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सोने की चैन

सोने की चैन




भोले भाले देहाती ने गावं छोडा
अफसर बेटे के पास शहर आगया


गांव की शांति की जगह
शहर का कोलाहल देख

उसकी नींद उड गई
एक रोज अखबार मे विज्ञापन था
एक हजार मे "सोने की चैन" खरीदिये!
झट जाकर " सोने की चैन" ले आया


इस उम्मीद मे कि इसे पहन कर
चैन की नींद सो जाउंगा
राह मे चैन झपटने वाले गिरोह ने
चैन झपट के मार भगाया
मुंह लटकाये घर दौडा आया

अपने पुलिस अफ़सर बेटे को
अपना सारा दर्द बताया
बिना चैन के मुझे कैसे नींद आयेगी?
पिता का भोलापन देख
पुलिस अफ़सर बेटा मुस्काया
थाने फ़ोन लगाकर
थानेदार को हडकाया

आनन फ़ानन सारा अमला हरकत मे आया
तुरंत गिरोह के ज्ञात अज्ञात सदस्यों को पकडवाया
एक की जगह कई चैन बरामद हो गई
पिता को पहचान हेतु बुलवाया

पिता ने देखा पुलिस परेशान
सारे चैन खींचने वाले परेशान
वो स्व्यम थाने आकर परेशान
आखिर वो बोला हे भगवान,
मैं जिसे "सोने की चैन" समझ रहा था
वो तो जागने की चैन है.


(इस रचना के दुरूस्तीकरण के लिये सुश्री सीमा गुप्ता का हार्दिक आभार!)



परिचयनामा में 13 अगस्त गुरुवार को मिलिये : पूजा उपाध्याय से. शाम 3:33 PM पर

24 comments:

  1. जल्दी पहचान गए जागने की चैन :)

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  2. सत्य वचन!!

    बढ़िया रचना-बधाई.

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  3. इस चेन ने ही तो सबका चैन छीना है.. बहुत उम्दा रचना.. हैपी ब्लॉगिंग

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  4. ये जगने की चेन भी खूब रही .

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  5. आखिर वो बोला हे भगवान,
    मैं जिसे "सोने की चैन" समझ रहा था
    वो तो जागने की चैन है.
    waah yahi zindagi ka satya hai,sunder rachana.

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  6. बहुत सुंदर रचना। सोने की चैन के रहते चैन से सोना नसीब कैसे हो सकता है।

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  7. जागने की चेन बढ़िया रही. सीमा जी का आभार. आपका तो है ही.

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  8. आपने पुलिस वाले की तारीफ क्यों नहीं की सीमा जी, एक की जगह दस चैन. कितना बड़ा कौशल!

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  9. कहाँ तो चैन के बिना बेचैन हो रहे थे ओर जब मिल गई तो भी चैन के बारे में सोचने लगे:)

    बढिया प्रस्तुति!!
    आभार्!

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  10. हा हा हा.. मजेदार..

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  11. ताऊ सच्चाई है हर थाने की ! सीमाजी को बधाई !

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  12. आज मैं बाहर गया हुआ था।
    घर आकर जब नेट खोला तो
    सीमा गुप्ता जी की व्यंग-कविता पढ़कर
    मन प्रसन्न हो गया।
    सीमा जी को बधाई,
    ताऊ को धन्यवाद।

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  13. श्रीमती बिल्लोरे की चैन भी गले से छीन ली गई थी . सरकारी-अधिकारी का लेबल था सो एक चोर पकडा गया. चैन पहचानने से कोर्ट में श्रीमती जी का इंकार करना पुलिस वाले को अखर गया था. सुलभा जी ने सचाई का साथ दिया इस बात को सुनकर टी आई बोला :"बिल्लोरे जी, चेन गई तो चेन खोज दी थी क्या ज़रुरत थी सत्यवादी बनाने की ? "
    मुझे नहीं मालूम श्रीमती जी ने ये क्यों किया किन्तु जो किया अच्छा किया है न ताऊ
    है न सीमा जी

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  14. चेन बिना चैन कहाँ रे ....!!

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  15. ताऊ मेरे पास तो चैन ही चैन है कभी आओ तो देखना चैन के शिवा दूसरा कुछ भी नही है ।

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  16. बहुत बढ़िया ! मज़ा आ गया!

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  17. bahut khuub! naye prateek ka istmaal hai naye sandarbh mein!!

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