ताऊ सिल्वर जुबिली पहेली – २५

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम. ताऊ पहेली के सिल्वर जुबिली अंक 25 में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं.

आज के इस सिल्वर जुबिली अंक के विजेता को ताऊश्री सम्मान से पुरुष्कृत किया जायेगा. तो देखते हैं आज कौन इस सम्मान को प्राप्त करता है? यहां बार बार नियमों का उल्लेख ना करते हुये हम अब सीधे पहेली की तरफ़ चलते हैं. जो प्रतिभागी नये हैं वो पुरानी ताऊ पहेली – २१ की पोस्ट पढ कर नियमों की विस्तृत जानकारी ले सकते हैं.

क्ल्यु हमेशा की तरह रामप्यारी के ब्लाग से मिलेंगे. रामप्यारी के ब्लाग पर पहला क्ल्यु ११:३० बजे और दुसरा २:३० बजे मिलेगा.

तो आईये अब आज की पहेली की तरफ़ चलते हैं.

main picture for paheli25

बताईये यह कौन सी जगह है?


अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये



rampyari-new11हाय आंटीज, अंकल्स एंड दीदी लोग.. सिल्वर जुबिली की वैरी सवीट एंड समाईली गुड मोर्निंग फ़्रोम मिस रामप्यारी…


आज बिल्कुल सीधा सा सवाल. क्योंकि आज ताऊ पहेली की सिल्वर जुबिली है ना. इस लिये बिल्कुल आसान सवाल.

तो ध्यान से पढिये आज का सवाल. और जवाब बिल्कुल अलग टिपणी मे दिजियेगा.

सवाल :-

आजकल गर्मी मे ताऊ ने तरबूज बेचने का ठेला लगा लिया है. आप भी लगा सकते हैं, अच्छा कमाई वाला धंधा है. हां तो ताऊ सुबह सुबह मंडी से जाकर कुछ तरबूज खरीद कर लाया.

ताऊ के पहले ही ग्राहक ने ताऊ से उसके संख्या मे से आधे तरबूज और एक तरबूज का आधा टुकडा खरीदा.

दुसरे ग्राहक ने बाकी बचे तरबूजों का आधा और आधा टुकडा खरीदा.

तीसरे ग्राहक ने बाकी बचा एकमात्र तरबूज खरीदा.

अब आपको बताना यह है कि ताऊ बाजार से कुल कितने तरबूज लाया था?


बताओ अंकल आंटियों और दीदीयो,

फ़टाफ़ट ताऊ द्वारा खरीदे गये तरबूजों की संख्या बताओ. और सीधे ३० नम्बर पाओ.

अब आप मेरे ब्लाग पर पहली हिंट की पोस्ट पढ सकते हैं ११:३० बजे और दुसरी २:३० बजे.


इस अंक के आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा

नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं. किसी भी तरह की विवादास्पद परिस्थितियों मे आयोजकों और ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के संपादक मंडल का फ़ैसला ही अंतिम फ़ैसला होगा

118 comments:

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 8:04:00 AM

Itanagar Buddhist Temple

  रविकांत पाण्डेय

Saturday, June 06, 2009 8:07:00 AM

रामप्यारी, ताऊ सात तरबूज लेकर गया था।

  रंजन

Saturday, June 06, 2009 8:08:00 AM

न देखा न सुना.. ्है राम प्यारी ्तेरा आसरा..

  रंजन

Saturday, June 06, 2009 8:10:00 AM

तरबुज तो ६ थे.. बस ६ तरबुजों का ठेला...

  Udan Tashtari

Saturday, June 06, 2009 8:13:00 AM

आज सारे लोग बुद्ध भक्त हो उनके मंदिर गुघल पर ढूंढ रहे होंगे, सोच कर मन प्रसन्न हुआ जाता है भक्तों के विषय में.

  Udan Tashtari

Saturday, June 06, 2009 8:20:00 AM

रामप्यारी तो अब गणित की कक्षा में जाने लगी तो अभिषेक अंकल से पढ़े..हम क्या कर करें..कामर्स लेती तो जित्ता भी कठिन सवाल बता देती. :)

  ताऊ रामपुरिया

Saturday, June 06, 2009 8:23:00 AM

जरुरी सूचना : - आज की पहेली के जवाब मे गलत या सही किसी भी तरह के जवाब रामप्यारी की पोस्ट आने तक पबलिश नही किये जायेंगे.

और उसके बाद पबलिश किये गये जवाब भी सही होंगे या गलत..यह तय नही है. कृपया ध्यान रखें कि आज का अंक सिल्वर जुबिली अंक है और इसका विजेता बनेगा "ताऊश्री"

आज आप कन्फ़्युज ना हों. अपना जवाब देना चालू रखिये. जो भी जवाब सुझता हो वह देते रहिये...जब सही जवाब मिल जाये तब बदल लिजिये..और क्या पता आपके दिमाग मे जो सूझ रहा है वही सही जवाब हो?

शुभकामनाएं.

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, June 06, 2009 8:26:00 AM

ताऊ रामराम..सिल्वर जुबिली की बधाई..जवाब ढूंढ रहे हैं..

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, June 06, 2009 8:27:00 AM

रामप्यारी जी आपको भी बहुत बधाई..आज मैं बहुत सारी चाकलेट लाया हुं.:)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, June 06, 2009 8:41:00 AM

रामप्यारी के क्लू के बाद ही पहेली का उत्तर देना सम्भव हो सकता है।
राम-राम।

  Arvind Mishra

Saturday, June 06, 2009 8:42:00 AM

याद नहीं आ रहा

  woyaadein

Saturday, June 06, 2009 8:43:00 AM

ताऊ जी के प्रश्न का उत्तर है:
बुद्ध स्तूप, देहरादून

साभार
हमसफ़र यादों का.......

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, June 06, 2009 8:44:00 AM

रामप्यारी,
ताऊ ने 5 तरबूज खरीदे थे।

  seema gupta

Saturday, June 06, 2009 8:48:00 AM

dehradun. Regards

  Udan Tashtari

Saturday, June 06, 2009 8:56:00 AM

काश, कोई बुद्दा मंदिर खोजने देहरादून चला जा्ता तो काम बनता-साथ गंगा स्नान हरिद्वार में कर आता तो पाप धुल जाते.

  संजय तिवारी ’संजू’

Saturday, June 06, 2009 8:57:00 AM

बोध मंदिर, देहरादून.

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Saturday, June 06, 2009 8:57:00 AM

रामप्यारी,
ताऊ ने कुल जमा ८ तरबूज खरीदे. पहला ग्राहक साढ़े चार ले गया और दूसरा ढाई ले गया, इब बचा एक वह तीसरा ग्राहक ले गया.

  Tarun

Saturday, June 06, 2009 9:27:00 AM

tau bazar se 7 tarbooj laya tha.

  नीरज गोस्वामी

Saturday, June 06, 2009 9:43:00 AM

ये कोई बौद्ध मंदिर है ...बिहार के किसी स्थान का...समझ नहीं आ रहा...के करूँ ?
नीरज

  annapurna

Saturday, June 06, 2009 9:44:00 AM

एस्कान का कृष्ण मन्दिर लग रहा है।

  annapurna

Saturday, June 06, 2009 9:45:00 AM

रामप्यारी जी, ताऊ ने बाज़ार से छह (6) तरबूज़ लाए।

  annapurna

Saturday, June 06, 2009 9:46:00 AM

एस्कान का कृष्ण मन्दिर लग रहा है।

  Ashish

Saturday, June 06, 2009 9:46:00 AM

6 tarbooj

  poemsnpuja

Saturday, June 06, 2009 9:53:00 AM

Og Min Ogyen Mindrolling Monastery in Dehradun

  poemsnpuja

Saturday, June 06, 2009 10:02:00 AM

रामप्यारी तू ताऊ के इन खुराफाती कामों में क्यों पड़ती है, घर में रहा कर, ताई खाना नहीं देती क्या तुझे?
ताऊ ने टोटल ६ तरबूज ख़रीदे, तेरी हेल्प करने की कोशिश तो कर रही हूँ, पर लफडा वही है मेरा मैथ बहुत ख़राब है :)
देख तेरे लिए कोशिश तो की, नंबर दिलवा देना :)

  woyaadein

Saturday, June 06, 2009 10:07:00 AM

रामप्यारी के प्रश्न का उत्तर है:
७ तरबूज
उत्तर तो सोलह आने सही है पर मुझे तो अपने ताऊ के धंधे की चिंता हो रही है. कुल ७ तरबूज बेचे और ग्राहक आये सिर्फ़ तीन.. ये ताऊ धंधा कर रिया है या टाईमपास......हा हा :-)

साभार
हमसफ़र यादों का.......

  अन्तर सोहिल

Saturday, June 06, 2009 10:11:00 AM

6 तरबूज

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, June 06, 2009 10:25:00 AM

रामप्यारी तेरे सवाल का जवाब तो छ:(six) तरबूज हैं|

  poemsnpuja

Saturday, June 06, 2009 10:27:00 AM

pahla jawab cancel kiya jaaye...do drul chorten, gangtok hai

  Readers Cafe

Saturday, June 06, 2009 10:28:00 AM

gompa dekh ke to koi monastery lag rahi hai, charon teraf lage poles is baat ki pusti bhi karte hain....isse jyada kuch guess karna mushkil hai

  jitendra

Saturday, June 06, 2009 10:59:00 AM

6 tarbuj

  अन्तर सोहिल

Saturday, June 06, 2009 11:00:00 AM

कोई बोद्ध मोनेस्ट्री लग रही है

  संजय बेंगाणी

Saturday, June 06, 2009 11:30:00 AM

शाम तक कक्षा में हाजिर होते हैं.

  निर्झर'नीर

Saturday, June 06, 2009 11:41:00 AM

tau jagah ka to bera konya ..
pan tarbooj ki ginti poori saat(7) se..
hum to thahre RAMPURI
bas chaku rakhna choR diya..

  jitendra

Saturday, June 06, 2009 11:52:00 AM

Shanti Stupa, Leh, Ladakh

  ताऊ रामपुरिया

Saturday, June 06, 2009 11:56:00 AM

सूचना : मिस. रामप्यारी, के ब्लाग पर हिंट की पहली पोस्ट पब्लिश हो चुकी है. अगली हिंट की पोस्ट २:३० बजे प्रकाशित होगी.

-आयोजक

  seema gupta

Saturday, June 06, 2009 11:57:00 AM

leh ladhak

regards

  नीरज गोस्वामी

Saturday, June 06, 2009 12:15:00 PM

ये हिमांचल प्रदेश में स्तिथ है...चन्द्र ताल से हमें हिंट मिला...आगे राम जाने...
नीरज

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 12:31:00 PM

The War Memorial for the Lost soldiers in the Indo-China war.

Tawang town [Arunachal Pradesh]

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, June 06, 2009 12:37:00 PM

धर्मशाला(हिमाचल प्रदेश) का बुद्ध मन्दिर.......

  P.N. Subramanian

Saturday, June 06, 2009 12:38:00 PM

हमें तो सिक्किम में बौद्ध स्मारक लग रहा है. यान्ग्थांग घाटी

  नीरज गोस्वामी

Saturday, June 06, 2009 12:40:00 PM

ताऊ मिल गया मिल गया...जवाब मिल गया...ये है खारदोंग मोनास्ट्री, केलोंग, लाहौल(Khardong Monastery, Kelong, lahaul) में. सही जवाब है ना...नंबर देदो अब तो..बहुत मुश्किल से पता लग पाया है..

नीरज

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 12:41:00 PM

The War Memorial for the Lost soldiers in the Indo-China war.

Tawang town [Arunachal Pradesh]

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 12:45:00 PM

Jaswant Garh, The War Memorial, Tawang [Arunachal Pradesh]

  seema gupta

Saturday, June 06, 2009 12:53:00 PM

rampyari ka ans hai 7

regards

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 12:59:00 PM

रामप्यारी का उत्तर :

पांच तरबूज

पहले ग्राहक ने दो तरबूज पूरे और आधा लिया !
दूसर ग्राहक ने एक तरबूज और बचा हुआ आधा हिस्सा लिया !
तीसरे ने शेष बचा एकमात्र तरबूज ले लिया !

(इतना आसान सवाल तो हो नहीं सकता अभी बैठ के सोचता हूँ तब तक इसी उत्तर को जमा कर लो रामप्यारी)

  अल्पना वर्मा

Saturday, June 06, 2009 1:03:00 PM

शनिवार सुबह की नमस्ते..अब यहाँ तो सुबह ही है..साढ़े ग्यारह जो बजे हैं.
आशा है अब तक आप को पहले क्लू ने मदद कर दी होगी.
रामप्यारी के ब्लॉग पर दो क्लू हैं और दोनों ही उस राज्य की प्रसिद्ध जगहें हैं.इनके नाम भी है..यह सिर्फ पानी और सड़क नहीं दिखाई गयी है.
अगर इन क्लू की मदद नहीं मिल रही है तो ढाई बजे अंतिम क्लू ले कर रामप्यारी आ जायेगी.
शुभकामनायें.
शुभ दिन.

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 1:13:00 PM

अरे ताऊ जी

प्रतियोगिता में थोड़ी सी तो पारदर्शिता रहनी ही चाहिए ! आप भले ही उत्तर न बताएं लेकिन स्कोर कार्ड तो दिखा दें !

कितने जवाब आये और कितने सही हैं ?

जय पहेली...जय ताऊ...जय भारत

  woyaadein

Saturday, June 06, 2009 1:14:00 PM

घोर कलयुग है भगवन.......क्लू में भी फोटो चिपका दी, वो भी एक नहीं दो-दो. यहाँ तो पहेली वाली फोटो ने ही तबाही मचा रखी है, अब क्लू वाली इन दो फोटो को भी झेलो...रामप्यारी आज तो तेरी खैर नहीं......

साभार
हमसफ़र यादों का.......

  हिमांशु । Himanshu

Saturday, June 06, 2009 1:32:00 PM

लद्दाख की कोई जगह तो नहीं ।

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 1:36:00 PM

ताऊ जी

मेरे पहले वाले जवाब को ही फाईनल माना जाए !

  विनीता यशस्वी

Saturday, June 06, 2009 1:38:00 PM

सिल्वर जुबिली ki bahut shubhkaamnaye...

  राज भाटिय़ा

Saturday, June 06, 2009 1:54:00 PM

ताऊ यह वो जगह है जो... अरे अगर मेने बता दी तो सब को पता चल जायेगा, जरा बताओ तो Comment moderation तो चालू है ना, फ़िर ठीक, तो सुनो यह वो जगह है जहां मै कभी गया नही, जाऊगा भी नही, अरे मरना है इतनी सर्दी मै हिमालय पर जाऊ, जा कर करुगां भी क्या, मेने कोन से पाप किये है जो साधू बनू, अब इस राम प्यारी का भी हिसाब किताब कर दो , अरे इस के हाथ पीले कर दो अल्पना आंटी से पूच लो दुबई मै कोई भारतीया बिल्ला मिल जाये तो अच्छा है फ़िर इसे भी अल्पना आंटी के स्कुळ मे बच्चो की पिटाई करने की नोकरी मिल जायेगी.
मै तो चला उस सुंदर सी झील मे तेरने अब झिल का नाम तो बता दुं, लेकिन मुझे खुद ही नही मालुम...
सीता राम

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, June 06, 2009 1:57:00 PM

ओह.........मिस. रामप्यारी,
तुम्हारे 11-30 बजे के क्लू से भी कोई नतीजा नही निकला।
"ताऊ सिल्वर जुबिली पहेली – २५"
के लिए ताऊ जी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

  अल्पना वर्मा

Saturday, June 06, 2009 2:02:00 PM

अगला क्लू दोपहर ढाई बजे आएगा...
@'वोयादें 'जी के लिए बात दूँ --ये जो दो क्लू दिए गए हैं उनमें यह जो पानी दिख रहा है न...बहुत ही खुबसूरत पहाड़ी जगह है और इस झील का नाम एक लड़की के नाम पर है और यह झील स्वर्गीय अनुभूति देती है.
.

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, June 06, 2009 2:22:00 PM

रामप्यारी जी नमस्कार.
कुल तरबूज ५ होने चाहिए ताकि पहला ग्राहक २.५, दूसरा -१.५ और तीसरा ग्राहक १ तरबूज ले जा सके.

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, June 06, 2009 2:23:00 PM

शैली तो सिक्किम के बौद्ध मंदिरों की सी है..पर कौन जाने, ढाई बजे का क्लू कोई नया गुल खिला दे तो !

  seema gupta

Saturday, June 06, 2009 2:34:00 PM

agarleh ladhak nahi hai to fir sikkim hai

regards

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 2:34:00 PM

आदरणीय ताऊ जी

मुझसे एक बहुत भारी गड़बड़ हो गयी !

मुझे अभी - अभी याद आया कि एक जवाब तो मैं बिलकुल सवेरे ही (८.15) की आस-पास भी दे चुका का हूँ ! कहीं आप उसको ही मेरा फाईनल जवाब न मान लें !

ऐसा अनर्थ न कीजियेगा ताऊ जी !
मेरा दूसरा वाला उत्तर जिसमें मैंने लिखा था कि "युद्घ में शहीद जवानों की याद में बना स्मारक अरुणाचल प्रदेश" को ही सही मानियेगा !

  पंकज सुबीर

Saturday, June 06, 2009 2:42:00 PM

इस जगह का नाम है' एक बड़े खंबे के पास कई छोटे खंबे' ये जगह पृथ्‍वी पर कहीं स्थित है ।

  अल्पना वर्मा

Saturday, June 06, 2009 2:44:00 PM

आशा है ,रामप्यारी के आखिरी क्लू को [जो ढाई बजे प्रकाशित हुआ]देख कर आप ने जगह तलाश ली ही होगी...रामप्यारी की शिकायत थी की आज किसी ने उसे चॉकलेट नहीं दी..तो प्लीज उसे चॉकलेट भिजवा दें...उस की तरफ से मैं एक बहुत ही अच्छा क्लू देती हूँ की पहेली के मुख्य चित्र में दिखाई जगह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जगह है..और मेरी राय में हर भारतीय को इस के बारे में आवश्यक रूप से मालूम होना चाहिये.धन्यवाद.शुभकामनाये.

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 2:49:00 PM

ताऊ जी आप मेरी बात समझ गए हैं न ?

मेरे दुसरे नंबर वाले यानी अरुणाचल प्रदेश वाले जवाब को सही मानियेगा !

अगर मुझे हार्ट अटैक हुआ तो इसके जिम्मेदार आप और सिर्फ आप ही होंगे

  annapurna

Saturday, June 06, 2009 2:55:00 PM

यह जगह शायद नैनीताल है या फिर शिमला या कुल्लू मनाली

  दिलीप कवठेकर

Saturday, June 06, 2009 3:14:00 PM

रामप्यारी नें उम्मीदों पे पानी फ़ेर दिया.

खैर , उसकी पहेली का जवाब है ६ तरबूज.

पहले ग्राहक नें ३ और आधा.

बचा २ और आधा

दूसरे नें लिया उसका आधा याने १ और आधा.
बचा १ तरबूज..

चलो भागते भूत की लंगोटी सही.३० मार्क मिल जाये तो इज़्ज़त रह जाये.

रामप्यारी की हिंट नें डूबाया तो अल्पना जी की क्ल्यु (भारतीय)नें ऊपर से पत्थर रख दिया. पूरे डूब गये.

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, June 06, 2009 3:42:00 PM

राम्प्यारी आज तो तूने बडा धोखा किया. मेरी चाकलेट भी खा गई और कुछ ढंग ढांग का क्ल्यु भी नही दिया.

  makrand

Saturday, June 06, 2009 3:43:00 PM

बुद्ध मोनेस्ट्री. धर्मशाला

  makrand

Saturday, June 06, 2009 3:43:00 PM

बुद्ध मोनेस्ट्री. धर्मशाला

  makrand

Saturday, June 06, 2009 3:43:00 PM

बुद्ध मोनेस्ट्री. धर्मशाला

  योगेश समदर्शी

Saturday, June 06, 2009 3:44:00 PM

taoo ki paheli ka sahi jawab hai "budhha temple dehradun"

  भानाराम जाट

Saturday, June 06, 2009 3:45:00 PM

अरे ताऊ यो तो रेवाडी की गूगा पीर की मैडी दिखै है मन्नै तो भाई

  भानाराम जाट

Saturday, June 06, 2009 3:45:00 PM

अरे ताऊ यो तो रेवाडी की गूगा पीर की मैडी दिखै है मन्नै तो भाई

  मिस. रामप्यारी

Saturday, June 06, 2009 3:46:00 PM

हाय अंकल्स, आंटीज एंड दीदीज, गुड आफ़्टर नून. आप मेरा नाम तो बता ना मत पर मुझे पता लगा है कि ये जो झंडे डंडे वाली जगह जहां पर है ना उस जगह का संबंध सुर्य भगवान जी से भी है...

और मैने ताऊ और अल्पना आंटी को बाते करते सुना है कि इस पहेली को पता नही किसको समर्पित कर देंगे? मुझे जैसे ही कुछ और हिंट मिलती है मैं आपको आकर बताती हूं. पर आप मेरा नाम मत लेना.

  जितेन्द़ भगत

Saturday, June 06, 2009 4:11:00 PM

सि‍ल्‍वर जुबली की घणी बधाई। जवाब चाहे जो भी हो
तरबूज मीठे नि‍कले तब कोई बात है, बेचारे ग्राहक:)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, June 06, 2009 4:14:00 PM

यह स्थान तो धर्मशाला हिमाचल-प्रदेश होना चाहिए।

  दिगम्बर नासवा

Saturday, June 06, 2009 4:24:00 PM

धर्मशाला ki बुद्ध मोनेस्ट्री

Vaise ye jheelen kailaash jaate huve bhi nazar ati hin

  Alka Ray

Saturday, June 06, 2009 4:46:00 PM

itna jyada dimag kharch karne ke baad ham is result par pahunche hain ki yah Pole Wala Temple hai aur abhi iska naam nahi rakha gaya hai.
jaise hi iska naam rakha jayega ham bata denge.

  नितिन व्यास

Saturday, June 06, 2009 4:49:00 PM

रामप्यारी ताऊ तो ६ तरबूज लाया था पहले ग्राहक ने लिये ३ पूरे और आधा, दूसरे ने १ पूरा और आधा, बाकी तीसरे के मिला १ पूरा।

  Alka Ray

Saturday, June 06, 2009 4:50:00 PM

Itanagar Buddhist Temple

Notice - hamne kisi kee nakal nahi kee hai.

  Alka Ray

Saturday, June 06, 2009 4:56:00 PM

रामप्यारी का उत्तर :

पांच तरबूज

  yuva

Saturday, June 06, 2009 5:00:00 PM

Taau sirf 6 tarbooj se garmi men kaise kaam chalega

  डॉ. मनोज मिश्र

Saturday, June 06, 2009 5:00:00 PM

1-खारदोंग मोनास्ट्री, केलोंग, लाहौल
2-५ तरबूज

  नितिन व्यास

Saturday, June 06, 2009 5:48:00 PM

धर्म चक्र सेंटर / रमटेक सिक्किम

  अल्पना वर्मा

Saturday, June 06, 2009 5:53:00 PM

@दिलीप जी आप ने यह क्यों कहा...'रामप्यारी की हिंट नें डूबाया तो अल्पना जी की क्ल्यु (भारतीय)नें ऊपर से पत्थर रख दिया. पूरे डूब गये.'

June 6, 2009 3:14

यह सच है दिलीप जी कि इस जगह की जानकारी हम भारतियों को नहीं होगी तो फिर किसी होगी?
हर देशप्रेमी को इस जगह और जगह से जुडी जानकारी के बारे में पता होना चाहिये.सच है हमारी याददाश्त बहुत जल्दी बीती बातें भुला देती है..जो नहीं होना चाहिये.
हाल ही में हमारी माननीय राष्ट्रपति महोदया भी इस स्थान पर घूम कर आई हैं.
और आज तो बहुतों का गणित भी गड़बड़ हो रहा है...
रामप्यारी को चॉकलेट लगता है मिलने शुरू होगई हैं...उस ने भी चोरी से क्लू देने शुरू कर दिए हैं...

  अजय कुमार झा

Saturday, June 06, 2009 6:03:00 PM

ताऊ बिल्ली...ने जो पुछय ...वा का उत्तर तो छ तरबूज ही है...हाँ यो कौन कौन से मंदर माँ फिरे है ....कोई बुद्ध मंदिर कैवे है कोई कुछ और..मंदर भगवान् का है ..हनुमान जी का, नहीं संतोषी माता का, न विष्णु जी, न भोले बाबा का, दुर्गा माँ का, राम जे का, साईं बाबा का तो न है......इब कौन सा भगवान् बच गया भय ...ठीक ठीक लगा लियो...छोटा मोटा....सांत्वना पुरस्कार मिल जावे तो यो जो थारी बिल्लन से न छमियां व के वास्ते मछलियाँ न इंतजाम कर दूंगा...तो सौदा पक्का समझूँ न,,,

  अजय कुमार झा

Saturday, June 06, 2009 6:12:00 PM

tau tharee pahlee pahali kaa jawaab wahee dena haimanne bhee khaardon monastee....ib maha tau bane na bane ..billan kaa jawaab to de hee diyo hai...waa keee choclate...wa kaa khasam hamaara billa khaa gaya..use na batana kadi rone lag jaave...billan...va ke kahein hain raam pyaree...

  अभिषेक ओझा

Saturday, June 06, 2009 6:12:00 PM

Hai to Arunachal Pradesh !

  अभिषेक ओझा

Saturday, June 06, 2009 6:19:00 PM

और ये है: Jaswantgarh, The War Memorial, Tawang, Arunachal Pradesh

  अभिषेक ओझा

Saturday, June 06, 2009 6:32:00 PM

आज का फाइनल जवाब तो मेरा हो गया. पर अब तो जी अपने को नहीं लगता की कभी सुबह आठ बजे भाग ले पायेंगे. अब तो बस सरेंडर ही किये देते हैं :)

और रामप्यारी ताऊ को तो बस ७ (7) तरबूज ही मिल पाए थे :)
7/2 = 3.5
first customer: 3.5+.5 = 4
2nd customer: (7-4)/2 = 1.5+.5 = 2
third customer: 1

  मिस. रामप्यारी

Saturday, June 06, 2009 6:48:00 PM

हाय अंकल्स, आंटीज एंड दीदीज, गुड ईवनिंग ..
अब मैं चुपके से बता रही हूं कि पहेली वाली जगह का संबंध हमारे वीर बहादुर सैनिकों के साथ भी है. और अब क्या बाकी रह गया ?

ताऊ और अल्पना आंटी इस सिल्वर जुबिली को वीर सैनिको को समर्पित करने वाले हैं. और आपको विद्या माता की कसम है जो मेरा नाम लिया तो.

अब क्या है कि मेरे पेट मे ये बात पच नही रही है और अगर आपने बता दिया कि रामप्यारी ने आपको बताया है तो मेरी पिटाई पक्की है..सो आप सोच लेना..अगले बार गलत क्ल्यु भी दे कर हिसाब बराबर कर दूंगी....और आपने अगर मेरा नाम नही लिया तो जैसे ही पता चलेगा मैं और एक क्ल्यु आपको आकर दे देती हूं.

आप टेंशन मत लेना..बस मैं युं गई और फ़िर नही भी आई तो आप क्या कर लोगे मेरा? एक भी चाकलेट तो दी नही अभी तक.

  नितिन व्यास

Saturday, June 06, 2009 6:55:00 PM

बुध्द मंदिर ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश

  नितिन व्यास

Saturday, June 06, 2009 7:24:00 PM

Tawang Monastery and War Memorial, Arunchal Pradesh.

  दिलीप कवठेकर

Saturday, June 06, 2009 7:27:00 PM

अल्पनाजी,

मैं सोच रहा था कि ये जगह नेपाल में एक मोनास्ट्री है या फ़िर भुटान की. मगर आपने लिखा कि ये जगह हर भारतीय को पता होना चाहिये, तो मैं कन्फ़्युज़ा गया और तलवार म्यान कर ली.हा हा हा !!!!

और कोई बात नही, या आक्षेप नही, बस ये पहेली थोडी कठिण है इसलिये खंबा नोच रहे है.(रामप्यारी का काम हम कर रहे है)

मेरे खयाल में ऐसी ही पहेलीयां हमारे सामान्य ग्यान की परिक्षा है, और इसीलिये अब ये पहेली ब्लोग जगत में शीर्ष स्थान पर है.

  Ratan Singh Shekhawat

Saturday, June 06, 2009 7:27:00 PM

ताऊ ये जगह हमने तो कभी नहीं देखि !

  Shastri

Saturday, June 06, 2009 7:43:00 PM

अरे ताऊजी, हर शनिवार को आपके चिट्ठे पर क्या आते हैं, अब मुझे लगने लगा है कि मेरा दिमांग वाकई में बुढा गया है!!

आज चित्र देखा तो दिमांग खाली हो गया. फिर रामप्यारी की "सरल" सी पहेली देखी तो आखों तले अंधेरा छा गया.

बीएससी प्रथम साल कक्षा में पहुंचे तो गणित के हमारे अध्यापक का कथन था (सही घटना है):

"यहां जितने लौंडे बैठे हैं वे सब समझ लें कि गणित न तो हमारे बाप के वश की है न हमारे खुद के. यह समझ लेना कि तुम्हारे भी वश की बात नहीं है".

तब से गांठ बांध लिया कि अपने वश की नहीं है. आगे भौतिकी जरूर पढा, लेकिन पता नहीं कैसे पढा, किसने पढा, क्या क्या पढा !!

सस्नेह -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.Sarathi.info

  Shastri

Saturday, June 06, 2009 7:43:00 PM

अरे ताऊजी, हर शनिवार को आपके चिट्ठे पर क्या आते हैं, अब मुझे लगने लगा है कि मेरा दिमांग वाकई में बुढा गया है!!

आज चित्र देखा तो दिमांग खाली हो गया. फिर रामप्यारी की "सरल" सी पहेली देखी तो आखों तले अंधेरा छा गया.

बीएससी प्रथम साल कक्षा में पहुंचे तो गणित के हमारे अध्यापक का कथन था (सही घटना है):

"यहां जितने लौंडे बैठे हैं वे सब समझ लें कि गणित न तो हमारे बाप के वश की है न हमारे खुद के. यह समझ लेना कि तुम्हारे भी वश की बात नहीं है".

तब से गांठ बांध लिया कि अपने वश की नहीं है. आगे भौतिकी जरूर पढा, लेकिन पता नहीं कैसे पढा, किसने पढा, क्या क्या पढा !!

सस्नेह -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.Sarathi.info

  मिस. रामप्यारी

Saturday, June 06, 2009 8:12:00 PM

हाय ...रामप्यारी फ़िर आगई ये याद दिलाने की रात दस बजने मे अब सिर्फ़ दो घण्टे ही बाकी बचे हैं. और मुझे कुछ हिंट और हाथ लगे हैं. मैं अपनी पिटाई का खतरा ऊठाकर भी दो क्ल्यु आपको और दे देती हूं. आप भी क्या याद रखेंगे रामप्यारी को.

१. यह एक युद्ध स्मारक है.

२. पहले हमारे एक विदेश मंत्री हुआ करते थे उनका नाम भी इस स्मारक से मिलता जुलता है.

बस अब रामप्यारी अब कोई और क्ल्यु नही देगी. अब भी आप नही समझ पाओ तो मैं क्या करुं?

रात दस बजे बाद आये जवाबों को अधिकतम ५० अंक दिये जायेंगे. ये मैं नही कह रही हूं..मेरा वश चले तो मैं आपको सीधे पांच सौ पांच सौ से कम तो नम्बर क्या दूं? पर यह घोषणा करने के लिये आयोजकों ने मुझे संदेश भिजवाया है जो मैने आपको दे दिया. अब रामप्यारी की तरफ़ से गुड नाईट.

  seema gupta

Saturday, June 06, 2009 8:29:00 PM

arunachal pradesh regards

  seema gupta

Saturday, June 06, 2009 8:33:00 PM

jaswant garh war memorial taiwang arunachal pradesh. Aaj to duniya jhan ke clue or hint bhi kam pdh gye. Regards

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, June 06, 2009 8:50:00 PM

रामप्यारी का सही और मेरा फाईनल जवाब है :

सात तरबूज

पहले ग्राहक ने सात का आधा यानी 3.50 और आधा यानि .50 चार तरबूज लिए
बचे 3 तरबूज

दुसरे ग्राहक ने 1.50 और .50 यानी 2 तरबूज लिए

बचा 1 तरबूज जो कि तीसरे ग्राहक ने ले लिया

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, June 06, 2009 8:59:00 PM

VIDESH MANTRI TO AUNACHALAM BHI HUE HAIN.
AAP अरुणाचल HI LOCK KAREN.

  योगेश समदर्शी

Saturday, June 06, 2009 9:07:00 PM

taoo yeh to "Tawang War Memorial" hai Arunachal Pradesh.

(Tawang War Memorial at Tawang in Arunachal Pradesh is dedicated to the martyrs of the 1962 Sino-Indian war. The memorial is nestled among picturesque snow-capped peaks overlooking the imposing Tawang-Chu valley. )

  योगेश समदर्शी

Saturday, June 06, 2009 9:10:00 PM

rampyari ka sahi jawab hai 6 tarbooj

  राज भाटिय़ा

Saturday, June 06, 2009 10:06:00 PM

अरे ताऊ सुबह का खाना भी नही खाया, सारा दिन जबाब ढुढा, अब जा कर मिला तो सभी ने पहले ही जबाब दे दिया.... चलो अब क्या करे.राम राम जी की

  अल्पना वर्मा

Saturday, June 06, 2009 10:21:00 PM

सूचना हेतु-
आशा है आज की यह विशेष पहेली बहुत ही अच्छी रही होगी.
इस बार पूरी इमारत की तस्वीर दिखाई गयी थी.. कोई एक हिस्सा नहीं..और यह आधुनिक भी है..बहुत प्राचीन नहीं.. जिस से आप इसे जल्दी बूझ सकें..
रामप्यारी के सवाल का गणित का हिसाब भी आप ने ठीक कर ही लिया होगा!
सभी परिणाम ताऊ जी के पास हैं.
मुझे भी जानने की उत्सुकता है कि 'ताऊ श्री 'का सम्मान किसी मिलेगा.
कल तक इंतज़ार तो करना ही पड़ेगा यह जानने के लिए की यह सम्मान किसे जाता है?
अब mukhy paheli ke जो भी सही जवाब आयेंगे उन्हें सिर्फ ५० अंक ही दिए जायेंगे.
धन्यवाद,
शुभ रात्रि.

  Pankaj Upadhyay

Saturday, June 06, 2009 10:33:00 PM

main kab kuch jeetoonga :( :( ...

  नरेश सिह राठौङ

Saturday, June 06, 2009 10:33:00 PM

डियर ताऊ मै तो कितै ग्या ही नही तो इसा मन्दिर कित देख था । रही बात तरबूज की तो अपना काम तो खाण का सै गिणन का नही सै । धन्यवाद

  woyaadein

Sunday, June 07, 2009 12:26:00 AM

आज तो ताऊ पहेली में हमारी तरक्की का सेंसेक्स धड़ाम से गिर गया, वैसे अच्छा खासा चढ़ रहा था. पहली बार १३ वां, दूसरी बार चौथा स्थान प्राप्त करने के बाद आज तीसरी बार भाग ले रहा था, और अंतिम संस्कार हो गया. वैसे तो इंसानों के साथ यह ठीक विपरीत क्रम में होता है (पहले अंतिम संस्कार, फ़िर चौथा और उसके बाद तेरहवीं लेकिन हम तो अबनोर्मल केस हैं ना इसलिए.....). चलिए कोई बात नहीं अगली बार पुनर्जन्म लेकर वापस आऊंगा......
अल्पना जी को बहुत बहुत धन्यवाद हिंट देने के लिए, मगर आज तो ऐसे डूबा कि कोई तिनका सहारे के काम ना आया.

साभार
हमसफ़र यादों का.......

  woyaadein

Sunday, June 07, 2009 12:35:00 AM

लीजिये तो हमारा फाइनल जवाब है:
शान्ति स्तूप, लेह लद्दाख़

अभी भी पक्का नहीं लग रहा कि जवाब सही है........

साभार
हमसफ़र यादों का.......

  रविकांत पाण्डेय

Sunday, June 07, 2009 4:38:00 AM

ताऊ, कल बहुत ज्यादा काम था इसलिये देर से उत्तर दे रहा हूं। नंबर तो चाहे न देना पर ये है-Jaswant Garh The War Memorial, Tawang, arunachal pradesh

  नितिन व्यास

Sunday, June 07, 2009 6:06:00 AM

मैने ८.४० के आसपास Tawang Monastery / War Memorial जवाब में लिखा था, मालूम नहीं सही है या नहीं, पर यहां दिख नहीं रहा!

  संजय तिवारी ’संजू’

Sunday, June 07, 2009 8:35:00 AM

War Memorial, Tawang, Arunchal pradesh

  संजय तिवारी ’संजू’

Sunday, June 07, 2009 8:36:00 AM

भोली रामप्यारी के जबाब में ६ तरबूज.

  सुशील कुमार छौक्कर

Sunday, June 07, 2009 9:54:00 AM

जगह तो सुन्दर लग रही है। पर जगह का नाम नही पता। और मेरी बेटी कह रही है ये बिल्ली है और मैं कह रहा हूँ कि ये रामप्यारी है। हम दोनो में इसी बात का झग़डा चल रहा है आकर सुलझाओ।

  Anil

Sunday, June 07, 2009 12:02:00 PM

यह इमारत अरुणाचल प्रदेश का तवंग युद्ध स्मारक है. ताऊ ने कुल सात तरबूज खरीदे थे.

  ताऊ रामपुरिया

Sunday, June 07, 2009 12:04:00 PM

एक जरुरी सूचना : - अब रिजल्ट फ़ायनल स्टेज मे है. अब आये हुये किसी भी जवाब को ना तो कोई अंक दिये जा सकेंगे और ना ही उन्हे प्रतियोगिता मे शामिल माना जायेगा.

अब हम सारि टिपणीयां प्रकाशित कर रहे हैं ताकि रिजल्ट की शुद्धि जांची जा सके.

इस सिल्वर जुबिली अंक मे भाग लेने का आप सभी प्रतियोगियों का हम आभार प्रकट करते हैं.

- आयोजक

ताऊ पहेली प्रतियोगिता

  अनूप शुक्ल

Sunday, June 07, 2009 1:14:00 PM

ताऊ सिल्वरजुबली की बधाई। कंजूस हो गये हो। सिल्वर जुबली पर तरबूज खिलाये !

  Alka Ray

Sunday, June 07, 2009 1:22:00 PM

abhi tak result nahi aaya. hamne kayi baar aakar dekha.
agar hame fail kiya hai to result next year men nikliyega.
ek to itna adhik dificult quiz puchte hain aap aur fail bhi kar dete hain.

  Alka Ray

Sunday, June 07, 2009 1:25:00 PM

aap do quiz poocha kariye.
ek purane blogers ke liye aur
ek naye blogers ke liye.

india country itni badi hai ham kaise bata sakte hain kisi building ko dekhakar ki ye kahan par hai ?

ताऊ उवाच :-:


विजेट आपके ब्लॉग पर
www.blogvani.com

Followers