ताऊ पहेली - 22

ताऊ पहेली - 22

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरै की घणी राम राम.

 

ताऊ  पहेली अंक २२   में मैं  ताऊ रामपुरिया,  सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं.

 

शनीवार  सुबह 8:00 AM  से शनीवार रात 10:00 PM  तक आये जवाबों को पहले की तरह ही एक   नम्बर के घटते क्रम में  नम्बर दिये जायेंगे.

 

जैसा की आपको पता है शनीवार रात 10:00 PM के बाद आये सही जवाबों को अधिकतम ५० नम्बर दिये जायेंगे या अगर घटते क्रम मे इससे कम हुये तो वो नम्बर मिलेंगे. किसी भी हालत मे ५० से ज्यादा नम्बर नही मिलेंगे.

 

क्ल्यु हमेशा की तरह आपको रामप्यारी के ब्लाग से मिलेगा. जो आप यहां चटका लगा कर भी जा सकते हैं. या साईड बार की उसकी फ़ोटो पर चटका लगा कर भी जा सकते हैं. उसके ब्लाग पर साईड बार मे आप क्ल्यु की फ़ोटो पर चटका लगा कर वापस यहां आ सकते हैं.

 

यहां साईड बार के सूचना पटल पर भी नजर डाल कर देखते रहियेगा.

 

जैसा की आप जानते हैं कि दिलचस्प टिपणीयां  खोजने  और  विदुषक के  खिताब देने का काम हीरामन जी अपने अमेरिकी दोस्त पीटर के साथ करते हैं.  अत: टिपणियां  भी आप मनोरंजक शब्दों से लिखें तो यह खिताब भी जीतने का चांस है.

 

कृपया मुख्य पहेली और रामप्यारी का जवाब अलग अलग टिपणी मे देवें. क्योंकि इससे जवाब बनाने मे आसानी रहती है. और नम्बर देने मे भी गलती की संभावना नही रहती.

 

आईये अब आपको आज की पहेली की तरफ़ ले चलते हैं.

 

 

paheli-22-1

बताईये, यह कौन सी जगह है?

 

 

 

 

 


अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये

 

 

 

 

rampyari-6 हाय आंटीज, अंकल्स एंड दीदी लोग..वैरी सवीट एंड समाईली गुड मोर्निंग फ़्रोम मिस रामप्यारी…


वो क्या है ना कि मैं हीरामन भैया, पीटर भैया और मग्गा बाबाजी तो नये घर मे आगये.  और ताऊ ताई भी बस आने वाले ही हैं.  यहां रात को छत पर बहुत ठंडी हवा आती है. और रात को मग्गाबाबा बहुत अच्छी अच्छी कहानियां सुनाते हैं हमको.

कल ना उन्होने हमको पुराणों की कहानियां सुनाई थी. हमको सब पुराणों के नाम बताये थे.  फ़िर
उन्होने बोला – रामप्यारी कल सुबह मुझे याद करके बताना कि पुराण कितने होते हैं?


अब ये तो मैने रट्टा मार लिया कि पुराण १८ होते हैं. पर उनके नाम याद करने में मेरे पसीने छुट्ते हैं.  मैने रट्टे तो मारे पर अब वही हुआ जो मेरे साथ हमेशा होता आया है.  कुछ गलत नाम याद हो गये हैं. तो अब मैं मदद तो आपसे ही मांगूगी ना?

तो सवाल है ये :- मग्गाबाबा ने कुल पुराणों की संख्या बताई है १८. और मुझे नाम याद होगये हैं २१. इसका मतलब साफ़ है कि नीचे दिये गये नामों में ३ नाम गलत हैं. अब मग्गाबाबा ने कहा है कि अगर मैं उनको सही सही जवाब बतादूं तो वो आज रात मुझे अकबर बीरबल की कहानियां सुनायेंगे.

तो प्लिज प्लिज आप लोग मेरी मदद करिये ना. मुझे अकबर बीरबल की कहानियां  सुनना बहुत अच्छा लगता है. विद्द्यामाता की कसम मैं सुनने के बाद वो कहानियां आपको भी सुना दूंगी…पक्का प्रामिज…आप जल्दी से बता दिजिये प्लिज कि नीचे कौन से तीन नाम गलत हैं? बस … 

०१.  ब्रह्म पुराण

०२. ब्रह्माण्ड पुराण

०३. ब्रह्म वैवर्त पुराण

०४. केवल्य पुराण

०५. मार्कण्डेय पुराण 

०६. भविष्य पुराण

०७. वामन पुराण

०८. विष्णु पुराण

०९. भागवत पुराण

१०. नारद पुराण 

११. ईशावास्य पुराण

१२. गरुड़ पुराण

१३. पद्म पुराण

१४. वाराह पुराण

१५. वायु पुराण

१६. लिङ्ग पुराण

१७. कृष्ण पुराण

१८. स्कन्द पुराण

१९. अग्नि पुराण

२०. मत्स्य पुराण

२१. कूर्म पुराण

 

और हां अंकल ये मेरी ड्रेस पीटर भैया लाये हैं ठेठ अमेरिका से. ताई ने कहा था कि रामप्यारी ये

वाली ड्रेस तू मुहुर्त वाले दिन पहनना. पर मेरे से तो रहा नही गया और मैने तो आज ही पहन डाली.

कैसी लगी मेरी यह ड्रेस?  जरुर बताना ना..आप मेरी प्रशंसा करते हैं ना..तो मुझे बहुत अच्छा

लगता है और मैं आपको नंबर भी अच्छे दिलवा देती हूं. पर जब आप प्रशंसा नही करते ना तब मेरी इच्छा होती है कि आपके नम्बर…….ही..ही…ही…ही…लगता है आप समझ गये…

 

अब रामप्यारी आपको १२:०५ बजे क्ल्यु के साथ अपने ब्लाग पर मिलेगी.  आप हिंट के लिये सीधे मेरे ब्लाग पर आ जाना.  इज दैट ओके?  तो रामराम.

 

 

 

 

इस अंक के  आयोजक हैं ताऊ रामपुरिया और सु,अल्पना वर्मा

 

नोट : यह पहेली प्रतियोगिता पुर्णत:मनोरंजन,  शिक्षा और ज्ञानवर्धन के लिये है. इसमे किसी भी तरह के नगद या अन्य तरह के पुरुस्कार नही दिये जाते हैं. सिर्फ़ सोहाद्र और उत्साह वर्धन के लिये प्रमाणपत्र एवम उपाधियां दी जाती हैं.

82 comments:

  Udan Tashtari

Saturday, May 16, 2009 8:07:00 AM

क्या कहूँ, फिर मेरी देखी जगह दे दी..पिछली की पिछली छुट्टी में यहीं घूम रहे थे. अगर मैं प्रथम आ रहा हूँ तो द्वितीय वाले को प्रथम कर देना ताऊ..बहुत तो हो गया अब!! देखते ही पहचान गया!! बस, डिटेल गुगल कर के दे दी है.

हिडिम्बा मंदिर, मनालीहिडिम्बा मंदिर में महाभारत के पात्र भीम की पत्‍नी तथा घटोत्कच की माता हिडिंबा की मूर्ति स्थापित है।

कहते हैं कि हिडिम्बा ने इस स्थान पर तप किया था। पूरे भारत में हिडिम्बा का यह एकमात्र मंदिर है।

वास्तव में हिडिम्बा एक राक्षसी थी किन्तु यहाँ के लोगों ने उन्हें देवी की मान्यता प्रदान की है। इस मंदिर का वास्तु-शिल्प अद्‍भुत एवं दर्शनीय है।

मेरु शैली में बने इस मंदिर के ऊपर लकड़ी के एक के ऊपर एक चार छते हैं। मंदिर के परिसर में देवदार वृक्षों की मनोहारी कतारें हैं।

  रंजन

Saturday, May 16, 2009 8:08:00 AM

हिडम्बा मंदिर, मनाली..

  नितिन व्यास

Saturday, May 16, 2009 8:09:00 AM

हिडिम्बा देवी मंदिर मनाली, हिमाचल प्रदेश

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, May 16, 2009 8:16:00 AM

ताऊ।
मुझे तो यह काठमांडू का मन्दिर लगता है।
शायद पशुपति नाथ का होगा।
काठमांडू में तो सारे मन्दिर इसी शैली के हैं।

  Udan Tashtari

Saturday, May 16, 2009 8:16:00 AM

ये दलाई लामा का घर है बचपन वाला, जब उनके पास पैसे नहीं आये थे और आभाव में दिन कट रहे थे. किसी तरह बचपन कटा उनका इस झोपड़ में..कई बार सोचता हूँ तो आँख नम हो जाती है.

ताऊ, आपने पहेली में यह फोटो, तिब्बत के गांव की, दिखा कर भावुक कर डाला.

अब कंधा लाओ, जरा दो बूँद रो लूँ.

  Udan Tashtari

Saturday, May 16, 2009 8:19:00 AM

बिटिया रामप्यारी

तुमको मालूम है मेरी दादी ने मुझे १८ पुराण कंठस्थ कराये थे..पूरे नहीं..सिर्फ नाम!! :)

तू भी कर ले तो कभी इस तरह ही तेरे भी काम आ जायेगा मगर तेरा दिमाग तो आजकल फैशन में ज्यादा है..है न!!

ले, ये तीन नाम टीचर को दे आ..कि ज्यादा याद आ गये थे:

०४. केवल पुराण
११. ईशा पुराण
१७. कृष्ण पुराण
बाकी तो ठीक है ही.

राम प्यारी, इस बार किसी को चॉकलेट लेकर जबाब तो नहीं बताई है न!!

  रविकांत पाण्डेय

Saturday, May 16, 2009 8:24:00 AM

रामप्यारी, ये लो अपना जवाब-तीन पुराण जो तुमने गलती से जोड़ लिया है वो हैं-
केवल्य पुराण
ईशावास्य पुराण
कृष्ण पुराण

  नितिन व्यास

Saturday, May 16, 2009 8:25:00 AM

ये लो रामप्यारी,
०४. केवल्य पुराण ११. ईशावास्य पुराण १७. कृष्ण पुराण
अब अकबर-बीरबल की कहानी हम सबको भी बताना।

  योगेश समदर्शी

Saturday, May 16, 2009 8:31:00 AM

ताऊ यो तो
ह्हदिम्बा देवी का मंदिर है मनाली में.

  रंजन

Saturday, May 16, 2009 8:34:00 AM

राम प्यारी..

तेरी लिस्ट में ये नाम तो गलत है
०४. केवल्य पुराण
११. ईशावास्य पुराण
१५. वायु पुराण
१७. कृष्ण पुराण

हा तीन नहीं चार... और शिव पुराण को तु भुल गई? पता नहीं ताऊ ने तुझे शिव पुराण का नाम बदल के सिखाया हो..

राम राम..

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Saturday, May 16, 2009 8:35:00 AM

०१. ब्रह्म पुराण ०२. ब्रह्माण्ड पुराण ०३. ब्रह्म वैवर्त पुराण ०५. मार्कण्डेय पुराण ०६. भविष्य पुराण ०७. वामन पुराण ०८. विष्णु पुराण ०९. भागवत पुराण १०. नारद पुराण १२. गरुड़ पुराण १३. पद्म पुराण १४. वाराह पुराण १५. वायु पुराण १६. लिङ्ग पुराण १८. स्कन्द पुराण १९. अग्नि पुराण २०. मत्स्य पुराण २१. कूर्म पुराण
रामप्यारी! उपरोक्त 18 पुराण हैं। नीचे वाले तीन गलत गलत याद हो गए हैं।

०४. केवल्य पुराण ११. ईशावास्य पुराण १७. कृष्ण पुराण

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, May 16, 2009 8:40:00 AM

रामप्यारी तो बहुत सुंदर लग रही है. और ड्रेस भी बहुत सुंदर है. रामप्यारी अब तेरी तारीफ़ भी करदी ...जरा जवाब की मेल करदे...:)

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, May 16, 2009 8:41:00 AM

ये कोई सा बोद्ध स्तूप है. या फ़िर दलाई लामा का घर.

  रंजन

Saturday, May 16, 2009 8:42:00 AM

राम प्यारी.. आज की पहेली तो तुने आसान कर दी.. अब चैन से टीवी दे्खुंगा.. दिन भर.. तुझे पता है मैं सन २००० में पहली बार गया था.. अकेले.. लुधियाना से बस पकड कर रोपड गया और वहां से बस से.. ३X२ की बस से.. हिमाचल रोडवेज की बस थी.... रास्ते में लोग बस से उतरते तो लगता कोई गांव होगा.. पर वो उतर कर पगडंडियों से पता नहीम कहा गायब हो जाते.. बहुत रोमांचक सफर था...
रात को करीब २ बजे पहुचा था.. बहुत थकान हो गई. खैर एक होटल वाला वहीं इन्तजार कर रहा था.... खैर जब सुबह घुमा और वहां की खुबसुरती देखी तो थकान गायब हो गई...

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, May 16, 2009 8:42:00 AM

रामप्यारी, ४, ७, १३ वां नम्बर का जवाब हटा दिया जाये.

  योगेश समदर्शी

Saturday, May 16, 2009 8:50:00 AM

मैडम रामप्यारी जी आप ने जो तीन गलत नाम याद किये हैं वोह हैं १. केवल्य पुराण २. इशावाश्य पुराण ३. कृष्ण पुराण

  योगेश समदर्शी

Saturday, May 16, 2009 8:51:00 AM

मैडम रामप्यारी जी आप ने जो तीन गलत नाम याद किये हैं वोह हैं १. केवल्य पुराण २. इशावाश्य पुराण ३. कृष्ण पुराण

  रविकांत पाण्डेय

Saturday, May 16, 2009 8:54:00 AM

ताऊ, ये मनाली का हिडिंबा टेम्पल है। हिडिंबा भीम की पत्नी थी। ये मंदिर महाराजा बहादुर सिंह ने १५५३ में बनवाई।

  poemsnpuja

Saturday, May 16, 2009 9:05:00 AM

hidimba temple manali

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Saturday, May 16, 2009 9:10:00 AM

रामप्यारी का जवाब,
१०. नारद पुराण
११. ईशावास्य पुराण
१७. कृष्ण पुराण
पुरानों का नाम कभी सुना हो ऐसा याद नहीं पड़ता है.

  Shastri

Saturday, May 16, 2009 9:31:00 AM

हे रामप्यारी,

आपका अमरीकी वस्त्र तो बहुत सुंदर है. आज की पहेली भी उपयोगी है.

हां, उस सूची में से निम्न को हटा देना:

०४. केवल्य पुराण
११. ईशावास्य पुराण
१७. कृष्ण पुराण

सस्नेह -- शास्त्री अंकल

  Shastri

Saturday, May 16, 2009 9:33:00 AM

जगह अभी बताते हैं. पहली नजर में यह भारत की उत्तरी सीमा पर स्थित एक मंदिर की याद दिला रहा है.

शास्त्री

  neelam

Saturday, May 16, 2009 9:38:00 AM

ये हिडिम्बा का मंदिर है ,हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ,
पुराणों में तो तुक्के ही लगेंगे क्या पता सही हो जाय

ब्रह्माण्ड पुराण
भविष्य पुराण
ईशावास्य पुराण
इक बात बता दे ताऊ ,जे घनी
राम राम क्या होवे हैं ,आप तो होते हो लट्ठमार आदमी ,
हम लोग तो कुछ पूछने में भी पूछे है की क्या हम आपको तकलीफ दे सकते हैं ,जानो हो आपलोग अब इ ताऊ के बोला ,तकलीफ दे के तो देख |

  नीरज गोस्वामी

Saturday, May 16, 2009 9:40:00 AM

हिडिम्बा देवी का मंदिर है जी ये मनाली में...हमने घणी सारी फोटो खिंचवाई थी जी अपनी घरवाली अर टाबरां के साथ....शायद उन्नीस सौ पिच्चासी की बात होगी...तब से अब तक इस की छवि खूंटे की तरह दिल में धंसी हुई है जी... भुलाये नहीं भूलती...आप तो लाक करो जी जवाब...हिडिम्बा देवी मंदिर...मनाली.

नीरज

  Parul

Saturday, May 16, 2009 9:43:00 AM

halak me atkaa hua hai naam...yaad nahi aa raha :(

  jitendra

Saturday, May 16, 2009 9:45:00 AM

answer of rampayari is

the wrong names are

kavalasiya puran (4)

ishavaisya puran (11)

krishna puran (17)

  Shastri

Saturday, May 16, 2009 9:46:00 AM

प्रिय ताऊजी,

इस मंदिर का चित्र कई बार देखा है. यह याद है कि यह भारत के उत्तर में है. लेकिन इससे आगे खोजने की कोशिश में सर इतना खुजाना पडा कि लगा कि आज जरूर गंजे हो जायेंगे और घर पे नाटक हो जायगा कि शास्त्री अपनी लाईब्रेरी में ये क्या करते रहते हैं. अत: घर-निकाले के डर से सर खुजाना बंद कर दिया, और पहेली निवारण भी आज के लिये स्थगित.

हां, एक अनुरोध जरूर है कि जो चिट्ठाकार 55 पार कर चुके हैं उनके लिये ऐसी पहेली दी जाये जिसे 5 साल का बच्चा आराम से हल कर सके. सुनते हैं कि 55 के बाद आदमी एकदम बच्चा हो जाता है अत: उसे बच्चों को मिलने वाली हर सुविधा मिलनी चाहिये.

अत: 55 के और सठियाने के बीच कुछ सालों तक छाती ठोकने के लिये कुछ इंतजाम कर दीजिये.

समीर जी अभी भी जवान हैं और वे इस केटगरी में नहीं आते!!

सस्नेह -- शास्त्री

  नीरज गोस्वामी

Saturday, May 16, 2009 9:48:00 AM

पुराणों में मुझे लगता है....लगता है क्यूँ की मैं पुराण विशेषग्य नहीं हूँ ,की ये तीन गलत हैं:
१.भविष्य पुराण
२.वायु पुराण
३.अग्नि पुराण
मैंने एक भी पुराण नहीं पढ़ा...पर ये तीन नाम सुने नहीं इसलिए लिख रहा हूँ...बाकि बोनस अंक मिलें न मिलें ये किस्मत पर है.
नीरज

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, May 16, 2009 9:53:00 AM

RAMPIYARI GOOD MORNING.
HIDIMDA TEMPLE MANALI

  jitendra

Saturday, May 16, 2009 9:56:00 AM

pashupatinath temple nepal

  मीत

Saturday, May 16, 2009 10:02:00 AM

क्या बात है रामप्यारी आज कल तू बहुत धार्मिक होती जा रही है...
पर आज की पहेली तो में बता सकता हूँ...
तीन गलत उत्तर हैं---
१ (4) केवल्या पुराण
२ (11) इशाव्स्य पुराण
और अंतिम और तीसरा है...
३ (कृष्ण पुराण)
क्यों सही कहा न मैंने...
चल इस बार तेरी तरफ से मुझे दूध मलाई...
मीत

  संजय बेंगाणी

Saturday, May 16, 2009 10:04:00 AM

कश्मीर में है यह मन्दीर. नाम भूल रहा हूँ....

  मीत

Saturday, May 16, 2009 10:05:00 AM

और ये ले विस्तार से जवाब... १८ पुराण इस तरह हैं...


विष्णु पुराण
___________
विष्णु पुराण
भागवत पुराण
नारद पुराण या नारदेय पुराण
गरुड़ पुराण
पद्म पुराण
वाराह पुराण

_________________
ब्रह्मा पुराण
________________
ब्रह्म पुराण
ब्रह्माण्ड पुराण
ब्रह्म वैवर्त पुराण
मार्कण्डेय पुराण (यह महत्वपूर्ण पुराण शाक्त पंथ के लिये खास है क्योंकि इसमें देवी महात्मय)
भविष्य पुराण
वामन पुराण
________________
शिव पुराण
________________
वायु पुराण
लिङ्ग पुराण
स्कन्द पुराण
अग्नि पुराण
मत्स्य पुराण
कूर्म पुराण

मीत

  Harkirat Haqeer

Saturday, May 16, 2009 10:09:00 AM

रामप्यारी आज तो बड़ी जँच रही है कौन से पार्लर गयी थी ....? बालों को कौन सा कलर करवाया ....? आज तो तू बच्ची सी बड़ी प्यारी लग रही है.......तेरे मेल का इन्तजार रहेगा ....!!

अब दो जन जवाब दिया है रामप्यारी किसकी नक़ल करूँ....? स्मार्ट इंडिया वाले अनुराग जी ज्यादा अनुभवी लगते हैं तो वही सही १०, ११, १७ हटा दे ...!!

  मीत

Saturday, May 16, 2009 10:10:00 AM

यार ताऊ कहाँ से ढूंढ कर लेट हो इतनी प्राचीन इमारतें...
जवाब ही नहीं मिल रहा...
मिलेगा भी कैसे ताई को बोलो की सारा दूध मलाई रामप्यारी को ही न पिला दिया करे...
अरे म्हणत तो हम करते हैं पहेली हल करने में...
हमारे लिए भी दूध मलाई होना चाहिए...
मीत

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, May 16, 2009 10:16:00 AM

टेसन नही लेने का अपुन है ना राम प्यारी! देख यह तीन नाम तो ज्यादा जोड ली जो पुराणो मे नही आते।

१७. कृष्ण पुराण

०४. केवल्य पुराण

११.ईशावास्य पुराण

  P.N. Subramanian

Saturday, May 16, 2009 10:36:00 AM

पहाड़ पर है. हम नहीं गए. पहाड़ पर चढ़ना मना है

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, May 16, 2009 10:37:00 AM

मेरी प्यारी प्यारी रामप्यारी तू बडी ही भुलकड हो गई है। तेरे को रोज सुबह सुबह पानी मे भिगोई हुई बदाम दुध के साथ खानी चाहिऐ। इससे याददास्त एवम खोपडिया सुचारु रुप से कार्य करती है।
-:यह अब रटटा मार ले कुल १८ पुराणे है- जिनके नाम है
विष्णु पुराण / भागवत पुराण / नारद पुराण / गरुड़ पुराण / पद्म पुराण / वाराह पुराण/ ब्रह्म पुराण / ब्रह्माण्ड पुराण / ब्रह्म वैवर्त पुराण / मार्कण्डेय पुराण / भविष्य पुराण / वामन पुराण / वायु पुराण / लिङ्ग पुराण / स्कन्द पुराण / अग्नि पुराण / मत्स्य पुराण / कूर्म पुराण

  नरेश सिह राठौङ

Saturday, May 16, 2009 11:08:00 AM

ताऊ ये तो कोई नेपाल का मन्दिर लग रहा है ।

  मीत

Saturday, May 16, 2009 11:32:00 AM

ताऊ ढूंढ लिया मैंने जवाब...
यह मनाली में स्थित hadimba temple है....
प्राचीन मंदिर है...
मीत

  Anonymous

Saturday, May 16, 2009 11:39:00 AM

ताऊ।
मुझे तो यह पुणे के पास भीमा शंकर महादेव मन्दिर लगता है ।

  Parul

Saturday, May 16, 2009 12:00:00 PM

hadimba temple-rohtang....ye mandir roja film me thaa...tabhi mai kahuun itta dekha hua kyu lag riya hai :)....

  PD

Saturday, May 16, 2009 12:12:00 PM

10,11,17 hata de pyari..

  PD

Saturday, May 16, 2009 12:13:00 PM

taau ki paheli ko thora dhundh kar batata hun.. :)

  प्रेमलता पांडे

Saturday, May 16, 2009 12:34:00 PM

०४. केवल्य पुराण


१. ईशावास्य पुराण

१७. कृष्ण पुराण

  आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)

Saturday, May 16, 2009 12:39:00 PM

हिमाचल प्रदेश में मनाली स्थित हडिंबा मंदिर..

  प्रेमलता पांडे

Saturday, May 16, 2009 12:43:00 PM

Manali
himachal pradesh

  संजय बेंगाणी

Saturday, May 16, 2009 12:43:00 PM

रामप्यारी छूट गई...


कैवल्य, कृष्ण, ईशावास्य पुराण नहीं है.

  poemsnpuja

Saturday, May 16, 2009 12:49:00 PM

waise taau aaj ki paheli me to aapko 10 janpath ki photo lagani thi...poora bharat udhar hi matha tek raha hai

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, May 16, 2009 12:50:00 PM

ओह..सरकार बनने बिगड़ने की ख़बरों के चक्कर में देर हो गयी..
सबसे पहले तो रामप्यारी को धन्यवाद ये बताने के लिए कि यह हिमाचल में, नदी किनारे, एक देवी के मंदिर की फोटो है ..दूसरे, ये बात अलग है की मुझे अभी भी उस मंदिर का नाम नहीं पता...कभी मंदिर जाऊं, तब तो पता हो न...खैर कोई बात नही..ये कौन आखिरी शनिवार है.

  premlatapandey

Saturday, May 16, 2009 1:48:00 PM

Hadimba temple Manali H.P.

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Saturday, May 16, 2009 2:01:00 PM

मनाली का हडिम्बा मंदिर।
मैं सोच भी नहीं सकता था कि वहाँ भी हिडिम्बा मंदिर होगा, पर रामप्यारी के हिंट ने काम बना दिया। ताऊ कभी झालावा़ड़ और कोटा के बीच दरा घाटी में रुके होंगे वहीं अबली मीणी के महल के पास एक बड़ा चबूतरा है। जिसे भीम चौरा कहा जाता है। कहते हैं कि यही वह स्थान है जहाँ भीम ने हिडिम्ब का वध कर उस की बहन हिडिम्बा से विवाह किया था। जिस से संतान हुई घटोत्कच और घटोत्कच का पुत्र था बर्बरीक। जिस ने महाभारत युद्ध के पूर्व इस शर्त पर कि वह पूरा युद्ध देखना चाहता है अपनी बलि दी। उस का सिर काट कर पहाड़ी पर रख दिया गया। युद्ध के उपरांत सिर से पूछा कि तुमने क्या देखा तो वह बोला कि उस ने सिर्फ एक व्यक्ति को ही लड़ते देखा वह कृष्ण था। (बात बिलकुल दार्शनिक है, और अद्वैत का प्रतिपादन करती है कि जो जो भी अस्तित्ववान है वह सत है) बाद में बर्बरीक के सिर की प्रतिमा की पूजा प्रारंभ हुई जो श्याम बाबा के नाम से राजस्थान में खाटू श्याम जी के मंदिर में विराजमान हैं।
इसीलिए मैं कहता हूँ कि खाटू श्याम जी का ननिहाल तो हमारे यहाँ दरा घाटी में है।

  हिमांशु । Himanshu

Saturday, May 16, 2009 2:16:00 PM

चित्र : हिडिम्बा मंदिर, मनाली, हिमाचल प्रदेश

  हिमांशु । Himanshu

Saturday, May 16, 2009 2:21:00 PM

केवल्य पुराण, ईशावास्य पुराण, कृष्ण पुराण - ये तीन पुराण नहीं हैं ।

  neelam

Saturday, May 16, 2009 2:36:00 PM

taau ,
kitti pahley uttar bata diya hai ki hidimba ka mandir hai ,shimla me mhaari post kyoun nahi publish ki ,je tane dimaag phir gaya hai laage ,sahi jawaab ko zero number dene ki thaan rakhi tune to koi baat nahi , teri raampyaari,aur saare
bolo hidimba maata ki jai ,taau ke bachche jaldi post kar is post ko nahi to dekh le mera dimaag kharaab ho rakhaa hai saamne pad naa jaana warna teri raampyaari se tujhi ko katwa doongi .samjhe kuch
saare bolo ek baar jor se hidimba maata ki jai

  अभिषेक ओझा

Saturday, May 16, 2009 2:40:00 PM

हडिम्बा मंदिर मनाली.

मैं तो आज भूल ही गया की पहेली का दिन है... :( पर देर से ही सही... जवाब तो पता है :)

  अभिषेक ओझा

Saturday, May 16, 2009 2:44:00 PM

अरे बड़ी क्यूट लग रही है रामप्यारी तो... वाह ! और ये कहाँ अठारह के चक्कर में पड़ गयी. वैसे भी 'अष्टादस पुराणेषु , व्यासस्य वचनं द्वयम् । परोपकारः पुण्याय , पापाय परपीडनम् ' मग्गा बाबा को तो पता ही है यही सुना देना :-)

  अभिषेक ओझा

Saturday, May 16, 2009 2:50:00 PM

वैसे अगर ना मानें तो ये तीन पुराण नहीं हैं:
०४. केवल्य पुराण
११. ईशावास्य पुराण
१७. कृष्ण पुराण

  M.A.Sharma "सेहर"

Saturday, May 16, 2009 3:10:00 PM

१ - ये है हिडिम्बा देवी ( भीम की पत्नी ) का मंदिर ..मनाली ..हिमांचल प्रदेश में..है न ताऊ जी ??:)))मैंने देखा है :)))

२ - प्रथम तीन पुराण शायद नहीं हैं..

बाकी पुराणों के नाम तो कुछ सुने सुनाये से लगते हैं .

आभार !!!!

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, May 16, 2009 3:21:00 PM

ताऊ जी, चुनाव नतौजों के चक्क्र में याद ही नहीं रहा कि आज तो ताऊ पहेली का दिन है.

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, May 16, 2009 3:21:00 PM

ताऊ, यो हिडिम्बा देवी का मंदिर है.

  अविनाश वाचस्पति

Saturday, May 16, 2009 3:25:00 PM

मैं भाग रहा हूं अभी तो
देखता हूं पीछे पीछे कौन
भागता हुआ आता है
और जवाब बतला कर
खूब सारे नंबर दिलाता है

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, May 16, 2009 3:25:00 PM

अर रामदुलारी के सवाल का जवाब है---
1.केवल्य पुराण
2.ईशावास्य पुराण
3.कृष्ण पुराण

  मुसाफिर जाट

Saturday, May 16, 2009 3:34:00 PM

अजी ताऊ,
आज तो मजा आ गया. मेरी तरह आप भी हिमाचल में घुमा रहे हो?
अब और भी विस्तार से बताऊँ क्या?
चलो बता ही देता हूँ.
ये है मनाली में हिडिम्बा मंदिर....

  दिगम्बर नासवा

Saturday, May 16, 2009 4:22:00 PM

मन्ने तो नहीं पता भाई............इब बाकी लोग अपनी अपनी किस्मत आजमा लो............
दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है................कठिन लागे है जवाब देना .....................

  Syed Akbar

Saturday, May 16, 2009 5:18:00 PM

१६ वीं सदी में निर्मित हडीम्बा मंदिर, मनाली

  Syed Akbar

Saturday, May 16, 2009 5:21:00 PM

०४. केवल्य पुराण
११. ईशावास्य पुराण
१७. कृष्ण पुराण

शायद ये सही हो

  वन्दना अवस्थी दुबे

Saturday, May 16, 2009 6:21:00 PM

रामप्यारी जी आपने कृष्ण पुराण,ब्रम्हवैवर्त, और ईशावास्य पुराण के नाम अतिरिक्त जोड लिये हैं इसीलिये तो आपके पुराणों की संख्या २१ हो रही है.

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

Saturday, May 16, 2009 7:00:00 PM

1, यह हिडिम्बा देवी का मंदिर है। जो हिमाचल के मनाली मे स्थित है।

2, केवल्य, ईशावास्य तथा कृष्ण पुराण। ये तीन नाम गलत जुड़ गये हैं।

  आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)

Saturday, May 16, 2009 7:03:00 PM

rampyaari... 4, 11, 17 ko hata do

  Alka Ray

Saturday, May 16, 2009 9:38:00 PM

रामप्यारी का जवाब है --

०४. केवल्य पुराण
११. ईशावास्य पुराण
१७. कृष्ण पुराण

  Alka Ray

Saturday, May 16, 2009 9:41:00 PM

'Hadimba Temple' in 'Manali' is the correct answer of quiz.

  Syed Akbar

Saturday, May 16, 2009 10:02:00 PM

रामप्यारी ने मेरा जवाब अभी तक पब्लिश नहीं किया .... इसका मतलब........


वैसे रामप्यारी एक बात बताऊँ. अभी अभी मैं दो महान ब्लॉगर से मिल कर आ रहा हूँ.

  ताऊ रामपुरिया

Saturday, May 16, 2009 10:17:00 PM

सूचना : पुर्ण मार्क्स देने का समय समाप्त हो चुका है.

अब जो भी सही जवाब आयेंगे उनको अधिकतम ५० अंक ही दिये जायेंगे.

धन्यवाद

  दिलीप कवठेकर

Sunday, May 17, 2009 12:32:00 AM

Hidimba mandir , Manali,

kevalya,
Ishavasya,
Krishna

are not there.

  प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर

Sunday, May 17, 2009 6:33:00 AM

हिडिम्बा देवी मंदिर मनाली, हिमाचल प्रदेश!!





@चलो 50 ही ले लें!!

  प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर

Sunday, May 17, 2009 6:35:00 AM

०४. केवल्य पुराण ११. ईशावास्य पुराण १७. कृष्ण पुराण

  Ratan Singh Shekhawat

Sunday, May 17, 2009 7:16:00 AM

ताऊ इतने लोगो के जबाब पढने के बाद ये तो तय है कि ये हिडिम्बा मंदिर ही है लेकिन मै यहाँ कभी गया नहीं और इस मंदिर का चित्र भी आज पहली बार ही देख रहा हूँ !

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Sunday, May 17, 2009 10:56:00 AM

ताऊ, इस मंदिर के बारे में थोडी जानकारी भेज रहा हूं,शायद आपके काम आ सके....

मनाली (हिमाचल प्रदेश) स्थित यह मन्दिर भीम की पत्नी "हिरमा देवी" को समर्पित है, जिसे आमतौर पर देवी हिडिम्बा के नाम से जाना जाता है। जो देवदार के घने-लम्बे वृक्षों के बीच बना है। ऐसी मान्यता है कि देवी हिडिम्बा इस स्थान पर अपने भाई हिडिम्ब देव के साथ निवास किया करती थी।

मंदिर में उत्कीर्ण यंकरी लिपि के एक अभिलेख के अनुसार इसका निर्माण सन् 1553 ईस्वी में राजा बहादुर सिहं ने करवाया था। पगोडा शैली में निर्मित इस मंदिर की ऊँचाई आधार से लगभग 80 फीट है और यह तीनों और से 12 फीट ऊंचाई वाले संकरे बरामदे से घिरा है। इसकी ढलवां काष्ठ निर्मित छत चार भागों में विभक्त है। मंदिर के वर्गाकार गर्भगृह में हिडिम्बा देवी की कांस्य निर्मित सुंदर प्रतिमा प्रतिष्ठित है । इस मंदिर को बनाने में ज्यादातर लकड़ी और पत्थर का ही इस्तेमाल किया गया है। चतुस्थरीय प्रवेश द्वार विभिन्न देवी-देवताओं तथा बेल-बूटों,घट-पल्लव अभिप्राय,पशुओं जैसे हाथी,मगरमच्छ इत्यादि के अकंन से सुसज्जित है। प्रवेश द्वार के दांहिनी ओर महिषासुर मर्दिनी,हाथ जोड़े भक्त तथा नंदी पर आसीन उमामाहेश्वर और बांई ओर देवी दुर्गा, हाथ जोड़े भक्त तथा गरूड़ पर आसीन माता लक्ष्मी और श्री हरि नारायण को दर्शाया गया है। ललाटबिम्ब पर श्री गणेश तथा उसके उपर शहतीर पर नवग्रहों का अकंन हैं। सबसे ऊपरी भाग में बौद्ध आकृतियां उकेरी गई हैं। इस मंदिर को देखकर 1553 ईस्वी के समय की बेजोड कला के दर्शन होते हैं। कुल्लू-मनाली के इलाके में देवी हिडिम्बा को सबसे शक्तिशाली भगवती दुर्गा व मां काली का अवतार माना जाता हैं। मंदिर में महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति स्थापित है और माता की चरण पादुका भी है जिनकी प्रतिदिन सुबह शाम पूजा-अर्चना होती है। इस मंदिर के थोड़ी सी दूरी पर अभी भी वो वृक्ष मौजूद है,जिसके नीचे भीम पुत्र घटोत्कच तपस्या किया करता था और पशुबलि देता था।

  संजय तिवारी ’संजू’

Sunday, May 17, 2009 12:28:00 PM

ताऊ

हिडिम्बा मंदिर. मनाली

(नकल की है चाचा की)

  संजय तिवारी ’संजू’

Sunday, May 17, 2009 12:29:00 PM

रामप्यारी की काट छांट:

०४. केवल पुराण
११. ईशा पुराण
१७. कृष्ण पुराण

(फिर से नकल)

  जितेन्द़ भगत

Sunday, May 17, 2009 12:54:00 PM

हि‍डि‍म्‍बा मंदि‍र
, मनाली
शुक्र है, पहली बार वो तस्‍वीर यहॉं देखी जहॉं मैं गया हूँ:)

ताऊ उवाच :-:


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