ताऊ की शोले (एपिसोड - 3)लेखक : ताऊ रामपुरिया और अनिता कुमारएपिसोड निर्देशक : अनिता कुमार
गब्बर और सांभा सूरमा भोपाली से मिलने थकेले घोड़ों पर चढ़ते ही हैं कि सांभा घोड़े की लगाम खींच लेता है, गब्बर थोड़ा आगे निकल जाता है तो देखता है कि सांभा साथ साथ नहीं है, पीछे मुड़ कर देखता है तो सांभा अपने घोड़े पर बैठा दो दिन की बड़ी दाढ़ी खुजिया रहा था और घोड़ा जमुहाइयां ले रहा था, गब्बर ने आवाज लगाई
गब्बर: अरे ओ कामचोर…क्या हुआ?
सांभा : ( धीरे से आगे आते हुए) सरदार मैं सोच रहा थाssssss
गब्बर: अबे जो काम तेरा नहीं वो काहे करे है। की खुजली हो रयी है जी तेरे को?
सांभा: सरदार ठाकुर साब तो हैं आप के दोस्त्…
गब्बर: हां! तो फ़िर?
सांभा: सरदार, वो भी तो इत्ते साल थाने में घंटी बजाय रहे, सूरमा भोपाली से मिलने को इत्ती दूर जाने की क्या जरुरत, ठाकुर ने बोलो घंटी खड़का दें बस्…॥
गब्बर: ( अपनी गंदी दाड़ी खुजाते हुए) बात तो तूने पते की की, सूरमा से तो मिले घणा वख्त हो गया, ठाकुर ते रोज मिले से, हां चल चल उधर ही चलते हैं..
और दोनों ने फ़ुर्ती से अपने घोडे सरपट ठाकुर की हवेली की तरफ़ दौडा दिये ।
ठाकुर अपनी हवेली के बाग में झूले पे बैठा है, आखें लैपटॉप पर गड़ी, उंगलियां ऐसे चल रही है मानो लैपटॉप न हो पियानो हो, होठों पे गीत है बाप्पी दा इश्टाईल में:
ब्लॉगिंग बिना चैन कहां रेSSS
कॉमेन्टिंग बिना चैन कहां रेSSS
सोना नहीं चांदी नहीं, ब्लॉग तो मिला
अरे ब्लॉगिंग कर लेSSS
गब्बर भी घोड़े से उतर कर नाचने लगता है।
सांभा: सरदाssssर क्या कर रहे हो? भूल गये हम काहे आये?
गब्बर : ओह! हाँ , ठाकुर, क्या बात है आज तो बड़े अच्छे मूड में हो
ठाकुर: अरे ! तू फ़िर आ गया? अभी अभी तो गया था।
गब्बर: हां सरदार एक मुश्किल आन पड़ी है ।
लेकिन ठाकुर जब लैपटॉप के साथ हों ( यानी कि अपनी दूसरी रानी के साथ, ठकुराइन लैपटॉप को अपनी सौत जो कहती है) तो अपना मूड किसी को खराब करने की परमिशन नहीं दे सकते, लेकिन गब्बर दोस्त है, उसे कह भी नहीं सकते थे ‘तख्लिया’ इस लिये गीत बदल लिये..
ठाकुर झूम कर गा रहे है....
जब सर पे ख्याल मंडराएं,
और बिल्कुल रहा ना जाए।
आजा प्यारे ब्लॉग के द्वारे,
काहे घबराए? काहे घबराए?
सुन सुन सुन, अरे बाबा सुन
इस ब्लॉगिंग के बड़े बड़े गुन
हर बलॉगर बन गया है पंडित
गूगल भी थर्राए।
काहे घबराए? काहे घबराए?
गब्बर: ठाकुर क्या बके जा रहे हो, मेरी तो कुछ समझ नहीं आ रहा.
ठाकुर: यार अब शाम के समय तू कोई प्रोब्ल्म व्रोब्लम तो सुना मति, साला माथा ठनक जाएगा, अभी अभी राधा गरमा गरम चाय की प्याली थमा कर गयी है, तू बता पियेगा तो आवाज लगाऊं
गब्बर: (रुआंसा होता हुआ बोला) नहीं ठाकुर, मैं ने तो सुना था तुम अपने वचन के बड़े पक्के हो, प्राण जाएं पर वचन न जाएं बोला था न ?
ठाकुर: ये हमने कहा था? गब्बर तेरी यादाश्त को क्या हो गया है, अबे बावली बूच.. ये तो दशरथ ने कहा था और देखा न उसका क्या हाल हुआ? मुझे क्या मूड़मतियों का सरदार समझा है?
( गब्बर चुपचाप अनमना सा बैठा रहता है, ठाकुर का मूड उखड़ रहा है, वो कहता है)
ठाकुर: अच्छा चल एक शर्त पे मैं तेरी बात सुनुंगा। अपनी बात कहने से पहले तू एक गाना गा के मेरा मूड ठीक कर।
(गब्बर गाने लगता है)
तुम तो ठहरे बलॉगवाले
साथ क्या निभाओगे।
सुबह पहले मौके पे
नेट पे बैठ जाओगे।
तुम तो ठहरे बलॉगवाले
साथ क्या निभाओगे।
ठाकुर मुस्कुराता है
ठाकुर: अच्छा बच्चू हमरी जूती हमारे ही सर, इसका मतलब तू चोरी चोरी मेरा ब्लोग पढ़ता है, मुझसे तो कहता था कि तुझे पढ़ना लिखना नहीं आता। बोल क्या चाह्ता है बच्चा।
गब्बर: खाकी वर्दी वालों ने कालिया को पकड़ लिया
ठाकुर: तो उसे उड़वा दें क्या? अबहिं उस ससुर का एनकाऊंटर करवाये देत हैं...(और मोबाईल निकालने लगता है)
गब्बर: नहीं नही ठाकुर.. उसे तो सरकारी मेहमान नवाजी के मजे लूटने दो, तुम तो मेरा माल मत्ता छुड़वा दो, और दूसरे पुलिस मुझे ढूंढ रही है, थोड़े दिन अपनी हवेली में रहने दो न, हम भी थोड़ी ब्लोगिंग सीख लेगें
ठाकुर: अरे ओ सांभाssss, तू तो घोड़े ले के वापस गांव निकल ले, ये खाकी वर्दी वाले घोड़े की लीद सूंघते चलते हैं
सांभा: जी ठाकुर साहब……
गब्बर : और सुन सांभा...कोई भी पूछे तो ये मत बताना की हम कहां हैं?
सांभा : जी सरदार...हम अब डाक्टर के यहां से दवा लेते हुये मौसी के यहां जा छुपेंगे.....पर मौसी आपके बारे मे पूछेंगी तो क्या जवाब देंगे?
गब्बर : अबे ..तू मौसी को हमारा पता मत बताना..भले तेरी इच्छा हो तो पुलिस को बता देना..पर मौसी को हरगिज नही.
सांभा : नही सरदार..हम मौसी से झूंठ नही बोल सकते....और सांभा घोडे को ऐड लगा देता है...और फ़र्राटे से गब्बर की बात सुने बिना ही गायब हो जाता है.....




50 comments:
Tuesday, August 25, 2009 4:08:00 PM
ताऊ की शोले तो भाई रमेश सिप्पी की शोले से हर बात में बीस है...कहानी डायरेक्शन और कास्टिंग...तीनो कमाल...हिट..सुपर हिट ,डायमंड जुबली से कम न रहेगी ये फिल्म लिखवाले ताऊ...वाह...
नीरज
Tuesday, August 25, 2009 4:21:00 PM
घोडे वाली फोटोस तो मस्त है.. और गब्बर का गन्दी दाढ़ी को खुजाना भी..
Tuesday, August 25, 2009 4:50:00 PM
चित्रों ने पूरी फिल्म का
चित्रहार दिखला दिया
ताऊ की धमाचौकड़ी
पसंद आ रही है।
शोले अभी चित्र ही देखे हैं
अब निकल रहा हूं
रात को फिर वापिस आकर
पढूंगा और विशेष टिप्पणी करूंगा।
विश्वास है कि
पूरा आनंद आएगा सबको।
Tuesday, August 25, 2009 5:03:00 PM
वाह क्या गाने इस फिल्म के।बस मजा आ गया जी।
ब्लॉगिंग बिना चैन कहां रेSSS
कॉमेन्टिंग बिना चैन कहां रेSSS
सोना नहीं चांदी नहीं, ब्लॉग तो मिला
अरे ब्लॉगिंग कर लेSSS
हमसे लिखा लो ये फिल्म सब रिकार्ड तोड देगी जी।
Tuesday, August 25, 2009 5:06:00 PM
ताऊ!
फिल्म का ट्रेलर तो बढ़िया है।
ये रिलीज कब हो रही है?
Tuesday, August 25, 2009 5:10:00 PM
वाह ताऊजी लाजवाब फ़ोटोग्राफ़ी. कौन है आपका फ़ोटोफ़्राफ़र?
Tuesday, August 25, 2009 5:10:00 PM
वाह ताऊजी लाजवाब फ़ोटोग्राफ़ी. कौन है आपका फ़ोटोफ़्राफ़र?
Tuesday, August 25, 2009 5:11:00 PM
gajab film ban gai ye to? thakur sahab blogging kar rahe hai?:)
Tuesday, August 25, 2009 5:14:00 PM
अब आयेगा मजा! कितने ब्लागर थे ऊंहां? सरदार ...तीन...हूं..
अब आगे कालिया क्या बोलेगा?:) कालिया तो अभी जेल मे है.
Tuesday, August 25, 2009 5:14:00 PM
अब आयेगा मजा! कितने ब्लागर थे ऊंहां? सरदार ...तीन...हूं..
अब आगे कालिया क्या बोलेगा?:) कालिया तो अभी जेल मे है.
Tuesday, August 25, 2009 5:16:00 PM
घणा जोरदार एपिसोड रहा जी यो तो.
Tuesday, August 25, 2009 5:17:00 PM
सुन सुन सुन, अरे बाबा सुन
इस ब्लॉगिंग के बड़े बड़े गुन
हर बलॉगर बन गया है पंडित
गूगल भी थर्राए।
काहे घबराए? काहे घबराए?
हा...हा..हा..जोरदार गीत..पाडकास्ट की व्यवस्था होनी चाहिये ताऊजी.
Tuesday, August 25, 2009 5:17:00 PM
सुन सुन सुन, अरे बाबा सुन
इस ब्लॉगिंग के बड़े बड़े गुन
हर बलॉगर बन गया है पंडित
गूगल भी थर्राए।
काहे घबराए? काहे घबराए?
हा...हा..हा..जोरदार गीत..पाडकास्ट की व्यवस्था होनी चाहिये ताऊजी.
Tuesday, August 25, 2009 5:19:00 PM
अब देखिये..गब्बर तो ठाकुर साहब के घर मे घुसा है और सांभा मौसी के कान भरकर क्या गुल खिलाता है?:)
Tuesday, August 25, 2009 5:19:00 PM
अब देखिये..गब्बर तो ठाकुर साहब के घर मे घुसा है और सांभा मौसी के कान भरकर क्या गुल खिलाता है?:)
Tuesday, August 25, 2009 5:22:00 PM
तुम तो ठहरे बलॉगवाले
साथ क्या निभाओगे।
सुबह पहले मौके पे
नेट पे बैठ जाओगे।
तुम तो ठहरे बलॉगवाले
साथ क्या निभाओगे।
गाने तो सुपरहिट हो गये जी पहले ही दिन. गीतकार का नाम भी कास्ट मे दिजिये.
ताऊजी आप शोले के सप्ताह मे दो एपिसोड रखा करिये तब मजा आयेगा.
Tuesday, August 25, 2009 5:23:00 PM
तुम तो ठहरे बलॉगवाले
साथ क्या निभाओगे।
सुबह पहले मौके पे
नेट पे बैठ जाओगे।
तुम तो ठहरे बलॉगवाले
साथ क्या निभाओगे।
गाने तो सुपरहिट हो गये जी पहले ही दिन. गीतकार का नाम भी कास्ट मे दिजिये.
ताऊजी आप शोले के सप्ताह मे दो एपिसोड रखा करिये तब मजा आयेगा.
Tuesday, August 25, 2009 5:25:00 PM
वाह जी ये तो सुपर डुपर हिट हो गई जी. बोलो ताऊ बाबा की जय.
Tuesday, August 25, 2009 5:25:00 PM
वाह जी ये तो सुपर डुपर हिट हो गई जी. बोलो ताऊ बाबा की जय.
Tuesday, August 25, 2009 5:36:00 PM
वाह ताऊ...रोमांस...गाना..ऐक्शन ..सब चल रहा है...शोले ...यहां भी गोल्डेन जुबली मनायेगी..मुझे अब यकीन हो चला है...
Tuesday, August 25, 2009 6:12:00 PM
ठाकुर द्वारा ब्लॉगिंग का विचार क्रांतिकारी है :)
Tuesday, August 25, 2009 6:19:00 PM
आप सभी दोस्तों ने इस एपिसोड को पसंद किया…शुक्रिया…॥
जी गाणे तो फ़ुरसतिया की कलम से ही निकले हैं, वो मौजों के सरदार हैं ऐसे गाणे तो वो ही लिख सकते हैं हम ने बस ठेले हैं
वैसे ताऊ ये तो बताइए, ये ठाकुर के सर पर काला काला क्या है, एक और लेपटॉप या टोपा?
Tuesday, August 25, 2009 7:12:00 PM
ताऊ लिखवा ले म्हारे तै,थारी या फिल्म तो सुपर-डुपर हिट है!!!!
के बात ताऊ! थामनै फ्री आल्ले पास कोणी भेजे इब तक ........
Tuesday, August 25, 2009 8:07:00 PM
ठाकुर का फोटू अपडेट किया जाय !
Tuesday, August 25, 2009 9:37:00 PM
bahut hi mazedaar laga yah episode!
khaas kar..bhappi jika gana--blogging bina chain kahan re......ha ha ha!
-tasveeren to gazab ki hain!
Tuesday, August 25, 2009 10:21:00 PM
आज की शोले तो एकदम घोड़ामय हुई चली जा रही है
Tuesday, August 25, 2009 10:23:00 PM
महान हो ताऊ !
Tuesday, August 25, 2009 11:17:00 PM
ताऊ, क्या बात है!!!!
Tuesday, August 25, 2009 11:59:00 PM
@ सोनिया
अभी सिर्फ टिप्पणी पर प्रतिटिप्पणी
बाकी कल : -
कालिया जेल में नहीं है
टिप्पणी लिख रहा है
सोच रहा है
कि क्या
टिप्पणी की भी
नकल मारी जा सकती है।
अब काफी देर रात हो चुकी है इसलिए मैं तो चला सोना लूटने। तब तक आप भी लूटिये। कोल मिलिबै। फिल्मी समीक्षा के साथ।
Wednesday, August 26, 2009 8:19:00 AM
बहुत बढ़िया ...मतलब गाने बहुत बढ़िया ...!!
Wednesday, August 26, 2009 10:21:00 AM
गूगल भी थर्राए।
काहे घबराए? काहे घबराए?
क्या बात है ताउजी आपने तो पूरी लीला बता दी ब्लोगिंग की जबरदस्त रहा एपिसोड !!!
Wednesday, August 26, 2009 12:20:00 PM
Bahut Badhiya rahi ye film to...
Wednesday, August 26, 2009 1:29:00 PM
शोले की स्क्रिप्ट पढ़ कर माथा मेरा ठनक रहा है
सोच रहा हूं कि शोले की तर्ज पर एक फिल्म बने
जिसमें ब्लॉग के घोड़े तेज गति से दौड़े और इसमें
एक बसंती भी हो, इस स्क्रिप्ट में बासमती यानी बसंती, जय और वीरू की कमी भी खटक रही है। या तो इस पर काम चल रहा होगा। इसके अगले हिस्से में मुझे उम्मीद है इन चबूतरों (विदूषकों) पर भी काम होगा।
फिलिम पूरी कॉमेडी है। कॉमेडी ही बनी रहनी चाहिए। कॉमेडी से मूडी बनना अच्छा रहता है।
कुछ और ऐसी सुपरहिट बेहतरीन फिल्मों की पटकथा को ब्लॉगिंग जैसे ज्वंलत विषय से संपृक्त करते हुए कार्य की संभावनाएं भुनानी चाहिए क्योंकि भुना हुआ माल खूब बिकता है। जैसे भुने चने, जले भुने दिल इत्यादि (इत्यादि इसलिए लिखा है क्योंकि हमें तो इत्ता ही आता है)।
Wednesday, August 26, 2009 1:55:00 PM
फ़िल्म तो अच्छा धमाल मचा रही है। सुपरहिट होने में कोई शक नहीं।
Wednesday, August 26, 2009 2:50:00 PM
ताऊ तुम्हारी फिल्म तो चल निकली वहुत खूब रही . जबलपुरिया कलाकारों का जबाब नहीं . सरदार वजनदार है पर उनका घोड़ा कुछ पतला सा दिख रिया है हा हा हा
Wednesday, August 26, 2009 5:00:00 PM
यूं के...ताऊ.... ई घोडे़ तो दिखाई दिये पर बसंती का टांगा कब आएगा:) वैसे तो हमें कोई देखने की खाइश नै है पर यूं के.....
Wednesday, August 26, 2009 7:19:00 PM
ताउ जी आपकी कहानी पढ कर तो फिल्म देखने की उत्सुकता बढ गयी है कब तक बनेगी । मगर हमरे शह्र का इक्लौता सिनेमाघर भी धव्स्त हो गया है आपके शह्र ही आना पडेगा देखने बहुत बडिया आभार्
Wednesday, August 26, 2009 7:33:00 PM
वाह सुपरहिट बैक ग्राऊंड म्युजिक है ताऊ..यही इसका थीम म्युजिक होना चाहिये. कितने आदमी थे? ..अरे ओ...ताऊऊऊऊऊऊ...
हा...हा...हा....
Wednesday, August 26, 2009 7:33:00 PM
वाह सुपरहिट बैक ग्राऊंड म्युजिक है ताऊ..यही इसका थीम म्युजिक होना चाहिये. कितने आदमी थे? ..अरे ओ...ताऊऊऊऊऊऊ...
हा...हा...हा....
Wednesday, August 26, 2009 7:39:00 PM
अरे..ओ..ताऊ....मेरे बच्चे डर गये..इस बैक ग्राऊंड म्युजिक से तो.:) हा...हा...हा....
क्या कमाल का आईडीया है? बहुत पसंद आया यह म्युजिक....लगता है ताऊ की शोले भी लाजवाब फ़िल्म बन कर ही रहेगी...
बहुत धन्यवाद,
Wednesday, August 26, 2009 7:39:00 PM
अरे..ओ..ताऊ....मेरे बच्चे डर गये..इस बैक ग्राऊंड म्युजिक से तो.:) हा...हा...हा....
क्या कमाल का आईडीया है? बहुत पसंद आया यह म्युजिक....लगता है ताऊ की शोले भी लाजवाब फ़िल्म बन कर ही रहेगी...
बहुत धन्यवाद,
Wednesday, August 26, 2009 7:41:00 PM
वाह ताऊजी, बहुत जोरदार फ़िल्म है. मजा आया..अभी स्पीकर नही हैं हमारे पास.
Wednesday, August 26, 2009 7:43:00 PM
ताऊ मैं जरा बाहर चला गया था...अभी आया हूं...आपने तो लाजवाब शोले बना डाली. हमको भी हीरो बनाओ जी. :)
Wednesday, August 26, 2009 8:22:00 PM
ताऊ, हमें संगीतकार बनवाने का शुक्रिया!!
Thursday, August 27, 2009 9:14:00 AM
age baap ge......age maa ge....itte saare vilen.....are bhaago re...dham-chak...dhamchak....dhamchak....!!
Thursday, August 27, 2009 11:27:00 AM
जब सर पे ख्याल मंडराएं,
और बिल्कुल रहा ना जाए।
आजा प्यारे ब्लॉग के द्वारे,
काहे घबराए? काहे घबराए?
वाह ताऊ छा गए आप तो अब लग रहा है की इंडस्ट्री के सरे निर्माता घबरा रहे होंगे.....
मीत
Thursday, August 27, 2009 3:25:00 PM
शानदार रही आपकी यह संगीतमय शोले.. हैपी ब्लॉगिंग
Thursday, August 27, 2009 5:31:00 PM
बैक ग्राऊन्ड म्यूजिक में जान है!! :)
Thursday, August 27, 2009 6:10:00 PM
मजेदार !
Monday, August 31, 2009 6:16:00 AM
गा
णे सुनने के लिये नही मिले ।
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