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राधा और मौसी की मुलाकात : ताऊ की शोले

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ताऊ की शोले (एपिसोड - 2)
एपिसोड निर्देशक : अनिता कुमार


राधा : राम राम मौसी

मौसी : अरे राधा ! आओ आओ, कब लौटीं, रज्जो कैसी है?

राधा : अब का बताएं मौसी, रज्जो दीदी तो चिंता में डूबी आधी हो गयी है। बेटी के हाथ पांव निकल आयें तो मां की नींद तो उड़ जाती है न्।

मौसी: हांsss! सो तो है, पर्…॥

राधा : बस तभी दीदी जय भैया के लिए पूछ रही थीं, सुना है बहुत नाम दाम कमाए हैं, रोज अखबारन में उनकी फ़ोटू छपती है। कहां है आजकल दिखाई नहीं देते?

मौसी: सब राम जी की किरपा है,(मुस्कुराते हुए) राम जी ऐसा होशियार बच्चा सबको देवें। ( मौसी के जुड़े हाथ माथे तक उठ गये) सरकारी घर में मेहमान नवाजी के मजे लूट रहा है।

राधा : सरकारी घर? काहे? चोरी चकारी किए हैं क्या?

मौसी: धत्त! लोगों के घरों में चोरी चकारी करना टुच्चे लोगन का काम है, अपना जय क्या टुच्चा चोर है? अरे मंजा खिलाड़ी है,मंजा खिलाड़ी, नजरें हमेशा सैन्सेक्स पर रहती है और उंगलियाँ पब्लिक की जेब पर। मजाल है किसी को कानों कान खबर भी हो जाए। इसको कहते हैं बिजिनेस मेन… मेरे जय के आगे तो हर्षद मेहता भी पानी भरता है। उसकी शागिर्दी करने को मंत्रियों के बेटों की लाइन लगी रहती है। लोग घर आ के पैसे दे जाते हैं उसकी कंपनी में हिस्सेदारी पाने को वो काहे चोरी करे भला? फ़िर कभी ऐसे इंसल्ट की तो अच्छा न होगा, हांssss।

राधा और मौसी रिश्ते की बात करते हुये

राधा : अरे नहीं नहीं मौसी, मैं गांव की गंवारन ये शहर की बातें क्या समझूं, लड़की की सगी मौसी हूँ तो इतना तो पूछना पड़ेगा न कि सरकारी घर जाने का सौभाग्य कैसे मिल गया? वो तो बड़े भाग वालों को ही नसीब होता है। जो जाता है मिनिस्टर बन के बाहर निकलता है। अपना जय भी…?

मौसी: अरे राधा, बिजिनेस मैन को बहुत दूर की सोचनी पड़ती है, अब देखो, आज कल मंहगाई कित्ती बढ़ गयी है, फ़िर तू तो जानती है जय और वीरू के आपसी भाईचारे के चर्चे आम हैं। जय ने सोचा, वीरु तो आये दिन सरकारी मेहमान बना ही रहता है, काहे न अपना दफ़तर सरकारी घर में ही खोल लें, न रोटी की चिंता तो न सिक्युरटी की, न मुलाजिमों को पगार देने की चिंता( सरकार देती है न पगार उन्हें), न लेनदारों से बचने का झंझट्। है न बड़िया तरकीब्।

राधा :
हांssss! सो तो है। मौसी, जय कब तक लौटेगा (छूटेगा) ?

मौसी: अरे लौटने का क्या है? वहां कौनहू परेशानी है का? जैसे ही रेड अलर्ट का कारड गोरी पुलिस वापस ले लेगी जय और वीरू लौट आयेगें, अभी तो लापता की लिस्ट में नाम डलवाए दिए हैं।

राधा : जय हो मौसी, तुम्हारा भी जवाब नहीं। और सुनाओ, वीरू के क्या हाल हैं, वो क्या करता है, वो भी कुछ कमाता वमाता है कि सब जय भैया पर छोड़ दिये हैं।

मौसी: अरे कमाता क्युं नहीं, वीरू के तो मजे ही मजे हैं। गुरुदेव की बात सुनो तो नैया पार हो जाती है। उसके मास्साब बोले कि अगर काम में भी उतना ही आनंद आने लगे जैसे खेल में तो जिन्दगी भर काम नहीं करना पड़ता, खेल का खेल और कमाई की कमाई। अपने सचिन तेंदुलकर को ही देख लो।

राधा : ( आखें बड़ी करते हुए ) हैं? तो मौसी अपना वीरु क्या क्रिकेट स्टार बन गया?

मौसी: नहीं मैं ने ये कब कहा? क्रिकेट तो वो तब खेलता है जब टी वी पर मैच देख रहा होता है। उसे सब पता होता है कि कौन कितने चौके लगायेगा और कौन सी पारी जीतेगी।

राधा : अच्छाsssssss। वो कैसे?

मौसी: अरे ये सब अंदर की बातें हैं। ऊ सारे क्रिकेटिया उस से पूछ कर ही तो खेलते हैं। जियो और जीने दो।

राधा : तो मौसी जब क्रिकेट मैच न हो तब क्या करते हैं वीरु

मौसी: अरे तुम क्या उसे आलतू फ़ालतू समझी हो? बहुत बिजी है अपना वीरू, जूँ निकालने की भी फ़ुरसत न है उसे, बाप का नाम रौशन करना है।

राधा : (चौंक कर) बाप का नाम रौशन करना है? मतलब आप के भाई? क्या करते हैं आप के भाई?

मौसी: ( गर्वित हो कर) समाज सुधारक हैं और क्या, पुलिस को चुस्त रखते हैं।

राधा : आप के भाई पुलिस के कप्तान है क्या?

मौसी: ( गुस्सा होते हुए) तुम मेरे भाई को भी नहीं जानती और रिश्ता मांगने आई हो?

राधा : हमका माफ़ी दैइ दो मौसी जी कभी देखे नहीं न हम, का नाम है आप के भाई का?

मौसी : गब्बर! यहां से सौ सौ कोस जब कोई बच्चा रोता है तो मां कहती है 'सो जा बेटा, नहीं तो गब्बर आ जायेगा'।

(राधा घबरा कर माथे का पसीना पौंछती है और सोचती है कि ऐसे घर में अपनी भांजी का रिश्ता देना ठीक न होगा, प्रत्यक्ष रूप से कहती है)

राधा : बड़े हीरे भतीजे हैं आप के मौसी मानना पड़ेगा।

मौसी: हांss! वही तो हम कह रहे हैं, रज्जो को ऐसे दामाद टॉर्च ले के ढूंढने से भी न मिलेगें, लेकिन मैं एक बात पहले ही बता दूँ ।

राधा : अब भी कुछ बताना बाकी है मौसी?

मौसी: अरे असली बात तो अब करेगें…रज्जो से कह देना इतने होनहार दामाद कोई पके आम नहीं कि तुमने नजर उठाई और टपक गये। एक चार कमरे का बड़ा अच्छा सा मकान देखा है मैं ने, अब भई सरकारी खातिरदारी की आदत पड़ गयी, ये बड़े बड़े कमरे, तो छोटे घर में तो पांव भी न समायेगें न्। पास ही में होन्डा सिटी की भी ये बड़ी सी दुकान है, आजकल डिस्काउंट भी चल रहा है। तुम तो बस बाजू वाले मॉल में चली जाना, आजकल फ़्रिज, होम थिएटर, ए सी, सब एक ही छत के नीचे मिल जाता है, राम भला करे इस सरकार का, कित्ता ख्याल रखती है अपनी पब्लिक का, ठंडे ठंडे में आओ और सारी ख्ररीददारी एक ही छत के नीचे। और हां, दो तीन नौकरानियों का इंतजाम करना तो भूलना मती, क्या है न, जय और वीरू को अब मालिश कराने की आदत पड़ गयी है न, संजीव तिवारी के मेहमान बन लिए थे छ: महीने, बस तब से ऐसी नेक आदत का आरंभ हो गया। बकिया फ़िर कल बता दूंगी।

लो चाय भी आ गयी। अब देखो तुम रिश्ता ले कर आयी हो तो ज्यादा पूछने की कोई बात है नहीं फ़िर भी शादी ब्याह का मामला, आजकल के जमाने में तो पता नहीं लड़कों को क्या हो गया है, लड़की को घुमाये बिना शादी करने को राजी ही नहीं होते। खैर ज्यादा पूछने की तो मेरी आदत नहीं ये रज्जो कि बिटिया के बारे में भी तो कुछ बताओ।

राधा : अब मौसी, अपने मुंह अपनी भतीजी की तारीफ़ करते तो अच्छा नहीं लगता न, पर सुन्दर ऐसी कि उस पर नजर नहीं ठहरे ( फ़िसल कर पास खड़ी लड़की पर ठहरे), शर्मीली इतनी कि आप सारा दिन उनके घर पर रह लिजीए आप को उसकी शक्ल तक न दिखाई देगी।

मौसी: हाय! हाय! तो क्या सारा दिन कमरे में बैठी रहती है?

राधा : अरे नहीं मौसी, घर के बाहर रहती है, और फ़ुर्तीली इतनी कि धन्नो से भी ज्यादा तेज अपनी स्कूटी चलाती है। वो देखो ..वो भागी जारही है सामने से ही..देख लो आप भी.....

राधा की भतिजी मटर गश्ती करते हुये


मौसी: वो सब तो ठीक। घर का कामकाज भी कुछ जाने की नहीं?

राधा :
हां मौसी करती क्युं नहीं, करती है न्। नहाना धोना, बनना संवरना, ये सब घर पर ही तो होता है कोई पब्लिक शौचालय में थोड़े ही।

मौसी: कुछ पढ़ी लिखी भी है कि नहीं?

राधा : पढ़ी लिखी है न, बहुत पढ़ी लिखी है, सलीमा हॉल में लगे पोस्टर यूँ फ़रार्टे से पढ़ती है और मौसी जब मोबाइल पे एस एम एस करती है न तो ऐसे लगता है मानो उंगलियां थिरक रही हों।

मौसी: अब तू तो जाने है बसंती आज कल के लड़कों को तो कमाऊ बीबी चाहिए, तो ये कुछ कमाती भी है कि नहीं?

राधा : हां हां मौसी, कमाती क्युं नहीं, खूब नाम कमाया है उसने, गली के एक एक लड़के के मोबाइल में उसका नंबर दर्ज है, इतनी पॉप्युलर है हमारी बिटिया।

मौसी: अरेएएए! मेरा मतलब है कि कुछ पैसा कमाती है कि नहीं?

राधा : अब मौसी सब को मोबाइल नंबर दिया है तो कमाई भी हो ही जायेगी।

मौसी: ह्म्म! वैसे नाम क्या है रज्जो की बेटी का

राधा : ( कुछ शरमाते हुए, कुछ मुस्कुराते हुए) 'लाजो'





59 comments:

  1. वाह....ताऊ।
    सीमा बिटिया तो पहचान मे आ गई है,
    मगर ये मौसी जी के किरदार में कौन हैं जी???
    हा...हा...हा..
    बहुत बढ़िया,
    बधाई!

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  2. बैनर बढियां चल पड़ा है -एकाध साईड रोल हमहूँ क ताऊ ...नाही कौनो स्पॉट ब्वाय ही बनाई दें मगर देख समझ के !

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  3. राधा : हां हां मौसी, कमाती क्युं नहीं, खूब नाम कमाया है उसने, गली के एक एक लड़के के मोबाइल में उसका नंबर दर्ज है, इतनी पॉप्युलर है हमारी बिटिया।

    गजब ताऊ गजब. एक एक डायलोग बडा जचा जचा के लिखा है. मजा आगया.

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  4. राधा : हां हां मौसी, कमाती क्युं नहीं, खूब नाम कमाया है उसने, गली के एक एक लड़के के मोबाइल में उसका नंबर दर्ज है, इतनी पॉप्युलर है हमारी बिटिया।

    गजब ताऊ गजब. एक एक डायलोग बडा जचा जचा के लिखा है. मजा आगया.

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  5. अरे नहीं मौसी, घर के बाहर रहती है, और फ़ुर्तीली इतनी कि धन्नो से भी ज्यादा तेज अपनी स्कूटी चलाती है। वो देखो ..वो भागी जारही है सामने से ही..देख लो आप भी..

    आज तो सुबह सुबह ही हंस हंस कर पेट दुखा दिया ताऊ...सुपरहिट...ताऊ की शोले।

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  6. और हां, दो तीन नौकरानियों का इंतजाम करना तो भूलना मती, क्या है न, जय और वीरू को अब मालिश कराने की आदत पड़ गयी है न, संजीव तिवारी के मेहमान बन लिए थे छ: महीने, बस तब से ऐसी नेक आदत का आरंभ हो गया। बकिया फ़िर कल बता दूंगी।

    vaah kya dialogs hai? bahut satik..thanks

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  7. और हां, दो तीन नौकरानियों का इंतजाम करना तो भूलना मती, क्या है न, जय और वीरू को अब मालिश कराने की आदत पड़ गयी है न, संजीव तिवारी के मेहमान बन लिए थे छ: महीने, बस तब से ऐसी नेक आदत का आरंभ हो गया। बकिया फ़िर कल बता दूंगी।

    vaah kya dialogs hai? bahut satik..thanks

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  8. छा गये ताऊ आप तो...आपकी शोले तो सुपर..डुपर..ट्रुपर हिट है..बहुत चलने वाली है..कहीं के राईट बचे हों तो हमको दे दिजिये.:)

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  9. छा गये ताऊ आप तो...आपकी शोले तो सुपर..डुपर..ट्रुपर हिट है..बहुत चलने वाली है..कहीं के राईट बचे हों तो हमको दे दिजिये.:)

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  10. ye hui na jordar bat taau. keep it up

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  11. मौसी: अरे लौटने का क्या है? वहां कौनहू परेशानी है का? जैसे ही रेड अलर्ट का कारड गोरी पुलिस वापस ले लेगी जय और वीरू लौट आयेगें, अभी तो लापता की लिस्ट में नाम डलवाए दिए हैं।
    हा..हा..हा...जोरदार

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  12. मौसी: अरे लौटने का क्या है? वहां कौनहू परेशानी है का? जैसे ही रेड अलर्ट का कारड गोरी पुलिस वापस ले लेगी जय और वीरू लौट आयेगें, अभी तो लापता की लिस्ट में नाम डलवाए दिए हैं।
    हा..हा..हा...जोरदार

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  13. मेरे जय के आगे तो हर्षद मेहता भी पानी भरता है। उसकी शागिर्दी करने को मंत्रियों के बेटों की लाइन लगी रहती है। लोग घर आ के पैसे दे जाते हैं उसकी कंपनी में हिस्सेदारी पाने को वो काहे चोरी करे भला? फ़िर कभी ऐसे इंसल्ट की तो अच्छा न होगा, हांssss।

    superhit dialogs.

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  14. मेरे जय के आगे तो हर्षद मेहता भी पानी भरता है। उसकी शागिर्दी करने को मंत्रियों के बेटों की लाइन लगी रहती है। लोग घर आ के पैसे दे जाते हैं उसकी कंपनी में हिस्सेदारी पाने को वो काहे चोरी करे भला? फ़िर कभी ऐसे इंसल्ट की तो अच्छा न होगा, हांssss।

    superhit dialogs.

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  15. वाह ताऊजी बहुत बडिया बधाई

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  16. मज़ा आ गया ताऊ जी! आपका शोले तो ज़बरदस्त हिट हो गई है! गज़ब के पोस्टर हैं और खासकर मुझे स्कूटर चलाने वाली तस्वीर सबसे अच्छी लगी!

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  17. ये तो मजेदार है.. ताऊ बना दो ३२० एपिसोड़ कि फिल्म..

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  18. ताऊ हंस हंस के पेट मे बल पड गये. कमाल कर दिया...

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  19. ताऊ हंस हंस के पेट मे बल पड गये. कमाल कर दिया...

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  20. bahut dilchasp comedy. thanks

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  21. क्या बात है ताउजी? छा गये जी आप तो.

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  22. bahut lajavab film banai hai. dhanyavad

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  23. वाह ताऊ ये नहीं कहुगा कि मान गए आपको भाई मान तो पहले ही गए थे .
    सूना है कि कुछ लोग इसका पायरेटेड मार्केट में लाने की बात कर रहे है ?
    न ना हमने सिर्फ सूना है :)

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  24. वाह जी क्या गजब के चित्र लगाये हैं? कहानी तो बडी सुपरहिट है. हंसी रुकती ही नही इस जय मौसी की जगह राधा मौसी संवाद पढ कर.:)

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  25. वाह जी क्या गजब के चित्र लगाये हैं? कहानी तो बडी सुपरहिट है. हंसी रुकती ही नही इस जय मौसी की जगह राधा मौसी संवाद पढ कर.:)

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  26. हमका भी एक रोल देदे ठाकुर..नही नही..हमका भी एक रोल देदे ताऊ....

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  27. ताऊ इतना भी ना हंसाया करो....
    बहुत मजेदार.. मुझे तो चित्र देखते ही हंसी आ गयी थी... बहुत अच्छी पोस्ट...
    उम्मीद करता हूँ ताऊ की शोले भी पुरानी शोले की तरह हिट हो जाये...
    मीत

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  28. दिलचस्प मुलाकात राधा और मौसी की ...खूब मिलाई जोड़ी अभी तो राधा और मौसी की ..फिर किस किस की मिलेगी ...देखते हैं ..!!

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  29. आज मंगलवार है..आप की कविता का दिन..अब कविता कब?

    यह प्रसंग भी मजेदार है...यह फिल्म कुश की शोले से पहले बन गयी.
    अनीता जी की एंट्री भी खूब रही!
    सभी चित्र सुन्दर लगे!

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  30. अनीता जी और मौसी का रोल...याने मेड फार ईच अदर...क्या जँच रहीं हैं... वाह...शोले की मौसी तो पानी भरती लगती है इनके आगे...आपकी ये शोले सुपर हिट होने वाली है...पार्टी शार्टी की तैय्यारी शरू कर दो ताऊ...

    नीरज

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  31. jabardast!

    majaa aa gaya.
    ekadh role idhar bhi milega kya ;)

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  32. हौसला अफ़जाई के लिए उन सभी मित्रों का शुक्रिया जिन्हें आज का एपिसोड अच्छा लगा,

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  33. असली वाली शोले का रिकार्ड तो इब टूटे ही टूटे:)

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  34. अनीता जी की स्क्रिप्ट राइटिंग - मान गये।
    ताऊ को उनसे सीखना चाहिये! :)

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  35. वाह जी वाह मजा आ गया दोनों की बातचीत पढ़कर। बहुत अच्छा ताना बाना बुना है बातचीत का। जय में कहीं कहीं असली ताऊ की झलक भी मिल रही है जी। अगले कडी का इंतजार।

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  36. ib तो taao teesri बार shole बन jaavegi ................... mousi और basanti तो मिल ही gayyee ........maza aa गया..........

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  37. ib तो taao teesri बार shole बन jaavegi ................... mousi और basanti तो मिल ही gayyee ........maza aa गया..........

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  38. हम्म्म ये रिश्ता तो हो के ही रहेगा.

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  39. इस फिल्म का कैमरा मैं कौन है उसे बुक करना है उसने त्स्वीर बहुत बढिया दी है ।

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  40. waah ye mulakat tho yaadgaar rahi:),badhiya film hai tauji:)

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  41. हा हा... बहुत खूब ताऊ... पेट में बल पड़ गए..

    हमारे लायक भी कोई रोल है तो बताये. :)

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  42. क्या बात है जी, क्या बात है जी।

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  43. वाह शोले की रीमेक बहुत शानदार चल रही है.
    सारे शो हाउस फुल
    सुपर-डुपर हिट



    -----------------------------------
    सूचना :-
    कल सवेरे नौ बजे से पहली C.M. Quiz शुरू हो रही है.
    आपसे आग्रह है कि उसमें भी शामिल होने की कृपा करें.
    हमें ख़ुशी होगी.
    -----------------------------------
    क्रियेटिव मंच

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  44. ताऊ की शोले वाह सुपर हिट!

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  45. जय हो। मौसी और राधा की जोड़ी तो बड़ी स्वीट एंड क्यूट लग रही है।

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  46. आप सब ने शोले की इस कड़ी को पसंद किया और हिट बना दिया....आप सभी के प्रोत्साहन के लिए आभार..

    regards

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  47. ताऊ जी अभी अरविन्द जी का ब्लॉग देख कर आ रही हूँ ..आपकी शोले तो सुपर डुपर हिट हो रही है..मैं कैसे वंचित रही ??:))

    अब दामाद टॉर्च ढूढने से मिल रहें हैं ??:हाहा..

    सलीमा हॉल में लगे पोस्टर यूँ फ़रार्टे से पढ़ती है....ये तो अति शिक्षित है भई ...और सुन्दर भी
    अब देर काहे की .....

    जय हो आधुनिक शोले !!!हाहा.....

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  48. मज़ा आ गया ताऊ. संवाद पढ़कर समझ में आ गया कि कादर खान यह बिजनेस छोड़ कर क्यों भागे.

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  49. फि‍ल्‍म हीट है, सुपर-डुपर हीट:)

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  50. वाह वाह ताऊ ...सुपरहिट फिल्म होगी ये

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  51. वाह ताऊ !
    वाकई मज़ा आगया !!

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  52. pahli bar apka blog pada..boht interesting hai.....

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  53. taau ramram,
    abhi to ramram karke hi nikal raha hoon. kyonki taauji.com par bhi jana hai.

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