रामप्यारी मैम ने समीर बाबा को पनिश किया

रामप्यारी मैम ने आज प्रिप्रेशन लीव की घोषणा कर दी. और बाकी बचे हुये दिन को परिचय पूछने और गपशप में बिताया, रामप्यारी मैम चाय पीते हुये आराम से सोफ़े पर आज तनाव रहित होकर बैठी है.
इतने मे समीर बाबा पूछते हैं - मैम वो परिक्षा के लिये इंपोर्टेंट क्वेश्चन देदेती तो अच्छा होता.


रामप्यारी मैम - ओह माई चाईल्ड..आई रियली फ़ोरगोट इट...हां तो नोट करलो - जो कल मैने रिश्वत + बेइमानी = सफ़लता वाला चेप्टर पढाया था ना. बस उसको रट्टा मारने का. वो बहुत इंपोरटॆंट हैं. जिंदगी मे हमेशा काम आयेगा. एक बार उसको समझ लिया तो जिंदगी मे फ़िर पीछे नही देखना पडेगा.

सारे बच्चे - थैंक्यु मैम....
रामप्यारी - हां तो आदि बाबा तुम्हारा नाम क्या है?
आदि - मैम ..नाम..नाम ..ओह याद आया..मेरा नाम है आदित्य.हां आदित्यरंजन

रामप्यारी मैम
- हां तो जा्दू बाबा - तुम्हारे पिताजी का क्या नाम है?
जादू - मैम .....पिताजी का नाम है..पापा..

रामप्यारी - हां तो लवि..तुम बताओ..सेव का स्वाद कैसा होता है?
लवि - मैम --वो ना..वो ना...बस स्वाद होता है...स्वाद..

रामप्यारी - नैना .. तुम चुप क्यों हो?
नैना - मैम वो मुझे ना घर पर जाकर होमवर्क करना पडेगा ना, उसकी टेंशन हो रही है.

रामप्यारी मैम - अक्षयांशी तुम्हारा नाम क्या है?
अक्षयांशी - मैम...मैम...वो मैं कल ना...कल ना..मम्मा से पूछकर आऊंगी.

रामप्यारी - हां तो समीर बाबा, तुम शांति के साथ नही बैठने सकता?
समीर बाबा - शांति कहां मिलेगी मैम. अब वो है नही तो बिना शांति के ही अकेला बैठा हू ना?
रामप्यारी - यू...नाटी ब्वाय..आई विल पनिश यू...चलो इधर आके खडा हो जाओ.जब देखो..इतना बडा बच्चा होके बाकी सब बच्चा लोग को बिगाडता है?

समीर बाबा आकर बोर्ड के पास खडे हो जाते हैं.
रामप्यारी मैम - तुम्हारा नाम क्या है समीर बाबा?
समीर बाबा - हमारा नाम है मुन्नू..मुन्नू लाल
रामप्यारी मैम - कहां रहते हो?
समीर बाबा - वो कुयें के पास.
रामप्यारी मैम - कुआं कहा है?
समीर बाबा - मेरे घर के पास.
रामप्यारी मैम - और घर कहां है?
समीर बाबा - वो कुयें के पास.

रामप्यारी मैम - चलो..अब तुम बोलता है तो होगा कुआ ..घर के पास और घर कुयें के पास. पर अब बदमाशी नही करने का और घर जाकर परीक्षा के लिये चोरी, बेइमानी और डकैती वाला लेशन याद करने का. ओके?
समीर बाबा - मैम आप चिंता ही मत करो. मैं ऐसा याद करके आऊंगा कि आपको भी अपने इस होनहार छात्र पर गर्व होगा.

रामप्यारी मैम - हां तो चंगू.. तुम बडा होकर क्या बनेगा?
चंगू - मैम ..मैं ना बडा होकर ब्लागर बनूंगा.
रामप्यारी मैम - वो क्यों चंगू बेटा?
चंगू - मैम वो ना ब्लागरी मे बडा आराम है.
रामप्यारी मैम - कैसे?
चंगू - जैसे कि किसी को भी गाली देना हो..चुपचाप जी भरकर गालियां दो..कोई रोकने वाला नही. घर वाली की सारी खुन्नस दूसरे पर निकाल लो.
रामप्यारी मैम - कोई मारेगा तुमको ऐसा करेगा तो?
चंगू - अरे मैम यही तो मजा है.. मारेगा तो जब ना ..जब मैं पकडा जाऊंगा...
रामप्यारी मैम - जरा ठीक से समझाओ चंगू..
चंगू - अरे मैम -- देखिये अब जैसे मुझे समीर बाबा को गालियां देनी है तो मैं इनके ब्लाग पर जाऊंगा और वहां दूसरे के नाम से मुकरी से लेकर अमजद खान की साईज की गालियां दूंगा..
रामप्यारी मैम - अरे चंगू...ये समीर बाबा कितना मोटा तगडा है...तुमको बहुत मारेगा...
चंगू - अरे मैम, मैं वहां गालियां दूंगा किसी दुसरे के नाम से. और समीर बाबा के सामने तो मैं उनका ही आदमी बन जाऊंगा ना.
रामप्यांरी मैम - इसका क्या मतलब?
चंगू - मैम - ब्लागिंग मे ऐसा ही होता है. सामने सबकी तारीफ़ करो और पीछे से जिसको लतियाना गरियाना हो करो..और ज्यादा ही खुन्नस निकालनी हो तो अनाम ब्लाग पर खट खट पोस्ट लिखदो.
रामप्यारी मैम - वाह चंगू तुमको तो बहुत अनुभव है?
चंगू - मैम अनुभव तो मेरे भाई मंगू को ज्यादा है.
रामप्यारी मैम - वो किधर है आजकल?
चंगू - मैम वो आजकल ब्लाग जगत मे ही है. बस किसी को गालियां देदेता है. किसी को पोस्ट लिख कर परेशान करता है..बस क्या क्या नही करता?
रामप्यारी मैम - तो लोग उसको मारते नहीं?
चंगू - मैम कैसे मारेंगे? वो तो वहां बहुत शरीफ़ बच्चा बना हुआ है. लोग समझ ही नही रहे कि इतना शरीफ़ बच्चा भी कोई गाली गलौज कर सकता है क्या? बस वहां जाकर अपने वालों कॊ ही गालियां दो और सामने बिल्कुल शरीफ़ बच्चे बन जाओ.

और पिरियड खत्म होने की घंटी बज गई.




ताऊ पहेली - 34 का प्रकाशन कल शनिवार सुबह आठ बजे होगा.

17 comments:

  Pankaj Mishra

Friday, August 07, 2009 3:49:00 PM

हे भगवान् !
समीर बाबा को भी पनिश ?

  सुशील कुमार छौक्कर

Friday, August 07, 2009 4:58:00 PM

बडे काम की बातें पता चली आज रामप्यारी मैम की क्लास में।

  हिमांशु । Himanshu

Friday, August 07, 2009 5:08:00 PM

रामप्यारी अनोखी, रामप्यारी की क्लास अनोखी ।

  ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey

Friday, August 07, 2009 5:16:00 PM

चंगू और मंगू का ब्लॉग पता लिंक नहीं किया? यह ब्लॉग एथिक्स का उल्लंघन है! :)

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Friday, August 07, 2009 5:38:00 PM

रामप्यारी की क्लास में तो बहुत कुछ सीखने को मिलता है। लगता है हमें भी एडमीशन लेना पड़ेगा। पर पहले पता तो करें वे प्रेक्टिकल भी सिखाती हैं या नहीं?

  sonu

Friday, August 07, 2009 5:44:00 PM

रामप्यारी मैम - ओह माई चाईल्ड..आई रियली फ़ोरगोट इट...हां तो नोट करलो - जो कल मैने रिश्वत + बेइमानी = सफ़लता वाला चेप्टर पढाया था ना. बस उसको रट्टा मारने का.

मैम आप बिल्कुल व्यवहारिक शिक्षा देती हैं. हम भी अपने बालक को आपकी क्लास मे भर्ती करवाना चाहते हैं. कृपया एक फ़ार्म भिजवा देवें.

  sonu

Friday, August 07, 2009 5:45:00 PM

रामप्यारी मैम - ओह माई चाईल्ड..आई रियली फ़ोरगोट इट...हां तो नोट करलो - जो कल मैने रिश्वत + बेइमानी = सफ़लता वाला चेप्टर पढाया था ना. बस उसको रट्टा मारने का.

मैम आप बिल्कुल व्यवहारिक शिक्षा देती हैं. हम भी अपने बालक को आपकी क्लास मे भर्ती करवाना चाहते हैं. कृपया एक फ़ार्म भिजवा देवें.

  sonu

Friday, August 07, 2009 5:45:00 PM

रामप्यारी मैम - ओह माई चाईल्ड..आई रियली फ़ोरगोट इट...हां तो नोट करलो - जो कल मैने रिश्वत + बेइमानी = सफ़लता वाला चेप्टर पढाया था ना. बस उसको रट्टा मारने का.

मैम आप बिल्कुल व्यवहारिक शिक्षा देती हैं. हम भी अपने बालक को आपकी क्लास मे भर्ती करवाना चाहते हैं. कृपया एक फ़ार्म भिजवा देवें.

  Bhairav

Friday, August 07, 2009 5:46:00 PM

रामप्यारी मैम की जय हो.

  mehek

Friday, August 07, 2009 7:31:00 PM

rampyari mam,waah samir baba ko bhi punishkar diya:)),vaise homework ke liye diya gaya lesson bada mazedar hai:)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Friday, August 07, 2009 7:47:00 PM

सही किया।
ओर किसी की क्या मजाल-
ब्लॉग के बाबाओं को रामप्यारी ही
पनिश कर सकती है।

  shama

Friday, August 07, 2009 8:37:00 PM

ये कहाँ आ गए हम ! एक साथ इतना कभी नही हँसी थी ..रोकना चाह रही ,थी ..कि अकेले अकेले क्या हँसना ..पर अंतमे आप जीत ही गए ..!

http://shamasansmaran.blogspot.com

http://kavitasbyshama.blogspot.com

http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

http://shama-baagwaanee.blogspot.com

  रंजन

Friday, August 07, 2009 9:20:00 PM

बातों बातों में बहुत बार कह दी रामप्यारी ने..

वैसे समीर बाबा को बिठा दिया न?

ज्ञान जी.. शायद चंगु मंगु के ब्लोग नहीं बने.. चंगु - नत्तु पांडे, ए़अएद़्अऎ (य़ॆ आदि के शब्द है.. कम्प्युटर छीन कर टाइप कर दिये, शायद अपने दोस्तों के बारे में जानना चाह रहा था) और मंगु है..केशु (pd का भतिजा)..

  P.N. Subramanian

Friday, August 07, 2009 10:37:00 PM

तो यह है ब्लॉग जगत. भाई वाह. राम राम

  सैयद | Syed

Friday, August 07, 2009 11:05:00 PM

इस क्लास में तो पिरिअड ख़त्म होने वाली घंटी सबको बहुत बुरी लगती होगी ////

  वाणी गीत

Saturday, August 08, 2009 4:28:00 AM

रामप्यारी ..जरा एक बार तेरे गणित के अध्यपक का पता तो देना ..क्या गलत सलत पढाया है तुझे..!!

  Udan Tashtari

Saturday, August 08, 2009 6:59:00 AM

अब सजा पाये बैठे हैं किनारे!! का किया जाये..रामप्यारी मैम तो रामप्यारी हैं..उनकी तो शिकायत होती नहीं.

ताऊ उवाच :-:


विजेट आपके ब्लॉग पर
www.blogvani.com

Followers