ताऊ पहेली राऊंड 2 अंक 9 का जवाब

प्रिय बहणों,  भाईयो, भतीजियों और भतीजों आप सबका पहेली के जवाबी अंक मे स्वागत है.

 

कल की पहेली का सही जवाब था तिरुवल्लुवर स्टेच्यू कन्याकुमारी... इसके बारे मे   कल सोमवार की ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे विस्तार से बता रही हैं सु अल्पना वर्मा.

 

इस पहेली की प्रथम विजेता रही हैं poemsnpuja  यानि कि सुश्री पूजा उपाध्याय और द्वितिय विजेता रहे हैं Smart Indian - स्मार्ट इंडियन यानि  श्री अनुराग शर्मा और तृतिय विजेता हैं हिंदी ब्लाग टिप्स वाले आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)   बधाई. 

 

हमारी परम्परा के अनुसार हमारी  आज की  सम्माननिय प्रथम विजेता सुश्री पूजा उपाध्याय को आंमंत्रण भेज रहे हैं ताऊ के साथ हरयाणवी कलेवा (breakfast) करने के लिये.

 

अब आज के रिजल्ट की तरफ़ बढने से पहले अनवर हुसैन अनवर साहब फ़रमाते हैं :

 

 

ना कोई खत ना खबर और ना कोई संदेशा

बिछडने   वाले गये तो    किधर   गये    आखिर

ताऊ रामपुरिया की तरफ़ से आपको बहुत  घणी रामराम.

 

 

 

 


binu-firangi
आदर्णीय देवियों और सज्जनों, ताऊ के भाइयो, बहणों, भतीजियों और भतीजो, समस्त संपादक मंडल के सदस्य गणों,   आप सबको बीनू फ़िरंगी का सादर प्रणाम.

और मिस रामप्यारी और हीरामन को  विशेष रामराम.

 

ताऊ पहेली राऊंड –२ के नौवें अंक का रिजल्ट घोषित करते हुये मुझे  अपार हर्ष हो रहा है. और मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका आज फ़िर  मिला. और जब तक ताऊ चाहेगा आगे भी मिलता रहेगा.

 

 

तो आईये अब चलते हैं रिजल्ट की तरफ़.  हमारी इस पहेली का सही जवाब तिरुवल्लुवर स्टेच्यू कन्याकुमारी,  जिस पर कल आपको ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे सु अल्पना वर्मा देगी बहुत ही विस्तृत जानकारी.

 

 

 

सर्वाधिक अंक प्रात किये १०१



poemsnpuja
घणी बधाई प्रथम स्थान के लिये. .सुश्री पूजा उपाध्याय

तालियां..... तालियां..... तालियां..... जोरदार  ….  तालियां

विशेष बधाई….

 



आज के उप विजेता  अंक १०० के साथ बधाई

smartindian


 श्री अनुराग शर्मा

 

 

आज के तृतिय विजेता अंक ९९ के साथ ...बधाई



ashish1


  आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) 

 

 

आईये अब अन्य माननिय विजेताओं के बारे में  क्रमश:  जानते हैं. जिनको ऊपर से नीचे के क्रम में ९८ से ७६ तक अंक दिये गये हैं.  सभी को हार्दिक बधाई.

 

 

 seema gupta अंक ९८

Udan Tashtari अंक ९७

  Shastri अंक ९६

  P.N. Subramanian अंक ९५

  प्रकाश गोविन्द अंक ९४

  अन्तर सोहिल अंक ९३

  मीत अंक ९२

हिमांशु । Himanshu अंक ९१
Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" अंक ९०

  अभिषेक ओझा अंक८९

 ranjan 

  अंक ८८

  नितिन व्यास अंक ८७

  मुसाफिर जाट  अंक ८६

HEY PRABHU YEH TERA PATH अंक ८५
दिलीप कवठेकर अंक ८४

  दर्पण साह "दर्शन" अंक ८३

Vivek Rastogi अंक ८२

 

कलम का सिपाही अंक ८१

  आदर्श राठौर अंक ८०

  सतीश चंद्र सत्यार्थी अंक ७९


योगेश समदर्शी
अंक ७८

  Syed Akbar अंक ७७

Harkirat Haqeer अंक ७६

 

 

इसके अलावा निम्न महानुभाओं ने भी इस पहेली अंक मे शामिल होकर हमारा उत्साह बढाया. जिसके लिये हम उनके हृदय से आभारी हैं.

 

 

डा. रुप चन्द्र शाश्त्री,  श्री दिनेश राय द्विवेदी,  श्री अरविंद मिश्रा,  श्री दीपक तिवारी साहब,  श्री मकरंद, 

 

श्री संजय बैंगाणी,  श्री अनिल पूसदकर,  सुश्री लवली कुमारी,  श्री गौतम राजरिशी,  सुश्री विधु,  सुश्री सोनु,

 

श्री भैरव,  श्री मोहन वशिष्ठ,  श्री रतन सिंह शेखावत,  श्री काजल कुमार और   श्री नरेश सिंह राथौड.

 

बहुत धन्यवाद आप सभी का.

 

 

 

 


rampyari_thumb[3]

 

रामप्यारी की क्लास मे :-

हैल्लो एवरी बडी..गुड आफ़्टर नून….

जैसा कि अब तो आपको मालूम पड ही गया होगा कि सही जवाब क्या है?  वो ना… वो ना…. 

स्वर्णलता आंटी ना…जबरन अप्सराओं मे घुस कर बैठ गई थी….

 

और मुझे सबसे पहले बताया नितिन व्यास अंकल ने…फ़िर ना वो पिट्स्बर्ग से अनुराग अंकल ने बिल्कुल सही सही बताया  …..और मालूंम है…उसी वक्त लंदन से समीर अंकल की मेल आगई कि

रामप्यारी क्या करूं?  ताऊ के ब्लाग पर तो कमेंट ही नही कर पा रहा हूं? और मैं तो रास्ते मे

हूं…..मैने भी कह दिया कि अंकल कोई बात नही आप का जवाब रामप्यारी तक पहुंच गया है…अब चिंता की कोई बात नही…

 

और बोलो..एक बात आपने देखी कि नही?  फ़िर आप कह दोगे..रामप्यारी तू भी फ़ालतू बकबास

करती रहती है  काम धाम कुछ करती नही है…

 

अब आप तो ऐसे ही बोलोगे ना..पर रामप्यारी को चारों तरफ़ नजर रखनी पडती है…..हां तो मैं फ़िर भूल गई ?  क्या कह रही थी मैं?   हां   याद आया…पहले तीनों सही जवाब NRI  के आये..अब ये

भी सोचने वाली बात है कि ये हुआ कैसे?  विचार करना पडॆगा…

 

हां फ़िर जयपुर वाले आशीष अंकल भी सही जवाब लेकर आगये…और फ़िर सीमा आंटी भी बिल्कुल सही जवाब लेकर आई….और मालूंम है…आंटी ने तो मेरी ड्रेस की तारीफ़ भी की..थैंक्यु आंटी..

 

फ़िर महक आंटी ने भी बिल्कुल सही जवाब दिया…और ना…और ना… महक आंटी ने तो मेरे को कहा कि रामप्यारी तू तो बदमाशी करती हुई ही अच्छी लगती है…थैंक्यु आंटी..जरा इन और लोगों को

भी समझाईये ना.

 

उसके बाद अनिल अंकल…...अंतर सोहिल अंकल,  आये.

 

और फ़िर ना..पहली बार आये मीत अंकल और उन्होने ही बताया कि ये स्वर्णलता जबरन घुस कर बैठ गई है. तब जाके मैने उसे बाहर किया…थैंक्यु अंकल……

 

 

फ़िर हे प्रभु ये तेरा पथ वाले अंकल आये…और फ़िर आज ना……वो अभिषेक ओझा अंकल भी बिल्कुल सही जवाब लेकर आये संस्कृत वाला…थैंक्यु अंकल..मेरी चाकलेट भिजवा देना..मुझे चाकलेट बहुत अच्छी लगती है .

 

फ़िर आये पंडित डी.के. शर्मा अंकल…..अंकल मेरी जन्मपत्री देखी क्या?

 

फ़िर रविकांत पांडे अंकल…..फ़िर आये दर्पण शाह दर्पण अंकल ..और दर्पण अंकल ने क्या किया?

बतादूं अंकल?  …?…हां दर्पण अंकल ने मैने जो गुलजार अंकल की नज्म “ मेरे यार जुलाहे”

लिखी थी ना उसकी पैरोडी बना कर चले गये ..” मेरे यार ब्लागर बता..”

 

फ़िर आये वो अशोक पांडे अंकल…हाय अंकल..कैसी चल रही है खेती बाडी..?

 

और फ़िर आई डाक्टर पूजा दीदी..अरे दीदी..लठ्ठ वठ्ठ मत मारना…देखो ना ..आज तो आपको प्रथम विजेता भी बनवा दिया मैने …आज तो लठ्ठ मत मारिये.. वो काम तो ताई ही बहुत अच्छी तरह कर लेती है…कभी कभी…ताऊ के साथ साथ मुझे भी पड जाते हैं.  आज तो मिठ्ठाई खिलाईये…कब आऊं इंटर्व्यु लेने?

 

फ़िर सतीश चंद्र सत्यार्थी अंकल आये….फ़िर प्रकाश गोविंद अंकल आये…अरे अंकल आप तो अबकी बार टीप कर पास हुये हो…आप कोई मेरी तरह बच्चे हो क्या? जो टीपते हो और सबको बता भी देते हो? और आपकी अप्सराओं से जरा दूर ही रहा किजिये…वो बहुत खतरनाक वाली अप्सराएं हैं.

 

फ़िर आई हरकीरत आंटी..हाय आंटी…जब मेरे हाथ मे सत्ता आजायेगी ना..तब तो मैं सब कुछ आऊट कर दूंगी…ठीक है ना आंटी.

 

और फ़िर आये सैयद अकबर अंकल….और बोले कि  रामप्यारी  ये जवाब तो लवि की मम्मी ने बताया

है..तो सही बात है ना अंकल..आंटी तो है ही बुद्धिमान…इसीलिये आप जीत भी गये..हाय लवि कैसी है तू?

तू नाराज मत होना,  अबकी बार ना .. जब मैं जयपुर आऊंगी ना…तब पक्के से तेरे से मिलूंगी.. विद्या माता की कसम..

 

और सबके आखिर मे आये दिलिप कवठेकर अंकल..हाय अंकल कहां हो आजकल?

 

हां तो अब मैने आप  सब  आंटियों , अंकलों और दीदीयों को पूरे ३० नम्बर दिलवा दिये हैं.

 

आप सबको बधाई और अब रामप्यारी आपको अगले शनीवार फ़िर मिलेगी इसी

ताऊ पहेली के अगले अंक में.

अब रामप्यारी को इजाजत दिजिये….. आप सबको घणी नमस्ते.. रामराम… .

 

 

 

 

पाठकों के विचार स्तम्भ मे आज फ़िर से हैं श्री महावीर बी. सेमलानी

 

 



mahaveer

                                                     हे प्रभु यह तेरापन्थ

                                              महावीर बी सेमलानी " भारती'

 

 

भारतीय प्रायद्वीप के दक्षिणी छोर पर स्थित कन्याकुमारी अद्वितीय शहर है।

 

(कोची केरल मे सारथी के शास्त्रीजीजी का पेतृक गॉव है) लेकिन कन्याकुमारी वास्तव में तमिलनाडु राज्य का एक खास पर्यटन स्थल है।

 

आपको पता होगा,कन्याकुमारी दक्षिण भारत के महान शासकों चोल, चेर, पांड्य के अधीन रहा है। यहां के स्मारकों पर इन शासकों की छाप स्पष्ट दिखाई देती है।

 


यहां आए थे चैतन्य महाप्रभु

कुमारी अम्मन  मंदिर से कुछ दूरी पर सावित्री घाट, गायत्री घाट, स्याणु घाट एवं तीर्थघाट बने हैं
घाट पर सोलह स्तंभ का एक मंडप बना है। मंदिर के गर्भगृह में देवी की अत्यंत सौम्य प्रतिमा विराजमान है। विभिन्न अलंकरणों से सुशोभित प्रतिमा केवल दीपक के प्रकाश में ही मनोहारी प्रतीत होती है। देवी की नथ में जडा हीरा एक अनोखी जगमगाहट बिखेरता है। कहते हैं बहुत पहले की बात है, मंदिर का पूर्वी द्वार खुला होता था तो हीरे की चमक दूर समुद्र में जाते जहाजों पर से भी नजर आती थी, जिससे नाविकों को किसी दूरस्थ प्रकाश स्तंभ का भ्रम होता था। इस भ्रम में दुर्घटना की आशंका रहती थी। इसी कारण पूर्वी द्वार बंद रखा जाने लगा। अब यह द्वार बैशाख ध्वजारोहण, उत्सव, रथोत्सव, जलयात्रा उत्सव जैसे विशेष अवसरों पर ही खोला जाता है। माना जाता है कि चैतन्य महाप्रभु इस मंदिर में जलयात्रा पर्व पर आए थे

मंदिर में पुरुषों को ऊपरी वस्त्र यानी शर्ट एवं बनियान उतार कर जाना होता है।

 

Tirukkural बोल्ड विचारों वाले थे,उन्होंने जाति व्यवस्था को खारिज कर दिया।

एक महान और पुण्य कवि और दार्शनिक  तिरुक्कुल्लुर जो दक्षिण भारत के कृषक समुदाय मे जन्मे, अपनी जिविका कढाई-बुनाई करके यापित करते थे। तिरुक्कुल्लुर "है थिरू"+क्कुल्लुर, इसके नाम का दूसरा भाग छंद की कम लंबाई की वजह से दिया गया था।

"थिरू" शब्द पवित्रता का धोतक है +    क्कुल्लुर (Kural) हिंदू ग्रंथों के वेदों के बराबर माना जाता है.

 

तमिल कवि  भरतियार (Bharathiyar) के शब्दो मे कहु तो -" तमिलनाडु "तिरुक्कुल्लुर" के सार्वभौमिक नज्मो  के कारण प्रसिद्ध हो गया है.।"

 

इसके अमरता और सार्वभौमिकता असंदिग्ध है. एक दुनिया के विभिन्न भाषाओं में इसका व्यापक अनुवाद के कारणों के निर्विवाद तथ्य यह है कि नैतिकता और इसे वहन मूल्यों सभी धर्मों, सभी देशों और सभी समय पर लागू कर रहे हैं. यह रोमन कैथोलिक ईसाई और सार्वभौमिकता प्राचीन या आधुनिक समय के किसी भी साहित्यिक कार्यों के लिए एक अद्वितीय विशेषता है.

 

वैज्ञानिक के रूप में तमिल के कवियो के साथ ही तीन तमिल राज्य के राजा के दक्षिण भारत में Thirukkural की साहित्यिक महानता स्वीकार किया.   तिरुक्कुल्लुर ने ऐसे एक तीक्ष्ण अंतर्दृष्टि, संपूर्ण प्रभुत्व और समाप्ति कौशल आधुनिक मनोविज्ञान की सबसे सूक्ष्म अवधारणाओं अवशोषित के साथ, यह एक है मानव स्वभाव की जटिलताओं diagnoses उसकी झाड़ू और गहराई में सोच छोड़ दिया है.

आपको बता दू तमिलनाडु सरकार के मुख्यमन्त्री करुणाकरण रजनीकान्त को लेकर व होलिवुड के सहयोग से महान कवि के नाम पर "तिरुक्कुल्लुर" फिल्म बनाने जा रहे है जिस पर ५० से १०० करोड का खर्चा आऐगा।

 


घर्म सार कहता है कि स्वर्ग मॉ के चरणो मे,(पैर छुने से  व्यक्ती का जीवन धन्य हो जाता है पापो का क्षय होता है) तो फिर भारत माता के पैर छुने के लिऐ उनका आशिष लेने के लिऐ वास्तविक स्वर्गलोक जाने के लिऐ हमे कन्या कुमारी के दर्शन करने चाहिऐ आप शान्ती,का अनुभव करगे।

 

नोट- कुछ वरृतान्त मेरी यात्रा के अनुभवो पर आधारित है और कुछ खोजी यन्त्रो एवम साहित्यो से प्राप्त है।

प्रस्तुती -

महावीर बी सेमलानी "भारती'

 

हे प्रभु यह तेरापथ

 

 

 

अच्छा अब नमस्ते. कल सोमवार को ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे आपसे पुन: भेंट होगी.

 

सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. इस दुसरे राऊंड की नौवीं  पहेली का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया.

 

संपादक मंडल :-

 

मुख्य संपादक : ताऊ रामपुरिया

 

विशेष संपादक : अल्पना वर्मा

 

संपादक (प्रबंधन) : seema gupta

 

संपादक (तकनीकी)  : आशीष खण्डेलवाल

 

संस्कृति संपादक :  : विनीता यशश्वी

 

सहायक संपादक : बीनू फ़िरंगी एवम मिस. रामप्यारी

 

सहायक संपादक : हीरामन

32 comments:

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Sunday, April 26, 2009 2:00:00 PM

"ताऊ पहेली राऊंड 2 अंक 9 का जवाब" में सर्व प्रथम तीनों विजेताओं पूजा उपाध्याय, स्मार्ट इंडियन यानि श्री अनुराग शर्मा और आशीष खण्डेलवाल को घणी बधाई।

  अभिषेक ओझा

Sunday, April 26, 2009 2:05:00 PM

आते ताऊ कितनी मुश्किल से तो पिछली दो पहेलियों का उत्तर मालूम था. फिर भी इतने कम अंक :( अब सुबह-सुबह उठना वो भी शनिवार को... बड़ा मुश्किल है !

  दिगम्बर नासवा

Sunday, April 26, 2009 2:18:00 PM

सभी विजेताओं को बधाई..............
मैं व्यस्त हो गया.............और इस बार फेकी दख ही नहीं सका..............इतनी आसान थी, इस बार तो पहले नंबर पर आता

  अल्पना वर्मा

Sunday, April 26, 2009 2:19:00 PM

सभी विजेताओं को ,प्रतिभागिओं को ,बीनू फिरंगी को ,रामप्यारी को भी बहुत बहुत बधाई.

  poemsnpuja

Sunday, April 26, 2009 3:05:00 PM

इस बार तो पहेली आसान लगी, देखी हुयी जगह जो थी. कन्याकुमारी दो बार गयी हूँ...दूसरी बार जब गयी थी तो इस प्रतिमा का काम चल रहा था और लोग वहां नहीं जा सकते थे, पर मूर्ति स्थापित कर दी गयी थी इसलिए देखते ही पहचान गयी. सुबह सुबह ऑफिस का थोड़ा काम कर रही थी कि अचानक से याद आया कि शनिवार है आज तो ताऊ की पहेली का दिन है...जीत कर बड़ा अच्छा लग रहा है, इंटरव्यू के लिए तो बस ताऊ आप जब भी बुला लो...इसी बहाने पता तो चले कि आप हो कौन :) और रामप्यारी से भी मिल लूँगी...इतने दिन से मेरे मरीजो का टेस्ट कर रही है और उसे चॉकलेट भी to देना है :)

  नितिन व्यास

Sunday, April 26, 2009 3:06:00 PM

सभी प्रतिभागियों, विजेताओं, महाताऊओं , संपादको और रामप्यारी को बधाई

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Sunday, April 26, 2009 3:21:00 PM

पुजाजी उपाध्यायजी,
को जीत की हार्दीक बधाई।

स्वागत मे हम आपके फुल बिछाते है,
जीत मे हम आपके दीप जलाते है।
..................................................
मि. स्मार्ट भारत (इण्डिया जी)
आपको भी दुसरी बार ताऊ-विश्वकप विजय पर हार्दीक बधाई।

यह ताऊनामा हमारा है,
और आप ताऊनामे की शान है॥
.................................................
भाई आशिषजी खण्डेलवालजी
आपको तीसरे पायेदान पर आने के लिऐ हार्दीक बधाई।

यह ताऊनामा हम जैसे ताऊओ का है,
पर आप ताऊनामे कि जान है।
....................................................
बाकी प्रतोयोगी कि विजेता लाईन मे Shastriजी अकल को देख थोडा ताजुब्ब हुआ, कि हम बच्चो के ईस कबड्डी खेल मे वो भी मन लगा बैठे।
बैठे तो ऐसे बैठे कि ९६ अंक लेकर छठे पायेदान पर पहुच गऐ। चलो भाई कोई बात नही खेलने का असली मजा तो अब आऐगा।
..........................................................
seemajii gupta, Udanji Tashtari ,P.N. Subramanianji , Pt.डी.के.शर्मा"वत्सjii", नितिन व्यासji, दिलीप कवठेकरji Harkiratji Haqeer , सहीत अन्य मित्रो को रनरअप बनने के लिऐ बाघाई।

मन के मोतियो से हम आपका वेलकम करते है,
दोनो हाथो से हम आपका स्वागत करते है।
.........................................................
भाई बिनू फिरगी साहेब . आपने हमे जो आज बताया-" हमारी इस पहेली का सही जवाब तिरुवल्लुवर स्टेच्यू कन्याकुमारी।"

यह बात तो हम कल से चिल्ला-चिल्ला कर बता रहे है कि यह "तिरुवल्लुवर स्टेच्यू'
.........................................................
अब रामप्यारी को इजाजत दिजिये….. आप सबको घणी नमस्ते.. रामराम…
भाई दे दी ईजाजत। घणी नमस्ते हम नही समझते, बोलो ताऊ ताऊ।
..........................................................
अन्त मे पुरे ताऊमेनेजमेन्ट का आभार कि
"हे प्रभु यह तेरापन्थ' को पत्रिका मे उचित स्थान दिया। ॐ भिक्षु जय भिक्षु........
..........
आभार
हे प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई टाईगर

  Syed Akbar

Sunday, April 26, 2009 3:41:00 PM

सभी विजेताओं को बधाईयाँ...

  Shastri

Sunday, April 26, 2009 5:27:00 PM

(शास्त्री जी सहित) आज के सारे विजेताओं को बधाई.

"मंदिर में पुरुषों को ऊपरी वस्त्र यानी शर्ट एवं बनियान उतार कर जाना होता है।"

केरल के अधिकतर प्राचीन मंदिरों में यह परंपरा है.

सस्नेह -- शास्त्री

  Shastri

Sunday, April 26, 2009 5:29:00 PM

"बाकी प्रतोयोगी कि विजेता लाईन मे Shastriजी अकल को देख थोडा ताजुब्ब हुआ, कि हम बच्चो के ईस कबड्डी खेल मे वो भी मन लगा बैठे। बैठे तो ऐसे बैठे कि ९६ अंक लेकर छठे पायेदान पर पहुच गऐ। चलो भाई कोई बात नही खेलने का असली मजा तो अब आऐगा।"

अरे ऐसी कोई बात नहीं है. मैं पाली में उतरा नहीं हूँ, बल्कि सिर्फ मैदान-किनारे खडे होकर आप सब को चिढा रहा हूँ कि जरा और उत्साह से खेलो बच्चों!!

सस्नेह -- शास्त्री

  Nirmla Kapila

Sunday, April 26, 2009 5:36:00 PM

sabhi vijataon ko aur tau parivar ko bahut bahut badhai

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Sunday, April 26, 2009 6:02:00 PM

जीतने वालों को घणी घणी बधाई!

  दीपक "तिवारी साहब"

Sunday, April 26, 2009 6:58:00 PM

जीतने वालों को बधाई. रामप्यारी जी हमको नही जितवाया अबकी बार..चाकलेट लेकर भी.:)

  sonu

Sunday, April 26, 2009 6:59:00 PM

सभी को बधाई. रामप्यारी की बातें अच्छी लगती हैं.

  Bhairav

Sunday, April 26, 2009 7:03:00 PM

बधाई जी सभी को. रामप्यारी जी भी बहुत बधाई.

  sonia

Sunday, April 26, 2009 7:04:00 PM

vah rampyari ke javab padh kar to maje aa gaye. keep it up rampyariji

  makrand

Sunday, April 26, 2009 7:07:00 PM

सभी विजेताओं को बधाई.

ताऊ जी अब पहेली प्रकाशन का समय चेंज किजिये.
जो सभी को सूटेबल हो. कारण कि सूबह वाला काम थोडा परेशानी का है. लाईत भी नही रहती और देख लिज्ये सोचकर.

  अभिमन्यु

Sunday, April 26, 2009 7:08:00 PM

लाजवाब रामप्यारी ...बधाई सभी को.

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Sunday, April 26, 2009 7:14:00 PM

सभी विजेताओं,अविजेताओं,प्रतिभागियों सहित सम्पूर्ण संपादन मंडल को घणी जोरदार बधाई!!!

  डॉ. मनोज मिश्र

Sunday, April 26, 2009 8:11:00 PM

इस बार तो हम चूक गए ताऊ जी .

  mahabharat

Monday, April 27, 2009 12:10:00 AM

बहुत बधाई विजेताओं को.

  mahabharat

Monday, April 27, 2009 12:10:00 AM

बहुत बधाई विजेताओं को.

  Indorilal

Monday, April 27, 2009 12:12:00 AM

rampyari ne bahut badhiyaa likha.
badhai sabhi vijetao ko

  sahi

Monday, April 27, 2009 12:14:00 AM

badhai sabhi vijetao ko

  Iman

Monday, April 27, 2009 12:16:00 AM

ताऊ हमने भी जवाब दिया था. हमारी तो टीपणी ही नही दिख रही है?

  Iman

Monday, April 27, 2009 12:16:00 AM

ताऊ हमने भी जवाब दिया था. हमारी तो टीपणी ही नही दिख रही है?

  Iman

Monday, April 27, 2009 12:16:00 AM

ताऊ हमने भी जवाब दिया था. हमारी तो टीपणी ही नही दिख रही है?

  सतीश चंद्र सत्यार्थी

Monday, April 27, 2009 1:59:00 AM

मकरंद जी के सुझाव से मैं भी सहमत हूँ. पहेली के प्रकाशन का समय बदला जाए.
शनिवार को इतनी सुबह उठना सचमुच एक कठिन कार्य है. खासकर मेरे जैसे देर रात तक जागने वालों के लिए.

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Monday, April 27, 2009 5:57:00 AM

@ताऊ,
संपादकों व आयोजक को धन्यवाद एवं विजेताओं को बधाई!
@ सेमलानी जी,
Tirukkural बोल्ड विचारों वाले थे,उन्होंने जाति व्यवस्था को खारिज कर दिया...
एक महान और पुण्य कवि और दार्शनिक तिरुक्कुल्लुर जो दक्षिण भारत के कृषक समुदाय मे जन्मे
कवि का नाम तिरुक्कुरल नहीं बल्कि तिरुवल्लुवर है, तिरुक्कुरल उनके द्वारा रचे हुए ग्रन्थ का नाम है.
धन्यवाद!

  seema gupta

Monday, April 27, 2009 9:47:00 AM

प्रथम तीनों विजेताओं पूजा उपाध्याय, स्मार्ट इंडियन यानि श्री अनुराग शर्मा और आशीष खण्डेलवाल सहित सभी प्रतिभागियोंको ढेरो बधाई

regards

  वन्दना अवस्थी दुबे

Monday, April 27, 2009 2:57:00 PM

ताऊ जी,मैं भी प्रतियोगिता मैं भाग ले सकती हूं न?

  Pankaj Upadhyay

Sunday, May 17, 2009 10:07:00 PM

सबको बधाई और आपके domain name के लिये भि बधाई :)॥

ताऊ उवाच :-:


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