ताऊ गोल्डन पहेली - 50

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.

ताऊ पहेली अंक 50 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. क्ल्यु हमेशा की तरह रामप्यारी के ब्लाग से मिलेंगे. रामप्यारी के ब्लाग पर पहला क्ल्यु 11:30 बजे और दुसरा 2:30 बजे मिलेगा. रामप्यारी का जवाब अलग टिपणी में देवें. तो आईये अब आज की पहेली की तरफ़ चलते हैं.


बहनों और भाईयों, नमस्कार, मैं अल्पना वर्मा आज आपको एक मिनट यहां रोकना चाहुंगी. उपरोक्त पंक्तियां आपको इसी अंदाज मे पढते हुये यह ५० वां सप्ताह आ पहुंचा है. हमारे लिये यह अत्यंत खुशी का मौका है कि बिना किसी रुकावट के इस गोल्डन जुबिली पहेली तक का सफ़ल सफ़र हमने आपके साथ तय किया है. इस पहेली के माध्यम से हम भारत के तकरीबन प्रत्येक राज्य मे घूमे हैं. आज की पहेली की तरफ़ बढने के पुर्व आईये मैं आपको वो खूबसूरत ट्राफ़ी दिखाऊँ जिसे आपको आज जीतना है.

ताऊ गोल्डन पहेली विजेता ट्राफ़ी


तो अब आईये और ताऊ गोल्डन पहेली विजेता का खिताब जीतने के लिये नीचे के चित्र को देखकर बताईये की यह कौन सी जगह है?


यह कौन सी जगह है?

ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होता आया है. ताऊ पहेली के इस गोल्डन जुबिली पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे

अगले शनिवार से अगली पहेली के साथ कुछ फ़ेरबदल हो सकते हैं जिनकी सूचना आपको पहेली 51 के प्रकाशन से पुर्व देदी जायेगी.


अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये.

rampyari-tdc-1_thumb[2] हाय एवरी बडी..वैरी गुड मार्निंग फ़्रोम रामप्यारी.

विनम्र निवेदन : - कृपया मेरे सवाल का जवाब अलग टीपणी मे देवें. बडी मेहरवानी होगी. एक ही टिपणी मे दोनो जवाब मे से एक सही होने पर प्रकाशित नही की जा सकती और इससे आप कन्फ़्युजिया सकते हैं कि आपकी टिपणी रुकी हुई है. तो सही होगी?

रामप्यारी का गोल्डन जुबिली सवाल :-

सवाल:- वैदिक तथा पौराणिक ग्रन्थों में "चित्रशिखंडी" नाम का बहुत उल्लेख मिलता है । आपको सिर्फ ये बताना है कि निम्नलिखित में से किसके लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है ?

A. अंगिरा, अत्रि, क्रतु, मारीच, पुलत्स्य, पुलह और वशिष्ठ मे से किसी के लिये

B. क्रतु, मारीच, पुलत्स्य, पुलह और वशिष्ठ के लिये

C. ऊपर A में वर्णित सप्तऋषियों के समूह के नाम के लिये

D. उपरोक्त में से किसी के लिये नहीं.


अब आप मेरे ब्लाग पर पहली हिंट की पोस्ट पढ सकते हैं 11:30 बजे और दुसरी 2:30 बजे.

अब रामप्यारी की रामराम.


इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा



नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.


मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग

 

नोट : – ताऊजी डाट काम  पर हर शाम 6:00 बजे नई पहेली प्रकाशित होती हैं. यहा से जाये।

71 comments:

  Ratan Singh Shekhawat

Saturday, November 28, 2009 8:02:00 AM

सबसे पहले तो इस पहेली क्लास में हाजिरी लगाईं जाये ! उत्तर के लिए दिमाग लगाते है |

  Ratan Singh Shekhawat

Saturday, November 28, 2009 8:05:00 AM

हमारे लिए तो अंगूर खट्टे है | ट्राफी पाने वाले विजेता को अभी से अग्रिम बधाई :)

  Vivek Rastogi

Saturday, November 28, 2009 8:47:00 AM

ये तो मांडव का जहाज महल है।

  अजय कुमार झा

Saturday, November 28, 2009 8:50:00 AM

1.ताऊ जी और उनकी पूरी टीम को बधाई इस सफ़लता के लिए..

२. ट्राफ़ी बहुत सुंदर है और आकर्षक भी डिजाईनर को जादू की झप्पी दी जाए .

३. बिल्लन को इत्ता भारी भारी पढने से रोका जाए.....बचपन में इत्ता बोझ डालना ..उस बेचारी छोटी बिल्लन पे ..गलत बात है ...यार असली बात तो ये है कि पहले बिल्लन का जवाब देके तीस तो मिल जाते थे ..बस पासिंग मार्क्स ...मगर अब तो अंडे ही मिलने वाले हैं

४. पहेली का उत्तर क्लू मिलने के बाद भी दें दें तो हमें होशियार बच्चा ही माना जाए..

बस ..अभी इतना ही ..कुछ रह तो नहीं गया ...ऊंउंउं ....नहीं बाकी बाद में

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 8:54:00 AM

ranthambore fort
regards

  Vivek Rastogi

Saturday, November 28, 2009 8:54:00 AM

चित्रशिखंडी सप्तऋषियों के समूह को बोला जाता है याने कि रामप्यारी का उत्तर C

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

Saturday, November 28, 2009 8:58:00 AM

अलख निरंजन
बच्चा!ये हमारे धुणे की फ़ोटो आज पहेली मे लगा दी चलो कोई बात नही, शठाश्रम का भी प्रचार होणा चाहिए।
और ये चित्र शिखंडी नाम तो हमने पहली बार सुणा है, और जो ये नाम दे रक्खे हैं ये तो हमारे पुर्वजों के है, सबके पत्नियां थी बच्चे भी थे फ़िर शिखंडी शोध का विषय है।
"मरिचिअत्रिभगवानअंगिरापुल्हक्रतु
पुल्स्त्सवशिष्ठश्च सप्तैते ब्राहम्णा सुता:" यह वर्णन आया है, आगे देख के बताते हैं।
50 वीं पहेली की बधाई
अलख निरंजन

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Saturday, November 28, 2009 9:01:00 AM

जहाज महल मांडू, मध्यप्रदेश।

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Saturday, November 28, 2009 9:08:00 AM

ताऊ जी! को पहेली अर्धशतक के लिए घणी घणी बधाई!
ट्रॉफी घणी सुहाणी छे! लार तो टपक री छे। पण पहेली ताईं फूगमाँ में ही बेर होगी।

  Udan Tashtari

Saturday, November 28, 2009 9:20:00 AM

हम तो भयंकर बधाई और शुभकामनाएँ देने आये हैं. जीत की कोई अभिलाषा नहीं..सबूत के तौर जानते हुए भी जबाब नहीं दे रहे...


:)

अच्छा, हमारी रामप्यारी को इस मौके पर नई फ्राक दिलवाई जाये वरना हड़ताल की जायेगी रतन सिंग जी आमरण अनशन पर बैठेंगे हमारी पार्टी की तरफ से....

  प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI

Saturday, November 28, 2009 9:23:00 AM

इस विशेषांक की बधाई!!
ट्राफी तो अच्छी है सो अच्छी दिखेगी ही!

बाकि अपने अजय झा जी ने सब कह ही दिया है ...... सो हम क्या कहें ?

वैसे हम आप सभी की निरंतरता के कायल हैं ....... खासकर तब जब इतनी बड़ी टीम हो ?

  M VERMA

Saturday, November 28, 2009 9:24:00 AM

Bhool Bhulaiya - Lucknow

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 9:39:00 AM

bidar fort

regards

  रंजन

Saturday, November 28, 2009 9:39:00 AM

दिल्ली का पुराना किला लग रहा है..

  अविनाश वाचस्पति

Saturday, November 28, 2009 9:51:00 AM

विशेषांक के लिए विशेष बधाई
और यह दिल्‍ली है मेरे भाई
जहां आजकल ओढ़ी जा रही है रजाई
वैसे सर्दी इतनी ज्‍यादा नहीं है अभी आई

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 9:55:00 AM

अंगिरा ,अत्रि .क्रतु , मारीचि, पुलस्र्य , पुलह और वसिष्ठ नामक सप्तऋषि "चित्रशिखंडी" कहलाते है

regards

  ललित शर्मा

Saturday, November 28, 2009 10:07:00 AM

ताऊ जी ओर अल्पना जी नै राम-राम, पचासवीं पहेली की आमद पै, द्विवेदी जी की नाई म्हाने भी पूगमाँ मै ही बेर होय्गी, नही तो या ट्राफ़ी हमनै ही मिलती। हार्दिक बधाई

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, November 28, 2009 10:13:00 AM

Jahaz Mahal - mandu - madhya pradesh

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 10:14:00 AM

http://1.bp.blogspot.com/_vEMCQWQ3gQE/SZa5yoUC1kI/AAAAAAAAA4s/zCp29qsEAko/s320/mandu1.JPG
ye rha link rani

regards

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 10:14:00 AM

fort in mandu

regards

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 10:17:00 AM

Mandu FortMandu, or Mandogarh, is a ruined city in the Dhar district in the Malwa region of western Madhya Pradesh state. This fortress town on a rocky outcrop about 100 km (60 miles) from Indore. Mandu celebrates in stone the life and love of the poet-prince Baz Bahadur for his consort, Rani Roopmati. The balladeers of Malwa still sing of the romance of these royal lovers. High on the crest of a hill, Rani Roopmati's pavilion gazes down at Baz Bahadur's palace, a magnificent expression of Afgan architecture.Rani Rupmati Pavilion at Mandu city is situated at an elevation of 633 metres (2079 feet) and extends for 13 km (8 miles) along the crest of the Vindhya Range, overlooking the plateau of Malwa to the north and the valley of the Narmada River to the south.
regards

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 10:19:00 AM

rani roopmati mahal mandu

regards

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, November 28, 2009 10:23:00 AM

रामप्यारी, देखो भई ऐसा है कि तुम्हारी और मेरी राषि मेल नहीं खाती..तुम्हारी गाड़ी में बस रिवर्स गियर है और मेरी गाड़ी में केवल फ़ावर्ड... इसीलिए मैं आज भी (हमेशा की ही तरह )तुम्हारे सवाल का जवाब नहीं दे सकता अलबत्ता तुम्हें भी ईद मुबारक़ और, पहेली की गोल्डन जुबली पर बल्ले-बल्ले...

चलते चलते ...तुम्हारे इतने मुश्किल सवाल के बदले मैं तुम्हें एक आसान चुटकुला सुनाता चलूं:-
प्रश्न -"कुछ बिल्लियां काली क्यों होती हैं ?"
उत्तर -"पता नहीं."

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, November 28, 2009 10:23:00 AM

This comment has been removed by the author.
  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 10:23:00 AM

यह है जहाज महल mandu
final answer
regards

  Nirmla Kapila

Saturday, November 28, 2009 10:25:00 AM

ताऊ जी जी राम राम हाजरी लगा लें

  seema gupta

Saturday, November 28, 2009 10:28:00 AM

जहाज महल शानदार आर्किटेक्चर की मिसाल एक जहाज के आकार का है।
यह दो मंजिला इमारत एक समय में अफगान शासकों द्वारा हरम के तौर पर उपयोग की जाती थी। यहां आज बड़े-बड़े हॉल, स्नान का बड़ा सा अहाता है। यह तकरीबन 120 मीटर लंबा है और इसमें 12 दरवाजे हैं। इनमें सबसे ज्यादा देखने लायक दिल्ली दरवाजा है।

regards

  Udan Tashtari

Saturday, November 28, 2009 10:30:00 AM

रामप्यारी..ओ प्यारी ..ये ले तेरा जबाब:

A. अंगिरा, अत्रि, क्रतु, मारीच, पुलत्स्य, पुलह और वशिष्ठ मे से किसी के लिये

  Udan Tashtari

Saturday, November 28, 2009 10:31:00 AM

C. ऊपर A में वर्णित सप्तऋषियों के समूह के नाम के लिये

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, November 28, 2009 10:54:00 AM

congratulations for the golden jubilee paheli taau!

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, November 28, 2009 10:54:00 AM

Rampyari ka jawab :

C.
ऊपर A में वर्णित सप्तऋषियों के समूह के नाम के लिये

  अन्तर सोहिल

Saturday, November 28, 2009 11:01:00 AM

समीर जी

भंयकर बधाई कैसे क्या होती है:)

  अन्तर सोहिल

Saturday, November 28, 2009 11:01:00 AM

राम-राम जी

हिंट की पोस्ट आने पर कोशिश करेंगें जी
जवाब देने की

  अन्तर सोहिल

Saturday, November 28, 2009 11:02:00 AM

रामप्यारी आज तो तेरे कारण हम गंजे हो जायेंगें

सिर खुजा-खुजा कर

  वन्दना

Saturday, November 28, 2009 11:18:00 AM

golden jubilee par hardik badhayi.

  सुशील कुमार छौक्कर

Saturday, November 28, 2009 11:21:00 AM

मन्ने तो दिल्ली का ही कोई स्मारक लागे सअ।

  हरकीरत ' हीर'

Saturday, November 28, 2009 11:25:00 AM

C. ऊपर A में वर्णित सप्तऋषियों के समूह के नाम के लिये.....!!

  हरकीरत ' हीर'

Saturday, November 28, 2009 11:33:00 AM

ताऊ जी फ्राक आजकल कौन पहनता है कोई टॉप जींस दिलवाते .....!!

हमारी भी भयंकर शुभकामनाएं ....अल्पना जी , ताऊ जी और रामप्यारी को ......

ट्राफी देख तो सच- मुच लार टपक रही है ...पर जब साधारण ही नसीब न हुई तो गोल्डेन की क्या होगी ....अंगूर खट्टे हैं ....!!

  हरकीरत ' हीर'

Saturday, November 28, 2009 11:46:00 AM

रामप्यारी हिंट से तो कुछ पल्ले न पड़ा पर ...... एक राज़ की बात बताऊँ .....ये ललित जी की मुस्कराहट देख तो दिल बाग़-बाग़ हो जाता है ..... !!

  अल्पना वर्मा

Saturday, November 28, 2009 11:58:00 AM

आप सभी को सुबह की नमस्ते ,
रामप्यारी ने जो हिंट दिया है उसे देख कर आप को याद आ गया होगा...की kaun see jagah है.
रामप्यारी के दूसरे हिंट में जो तस्वीर दिखाई गयी है वह jagah हमने kuchh samay पहले की एक पहेली में पूछी थी...वहां से एक बहुत ही ख़ूबसूरत नदी के darshan hote hain.
shubhakamnayen.
abhaar.

  मीत

Saturday, November 28, 2009 12:12:00 PM

old fort delhi
meet

  मीत

Saturday, November 28, 2009 12:16:00 PM

अरे ताऊ इतनी कठीण पहेली क्यों लाते हो....
मीत

  मीत

Saturday, November 28, 2009 12:16:00 PM

अंगिरा ,अत्रि .क्रतु , मारीचि, पुलस्र्य , पुलह और वसिष्ठ नामक सप्तऋषि "चित्रशिखंडी" कहलाते है

  मीत

Saturday, November 28, 2009 12:30:00 PM

मांडू किला, मध्य प्रदेश
मीत

  मीत

Saturday, November 28, 2009 12:35:00 PM

ताऊ पहेलियों के अर्धशतक के लिए बधाई हो...
मीत

  दिगम्बर नासवा

Saturday, November 28, 2009 1:03:00 PM

RAAM RAAM TAAU .....
ITNI SUNDAR TROPHY DIKHA KAR ITNA KATHIN SAWAAL ... LAGTA HAI HAMAARE LIYE BHI ANGOOR KHATTE HAIN ....

  दिगम्बर नासवा

Saturday, November 28, 2009 1:05:00 PM

TAAU JI ..... PACHAASWI PAHELI PAR BAHUT BAHUT BADHAAI ....

  P.N. Subramanian

Saturday, November 28, 2009 1:20:00 PM

हमें तो मांडू ही लागे है

  नीरज गोस्वामी

Saturday, November 28, 2009 1:24:00 PM

ताऊ गड़बड़ हो गयी...किसी काम से आफिस आने में देर हुई..पहेली देखी और माथा पकड़ लिया क्यूँ की जवाब मालूम था पर आपकी विचित्र याने पहले आओ पहले पाओ की नीति के कारण इनाम नहीं मिलेगा..."ये मांडू है...इंदौर से सौ किलोमीटर दूर...रानी रूप मति और बाज़ बहादुर की प्रेम स्थली..."
जवाब सही है पर देरी से आने वाले अब पीछे लाईन में खड़े हो जायेंगे...बहुत ना इंसाफी है ताऊ...
नीरज

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, November 28, 2009 1:29:00 PM

इस समय तो ताऊ पहेली की
गोल्डन जुबली पर बधाई स्वीकार करें।
पहेली का उत्तर बाद मे देंगे।

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, November 28, 2009 1:37:00 PM

मुझे तो दिल्ली का लाल किला ही लग रहा है।

  मीत

Saturday, November 28, 2009 1:49:00 PM

रामप्यारी एक बात करनी है तेरे से... जरा ब्लोगिस्तान के पीछे मिल अकेले में...
अरी डर क्यों रही है..?
असल में ये जो ट्राफी है न पहेली की इस पर दिल आ गया है... तू ताई से सिफारिश लगा के कुछ ऐसा जुगाड़ बैठा न की ये ट्राफी मेरी हो जाये...मतलब मेरा जवाब गलत हो या सही, पर ताऊ ये ट्राफी मुझे ही देवें...
अरे तू जो कहेगी फ्राक, जींस सब मैं तुझे दिला दूंगा... और अगर तू कहेगी तो तेरे लिए सुंदर सा बागड़-बिल्ला भी खोज दूंगा...
भई तुने ज़िन्दगी अकेले थोड़े ही काटनी है...
ताऊ-ताई को तो तेरे पंजे पीले करने की सुध भी नहीं है... अरे घर में जवान बिल्ली छाती पे पत्थर की तरह होती है...
फिर तेरी उम्र भी पता नहीं कब निकल जाये...
समझी की नहीं...
चल तो जुगाड़ भिड़ा...
मिलते हैं बाद में...
मेरा नाम याद रखना..
मीत

  शोभित जैन

Saturday, November 28, 2009 1:58:00 PM

Yeh chitra raja "Baajbahadur" ke mahal ka hai jo Mandavgarh (m.p.) mein hai....

  Murari Pareek

Saturday, November 28, 2009 2:18:00 PM

इतनी प्यारी ट्राफी?? मौक़ा मिले ले तो ले भागूं!!! बधाई हो पहेली को गोल्डन जुबली के लए !!!

  राज भाटिय़ा

Saturday, November 28, 2009 2:59:00 PM

ताऊ जी आप ने यह चित्र एक किले के एक हिस्से से लिया है, लेकिन मै इस का नाम नही बता सकता, क्योकि नाम बताने से सब को पता चल जायेगा, वेसे भी मुझे कोन सा पता है इस का नाम वेसे मै एक दो बार नही, कभी भी यहां नही गया तो पता भी केसे होगा.राम राम ओर सुहानी शाम

  राज भाटिय़ा

Saturday, November 28, 2009 3:01:00 PM

अरी राम प्यारी आज कल तो चारो को शिखंडी खुम रहे है ओर तू हजारो साल पहले को याद कर रही है, चल तुझे मेरे३० न० भी दिये क्या याद करेगी, मयऊ मयाऊ

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, November 28, 2009 5:16:00 PM

आज पचासवीँ पहेली में अपने ही एरिया की फोटू लगा दी......
मन्नै तो यो माँडू का जहाज महल दिखै...जिसकी छत पे चढकर उस समय में राजा महाराजा अपने जहाज उडाया करते थे ।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, November 28, 2009 5:21:00 PM

रामप्यारी तेरे सवाल का जवाब तो मुझे बडे अच्छे से पता है...लेकिन अब जब समीर लाल जी अपने त्याग का परिचय देते हुए जानते हुए भी तेरे सवाल जवाब नहीं दे रहे हैं ताकि किसी दूसरे को विजेता बनने का मौका मिल सके....तो हम भी कहाँ पीछे रहने वाले हैं ।
हम भी अपनी त्याग भावना दिखाते हुआ आज तेरी पहेली का जवाब नहीं देंगें :)

  Babli

Saturday, November 28, 2009 8:35:00 PM

ताऊ जी बहुत बहुत बधाई ! मुझे लगता है ये दिल्ली का किला है!

  Udan Tashtari

Saturday, November 28, 2009 9:19:00 PM

मिल गया...जीत गये...ट्राफी प्रदान की जाये:


जहाजमहल, मांडव

  संजय तिवारी ’संजू’

Saturday, November 28, 2009 9:21:00 PM

jahajmahal,Mandav

  संजय तिवारी ’संजू’

Saturday, November 28, 2009 9:21:00 PM

billan ji ka sawal:

C. ऊपर A में वर्णित सप्तऋषियों के समूह के नाम के लिये

  Ashok Pandey

Sunday, November 29, 2009 2:33:00 AM

जगह जो भी हो.. लेकिन सीढि़यां चढ़कर हवाखोरी को मन करने लगा... जाड़े में भी। वैसे इस जगह से सुबह की धूप भी अच्‍छी लगेगी। राम-राम।

  प्रेमलता पांडे

Sunday, November 29, 2009 11:48:00 AM

Jahaz Mahal Mandu.


’ताऊ गोल्डन पहेली’ की ढ़ेरों बधाई।

(कल अति व्यस्ता के कारण देर से आने के लिए क्षमाप्राथी)

  प्रेमलता पांडे

Sunday, November 29, 2009 11:51:00 AM

रामप्यारी के प्रश्न का जवाब

C. ऊपर A में वर्णित सप्तऋषियों के समूह के नाम के लिये

रामप्यारी पचासवें सप्ताह की बधाई!

  महेन्द्र मिश्र

Sunday, November 29, 2009 5:17:00 PM

अर्ध्य शतक के लिए बधाई.. इस मैदान में काई शतक मारें की शुभकामना के साथ...

  अविनाश वाचस्पति

Sunday, November 29, 2009 5:54:00 PM

यह है जहाज महल

  Roshani

Thursday, January 28, 2010 2:22:00 PM

पहली बार यहाँ हम आये.....
अच्छा लगा.
मजेदार आयोजन....

  ashishindia03

Friday, May 28, 2010 12:32:00 PM

ये मांडव का जहाज महल है

  ashishindia03

Friday, May 28, 2010 12:40:00 PM

ये मांडव का जहाज महल है

  डा. अरुणा कपूर.

Saturday, October 22, 2011 5:16:00 PM

ताउजी, इतना आसान सवाल?..दिवाली आ रही है...मुश्किल सा सवाल पूछा जाना चाहिए!

..वैसे विजेता को अग्रिम बधाई!

ताऊ उवाच :-:


विजेट आपके ब्लॉग पर
www.blogvani.com

Followers