रामप्यारी की क्लास शुरु

हां तो आंटियों, अंकलों और दीदीयों वैरी गुड आफ़्टर नून. अब रामप्यारी ने छोटे बच्चों को प्ले स्कूल में पढाना शुरु कर दिया है. जिस जिस को भी अपने नन्हें मुन्नों को किसी अच्छे स्कूल मे एडमिशन के लिये ज्ञान दिलवाना हो तो वो उनको रामप्यारी की क्लास मे भर्ती करवा दें. अभी तक आदि और लवि ने एडमिशन ले लिया है. दो बच्चे और हैं चंगू और मंगू.

तो अब रामप्यारी क्लास लेना शुरु कर रही है.

रामप्यारी की क्लास मे आदि,लवि और चंगू - मंगू

प्यारे बच्चों , आज मैं तुमको सबसे पहले मैथ्स के सवाल सिखाऊंगी. क्योंकि ये बहुत ही घटिया और नम्बर काटू होते हैं. फ़िर मैं तुमको इतिहास पढाऊंगी. क्योंकि इतिहास मे ये ताऊ लोग तो मर खप गये, पर इनकी जन्म मरण की तिथियां याद करते करते आपकी और हमारी ऐसी तैसी हो जाती है.

हां तो बेटा आदि..येस ..आदि ..तुम्हारा ध्यान किधर है? नो शरारत आफ़ द डे.
आदि : वो मैं..मैं..ना..मैं ना...जरा प्याज खाने की सोच रहा था....आंसू आकर आंखे चकाचक हो जाती है.....
मैडम रामप्यारी : प्याज छोडो..जरा बताओ.. टू टूजा कितने होते हैं?
आदि - टू टूजा ...बाईस मैडम..वैरी सिंपल...जस्ट टवंटी टू...
मैडम रामप्यारी - वैरी गुड..वैरी स्मार्ट ब्वाय..तुमको सौ मे से एक सौ दस नम्बर दिये जाते हैं.
आदि - थैंक्यु मैम..पर ११० ही क्युं? सौ मे से कमसे कम दौ सौ तो मिलने ही चाहिये ना?
मैडम रामप्यारी - डोंट बी सिली आदि...यु नो? दिस इस योर फ़र्स्ट डे..आज सौ मे से ११० नम्बर काफ़ी है.

हां तो लवि...अब तुम बताओ...थ्री फ़ोरजा कितने होते हैं?
लवि - मैम ये तो पक्षपात है. मुझे इतना कठिन सवाल क्यों?
मैडम रामप्यारी - व्हाट डू यू मीन लवि...तुम मुझको ब्लेम कर रही हो?
लवि - नो मैम..ब्लेम नही..बल्कि आप मुझे ज्यादा नम्बर का सवाल पूछ रही हैं तो मुझे मार्क्स भी ज्यादा मिलेंगे ना?
मैडम रामप्यारी - व्हाई नोट...व्हाई नोट? अब जल्दी से जवाब दो सवाल का.
लवि - मैंम.. बिल्कुल सिम्पल है थ्री फ़ोरजा ३४..हुये..
मैडम रामप्यारी - ओह लवि यू आर जिनियस..हाऊ..हाऊ..यू सोल्वेड दिस क्वेश्चन? ये सवाल तो बडे बडे गणितज्ञों के लिये भी बहुत मुश्किल था?
लवि - वो मैने मेरे घर पर जो टीवी का रिमोट तोडा था ना..बस उसमे से ही यह उत्तर निकला था.
मैडम रामप्यारी - वैरी स्मार्ट...आज घर जाकर एक रिमोट और तोडना..होम वर्क उसमे से साल्व होकर निकल आयेगा. तुमको मिलते हैं पूरे सौ मे से एक सौ बीस.

इतनी देर मे पीरीयड खत्म होने की घंटी बज गई है..

अगला पिरियड इतिहास का :-

इतिहास की क्लास मे रामप्यारी आती है. क्लास के बच्चे शोरगुल कर रहे हैं. जैसे ही रामप्यारी क्लास मे आती है.. बच्चे चुप हो जाते हैं और एक स्वर मे..गुड आफ़्टर नून मैम कहते हैं.

रामप्यारी मैम : सिट डाऊन प्लिज..हां तो बच्चों आज मैं तुमको ताऊ सिकंदर और ताऊ पोरस की कहानी सुनाती हूं. जैसा कि तुमको मालुम होगा कि जब सिकंदर जीत गया..और पोरस हार गया तो......

बीच मे ही आदि ने हाथ उपर कर दिया और खडा होगया. और बोला - मैम हमको कैसे मालुम होगा कि सिकंदर जीत गया? हमे ये तो बताया ही नही था तो मालुम कैसे होगा?

रामप्यारी - अरे बस समझ लो..कि तुमको मालुम है. ये तो बोलने के लिये बोला जाता है कि जैसा कि तुमको मालुम ही होगा....हां तो मैं क्या कह रही थी?

लवि - मैम आप वो कुछ ताऊ वाऊ कुछ बोल रही थी.

मैम : ओह..मैं भी कितनी भुल्ल्कड हो गई तो मैं कह रही थी कि ताऊ सिकंदर ने ताऊ पोरस को हरा दिया और बंदी बनाकर पोरस को ताऊ सिकंदर के सामने पेश किया गया.

पोरस बिल्कुल ताऊ वाली शान मे ही अकड कर खडा था. ताऊ सिकंदर ने पूछा कि बाताओ ताऊ पोरस, अब तुम्हारे साथ क्या सलूक किया जाये?

ताऊ पोरस बोला - ये ठीक है कि हम इस बार खेत रहे हैं पर आगे उल्टा भी हो सकता है. अत: हमारे साथ वही सलूक किया जाना चाहिये जो एक हारी हुई सरकार के प्रमुख से जीती हुई सरकार का प्रमुख करता है.

ताऊ सिकंदर को समझ आगया कि ये ताऊ पोरस टेढी खीर है. उसने कहा - ठीक है ताऊ पोरस, आपकी पहले की तरह जैड प्लस सुविधा जारी रहेगी. आपके स्विस बैंक अकाऊंट्स की तार्फ़ कोई नजर नही डालेगा...आपके खिलाफ़ जो भी पुराने घोटाले के मामले हैं उनको वापस लेलिया जायेगा और इतना ही नही..नये घोटाले के मामले नही दर्ज किये जायेंगे...और सरकारी निवास जहां आप विराजते हैं वहां आप विराजते रहिये.

ताऊ पोरस बोले - हे नृप श्रेष्ठ, आपके फ़ैसले का शुक्रिया. और बदले मे मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आप पांच साल तक बेफ़िक्र होकर राज करिये, हम आपकी सरकार गिराने की कोई चेष्टा नही करेंगे.

पर भाग्य कि बात कि कुछ समय पश्चात ताऊ सिकंदर को उसकी पार्टी की अंदरुनी कलह की वजह से ही भारत छोड कर जाना पडा और वो अपने वतन भी नही पहुंच सका. रास्ते मे ही मर गया..और डायजनिज उसका इंतजार करता ही रह गया.

सारे बच्चे एक साथ बोले - मैम ये डायजनिज कौन था?

रामप्यारी मैंम - अरे बावलीबूचों..एक साथ सारा इतिहास पढ लोगे तो पागल हो जाओगे. यह बात फ़िर कभी बताऊंगी.
अब तुम्हारी छुट्टी..और होमवर्क मे यह सवाल करके लाना. अकबर ने बीरबल को चांटा मारा तो बीरबल ने क्या किया? ओके..अब अगले सप्ताह मिलेंगे. और हां कल ताऊ की पहेली मे सुबह आठ बजे आना मत भुलियेगा.



ताऊ पहेली - 29 का प्रकाशन कल शनिवार सुबह 8:00 बजे होगा.

44 comments:

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Friday, July 03, 2009 4:25:00 PM

होम वर्क- हुजूर एक गाल फूला रहेगा तो दूसरे को बहुत कष्ट होगा। जरा एक ईनाम दूसरे गाल को भी मिल जाए...यह कहते हुए बीरबल ने दूसरा गाल भी बादशाह के आगे कर दिया।

  राज भाटिय़ा

Friday, July 03, 2009 4:29:00 PM

राम प्यारी क्या हाल है, बने गी मेरी टीचर सची मुची, अगर फ़ेल हो गया तो तुझे पाकिस्तान ओर अफ़्गानिस्तान की एक तरफ़ा टिकट ईनाम मे दुंगा.
राम राम जी की

  Pankaj Mishra

Friday, July 03, 2009 4:48:00 PM

I want admission in your class Mam.

  काजल कुमार Kajal Kumar

Friday, July 03, 2009 4:54:00 PM

बच्चों की अब खैर नहीं.

  Nirmla Kapila

Friday, July 03, 2009 4:58:00 PM

ताऊ जी ये तो राम्प्यारी की गलत बात है अरे ये बच्चे तो पढ लिख कर ही जन्म लेते हैं देखिये ना जो हमे आज तक पता नहीं इन्हें सब पता है राम प्यारी को चाहिये था कि हम बूढों के लिये कोई स्कूल खोलती आप सिफारिश करिये ना ये लवि और अइ तो बहुत शैतान हैं राम्प्यारी का नाक मे दम कर देंगे फिर देखते रहियेगाु

  Science Bloggers Association

Friday, July 03, 2009 5:08:00 PM

बढिया है।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

  poemsnpuja

Friday, July 03, 2009 5:27:00 PM

taai...taai...kahan ho aap, ye dekho raampyari poore baccho ki jamat bigadne baith gayi hai. jara ek latth jamao isko...

  सुशील कुमार छौक्कर

Friday, July 03, 2009 6:00:00 PM

इस क्लास में मेरे पढने का भी जी करण लागा सै।

  लालों के लाल....इंदौरीलाल

Friday, July 03, 2009 6:24:00 PM

रामप्यारी मैम, गुड इवेनिन्ग..मेरा भी एडमिशन कर लिजिये. आपका मैथ्स बहुत सालिड है टू टूजा 22 .:)

  लालों के लाल....इंदौरीलाल

Friday, July 03, 2009 6:24:00 PM

रामप्यारी मैम, गुड इवेनिन्ग..मेरा भी एडमिशन कर लिजिये. आपका मैथ्स बहुत सालिड है टू टूजा 22 .:)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Friday, July 03, 2009 6:25:00 PM

ओह...।
बहुत खूब!
कमाल की पोस्ट है ताऊ!
दूध की रखवाली बिल्ली के हाथ में।
जब रामप्यारी पढ़ायेंगी तो
बेड़ा तो गर्क होगा ही।

  Bhairav

Friday, July 03, 2009 6:25:00 PM

मैम ये सुपर मैथ्स पढाने का शुक्रिया. मजा आया.

  दीपक "तिवारी साहब"

Friday, July 03, 2009 6:29:00 PM

होमवर्क के सवाल का जवाब है बीरबल को उसके पास खडे व्यक्ति को चांटा रसीद कर देना चाहिये.:)

  दीपक "तिवारी साहब"

Friday, July 03, 2009 6:30:00 PM

मैम, ताऊ सिकंदर और पोरस की कहानी का आधुनिक रुपांतरण पसंद आया.

  makrand

Friday, July 03, 2009 6:33:00 PM

आज तो जबरदस्त क्लास लगाई है रामप्यारी जी. बच्चों का सीधा ही पब्लिक स्कूलों मे एडमिशन हो जायेगा.

  makrand

Friday, July 03, 2009 6:34:00 PM

आज तो जबरदस्त क्लास लगाई है रामप्यारी जी. बच्चों का सीधा ही पब्लिक स्कूलों मे एडमिशन हो जायेगा.

  makrand

Friday, July 03, 2009 6:35:00 PM

रामप्यारी मैम के होमवर्क का जवाब :- बीरबल को बादशाह की नौकरी छोड देनी चाहिये।

  kartik

Friday, July 03, 2009 6:36:00 PM

very good rampyariji..keep it up.:)

  kartik

Friday, July 03, 2009 6:36:00 PM

very good rampyariji..keep it up.:)

  kartik

Friday, July 03, 2009 6:36:00 PM

very good rampyariji..keep it up.:)

  Udan Tashtari

Friday, July 03, 2009 7:00:00 PM

कितना अच्छा पढ़ा रही है रामप्यारी. बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो गया. :)

आदित्य तो घर जाकर झूला में सो गया मैम..होम वर्क नहीं कर रहा है और लवि पापा को टहलाने ले गई..उसने भी होम वर्क नहीं किया.

  Udan Tashtari

Friday, July 03, 2009 7:03:00 PM

राम प्यारी

जरा पूजा मैडम की भी क्लास लगाना..शिकायत लगा रही हैं तेरी..इत्ता भी नहीं मालूम कि आजकल २ टूजा २ बराबर २२ होता है..न्यू गणित में कल के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद. सब बदल गया है.. :)

  Shefali Pande

Friday, July 03, 2009 7:07:00 PM

रामप्यारी ...गणित क्यूँ पढ़ने लगी पहले पहले ...कोई और विषय नहीं मिला ....मुझसे पूछ लेती ...पहले दिन से ही गणित पढ़ाएगी तो क्लास में बच्चे आएँगे नहीं ....फिर चूहे मारना बैठ कर ...पहले कुछ दिन पोएम सुनाते हैं ....ड्राइंग करते हैं ....नाच गाना , अन्ताक्षरी करवाते हैं ....जब बच्चे सेट हो जाते हैं तब गणित के सवाल उन पर मारते हैं ....आगे से इस विषय पर मेरे राय ले लिया कर .....

  Shefali Pande

Friday, July 03, 2009 7:07:00 PM

रामप्यारी ...गणित क्यूँ पढ़ने लगी पहले पहले ...कोई और विषय नहीं मिला ....मुझसे पूछ लेती ...पहले दिन से ही गणित पढ़ाएगी तो क्लास में बच्चे आएँगे नहीं ....फिर चूहे मारना बैठ कर ...पहले कुछ दिन पोएम सुनाते हैं ....ड्राइंग करते हैं ....नाच गाना , अन्ताक्षरी करवाते हैं ....जब बच्चे सेट हो जाते हैं तब गणित के सवाल उन पर मारते हैं ....आगे से इस विषय पर मेरे राय ले लिया कर .....

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

Friday, July 03, 2009 7:45:00 PM

रामप्यारी जी, एक नेक सलाह है। बच्चों को उत्तर बता दिया करो, नहीं तो घर जाकर शिकायत करेंगे कि टीचर को कुछ नहीं आता। हम ही से पुछती रहती हैं।

  काशिफ़ आरिफ़/Kashif Arif

Friday, July 03, 2009 8:23:00 PM

अच्छा है! इस देश मे कुछ भी हो सकता है

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Friday, July 03, 2009 9:37:00 PM

ताऊ, म्हारा भी अड्मिशन करा दो इस क्लास में. आदि, लावी और चंगू, मंगू जैसे बच्चे साथ हों तो शायद अपना भी बचपन लौट आये.

  ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey

Friday, July 03, 2009 9:38:00 PM

क्या ख्याल है गोलू पांड़े को भरती कर दें इस स्कूल में? कुछ कायदे सीख पायेगा या भदोहिया भुच्च ही रहेगा।
फीस कितनी है?

  अविनाश वाचस्पति

Friday, July 03, 2009 9:44:00 PM

अकबर ने बीरबल को चांटा मारा
ऐसे कैसे मान लें
कोई वीडियो क्लिप दिखाएं
देख नहीं रहे हैं
देश में कितना शोर मच रहा है
एक मंत्री ने बैंक मैनेजर को चांटा मार दिया
मंत्री मुकर गया
पर सीसीटीवी ने सब याद कर लिया
चैनलों ने सब टेलीकास्‍ट कर दिया
बीरबल ने टीवी चैनलों को खूब इंटरव्‍यू दिए
चैनलों की टीआरपी रातों रात दिनों दिन बढ़ गई
सोलह दूनी चौंसठ हो गई
चांटा मारने की घटनाओं का
एक भरपूर इतिहास है
मंत्री को पता लग गया
तो इसी पोस्‍ट का प्रिंट निकाल कर
अदालत में पेश कर देगा
सोनिया जी को ई मेल कर देगा
यह तो पहले से होता आ रहा है
मैंने नया क्‍या किया है
क्‍यों लोग हल्‍ला मचा रहे हैं
गांधी जी की तरह
दूसरा गाल क्‍यों नहीं
आगे ला रहे हैं
मेरे दूसरे हाथ में
खुजली हो रही है

  Ratan Singh Shekhawat

Friday, July 03, 2009 10:02:00 PM

इतिहास की पढाई के बहाने वर्तमान राजनीतीज्ञों बहुत अच्छा व्यंग्य मारा है ताऊ |

  रंजन

Friday, July 03, 2009 10:13:00 PM

धन्यवाद ताऊ.. आदि को रामप्यारी की क्लास में भर्ती करा दिया.. अब जल्द ही सिख जायेगा..:)

मस्त क्लास है..

  डॉ. मनोज मिश्र

Friday, July 03, 2009 10:45:00 PM

चलिए अब रामप्यारी को भी नौकरी मिल गयी .

  P.N. Subramanian

Friday, July 03, 2009 10:46:00 PM

बहुत सुन्दर.

  Lavi

Friday, July 03, 2009 10:47:00 PM

मैम, ये होमवर्क तो मुझसे नहीं हो रहा है, पापा से पूछ लूं क्या ??

  लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`

Friday, July 03, 2009 11:02:00 PM

रामप्यारी,
आप सब को
अपनी - सी लगती हो
आपकी क्लास
बहुत सक्सेसफूल रहे
ये हमारी शुभकामना
ले लो जी :)
- लावण्या

  विनीता यशस्वी

Friday, July 03, 2009 11:11:00 PM

Rampyari ji se parne ko mai bhi aa rahi hu...

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, July 04, 2009 2:03:00 AM

रामप्यारी मेडमजी! अब देश को २१ वी सदी मे पहुचने से अगुठा मास्टर ताऊ भी नही रोक सकता। काश मै भी एडमिशन आपकी प्ले स्कुल मे ले पाता, तो मेरा जीवन भी इस अनुठी शिक्षा प्रणाली से धन्य हो जाता है। आपकी यह अनोखी गणित शिक्षा-प्रणाली १९४८ से होती तो देश की अर्थ व्यवस्था आज कहा कि कहा होती आप अनुमान नही लगा सकती।

मेडमजी आपके चरण-स्पर्स करने का मन कर रहा है, कृपया बताऐ आपके चरण कहा है ?

हे प्रभु यह तेरा-पन्थ

मुम्बई टाईगर

  अजित वडनेरकर

Saturday, July 04, 2009 4:59:00 AM

मस्त पोस्ट है...रामप्यारी भी कम नहीं,और छोकरे भी....
आप कहां थे इस प्रसंग में ?

  वाणी गीत

Saturday, July 04, 2009 6:42:00 AM

रामप्यारी के विद्यार्थिओं का तो भगवान् ही मालिक है !!

  विवेक सिंह

Saturday, July 04, 2009 9:10:00 AM

बादशाह ने कहा: बीरबर डार्लिंग मैं तुम्हें चाहने लगा हूँ !

  मीत

Saturday, July 04, 2009 11:07:00 AM

waah!! waah!! waah!!
meet

  Murari Pareek

Saturday, July 04, 2009 6:43:00 PM

बीरबल को चांटा मारा तो बीरबल ने सबक सिखाने की ठान ली !! और रात मैं जब अकबर टॉयलेट के लिए जा रहे थे ! बीरबल ने भूत का वेश धारण किया, और बादशाह को ऐसा डराया की बादशाह ने फिर टॉयलेट जाने की जरुरत नहीं समझी काम वहीँ निपट चुका था !! बादशाह घर की तरफ भागे!! दुसरे दिन बादशाह ने बीरबल को चिढाने की दृष्टी से कहा : बीरबल कल वाला चांटा!!
बीरबल तपाक से बोले: हुजुर रात वाला भुत का काटा!! अकबर समझ चुके थे इसलिए चुप्पी धारण की !!!

  जगदीश त्रिपाठी

Saturday, July 04, 2009 11:16:00 PM

पर रामप्यारी
ताऊ पोरस तो सिकंदर से जीत गया था। लगता है तुमने असली इतिहास नहीं पढ़ा। कोई बात नहीं अलेक्जेंडर फिल्म ही देख ली होती। हमारे इतिहासकार तो अब तक झूठ पढ़ाते ही रहे। अब तू भी झूठ पढ़ाने लगी। वैसे भी देख पंजाब में कैप्टन अमरिंदर ने बादल को जेल भेजने की पूरी प्लानिंग की थी तो अब वही काम बादल कर रहे हैं।

  अल्पना वर्मा

Sunday, July 05, 2009 9:41:00 AM

बहुत ही अच्छी टीचर हो रामप्यारी तुम तो!

ताऊ उवाच :-:


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