही पर उपकारक पोस्ट लिखी वजन घटाना है तो ऊँचे पहाड़ो पर जाइए ! बस तबसे ही हमको ऊंचे पहाडो पर जाने की सूझ गई.

बातों बातों मे गोदियाल जी ने सुझाव दिया कि क्यों ना ब्लागर्स के लिये सियाचिन में एक मिलन समारोह रखवा दिया जाये? हमको भी आईडिया अच्छा लगा. तो हम यह ब्लागर मिलन समारोह हिमालय के उतुंग शिविरों पर करवाने की घोषणा कर रहे हैं. वहां पर निर्माण कार्य यानि अस्थायी ब्लागर गांव का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है.

हिमालय की इन सुरम्य घाटियों मे ब्लागर गांव का निर्माण शुरु कर दिया गया है!


ब्लागर मिलन समारोह, कुछ प्राथमिक बातें


यह शिविर इतनी ऊंचाई पर इस लिये रखा है कि आजकल मोटापे की समस्या बहुत ज्यादा है. और चूंकी ब्लागर्स में इस समस्या की अधिकता देखी जारही है तो ब्लागर भाई बहनों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु यह शिविर आयोजित किया गया है. जिसमे निम्न बातों की तरफ़ आपका ध्यान आकर्षित किया जाता है.

१. मोटापे के शिकार ब्लागर्स का वजन शर्तिया घटा दिया जायेगा.

२. जो under weight हैं उनका वजन बढाने का कार्यक्रम भी रखा गया है.

३. जो संतुलित वजन वाले हैं उनको भी निराश होने की आवश्यकता नही है. उनका वजन कायम रखने का फ़ार्मुला भी वहां बताया जायेगा.

४. इस मिलन समारोह में किसी भी तरह की टांग खिंचाई नही होगी. कारण की इतनी अधिक ऊंचाई पर टांग खिंचाई करने से टांगो के टुटने का खतरा अधिक रहता है.

ब्लागर मिलन समारोह में लोगो, आवास और प्रवास के बारे में


मिलन समारोह में ये खूबसूरत सा लोगो आपके स्वागत के लिये तैयार है.


१. इस मिलन समारोह की समस्त व्यवस्थाओं का जिम्मा इस तरह दिया है. चुंकि श्री अजयकुमार झा जी को दो दो मिलन समारोह सफ़लता पुर्वक आयोजित करने का अनुभव प्राप्त है तो इस मिलन समारोह के संचालन की समस्त जिम्मेदारी उन पर रहेगी. झा जी के निर्देशन में हुये मिलन समारोह में किसी तरह की भी शिकायत कहीं से भी नही आई है. अत: कोई अन्य भाई बहन सिफ़ारिश ना करें. यह जिम्मेदारी सिर्फ़ झा जी संभालेंगे.

२. जो भी ब्लागर्स इसमे भाग लेना चाहें, उनको आधारभूत शिविर तक खुद के खर्चे पर आना होगा. आधारभूत शिविर से मुख्य शिविर तक का सफ़र श्री गोदियाल जी ने प्रायोजित किया है. यानि आधार शिविर से मुख्य शिविर तक सफ़र का समस्त इंतजाम और व्यय श्री गोदियाल जी करेंगे. अन्य भाई निवेदन ना करें

३. शिविर में आपके रहने खाने यानि आवास और खान पान का समस्त जिम्मा ताऊ रामपुरिया ने प्रायोजित किया है.अन्य भाई आवेदन ना करें.

ब्लागर मिलन समारोह में गति विधियां


१. सुबह ४ बजे आपको ऊठाकर रुह-अफ़्जा शर्बत पिलाया जायेगा, तदुपरांत नित्य कर्म से निवृत होते ही, बिना बूट्स के ४ किलोमीटर तक बर्फ़ मे दौड लगवाई जायेगी.

२. दौड से वापस आते ही आपको भेड के दूध से बनी हूई १०० ग्राम कुल्फ़ी परोसी जायेगी.

३. इसके बाद बाबाश्री समीरानंद जी आपको योग साधना करवायेंगे.

४. इसके बाद आप संचार तंबू मे जाकर दो घंटे ब्लागिंग कर सकेंगे. लेकिन आप शिविर से संबंधित समाचार टेलीकास्ट नही कर सकेंगे. समाचार टेलिकास्ट का एकाधिकार श्री अरविंद मिश्र को दिया गया है. शिविर की समस्त खबरें वो ही प्रसारित करने के लिये अधिकृत हैं.

५. इसके बाद आप तंबू मे जाकर विश्राम करेंगे. दो घंटे का विश्राम अत्यावश्यक है.

६. शाम को ४ बजे आपको नींबू की शिकंजी वितरीत की जायेगी. तदुपरांत आपकी मन मर्जी से दो घंटे आप बिता सकेंगे. इन दो घंटे मे आप चाहें तो किसी की बुराई करें...या संचार रूम में जाकर अनाम टिप्पणीयां करें...गरियाये प्रसंशियाये...आपकी मर्जी अनुसार कार्य करें...

७. ठीक शाम ६ बजे भोजन कक्ष मे पहुंचना होगा. जहां आपको ५० ग्राम गेंहूं-बाजरा-मूंग-कालीमिर्च-अजवाईन का बिना नमक वाला स्वादिष्ट दलिया और असीमीत मात्रा मे कुल्फ़ी खाने को दी जायेगी. इसके बाद आपको बिना कंबल सोने के लिये शयन स्थल में जाना होगा.

इस तरह आपका पहले ही दिन ३ से ४ किलो वजन कम हो जायेगा.

शिविर में भाग लेने के लिये प्राथमिक बातें और रजिस्ट्रेशन


मिस.रामप्यारी एक मोटी चमडी वाले के पेट और छाती पर कूद कूद कर कैट-स्केन करते हुये.

पीछे मशीन को आपरेट करते हुये मिस. श्यामप्यारी


१. मुफ़्त रजिस्ट्रेशन के लिये श्री अजय कुमार झा और श्री पी.सी.गोदियाल जी से संपर्क करके फ़ार्म प्राप्त करें.

२. सभी भाग लेने वाले ब्लागर्स को स्वास्थ्य परीक्षण खुद के खर्चे से करवाना जरुरी होगा. स्वास्थ्य जांच में सफ़ल हुये ब्लागर्स ही भाग ले सकेंगे.

३. इस ब्लागर मिलन मे भाग लेने के सभी इच्छुक साथियों से निवेदन है कि वो कैट-स्केन इत्यादि समस्त जांच करवाके अपने कागज लेकर डाँ. दराल से प्रमाणपत्र हासिल करलें. उसके बाद ही आपको आधार शिविर से उपर की यात्रा के लिये भेजा जायेगा.

४. चूंकी मामला सेहत से जुडा है इसलिये हम सिर्फ़ मिस. रामप्यारी द्वारा किया हुआ कैट-स्केन ही मान्य करेंगे. आपकी सुविधा के लिये मिस. रामप्यारी और उसकी असिस्टेंट मिस. श्याम कुमारी आधार शिविर में ही ग्राऊंड पर फ़टाफ़ट कैट-स्केन करेंगी.

५. सभी से अनुरोध है कि विलंब से बचने के लिये आप रामप्यारी मैम की कैट-स्केन की फ़ीस जमा करवा कर तुरंत कैट-स्केन के लिये बुकिंग करवा लेवें.

६. जो प्रत्याशी under weight हैं उन्हे कंपलसरी तौर पर ताऊ-वजन-बढाओ की दो कोर्स खुराक खरीद कर अभी से खानी होंगी. जिससे कि उनको उचित फ़ायदा मिल सके. आप अपने आर्डर तुरंत अभी भेजिये.

अन्य विषय:-


१. वहां पर चीनी ब्लागर्स से भी एक ब्लागर मीट रखवाने की कोशीश की जारही है. हर स्तर पर प्रयास किये जायेंगे कि चीनी ब्लागर्स के साथ भी एक कार्यशाला का आयोजन किया जा सके. इसका प्रभार श्री खुशदीप सहगल को दिया गया है.

२. इस साल का होली मिलन समारोह भी वहीं मनाया जायेगा. जिसमें एक टेपा सम्मेलन भी रखवाया जायेगा. जिसके लिये कमेटी का गठन किया जाना है. वैसे प्राथमिक कमेटी में ताऊ रामपुरिया, समीर लाल जी, पी.सी.गोदियाल जी, अजयकुमार झा जी, डाँ. दराल और खुशदीप सहगल पहले से ही हैं जो कि टेपा सम्मेलन कमेटी मे भी रहेंगे.

३. मुख्य शिविर के काम को गति प्रदान करने के लिये श्री ललित शर्मा, और श्री मिश्रा पंकज वहां पहुंच चुके हैं. और दिन रात मुख्य शिविर में ब्लागर गांव का निर्माण कार्य उनकी देख रेख में चल रहा है. इसीलिये आजकल वो दोनों यहा दिखाई नही देरहे हैं.
अंत में जरुरी सूचना:-



तेल क्रीम साबुन खुद के साथ लाना सख्त वर्जित है. ब्लागर्स मिलन स्थल पर सिर्फ़ ताऊ प्रोडक्ट ही खरीद कर काम में लेने होंगे. क्योंकि ताऊ प्रोडक्ट स्थापित प्रोडक्ट हैं जो इतनी उंची जगह पर और ठंडे मौसम में भी काम करते हैं. और एक राज की बताऊं...ताऊ प्रोडक्ट वो प्रोडक्ट हैं जिन्हें ओबामा तक ने इस्तेमाल किया है और सफलता की गारंटी के लिए देखिये:-

इस्तेमाल के पहले ताऊ ओबामा


हाय! मैं कितना काला और बिना बाल का हूं? मुझे शर्म आती है. मैं राष्ट्रपति का चुनाव कैसे जीत पाऊंगा?


इस्तेमाल के बाद ताऊ ओबामा


ओह..धन्यवाद ताऊ प्रोडक्ट्स का. सिर्फ़ १५ दिनों के इस्तेमाल से मेरे बाल काले और घने होगये! और मैं गोरा भी होगया और मेरा आत्मविश्वास बढ गया. थैंक्यु ताऊ क्रीम. और मैं चुनाव जीतकर राष्ट्रपति भी बन गया. again thankyou Taau-Cream.



देखा, इन्होंने भी गोरा होने की क्रीम एवं केश वर्धक प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया था. आप भी आजमायें, राष्ट्रपति बन जायें.

अगली पोस्ट का इंतजार किजिये!

42 comments:

  Arvind Mishra

Friday, February 12, 2010 6:16:00 AM

इस पोस्ट के अंतर्वस्तु के किन किन आयामों की चर्चा कर्रों क्या छोड़ दूं ? कितने ही महीन मोटे बात की खालों और मीन मेखलाओं से सजाई है ताऊ ने यह पोस्ट! यहाँ ओवर वेट भी है तो अंडर वेट भी ,गोरे हैं तो काले भी हैं,काले से गोरे बनाने का आश्वस्ति भरा सन्देश भी है (कई चेहरे सहसा कौध गए ...) .जमीन भी है तो आस्मां भी है ,बेस कैम्प है तो शिखर कैम्प भी ....दींन हीन हिन्दी के ब्लॉगर हैं तो शिकार पुरुष ओबामा भी .....कहाँ तक बरनू
एक शिविर का पूरा तामझाम है .सबके काम बँटे हुए ....
-उत्कृष्ट लेखन को सम्पूर्णता दिलाता कुछ छूटा भी है (जानबूझ कर ) ..वो क्या नाम है ताऊ के गधे का ,बेस कैम्प से ऊपर तक उससे सामान द्ढोने को तो कह देते और रास्ते की दो चार दुलत्तियाँ भी ....किसे ? आप जानते हो ताऊ !खान पान का मीनू मुझ जैसे ब्लॉगर जो महज एक बेड़ टी पर अपना सर्वस्व लुटाने को तैयार रहते है को केवल चिढाने के लिए है .हाँ मृत्यु शैयाएँ छूटी है और जीवन बीमा की व्यवस्था भी ...यह काम समीरलाल जी को दे दें घाट घाट पर दम तोड़ते लोगों के अनुभव हैं उनकेहा हा
और हाँ अपना उल्लू सीधा करने का मुख्य उद्येश्य तो परदे के पीछे ही नहीं सामने भी चलता ही रहा है -ताऊ प्रोडक्ट्स की बिक्री ...
ताऊ एक वर्चुअल कैंम्प हो ही जाय........और हाँ रिपोर्टिंग मैं हेई करूंगा ,,बस मेरे स्विस काटेज से सटे कुछ उनके उनके होने चाहिए ..शर्त यही रहेगी ....

  अविनाश वाचस्पति

Friday, February 12, 2010 6:36:00 AM

राष्‍ट्रपति बनने के लिए काले का महिमामंडन यहां पर किया गया है। http://www.abhivyakti-hindi.org/vyangya/2009/kale.htm पढि़एगा और आनंद अवश्‍य लीजिएगा। मतलब आप सिर्फ पढि़एगा आनंद स्‍वयंमेव खुद ब खुद आपकी हाजिरी बजाएगा। जो बिना पढ़े यहां से जाएगा। राष्‍ट्रपति तो क्‍या राष्‍ट्रपुत्र भी नहीं बन पाएगा। यह धमकी नहीं सिर्फ सच्‍चाई से परिचित करवाने का एक प्रयास भर है। शीर्षक है काले का बोलबाला और अंक है अभिव्‍यक्ति का 14 दिसम्‍बर 2009, लगे हाथ यह भी बतला दूं, वैसे जानते हैं आप, पर याद कराना जरूरी होता है कि इस दिन खाकसार का जन्‍मदिन भी है।

  अविनाश वाचस्पति

Friday, February 12, 2010 6:40:00 AM

.... अरे सियाचिन में ब्‍लॉगर मिलन के लिए शुभकामनाएं देनी तो रह गईं। अब दे रहा हूं शुभकामनाएं शुभकामनाएं शुभकामनाएं। यह मत पूछिएगा कि तीन बार क्‍यों ?
वैसे भी कोई जानना ही चाहें तो विस्‍तार में बतलाने के लिए ताऊ जी को अधिकृत किया जाता है।
'ब्‍लॉगर मिलन' के बाद 'ब्‍लॉगर न मिलें आपस में कभी' क्‍योंकि सरकार इनकी शक्ति से चिंतित हो रही है और एक अध्‍यादेश इस संबंध में जारी करने जा रही है। तब तक मिल ही लें।

  Udan Tashtari

Friday, February 12, 2010 7:08:00 AM

ये वाली क्रीम तो एक ट्रक भिजवा दो ताऊ..उसी से नहाया करुँगा. बड़ी प्रभावशाली है..साबित हो गया फोटू से. :)


योग तो खैर सिखायेंगे ही ब्लॉगर मिलन में. मस्त है.

  काजल कुमार Kajal Kumar

Friday, February 12, 2010 7:40:00 AM

माफ करना मैं भी इस मीट में नहीं आ पाउंगा..मुझे भी ज़रा नजला-जु़काम है..

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Friday, February 12, 2010 7:57:00 AM

अपनी तो पढ़ कर ही कुल्फी जम गई।

  Tarkeshwar Giri

Friday, February 12, 2010 8:32:00 AM

Ass -Pass koi Hospital hai ya nahi. jara ye bhi to bataiye

  सतीश सक्सेना

Friday, February 12, 2010 8:52:00 AM

ताऊ !
शुरुआत में तो कुछ समझ नहीं आया , आखिर में तेरे प्रोडक्ट देख कर समझ आया कि सियाचन में इन्ही को बेचने के लिए हमें फंसा रहा है ! अब तेरा ब्लाग पढ़ते पढ़ते इतनी अकल तो आ ही गयी है कि जानबूझ के न फंसे !
अजय झा और डॉ दराल जैसे भले मानुषों को भी फंसाने के चक्कर में हो , अगर यह प्रोडक्ट बिना पैसे के देना है तो बता एक फारम मैं भी भरने की सोचूं , और ऐसा नहीं है तो सबको बता दूं असली कहानी ??

राम राम !!

  डॉ. मनोज मिश्र

Friday, February 12, 2010 8:53:00 AM

यह तो अच्छा रहेगा?

  दीपक "तिवारी साहब"

Friday, February 12, 2010 8:54:00 AM

बहुत ही जोरदार लेखन, बहुत कुछ समेट लिया गया है. ताऊ, अब समझ आया की आप संतू गधे को साथ क्युं रखते हो. यहां सामान ढोने के काम तो वही आयेगा.

ब्लागर मिलन सफ़ल हो, यही शुभकामनाएं.

रामराम.

  पी.सी.गोदियाल

Friday, February 12, 2010 9:13:00 AM

"जो भी ब्लागर्स इसमे भाग लेना चाहें, उनको आधारभूत शिविर तक खुद के खर्चे पर आना होगा. आधारभूत शिविर से मुख्य शिविर तक का सफ़र श्री गोदियाल जी ने प्रायोजित किया है. यानि आधार शिविर से मुख्य शिविर तक सफ़र का समस्त इंतजाम और व्यय श्री गोदियाल जी करेंगे."


आदरणीय ताऊ जी की आज्ञा सर आँखों पर ,
इक्कीस खच्चरों की अग्रिम व्यवस्था का आश्वासन सभी पार्टिसिपेंटस को देना चाहूंगा !

  अजय कुमार झा

Friday, February 12, 2010 9:26:00 AM

हा हा हा ताऊ , पहले तो शिव रात्रि की शुभकामना और बधाई , आईये बिल्लन और संतू को लेकर आज आपको भांग का प्रसाद चखाते हैं , ये आपने सही जिम्मा दे दिया मुझे , ब्लोग्गर्स सम्मेलन , और आपने दिया है तो मान भी रहा हूं , क्योंकि मेरी तरह ही आपका भी कोई झंडा /एजेंडा नहीं है सिवाय मुहब्बत बांटने के । वर्ना सुना है कुछ लोग तो कह रहे हैं कि देखो कायर आपस में गुट बनाने के लिए बैठक रख रहे हैं , खैर इस बारे में अभी अभी किसी ने बताया कि शब्दों के नए अर्थ बन रहे हैं , जो खुल कर मिल रहे हैं उन्हें कायर कहा जा रहा है , और बहादुर उनके मिलने के बाद घर में बैठ कर कायर कायर शोर मचा रहे हैं
अजय कुमार झा

  निर्मला कपिला

Friday, February 12, 2010 9:46:00 AM

ताऊ रजिस्ट्रेशन तभी करवाऊँगी अगर वापिस आने की गारंटी हो। दूसरी बात अगर पतली न हुयी तो? क्या महिलाओं के लिये कोई खास व्यवस्था है वहाँ । मतलव एक आध तो ढेर हो ही जायेगी। आज कल इन काम वालियों ने इतना आराम प्रस्त बना दिया है कि आप इतनी उँचाई पर कहते हैं यहां तो चार सीढियाँ चढनी पड जायें तो साँप सूँघ जाता है इस लिये हमारे लिये खास इन्तज़ाम करें नही तो हम आन्दोलन छेड देंगे। काले को तो गोरा कर दोगे गोरे कहीं काले तो नही हो जायेंगे आपका ये दलिया खा कर? राम राम मेरे प्रश्नो का उत्तर चाहिये तभी जाऊँगी। हा हा हा

  sangeeta swarup

Friday, February 12, 2010 9:49:00 AM

आमंत्रण ज़बरदस्त है...सोचना पड़ेगा :):)

  बी एस पाबला

Friday, February 12, 2010 10:06:00 AM

जो खुल कर मिल रहे हैं उन्हें कायर कहा जा रहा है , और बहादुर उनके मिलने के बाद घर में बैठ कर कायर कायर शोर मचा रहे हैं

इस टिप्पणी से सहमत।

पोस्ट के मर्म का तो क्या कहना :-)

बी एस पाबला

  दीपक "तिवारी साहब"

Friday, February 12, 2010 10:07:00 AM

शाम को ४ बजे आपको नींबू की शिकंजी वितरीत की जायेगी. तदुपरांत आपकी मन मर्जी से दो घंटे आप बिता सकेंगे. इन दो घंटे मे आप चाहें तो किसी की बुराई करें...या संचार रूम में जाकर अनाम टिप्पणीयां करें...गरियाये प्रसंशियाये...आपकी मर्जी अनुसार कार्य करें...

आहा..हा...इतनी छूट..सोचो ताऊ सोचो...क्या क्या ना होजायेगा?:) गजब कर दिया ताऊ. अभी आकर दुबारा पढा. सारी पोस्ट ही कमल की है.

  दीपक "तिवारी साहब"

Friday, February 12, 2010 10:07:00 AM

भूल सुधार :-

कमल = कमाल

पढा जाये.

  Hiral

Friday, February 12, 2010 10:10:00 AM

चूंकी मामला सेहत से जुडा है इसलिये हम सिर्फ़ मिस. रामप्यारी द्वारा किया हुआ कैट-स्केन ही मान्य करेंगे. आपकी सुविधा के लिये मिस. रामप्यारी और उसकी असिस्टेंट मिस. श्याम कुमारी आधार शिविर में ही ग्राऊंड पर फ़टाफ़ट कैट-स्केन करेंगी

vah..Cat Scan to bahut jordar tarike se kar rahi hai Rampyari aur syampyari?:) fees kya hai? ye nahi bataya?

  लालों के लाल....इंदौरीलाल

Friday, February 12, 2010 10:15:00 AM

इस साल का होली मिलन समारोह भी वहीं मनाया जायेगा. जिसमें एक टेपा सम्मेलन भी रखवाया जायेगा. जिसके लिये कमेटी का गठन किया जाना है. वैसे प्राथमिक कमेटी में ताऊ रामपुरिया, समीर लाल जी, पी.सी.गोदियाल जी, अजयकुमार झा जी, डाँ. दराल और खुशदीप सहगल पहले से ही हैं जो कि टेपा सम्मेलन कमेटी मे भी रहेंगे.

ये टेपा सम्मेलन तो उज्जैन के टेपा सम्मेलन को भी पीछे छोड देगा. इसका अध्यक्ष हमे बनादे ताऊ. सुपरहिट टेपे छांट के लायेंगे. हम भी इंदोरीलाल ऐसेई नही हैं.:)

  भारतीय नागरिक - Indian Citizen

Friday, February 12, 2010 10:34:00 AM

ताऊ, अब तो फ्रेंचाइजी दे ही डालो क्रीम, पाउडर, तेल की, मैं कितने दिनों से मांग रहा हूं.

  मुनीश ( munish )

Friday, February 12, 2010 10:57:00 AM

OOONCHE LOG OOOONCHI PASAND....LET'S TALK TO MANIKCHAND PAN MASALA FOR SPONSORSHIP !

  Vivek Rastogi

Friday, February 12, 2010 11:52:00 AM

कमाल धमाल की पोस्ट है ताऊ, हम सोच रहे हैं शायद हमारा मोटापा कम हो जाएगा और छरहरी अवस्था को प्राप्त हो जायेंगे, हम मानसिक और शारीरिक दोनों से तैयार हैं, बस जल्दी से यह आयोजन करवाईये|

  Devendra

Friday, February 12, 2010 1:03:00 PM

मैं तो जरूर आऊँगा अगर आयोजक नहीं पहुंचे तो उनके घर का दरवाजा आधीरात को खटखटाउंगा....
हा..हा...हा..हा..
..बेचैन आत्मा.

...नायाब पोस्ट के लिए आभार.

  दिगम्बर नासवा

Friday, February 12, 2010 2:34:00 PM

ताऊ राम राम ........ भाई दुबई वालों को मत भूल जाना इस ब्लॉगेर्स मीट में .... सब कुछ करवा लेंगे हम, सब बंधु जानकार हैं ..... फिर आपके प्रोडक्ट का डिस्ट्रिबूटर भी तो हूँ मैं दुबई का ....
भाई मज़ा आ गया ताऊ जी .... कमाल की पोस्ट है आज तो .... किसी को नही छोड़ा .... आपको महा-शिवरात्रि की बहुत बहुत बधाई ....

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Friday, February 12, 2010 3:34:00 PM

महाशिवरात्रि के पावन पर्व की शुभकामनाएँ!

वाह....!
तैयारी तो जबरदस्त दिखाई दे रही हैं!

शंकर जी की आई याद,
बम भोले के गूँजे नाद,
बोलो हर-हर, बम-बम..!
बोलो हर-हर, बम-बम..!!

  वन्दना

Friday, February 12, 2010 3:53:00 PM

shikanji............rooh afza ...........aur barf par daud.........raam naam satya hai ...........hahahaha

  shikha varshney

Friday, February 12, 2010 4:07:00 PM

ताऊजी ! दलिया की जगह कुछ चाट- वाट का prog हो तो सोचा जा सकता है :)

  Babli

Friday, February 12, 2010 4:11:00 PM

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें !
बहुत बढ़िया पोस्ट! अरे वाह क्या बात है ये तो कमाल का क्रीम है और फोटो से भी ये साबित हो गया की ये कितना प्रभावशाली है!

  संजय भास्कर

Friday, February 12, 2010 4:36:00 PM

हा हा हा ताऊ , पहले तो शिव रात्रि की शुभकामना और बधाई , आईये बिल्लन और संतू को लेकर आज आपको भांग का प्रसाद चखाते हैं , ये आपने सही जिम्मा दे दिया मुझे , ब्लोग्गर्स सम्मेलन , और आपने दिया है तो मान भी रहा हूं , क्योंकि मेरी तरह ही आपका भी कोई झंडा /एजेंडा नहीं है

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Friday, February 12, 2010 5:05:00 PM

ताऊ हमारी गिनती न तो मोटे लोगों में होती है और न ही पतले लोगों में...इसलिए हमारा जाना तो कैंसिल ही समझो...क्या करेंगें जाकर, हम तो यहीं ठीक हैं..हम तो यहाँ क्रियाक्रम का सामान तैयार करके बैठते हैं :)

  दिलीप कवठेकर

Friday, February 12, 2010 6:54:00 PM

सियाचिन में हो रही ब्लोगर मीट के लिये ताऊ एंड पार्टी को शुभकामनायें.

एक बात गलत है. मुझे नोर्थ केप पर जाने का अनुभव है, और मुझे इस मीट की आयोजन समिती में नहीं याद किया गया?बस अभी ईजिप्ट से वापिस आता हूं, और ताऊ के घर के सामने अनशन पर बैठता हूं.

मैंने ऐसे तंबूओं का डिज़ाईन किया है, जिसमें प्राकृतिक एयर कंडिशन लगे रहते हैं, याने गर्मी में गर्म और थंडी में थंडे..

वैसे, शाम को संगीत सभाओं के आयोजन के लिये भी बंदे को याद किजियेगा. ताऊ के गधे के साथ कोंट्रेक्ट कर लिया है, कि अगर कोई मान्यवर कलाकार नहीं आ पाया तो वही सही.

वैसे चीनी ब्लोगर मीट में डायबीटीज़ के ब्लोगर्स को शिरकत करने को मिलेगा?कोई पूछ रहा था!

  Ratan Singh Shekhawat

Friday, February 12, 2010 8:32:00 PM

ताऊ जी खाने की मीनू में दलिया की जगह बाजरा को खीचड़ो बढ़िया रेसी |

  अल्पना वर्मा

Friday, February 12, 2010 9:10:00 PM

Sammelan ki report ka intzaar rahega.
waise jabardast planning hai!

  Anil Pusadkar

Friday, February 12, 2010 9:47:00 PM

ताऊजी ब्लागर मीट मे जाना आजकल खतरों से खाली नही है।पता नही कौन किस गुट मे डाल दे।आप तो बस अपने भतीजों वाली कोल्ड प्रूफ़ काटेज मे हमे अलग से रुकवा देना,दूर से ही सब को देख लेंगे और वंही से राम-राम भी कर लेंगे याने दूर से ही।हा हा हा हा और वजन क्या घटना ताऊजी,जितना है बड़ी मुश्किल से बना है वरना कुछ लोग तो कहत ही हैं ये तो बात भी हल्की करता है।हा हा हा हा।

  Shefali Pande

Friday, February 12, 2010 9:55:00 PM

haa haa haa bahut badhiya ...siyachin me cheenee milegee kya taau?

  महफूज़ अली

Friday, February 12, 2010 10:05:00 PM

ताऊ....जी....बाकी सब तो ठीक है..... पर मेरी रामप्यारी का ख्याल ज़रूर रखियेगा.... आजकल मेरे पास टाइम कि बहुत शौटेज है... . रामप्यारी.... आई लव यू.... फिकर मत करना..... ताऊ जी हैं ना.... मैं जल्दी ही आऊंगा....

  गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल'

Friday, February 12, 2010 11:23:00 PM

ताऊ जे गलत बात ह्वै...
ब्रिगेड को रक्षा पंक्ति में भी नहीं रखा तो क्या राम-रक्षा-स्त्रोत से काम चलाओ गे आप

  मनोज कुमार

Friday, February 12, 2010 11:34:00 PM

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
इसे 13.02.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह ०६ बजे) में शामिल किया गया है।
http://chitthacharcha.blogspot.com/

  Babli

Friday, February 12, 2010 11:59:00 PM

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें!

  बवाल

Saturday, February 13, 2010 12:18:00 AM

हा हा ताऊ, आप भी ना बस कमाल ही करते हो। जहाँ न पहँचे भाऊ, वहाँ पहुँचे ताऊ।

  खुशदीप सहगल

Saturday, February 13, 2010 4:56:00 AM

चाऊ.
चाई चि चिन चिंग चे चिनेंग चिमिन चेचिइंग चाऊ चे चाई चियांग...

चय चिंग...

  नीरज मुसाफिर जाट

Sunday, February 14, 2010 9:14:00 AM

ताऊ, इब न्यू तो बता दे के सियाचिन जावेंगे कुक्कर.

ताऊ उवाच :-:


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