प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम.
ताऊ पहेली अंक 47 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. क्ल्यु हमेशा की तरह रामप्यारी के ब्लाग से मिलेंगे. रामप्यारी के ब्लाग पर पहला क्ल्यु 11:30 बजे और दुसरा 2:30 बजे मिलेगा. रामप्यारी का जवाब अलग टिपणी में देवें. तो आईये अब आज की पहेली की तरफ़ चलते हैं.
यह किस स्थान की settelite इमेज है?
ताऊ पहेली का प्रकाशन हर शनिवार सुबह आठ बजे होगा. ताऊ पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार दोपहर १२:०० बजे तक है. इसके बाद आने वाले सही जवाबों को अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे
|
महाभारत में कृष्णा कौन थी? कृष्ण का और कृष्णा का आपस में क्या रिश्ता था? और यह किसकी पुत्री थी? अब आप मेरे ब्लाग पर पहली हिंट की पोस्ट पढ सकते हैं 11:30 बजे और दुसरी 2:30 बजे. अब रामप्यारी की रामराम. |
नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा. एवम इस पहेली प्रतियोगिता में आयोजकों के अलावा कोई भी भाग ले सकता है.
मग्गाबाबा का चिठ्ठाश्रम
मिस.रामप्यारी का ब्लाग
नोट : – ताऊजी डाट काम पर हर शाम 6:00 बजे नई पहेली प्रकाशित होती हैं. यहा से जाये।





84 comments:
Saturday, November 07, 2009 8:00:00 AM
lotus temple delhi
Saturday, November 07, 2009 8:01:00 AM
lotus Temple ,Delhi
Saturday, November 07, 2009 8:02:00 AM
लोटस टेम्पल दिल्ली का
Saturday, November 07, 2009 8:11:00 AM
lotus temple new delhi
Saturday, November 07, 2009 8:11:00 AM
लोट्स टैम्पल यानी कमल मंदिर
Saturday, November 07, 2009 8:12:00 AM
ये दिल्ली का बहाई धर्म उपासना केंद्र लोटस टेम्पल यानी कमल मंदिर है जो कालकाजी और नेहरु प्लेस के पास स्थित है
Saturday, November 07, 2009 8:16:00 AM
गुड मार्निंग फ्रॉम अविनाश वाचस्पति टू रामप्यारी
ये सुबह सुबह क्या रिश्ते ढूंढने चल दी
कृष्ण कौन
कृष्णा कौन
महाभारत क्या
रामचरित मानस क्या
नाते रिश्ते ढूंढने की आज सुबह सुबह क्या है वजह
वैसे पुत्री तो मां की ही होगी
होगी तो पिता की भी
पुत्री है तो सभी की होगी
जो मानेंगे उसे पुत्री
जिनकी होगी, उनकी तो होगी ही
बाकी की होगी मानस पुत्री।
रिश्ता तलाशो नंबर पाओ
पहेली बतलाओ नंबर पाओ
टिप्पणी जतलाओ नंबर पाओ
पसंद चटकाने पर कब मिलेंगे नंबर
यह भी तो हमका बतलाओ।
Saturday, November 07, 2009 8:19:00 AM
महाभारत में कृष्णा द्रोपदी को ही बताया गया है !! और कृष्ण और कृष्णा का संभंध सखा सखी का ही था!!!
Saturday, November 07, 2009 8:31:00 AM
नई दिल्ली स्थित बहाई उपासना केंद्र जो लोटस टेंपल के नाम से जाना जाता है।
Saturday, November 07, 2009 8:35:00 AM
पंचाल नरेश द्रोपद की पुत्री थी कृष्णा, और कृष्ण उनके सखा थे ! yani krishnaa aur krish sakha sakhi the !
Saturday, November 07, 2009 8:35:00 AM
hint ka intejaar bhi rahega||
Saturday, November 07, 2009 8:36:00 AM
कृष्णा द्रोपदी थी। कृष्ण उसे अपनी बहिन मानते थे। यूँ वह अर्जुन की पत्नी होने के नाते कृष्ण की भाभी थी।
Saturday, November 07, 2009 8:47:00 AM
अति सरल हो गया आज तो रामप्यारी...:) कृष्णा द्रौपदी को ही कहा जाता था उनके सावलें रंग के कारण,,कृष्ण उन्हें बहिन मानते थे...और वो पंचाल के राजा द्रुपद की पुत्री थीं ...:)
Saturday, November 07, 2009 8:49:00 AM
ye to lotus temple ,dilli ka jaisa lag raha hai......koi building ka hai...
ab clue dekhkar bataaungi..hmm...tab tak
raam raam sabhee mitrion koo !!
Saturday, November 07, 2009 8:55:00 AM
दिल्ली का बहाई लोटस टेम्पल
Saturday, November 07, 2009 9:00:00 AM
... और अब रामप्यारी का उत्तर - कृष्णा पांचाल के राजा द्रुपद की कृष्ण वर्णा पुत्री थी जो द्रौपदी और पांचाली के नाम से प्रसिद्द हैं
Saturday, November 07, 2009 9:09:00 AM
दिल्ली का bahaai mandir
Saturday, November 07, 2009 9:22:00 AM
क्लू आने के बाद ही बता पायेंगे।
Saturday, November 07, 2009 9:30:00 AM
लग तो लोटस टेम्पल रहा है दिल्ली वाला। बाकी हमारी आँखे सेटालाईट से तेज थोडे ही है जी।
Saturday, November 07, 2009 9:31:00 AM
इतने ज्ञाता नही बने जी जो रामप्यारी के सवालों का जवाब दे पाए।
Saturday, November 07, 2009 9:55:00 AM
Lotus Temple
Delhi
Saturday, November 07, 2009 10:00:00 AM
लोटस टेम्पल का चित्र है ।
Saturday, November 07, 2009 10:00:00 AM
लोटस टेम्पल या बहाई मंदिर दिल्ली...
नीरज
Saturday, November 07, 2009 10:22:00 AM
रामप्यारी तुम्हें अंग्रेज़ी पढ़ते ज़माना हो गया... लेकिन तुम्हें इतना भी नहीं पता कि महाभारत के समय भी अंग्रेज़ी वाले लोग कृष्ण को ही स्टाइल से कृष्णा कहा करते थे ! देख लो, हम भी आज योग को योगा कहते हैं न?... इसलिए मेरी मान लो कि कृष्ण और कृष्णा, दोनों एक ही थे...
Saturday, November 07, 2009 10:24:00 AM
Saturday, November 07, 2009 10:47:00 AM
बहाई टेम्पल्।
Saturday, November 07, 2009 10:59:00 AM
यो मन्नै तो दिल्ली आल्ले "बहाई कमल मन्दिर" की तस्वीर दिखे है...
Saturday, November 07, 2009 11:01:00 AM
haha...ye sabhee mitron ko subah savere se hee comedy ....:)))taau ji aapke dot . in par aa kar saare veeshaad door ho jate hain...aur ek muskurahat sath hee chehre par aa jati hai...:))))
abhaar !!
Saturday, November 07, 2009 11:03:00 AM
रामप्यारी "कृ्ष्णा" भगवान कृ्ष्ण द्वारा द्रोपदी को दिया गया नाम था.....ओर द्रोपदी के पिता का नाम थ पांचाल देश का राजा द्रुपद्......
कुछ रह गया हो तो बता देईये :)
Saturday, November 07, 2009 11:03:00 AM
महाभारत में कृष्णा थी - द्रौपदी
कृष्ण की मुंह बोली बहन, सखी, अन्तरंग मित्र
कृष्णा थी - नरेश राजा द्रुपद की पुत्री |
Saturday, November 07, 2009 11:11:00 AM
ये हमरे गाम के दलान की फ़ोटू है ..अमरीका वालों ने नासा से कह के खिंचवाई थी ..यहीं पर पहला एतिहासिक ..अखिल ब्लोगीय चपडगंजू सम्मेलन ..आयोजित किया गया था ..
अगले का आयोजन भी किया जाने वाला है जल्दी ही ..
बिल्लन तेरा जवाब मैं ढूंढ के देता हूं ..वैसे नितिश अरे वही जो महाभारत में किशन भगवान का रोल किया था को फ़ोनिया के पूछता हूं ..
हिंट दे फ़टाफ़ट..तभी क्लोर मिंट की बत्ती जलेगी ..
Saturday, November 07, 2009 11:37:00 AM
Saturday, November 07, 2009 11:47:00 AM
काहे का सेटेलाईट. रामप्यारी ...??
अरे मुझे तो ये महाभारत का पांसा फेंकने का अड्डा लागे है जिसमें द्रोपदी दाव पर लगी थी ....!!
Saturday, November 07, 2009 11:48:00 AM
काहे का सेटेलाईट. रामप्यारी ...??
अरे मुझे तो ये महाभारत का पांसा फेंकने का अड्डा लागे है जिसमें द्रोपदी दाव पर लगी थी ....!!
Saturday, November 07, 2009 11:49:00 AM
इब तै पक्का हो गया सै
या म्हारी दिल्ली सै
इसके पास ही है
म्हारा घर भी।
अगले हिंट में रामप्यारी लगता है
दिखलाएगी मेरे ब्लॉग
या नेहरू प्लेस की भीड़ भाड़
मुझे भी दिखला सकती है।
चांद से हम जो नजर डालते हैं
लगता है अब पैनी हो रही है।
Saturday, November 07, 2009 11:52:00 AM
यह तो दिल्ली में आस्था कुंज से सटा हुआ कमल मंदिर लग रहा है। सभी मंदिरों को चंदन का वंदन। इस्कान मंदिर, कालका जी मंदिर, शनि मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, हनुमान मंदिर और रह गए हैं जो मंदिरों के समंदर उन सभी को भी।
Saturday, November 07, 2009 12:07:00 PM
रामप्यारी महाभारत में कृष्णा द्रोपदी थी ....यह हवनकुंड से पैदा हुयी थी....पूर्व जन्म मे उसने वरदान माँगा था कि उसे इतने गुणों से युक्त पति मिले |ऐंसा सभंव नही था इस लिए उसे पाँच पति मिले ........कृष्ण ने उसे हर जनम में रक्षा का वचन दिया था .....!!
Saturday, November 07, 2009 12:12:00 PM
द्रोपदी विनय
बिन काज आज महाराज लाज गई मेरी, लाज गई मेरी, दुख हरो द्वारकानाथ शरण में तेरी....॥ टेर ॥
दुःशासन वंश कठोर महा दुख दाई, महा दुख दाई,
कर पकरत मेरो चीर लाज नहीं आई 2,
अब भयो धर्म को नास पाप रहा छाई, पाप रहा छाई,
लखि अधम सभा की और नार बिलखाई 2,
शकुनि, दुर्योधन, कर्ण खडे सब घेरी, खडे सब घेरी,
दुख हरो द्वारीकानाथ शरण में तेरी ॥ 1 ॥
तुम संतन को सुख देत देवकीनन्दन,
हैं महिमा अगम अपार भक्त उर चन्दन,
तुम किया सिया दुख दूर, शंभु धनु खंडन, शंभु धनु खंडन,
ए तारण मदन गोपाल मुनि मन रंजन,
हे करुणा निधान भगवान करो क्यू देरी, करो क्यू देरी,
दुख हरो द्वारीकानाथ शरण में तेरी ॥ 2 ॥
बैठे यहाँ राज समाज नीति सब खोई, नीति सब खोई,
नहीं कहत धर्म की बात सभा में कोई,
पाँचो पति बैठे मौन, कौन गति होई, कौन गति होई,
ले नन्द नन्दन को नाम द्रोपदी रोई,
कर-कर विलाप, संताप, सभा में टेरी, सभा में टेरी,
दुख हरो द्वारकानाथ शरण में तेरी ॥ 3 ॥
Saturday, November 07, 2009 12:17:00 PM
ताऊजी समय के आधार पर पहेली के जवाब के अंक देना सही नहीं है. हम जैसे लोग जब तक पहेली देख पाते है, समय इतना निकल चुका होता है कि पूरे अंक नहीं पा पाते. यह अन्याय है हम जैसे अति चतूर लोगों के साथ. :) कोई रास्ता निकालें.
Saturday, November 07, 2009 12:18:00 PM
तस्वीर के आधार पर लोटस टेम्पल लग रहा है.
Saturday, November 07, 2009 12:19:00 PM
एक कृष्णा तो द्रौपदी थी. काहे कि वो भी श्याम-सुन्दरी थी.
Saturday, November 07, 2009 12:26:00 PM
और हाँ रामप्यारी , द्रोपदी और श्री कृष्ण का भाई -बहन का रिश्ता था ....एक बार भगवान कृष्ण के हाथ में चोट लगने से रक्त बहने लगा था तो द्रोपदी ने अपनी साडी फाडकर उनके हाथ में बाँध दी थी । इसी बन्धन से ऋणी श्रीकृष्ण ने दुःशासन द्वारा चीर हरण करने पर द्रोपदी की लाज बचायी थी ....!!
Saturday, November 07, 2009 12:40:00 PM
Lotus Temple, Delhi
Saturday, November 07, 2009 12:41:00 PM
कमल मन्दिर दिल्ली
प्रणाम
Saturday, November 07, 2009 12:45:00 PM
महाभारत में कृष्णा,
राजा द्रुपद की पुत्री द्रोपदी को यह नाम श्रीकृष्ण जी ने अपनी बहन माना था इसलिये दिया गया था।
प्रणाम स्वीकार करें
Saturday, November 07, 2009 12:53:00 PM
कृष्णा द्रोपदी का नाम है .... वो कृष्ण की सखी कहलाती थी ......... और वो havan kund में utpan huye theen ...... अब क्या bataaun kiski putri थी .......
Saturday, November 07, 2009 12:54:00 PM
और ये जगह है lotus temple .......
Saturday, November 07, 2009 12:59:00 PM
hi rampyari
mahabharat mein krishna naam draupdi ka tha aur wo krishn ki sakhi thi ek rishta to ye tha aur doosra dosti ka , prem ka rishta tha aur maharaj drupad ki putri thi jo agni se pragat huyi thi.
Saturday, November 07, 2009 1:01:00 PM
Lotus Temple - New Delhi hai ji..
Saturday, November 07, 2009 1:05:00 PM
BAHAI LOTUS TEMPLE OF DELHI.
Saturday, November 07, 2009 1:10:00 PM
रामप्यारी
कृष्णा, श्रीकृष्ण जी के पिताजी की बहन के लडके अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु की माता थी।
यानि कृष्ण जी की बुआ के सभी लडकों की भार्या (पत्नी) थी।
Saturday, November 07, 2009 1:28:00 PM
पल्ले नहीं पड़ रह कुछ भी ताऊ...हिंट भी देख लिया...ये वो दिल्ली वाला अक्षरधाम तो नहीं
Saturday, November 07, 2009 1:42:00 PM
जंतर मंतर, दिल्ली
Saturday, November 07, 2009 1:48:00 PM
बहाई मंदिर, दिल्ली
Saturday, November 07, 2009 1:49:00 PM
द्रौपदी का ही दूसरा नाम कृष्णा था.. और ये कृष्ण की बहन थी.
Saturday, November 07, 2009 1:57:00 PM
वैसे संजय बेंगाणी सर की बात का समर्थन करता हूँ. हम जैसे अति चतुर लोगों के लिए कुछ रास्ता निकाला जाना जरूरी है. :)
Saturday, November 07, 2009 2:08:00 PM
नमस्कार,
क्या आप जानते हैं भारत का राष्ट्रीय पुष्प कौन सा है?
यह भी एक संकेत है पहेली के जवाब का..:)
शुभकामनायें.
Saturday, November 07, 2009 2:13:00 PM
हे भगवान अब समझ गया..ये दिल्ली का लोटस टेम्पल का सेटेलाईट चित्र है ताऊ जी
Saturday, November 07, 2009 2:22:00 PM
lotus temple delhi
Saturday, November 07, 2009 2:23:00 PM
द्रोपदी!
Saturday, November 07, 2009 2:26:00 PM
Ji haan ....ye to lotus temple (Bahaii mandir )hee hai delhi ka...pakkka ...!!
aaj pata nahi main bahut hoshiyaar ho gayii hun yaa fir ....prashn bahut asaan aa gay ...:)
par aaj kee picture hasy ras se bharpoor hai !!!haha ...
Saturday, November 07, 2009 2:49:00 PM
lotus temple dehle
Saturday, November 07, 2009 3:30:00 PM
अरी राम प्यारी केसी है री तुं, बहुत सयानी होती जा रही है, लेकिन यह ताऊ तो बुढापे मे कुछ भुलकड सा होता जा रहा है, अरी राम प्यारी ताऊ सवाल के संग संग जबाब भी तो दे रहा है... चाहाता तो सब से पहले जबाब दे देता, लेकिन मुझे तो पास होने से एलर्गी है ना आज तक कभी पास नही हुया, अरे हां तु सोच रही होगी कि जबाब कहा दिया ताऊ ने? तो सुन ताऊ की पहेली का चित्र ध्यान से देख, देख देख ओर उस के नीचे यह छपा है 28°33'12.60" N 77°15'32.55" E है ना, तो बस इसे गुगल मेप मे दे कर कलिक कर , ओर राम प्यारी जबाब तेरे समाने है:)अरी जल्दी कर के देख ना
Saturday, November 07, 2009 3:44:00 PM
लोटस टैम्पल है!
उसके भीतर का ही चित्र है।
शहर तो दिल्ली ही है ना!
Saturday, November 07, 2009 3:51:00 PM
बिल्लन जहां तक मुझे याद आ रहा है सुभद्रा ही क्रिषणा थी ..अरे यार ये बराहा मे यही दिक्कत है ..
Saturday, November 07, 2009 4:50:00 PM
लोटस टेम्पल
Saturday, November 07, 2009 5:09:00 PM
अभी तक बय 18 ही कमेंट छपे ! बाकी रूके हुए हैं...एक बात तय है कि आज तो सही जवाबों का रिकार्ड टूटा ही टूटा
Saturday, November 07, 2009 5:55:00 PM
द्रोपदी को ही कृष्ण कृष्णा कहते थे, और मेरे ख्याल से द्रोपदी कृष्ण को सखा के रूप में ही देखती थी,
Saturday, November 07, 2009 5:58:00 PM
आमेर के किले के अन्दर की नक्काशी तो नही है यह?
Saturday, November 07, 2009 10:19:00 PM
दिल्ली का बिड़ला लोटस मंदिर
Saturday, November 07, 2009 10:31:00 PM
रामप्यारी से मुआफी ?
Saturday, November 07, 2009 11:53:00 PM
नौ तालाब देखते ही मैं तो समझ गया लोटस टेम्पल. लेकिन अपनी तो आदत है देर से आने की, उसका क्या करें :)
Sunday, November 08, 2009 12:03:00 AM
अरे, फ़िर देर हो गई.
कृष्णा याने द्रौपदी, जो दृपद की पुत्री थी, और कृष्ण से उसका रिश्ता सखी का था, याने कृष्ण उनके सखा थे.
Sunday, November 08, 2009 12:07:00 AM
इस देर की वजह से पिछली बार भी हाथ से अंक निकल गये थे.
ये दिल्ली का प्रसिद्ध बहाई मंदिर है जिसे LOTUS TEMPLE भी कहा जाता है. आर्किटेक्चर का एक बेजोड नमूना, और मेरे प्रबंधन पेपर का एक प्रोजेक्ट.
Sunday, November 08, 2009 2:28:00 AM
lotus temple, Delhi
Sunday, November 08, 2009 3:30:00 AM
Lotus temple, Delhi
Sunday, November 08, 2009 3:32:00 AM
Lotus Temple
Sunday, November 08, 2009 6:29:00 AM
lotus tempal. Regards
Sunday, November 08, 2009 9:06:00 AM
ओहो हम तो बहुत ही लेट हो गये हम तो पहली ही नजर में पहचान गये थे कि ये लोटस टेंपल है।
Monday, November 09, 2009 5:58:00 AM
महाभारत में कृष्णा द्रोपदी को ही बताया गया है !! जो पांचाल की रहने वाली थी. और कृष्ण और कृष्णा का संभंध सखा सखी का ही था!!!
Monday, November 09, 2009 5:59:00 AM
महाभारत में कृष्णा थी - द्रौपदी
कृष्ण की मुंह बोली बहन, सखी, अन्तरंग मित्र
कृष्णा थी - नरेश राजा द्रुपद की पुत्री |
Monday, November 09, 2009 8:55:00 AM
लोटस टेम्पल ।
Monday, November 09, 2009 8:56:00 AM
रामप्यारी का जवाब - कृष्णा द्रौपदी का ही नाम है । वह पांचाल नरेश द्रुपद की पुत्री थीं । कृष्ण से उनका संबंध भाई-बहन का था ।
Monday, November 09, 2009 9:51:00 AM
सूचना : इस पहेली का जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है. अब जो भी जवाब आयेंगे उन्हे अधिकतम ५० अंक ही दिये जा सकेंगे.
-आयोजकगण
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