ताऊ पहेली - 52

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.

ताऊ पहेली अंक 52 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. पिछले अंक से कुछ सामान्य से बदलाव हुये हैं. पहला बदलाव तो यह है कि रामप्यारी यहां की बजाए अपना सवाल सुबह 8:00 बजे ही ताऊजी डाट काम पर पूछेगी. अगर आप उसके सवाल का जवाब देना चाहे तों यहां जाकर जवाब दे सकते हैं और सही जवाब देकर 30 नंबर प्राप्त कर सकते हैं.

दूसरा और महत्वपुर्ण बदलाव यह है कि अब से रामप्यारी का हिंट सिर्फ़ एक बार ही दिया जायेगा जो कि सुबह 10:00 बजे ही उसके ब्लाग पर मिलेगा. बाकी सभी नियम कानून पहले जैसे ही हैं.


यह कौन सी जगह है?


ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे


अब आप रामप्यारी के ब्लाग पर हिंट की पोस्ट सुबह दस बजे ही पढ सकते हैं! दूसरा हिंट नही दिया जायेगा.


इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा



नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग

 

नोट : – ताऊजी डाट काम  पर हर सुबह 8:00 बजे और शाम 6:00 बजे नई पहेली प्रकाशित होती हैं. यहा से जाये।

40 comments:

  Vivek Rastogi

Saturday, December 12, 2009 8:16:00 AM

अरे ये रामप्यारी कहाँ का फ़ोटू खींच लायी बड़ी मुश्किल कर दी है।

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, December 12, 2009 8:34:00 AM

10 बजे फिर आता हूं...

  ललित शर्मा

Saturday, December 12, 2009 8:34:00 AM

यो तो रिवाड़ी को "घंटा घर" दिक्खे सै।

  अविनाश वाचस्पति

Saturday, December 12, 2009 8:58:00 AM

ताऊ ने रिवाड़ी का ना है बैरा

या तो है ईंटों और सीमेंट का

बनाया हुआ लंबा ऊंचा घेरा।

  निर्मला कपिला

Saturday, December 12, 2009 9:12:00 AM

ताउ जी और रामप्यारी राम राम

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, December 12, 2009 10:09:00 AM

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश!

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, December 12, 2009 10:23:00 AM

भगवान इस बिल्डिंग को मेघालय भेज दे

  seema gupta

Saturday, December 12, 2009 10:54:00 AM

Cherrapunji
regards

  Vivek Rastogi

Saturday, December 12, 2009 11:08:00 AM

सिक्किम

  Vivek Rastogi

Saturday, December 12, 2009 11:08:00 AM

दार्जिलिंग

  सुशील कुमार छौक्कर

Saturday, December 12, 2009 11:08:00 AM

मन्ने तो नेपाल की कोई जगह लाग्गे सै।

  Vivek Rastogi

Saturday, December 12, 2009 11:08:00 AM

अरुणाचल प्रदेश

  Vivek Rastogi

Saturday, December 12, 2009 11:08:00 AM

लद्दाख

  मीत

Saturday, December 12, 2009 11:32:00 AM

चेरापूंजी
मीत

  seema gupta

Saturday, December 12, 2009 11:35:00 AM

koi war memorial hai cherrapunji ke aas pass.

regards

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, December 12, 2009 11:50:00 AM

ye jagah hai :
Meghalaya State

  वन्दना

Saturday, December 12, 2009 11:51:00 AM

dhoodhte hain.........phir aayenge.

  अल्पना वर्मा

Saturday, December 12, 2009 11:59:00 AM

नमस्कार,
आशा है आप सभी को रामप्यरी ने हिंट दे ही दिया है.
मैं भी एक हिंट दे देती हूँ.
उस ने जो तस्वीरें लगाई हैं उनमें इस राज्य के उस शहर का चित्र है जहाँ बारिशें हो रही हैं[होती रहती हैं]
-ताज़ा समाचार यह भी है की आज हमारे शहर में भी काफ़ी बूँदा बाँदी हुई.
--mukhy paheli ka chitr-इस जगह से जुड़े व्यक्ति का संबंध स्वतन्त्रता संग्राम से है.
शुभकामनाएँ,
आभार.

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, December 12, 2009 12:07:00 PM

Meghala State
Kiang Nongbah Monument

Location: Jaintia Hills District

On the banks of the Myntdu river in the Syntu Ksiar Valley on a field known as "Madiah Kmal Blai" stands a monument dedicated to Kiang Nongbah. Kiang Nongbah, a Jaintia patriot during British rule who died as a martyr for the cause of Indian liberation from British rule. The last words uttered by him from the scaffold before the public hanging on 30th Dec. 1862 had remained true. "If my face turns eastwards when I die, we shall be free again within a hundred years. If it turns westward, we shall be enslaved forever."

  blogchurchaa

Saturday, December 12, 2009 12:10:00 PM

★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★
ब्लोगचर्चा मुन्ना भाई की
★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★

♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥
ताऊ! अपुन भाई बोलरिया है.
जब से रामप्यारी ने कलटी मारी है, अपुन का दिमाग काम नही करेलीया है
जास्ती दिमाग का दही करने का नही . छुपछाप रामप्यारी को कल तक हाजिर करने का ?
क्या समझेला ? छुपछाप...... नही तो ...... समझगेयेला .
अभी अपुन तुम्ह्को रेसपेक्ट्फ़ुली राम राम ब्लोलरिया है. अपुन की बात को दिल कू नहीच लगाने का..
दिमाग को लगाने का. क्या ?
♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥

निचे चटका लगाऎ

ब्लोगचर्चा मुन्ना भाई की
हे प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई-टाईगर

  seema gupta

Saturday, December 12, 2009 12:43:00 PM

MEGHALAYA

REGARDS

  मीत

Saturday, December 12, 2009 12:44:00 PM

ये वही जगाह है जहाँ ब्रिटिश सर्कार ने एक स्वतंत्रता सेनानी को लटकाया था...
शिलोंग है शायद
मीत

  seema gupta

Saturday, December 12, 2009 12:47:00 PM

Kiang Nongbah Monument
REGARDS

  seema gupta

Saturday, December 12, 2009 12:48:00 PM

Kiang Nongbah Monument

Location: Jaintia Hills District

On the banks of the Myntdu river in the Syntu Ksiar Valley on a field known as "Madiah Kmal Blai" stands a monument dedicated to Kiang Nongbah. Kiang Nongbah, a Jaintia patriot during British rule who died as a martyr for the cause of Indian liberation from British rule. The last words uttered by him from the scaffold before the public hanging on 30th Dec. 1862 had remained true. "If my face turns eastwards when I die, we shall be free again within a hundred years. If it turns westward, we shall be enslaved forever."

REGARDS

  Vivek Rastogi

Saturday, December 12, 2009 12:53:00 PM

पांडिचेरी

  संजय बेंगाणी

Saturday, December 12, 2009 1:02:00 PM

जगह मेघालय की लग रही है.

  दिगम्बर नासवा

Saturday, December 12, 2009 2:28:00 PM

राम राम भैया जी ...... समझ नही आ रहा ......... बहुत कठिन पहेली है आज तो ............

  गौतम राजरिशी

Saturday, December 12, 2009 3:41:00 PM

ये जगह कहीं गुवाहाटी में तो नहीं ताऊ!

रामप्यारी मिशन पे...हा!हा! बढ़िया तस्वीर

  Murari Pareek

Saturday, December 12, 2009 3:50:00 PM

aaj kal samay nahi mil pataa is paheli ka time badaa bemail hai mere liyE!!

  अविनाश वाचस्पति

Saturday, December 12, 2009 4:39:00 PM

पूंजी है चेरा की

चेरापूंजी है बारिश की

सुबह पता लग जाता

तो नाम पहले नंबर पर

घनघोर बारिश की तरह

छा जाता और जाते भीग

सारे ताऊ पहेली के कुलीग।

  अविनाश वाचस्पति

Saturday, December 12, 2009 4:40:00 PM

न तेरा न मेरा

चेरा यानी पानी

पानी की पूंजी
का है डेरा।

  प्रेमलता पांडे

Saturday, December 12, 2009 5:32:00 PM

Smarak of Freedom Fighter, Jaintiya Hills, Meghalaya

  वन्दना

Saturday, December 12, 2009 6:05:00 PM

cherapunji.

  सैयद | Syed

Saturday, December 12, 2009 7:08:00 PM

हिंट ये बस यही पता चला है की ये नॉर्थ ईस्ट में कहीं का है.

  Udan Tashtari

Saturday, December 12, 2009 8:07:00 PM

शिलांग का कोई आदि ब्लॉगर है. आज तो इस पार उस पार करके मानेगा.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Sunday, December 13, 2009 2:27:00 AM

हमनै तो यो शिलाँग ही दिखे है......

  अल्पना वर्मा

Sunday, December 13, 2009 10:17:00 AM

@@@@@@@यह जगह चेरापूंजी नहीं है लेकिन उस के आस पास ही है..थोड़ा और देखीए....उसी राज्य में!
***जवाब देने का समय रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है.

  Dr. Mahesh Sinha

Sunday, December 13, 2009 12:33:00 PM

सवाल थोडा कठिन है , समय समाप्त

  ताऊ रामपुरिया

Sunday, December 13, 2009 1:10:00 PM

सूचना : इस पहेली के जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है. अब जो भी सही जवाब आयेंगे उन्हें अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे.

  अभिषेक ओझा

Monday, December 14, 2009 2:13:00 AM

उत्तर पूर्व भारत में कहीं है ! :)

ताऊ उवाच :-:


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