ताऊ की पाठशाला आफ़ सन्डे में पहेली का जवाब

प्रिय बहणों,  भाईयो, भतीजियों और भतीजों आप सबका ताऊ की रविवारिय क्लास मे घणा स्वागत सै. युं तो आज सिर्फ़ कल की पहेली का रिजल्ट घोषित करना है जो बीनू फ़िरंगी और  रामप्यारी बखूबी कर लेंगे. इन दोनों ही बच्चों को हमने काफ़ी ट्रेंड कर दिया है. सो लगता है ये हमारी जिम्मेदारी थोडी बहुत बांट लेंगे.

 

आज सुबह सूबह ही कहीं से एक मेल मिला जन्म दिन मुबारक हो. और इस मेल का वापसी उत्तर देने का कष्ट नही करें. बताईये अब हम भेजने वाले का आभार भी व्यक्त नही कर सकते? खैर साहब …क्या करें? उनकी मर्जी. वैसे भी आजकल जन्मदिन आप नही भी याद रखो तो बैंक और बीमे वाले एस.एम.एस. करके याद दिलवा देते हैं और बचे खुचे माल के स्टोर वाले कि भाई साहब आजाओ.

 

वैसे आज हमारे सारे परिवार के लोग इकठ्ठे हैं इस दिन को मनाने के लिये. क्योंकि आज छुट्टी है सो चम्पाकली भी सीधे चांद से आगई है, अनारकली बालीउड से लौट आई है. बीनू फ़िरंगी और सैम तो यहां हैं ही. रामप्यारी भी यहीं है. रामदयाल और उसकी चम्पा गधेडी भी आ चुके हैं. संतू गधे को भी हम कुंये से निकलवा लाये हैं.

 

हमारी प्यारी रामप्यारी ने हमसे कहा कि ताऊ इस मौके पर दो शब्द कहिये सो कह रहे हैं. वैसे हमारी इच्छा तो फ़ुरसतिया जी स्टाईल मे बीसेक हजार शब्द कहने की थी. पर क्या करें? आज कल के बच्चें हैं सो उन्होने दो शब्द बोलने का कहा तो ज्यादा से ज्यादा दौ सौ बोल लेंगे.

 

सबसे पहले तो हम कबीर साहब का ये दोहा अपने आप को ही सुना रहे हैं.

 

“कबिरा हम पैदा हुये जग हंसे हम रोये

ऐसी करणी कर चलो हम हंसे जग रोये”

 

 

वैसे आजकल बडा मुश्किल है भाई किसी को कुछ कहना. हम ठहरे देहाती आदमी. अब हम किसी किताब के दो पन्ने पढ कर उस पर बुद्धिजिवी के जैसा तो कमेंट नही ना कर सकते. और इतने बुद्धिजीवी भी नही हैं कि किसी उपन्यास के पन्ने बांचकर काफ़ी और सिगरेट फ़ूकंते नजर आयें.

 

भाई अपना तो फ़िर से आदर्श कबीर साहब ही हैं.

 

“कबिरा खडा बाजार मे लिये लुकाठी हाथ

जो घर   फ़ूंके   आपना     चले हमारे साथ”

 

अब हमारे साथ कौन अपना घर जलवायेगा? ईश्वर ताऊ का घर छोडकर सबका सलामत रखे. एक और साल पूरा हुआ. ब्लाग जगत मे आने के पहले लगने लगा था कि जगत से मोह माया कम होने लगी है पर अब मुझे लगने लगा है कि ये आभाशी जगत भी मुझे मोह ग्रस्त करने लगा है.  शायद आत्म मंथन की आवश्यकता है.

 

 

 

 

 

 

binu-firangi आदर्णीय देवियों और सज्जनों, ताऊ के भाइयो, बहणों, भतीजियों और भतीजो आप सबको बीनू फ़िरंगी का सादर प्रणाम. ताऊ पहेली राऊंड –२ के प्रथम अंक का रिजल्ट घोषित करते हुये मुझे  अपार हर्ष हो रहा है. और मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका मिला.

 

मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैं बिना किसी बेईमानी और बदमाशी के इमानदारी पुर्वक रिजल्ट घोषित करुंगा. और आशा है आप मेरे द्वारा तैयार रिजल्ट से संतुष्ट होंगे.

 

तो आईये अब चलते हैं रिजल्ट की तरफ़ :-  हमारी इस पहेली का सही जवाब है “मदन महल फ़ोर्ट” विजेता इस प्रकार रहे.

                         

 

 शुभम आर्य said...

 

Madan Mahal Fort, Jabalpur, .. madhya pradesh

 

घणी बधाई प्रथम स्थान के लिये. सर्वाधिक अंक प्रात किये १०१.

तालियां..... तालियां..... तालियां..... जोरदार

अब श्री शुभम आर्य को अगली बार जीतते ही हेट्रिक के साथ कुल पांच बार के विजेता  बनने का सुनहरा मौका है. विशेष बधाई…..

 


२. वरुण जायसवाल said...

Madan Mahal Fort, in Jabalpur, madhya pradesh

अंक १००

३. अल्पना वर्मा said...

 

Madan Mahal Fort, Jabalpur, Madhya Pradesh

अंक ९९

४.My Photo PN Subramanian said...

अरे भैय्या हम तो फंस जायेंगे. मदन महल, जबलपुर है. इसके बारे में बहुत ज्यादा तो मालुम नहीं है. यह ११०० ईसवी का है. किसने बनाया यह भी नहीं मालुम. मदन शाह (सिंह भी कहीं कहीं कहा गया है) जो रानी दुर्गावती का बेटा था, यहाँ आराम फरमाता था. यहाँ से दूर दूर तक नज़र राखी जा सकती है.

अंक ९८

 

५. seema gupta said...

Madan Mahal Fort Sitting pretty on top of a rocky hill, this 900 year old fort dominates the landscape. A view of the low-lying areas from the fort is scintillating and makes it worth your visit. The most characteristic feature of the Madan Mahal Fort is the simplicity of the fort itself. The fort was built by the Gond king Madan Shah in the year 1116 and since then it has become a landmark for Jabalpur City.
regards

अंक ९७

६. Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

 

मदन महल, जबलपुर


अंक ९६
७. pankajrago said...

Rani Durgawati Fort, Madan Mahal, Jabalpur

 

अंक ९५

८. हिमांशु । Himanshu said...

यह चित्र रानी दुर्गावती फ़ोर्ट, मदनमहल, जबलपुर का है. इसे गोंड शासक मदन शाह ने सन १११६ ई० में बनवाया था.

अब रामप्यारी का जवाब. अरे नहीं! अलग टिप्पणी कर रहा हूं.

अंक ९४

९. दिगम्बर नासवा said...

ताऊ राम राम


मन्ने तो लागे है कोई बावला ही होगा जो जिसने इतनी ऊँची और ऐसी जगह घर बनवा लिया जो हमारे गले की आफत बन गया, न जाते बनेगा न जवाब देते. पर जवाब तो जरूर दूंगा.......किसी और का तुक्का चोरी कर के


तो आज चोरी है जैसवाल जी का तुक्का............ये है ......रानी दुर्गावती फोर्ट जबलपुर.
और और अब राम प्यारी का जवाब.............१६ दिन में ख़तम हो जायेंगी साड़ी चोकें

 

अंक ९३

१०. Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

 

ताऊ, पहले भी शक था मगर गांधी जी के FDC की वजह से तय नहीं कर पा रहा था. अब चित्र बदला है तो पक्का हो गया की यह जबलपुर का मदन महल है जिसे रानी दुर्गावती के पुत्र दसवें गोंड राजा मदन सिंह का आवास माना जाता है

 

अंक ९२

११. नितिन व्यास said...

 

ये तो उडनतश्तरी के जबलपुर का मदनमहल का किला है्

 

अंक ९१

१२. आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

 

Taau.. ye to Jabalpur ka Madan Mahal hai..


अंक ९०
१३. दिलीप कवठेकर said...

अरे, चित्र को क्लोज़ अप में देखा तो पहाडी के महल में उडन तश्तरी के समीर जी खिडकी पर बैठे दिख गये!!


तो ताऊ, ये है रानी दुर्गावती का किला , मदन महल ,जबलपुर.

 

अंक ८९

१४. प्रकाश गोविन्द said...

ANSWER :-
Madan Mahal Fort. Jabalpur    Madya Pradesh

 

अंक ८८

१५. प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

Madan Mahal Fort.   Jabalpur

अंक ८७

१६. Syed said...

रानी दुर्गावती फोर्ट, मदन महल, जबलपुर


अंक ८६
१७. राज भाटिय़ा said...

 

ताऊ मेने तो लगे यह तेरा ही घर है, जब राजस्थान मै भयंकर बाढ आई थी, तो तुमने झट से मध्य प्रदेश मै मदन लाल से एक ऊंचे पहाड पर अपना झोपडा बना लिय था, फ़िर गोटू सुनार को चुना लगाया, सेठ को लुटा, भाटिया को चुना लगाया, ओर पता नही किस किस को चुना लगाया, ओर फ़िर झटपट इस बडे से पत्थर पर मदन महल बना लिया, अब बिजली का बिल तो देना ही नही, क्यो कि उडे तो चारो ओर से हवा आती है, ओर जब लाईट चाहिये तो टले ते कुंडी मार लो तारो मे, वेसे अपना जबाब तो सही नही हो सकता , क्योकि यह तो नकल मारी है, पाप से बचने के लिये पहले ही बता दे.
राम राम जी की

 

अंक ८५

१८. दीपक "तिवारी साहब" said...

ताऊ ये जबलपुर से पहला ही रेल्वे स्टेशन है जिसका नाम मदन महल है. वहीं स्टेशन से ये किला दिखता है.

 

अंक ८४

१९. makrand said...

ये जब्लपुर का दुर्गावती फ़ोर्ट है मदन महल मे.


अंक ८३
२०. Anil Pusadkar said...

 

इतने लोगो ने बताया नही भी होता तो भी मै ईमानदारी से बिना नकल के बता देता देता ये मदन महल है,जबलपुर का।अब तक़दीर ही खराब है जो आज देर से ईधर आया,वर्ना कई-कई बार झांको तो भी जवाब का पता नही रहता।आज थोड़ा देर क्या हूई सब के सब पेल दिये हैं।देखना ताऊजी ईमानदारी का खयाल रखना।

 

अंक ८२

२१. सतीश चंद्र सत्यार्थी said...

ताऊ जी, पहले अपनी पहेली का जवाब सुन लो.
यह चित्र जबलपुर, मध्य प्रदेश के मदन महल के किले का है जिसे १११६ ई. में गोंड शासक मदन शाह ने बनवाया था. बाद में यह रानी दुर्गावती का महल बना जिन्होंने मुग़ल शासक अकबर की सेना से लड़ते हुए अपने प्राण दे दिए. यह किला एक चट्टानी पहाडी पर बना है जहां से शहर और आसपास का पूरा इलाका दिखाई पड़ता है. इसे शायद इलाके की निगरानी के लिए सैनिकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता था. वैसे तो इस इमारत में किसी ख़ास वास्तुकला या कलाकृति का प्रयोग नहीं किया गया है पर इसकी "स्थिति" और साधारणता ही इसे ख़ूबसूरत और अद्वितीय बना देती है.

 

अंक ८१

२२. Udan Tashtari said...

HUm to train me the varna apna shahar na pahchante aisa kaise ho sakta hai..hume grace di jaye...madan mahal ka kila, jabalpur answer ke liye.
Abhi Delhi se aaya hun 5 minute pahle.

 

अंक ८०

 

 

 


इसके अलावा श्री अरविंद मिश्रा, श्री सुशील कुमार जी छोंक्कर, सु. रंजना [रंजू भाटिया]

सु. कविता वाचक्नवी, श्री महामंत्री तस्लीम, श्री नीरज गोस्वामी, श्री भैरव, सु. इन्द्राणी ,

श्री संजय बैंगाणी, श्री शाश्त्री, श्री योगिंद्र मौदगिल, श्री विनय, श्री पी.डी.,

डा. रुपचन्द्र शाश्त्री मयंक, सु पल्लवी त्रिवेदी, श्री राजीव ने भी हमारा उत्साह वर्धन

किया.

आप सभी का हार्दिक आभार.


 

 

 

  अब आईये रामप्यारी की क्लास में:-

 

 

 

rampyari_thumb[3] 

 


        रामप्यारी की क्लास में :-






आप सबको रामप्यारी की नमस्ते. आप कितने अच्छे हैं ना? नीचे मैं उन सभी के नाम दे रही हूं जिन्होने मुझे मार खाने से बचाया. आप सभी का बहुत धन्यवाद. और हां वादे के मुताबिक मैने आप सबके खाते मे तीस तीस  नम्बर जमा कर दिये हैं.

पर आपसे निवेदन है कि अगर कोई गलती हो तो मुझे बता दिजियेगा. क्युंकि मैं जरा गणित मे कमजोर हूं. 

श्री शुभम आर्य, श्री वरुण जयसवाल, श्री काजल कुमार ( कार्टून वाले अंकल) , सु सीमा गुप्ता जी, ( धन्यवाद आंटी, आपने पिटने से बचा लिया, वर्ना एक बार तो मुझे पिटवा ही दिया था), 

श्री तरुण, श्री पंकज रागो, श्री आलोक सिंह, श्री अंतर सोहिल, श्री हिमांशु, श्री नितिन व्यास, श्री मुसाफ़िर जाट ( लडकी छेडने वाले अंकल),

और श्री राज भाटिया अंकल ( ताऊ की टांग खींचने वाले अंकल),  और श्री प्रकाश गोविंद अंकल,

सु अल्पना वर्माजी ( शुक्रिया आपने मुझे बचाया अपना जवाब सुधार कर वर्ना अगर
मैं आपकी सलाह मानकर पहले वाला जवाब दे देती तो मेरी पिटाई पक्की थी)

श्री मकरंद अंकल ( अंकल कुछ स्कूल से तडी मारने का फ़ार्मुला बताओ ना)

श्री प्रवीण त्रिवेदी ( स्कूळ के प्रिंसीपल सर…. सर मुझे स्कूल से रेस्टिकेट करवा दो ना जिससे झंझट ही खत्म हो जाये)

श्री सतीशचन्द्र सत्यार्थि, प. डी. के> शर्मा “वत्स”, श्री  उडन तश्तरि अंकल…अंकल कैसी रही आपकी दिल्ली की यात्रा..? अब अगली बार देर मत करना..अगर आप नही आते तो कल स्कूळ मे मेरी पिटाई पक्की थी. सब के सब उल्टे सीधे जवाब दे कर मुझे कन्फ़्युज कर रहे थे. और सबसे आखिरी मे आये श्री स्मार्ट ईंडियन..क्या अंकल इतनी लेट आये आप? मुझे स्कूल का होम वर्क भी तो करना
है ना. अगली बार जरा जल्दी आईयेगा.        

अच्छा तो अब अगले सप्ताह मिलते हैं तब तक के लिये नमस्ते. और धन्यवाद..क्योंकि अब मेरा होमवर्क पूरा होगया और मैं कल  स्कूल जा रही हूं.

- आपकी रामप्यारी


 

 

पाठकों ने कहा “

 

seema-gupta-2

seema gupta said...

 

Jabalpur – An Overview


Jabalpur also known as Sanskardhani is a prominent city in Madhya Pradesh, India. It is located in the Mahakaushal region in the geographic centre in India.

It was the 27th largest urban conglomeration in India in 2001 (2001 Census) and was the 325th largest city in the world in 2006. Jabalpur is the first district in India which has obtained comprehensive ISO 9001 Certificate in April 2007.

The current population is about 15 lakhs.
The city dates back to 19th Century and is famous for its magnificent collection of Marble Rocks called Bhedaghat bordering the holy Narmada River. Jabalpur has many important Defence establishments including the Area Headquarters and Ordnance factories, the Headquarters of West Central Railway Zone, the Madhya Pradesh State Electricity Board, and the Madhya Pradesh High Court. It is also known for giving spiritual leaders of world fame like Maharishi Mahesh Yogi of Transcendental Meditation and Acharya Rajneesh.


History


Jabalpur is said to have derived its name from an Arabic word ‘Jabi’ meaning ‘rocky mountain’ on account of an impressive and awe inspiring rocky formation on the southern periphery of the city. Yet another version claims that the city is named after Rishi Jabali who sanctified the area and penanced on the banks of river Narmada in ancient times.


The historical records of Tripuri inscriptions and of the Kalachuris refer to it as ‘Jabalipattan’. The boundaries of the old city were fairly small in contrast to the expansion that has taken place over the centuries. The remnants of gates and pillars of ancient walled city can be seen even today in the form of Hanuman Phatak, Gurha Phatak and at Garha representing the pristine glory of the bygone years.


Under the British Raj, Jabalpur became the capital of the Saugor and Nerbudda Territories as part of the British North-Western Province. During those days, it became infamous for the Thuggee murders, but was made more famous by the man who suppressed thugee, Col. Sleeman, who was also appointed commissioner at Jabalpur. An important landmark event was the holding of the Tripuri Congress session in 1939 which was presided over by Subhash Chandra Bose. Famous Congress session was held at Tripuri (Jabalpur) in 1939 when Subhash Chandra Bose was elected the Congress President against the wishes of Mahatma Gandhi. Methodology of two thoughts to achieve freedom was formulated in this session.

Climate


The city has the typical hot and dry temperate climate of the Great Indian Plateau. Jabalpur is hot during summers with temperature going up to 47 degree Celsius but the winters are mild and pleasant. The July to September months bring heavy rains with the onset of the South Western monsoon.

Culture


The presence of the Narmada and the rule of Gond and Maratha dynasties for a long period have led to primarily a Hindu majority population in the area. The Mughal rule subsequently brought in a sizable Muslim population also. Thus it is characterized by a mixed culture of people of all castes and creeds living in harmony.


Hindi is the first language of the state and spoken and understood in the city. The Mughals brought Urdu and the influence of Maratha rulers has given Marathi to the multilingual culture of Jabalpur.

The art and crafts of Jabalpur are an important part of the cultural life of this city. One of the most well known Jabalpur crafts is durry designing. The unique designs and color of the durries make them very popular.

The inhabitants of the region enthusiastically take part in the festivals of Jabalpur. Almost all the major festivals of India are celebrated in this city. Different forms of dance like Gond, Matki, Phulpati and Giridaand are an integral part of the celebration during these festivals.

Transport


Air
Jabalpur has a small airport called Dumna at a distance of about 20 kms from the city center. It is connected with direct flights to Delhi and to the major airports in South and West through Indore.

Road
Jabalpur is well connected to Nagpur, Bhopal, Allahabad and Jaipur. The city is connected with three National Highways -
NH-7 (Varanasi - Kanyakumari
NH-12 (Jabalpur - Jaipur)
NH-2A (Simga, Chattisgarh-NH-26 near Jhansi)
 

Rail
Jabalpur is the Headquarter of West Central Railways and is well connected with mail and super-fast trains from places like Mumbai, New Delhi, Ahmedabad, Bhopal, Kolkata, Patna, Lucknow, Chennai, Bangalore, Nagpur, Kota, Jaipur, Jammu and Hyderabad.

regards

 

अच्छा अब नमस्ते. कल सोमवार को ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे सिर्फ़ रिजल्ट वाला हिस्सा

छोडकर बाकी सब स्तम्भ यथावत प्रकाशित होंगे.

41 comments:

  कविता वाचक्नवी

Sunday, March 01, 2009 1:31:00 PM

जीवन मंगलमय हो।
जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Sunday, March 01, 2009 2:08:00 PM

जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जीवन मंगलमय हो।
love u............ and God bless u......TAOO

  mehek

Sunday, March 01, 2009 2:11:00 PM

tauji ko janamdin ki bahut badhai

sabhi vijeta aur bhag lenewalon ko badhai

  Parul

Sunday, March 01, 2009 2:11:00 PM

जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
पहे्ली बहुत कठिन थी- सो अंदाज़ा भी नही लगाया गया :( इस बार

  सतीश चंद्र सत्यार्थी

Sunday, March 01, 2009 2:13:00 PM

ताऊ जी को जन्मदिन की घणी घणी बधाइयां.
एक बात पूछनी थी
सभी ने सवालों के सही उत्तर दिए फिर अंकों में अंतर क्यों हो जाता है?

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Sunday, March 01, 2009 2:18:00 PM

ताऊ आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाऎं..........ईश्वर आपको अच्छा स्वास्थय,लम्बी आयु तथा ढेरों खुशियां प्रदान करे..

  राज भाटिय़ा

Sunday, March 01, 2009 2:27:00 PM

ताऊ जब पेदा हो गया तो जन्म दिन भी मना लो, क्या जाता है, आप को आप के चाहने वालो को, आप की ताई , अरे नही हम सब हम की ताई को, ओर आप के आसपडोस को, आप के दोस्तो को दुशमनो को यानि सभी को आप के जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई.
ओर सभी विजेताओ को भी बहुत बहुत बधाई

  अल्पना वर्मा

Sunday, March 01, 2009 2:29:00 PM

ताऊ जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें!

आज इस तो हमने बीनू फिरंगी के भी दर्शन कर लिए!
बीनू जी को धन्यवाद..ताऊ जी का हाथ बंटाने के लिए.
रामप्यारी अब तो तुम्हें स्कूल जाना ही पड़ेगा..:)

सभी विजेताओं की बधाई.
[हम तो UAE में भारत की घडी के अनुसार १:३० घंटे पीछे चलते हैं तो नंबरों में भी पीछे रह गए!
कोई बात नहीं...]सब से ज्यादा अफ़सोस तो उड़न तश्तरी जी के लिए हो रहा है..उन्हें अगर रेल में इन्टरनेट कनेक्शन मिला होता तो जरुर वोही प्रथम रहे होते.यह उन के शहर की पहेली जो थी.
लेकिन बवाल जी कहाँ रह गए?
शुभम एक बार फिर से प्रथम आने पर एक बार फिर से बधाई!
आशा है ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगी अगली पहेली में भाग लेंगे और सफल होंगे.

  अल्पना वर्मा

Sunday, March 01, 2009 2:31:00 PM

सतीश जी अंकों में अंतर जवाब देने के क्रम से हो जाता है...यहाँ समय की भी कीमत है!

  Hari Joshi

Sunday, March 01, 2009 2:33:00 PM

जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मंगलकामनाएं।
रही बात पहेली की तो हमसे आज तक कोई सवाल हल नहीं हुआ। जब हल सामने आ जाता है तो हम हमेशा यही कहते हैं कि यही तो सोचा था मैने।
सभी विजेताओं को बधाई।

  cmpershad

Sunday, March 01, 2009 3:10:00 PM

जन्मदिन की बधाई हो ......ताऊ!
दो शब्द कहने थे तो कबीर बीच में क्यंऊ। अरे कह दिया होता थैंक यू!

  रंजन

Sunday, March 01, 2009 3:22:00 PM

राम राम ताऊ, जन्म दिन की बहुत शुभकामनाऐं..

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Sunday, March 01, 2009 3:53:00 PM

जन्म-दिवस पर तो ताऊजी!
असली मुखड़ा दिखला दो।
रहो सदा जिन्दा-दिल,
जग को भी जीना सिखला दो।।

आप जीवित रहें, सौ बरस से अधिक,
मेरे उर से निकलती है शुभ-कामना।
सीधे पथ पर चलें, खूब फूलें-फलें,
आपको हैं समर्पित,ये शुभ-भावना।।

  काजल कुमार Kajal Kumar

Sunday, March 01, 2009 4:20:00 PM

बधाइयाँ ही बधाइयाँ ..... रामप्यारी को पिटाई से बचने की बधाई, फोटो पहचानने वाले महानुभावोँ को जीतने की बधाई और आपणे ताऊ को जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई .

  Syed

Sunday, March 01, 2009 5:03:00 PM

जन्मदिन की घणी बधाई ताऊ

  नितिन व्यास

Sunday, March 01, 2009 6:28:00 PM

जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें।

लगता रामप्यारी गणित में और याददाश्त में बहुत ही कमजोर है, तभी तो उसने सब को सही जवाब देने पर भी २० अंक ही दिये (उदाहरण: शुभम भाई १०१‌+२० = १२१ )।

ताऊजी - एक सुझाव पहेली के जवाब में जब किसी जगह के बारे में विस्तृत जानकारी पर्यटन सलाहकार या कोई और ज्ञानी दे तो उसे हिन्दी विकिपीडिया पर भी डाल दें इससे हिन्दी विकिपीडिया समृ्ध्द होगा।

  दिगम्बर नासवा

Sunday, March 01, 2009 6:35:00 PM

ताऊ राम राम

hAPPY BIRTHDASY TAAU.....

बधाई सभी जीतने वालों को और जो नहीं जीत सके वो कोशिश करते रहें.
पर मेरी तरह नहीं, मैंने तो नक़ल भी ठीक नहीं मारी, देख कर भी ठीक नहीं लिखा

पर अगली बार देखना फर्स्ट आउंगा

  Arvind Mishra

Sunday, March 01, 2009 7:00:00 PM

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं ताऊ !

  सतीश चंद्र सत्यार्थी

Sunday, March 01, 2009 7:04:00 PM

जिज्ञासा का समाधान करने के लिए अल्पना जी को बहुत बहुत धन्यवाद.

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Sunday, March 01, 2009 7:08:00 PM

ताऊ जी, सुबह ब्लाग देखा था, मदनमहल तो देखा नहीं तो बता ही नहीं सकते थे। रामप्यारी के सवाल का भी सही जवाब आ चुका था। फिर हमें एक मैयत में जाना पड़ा।
अब दिए देते हैं जन्मदिन की बहुत बहुत बधाईयाँ।

  PREETI BARTHWAL

Sunday, March 01, 2009 7:11:00 PM

ताऊ जी राम-राम। आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। और अब आपके लिए एक शेर दहाङमारके... गुस्ताख़ीमाफ....

"ये शुभ दिन जो आज आता है,
बचपन की याद ताजा कर जाता है,
समझ कर बच्चा रोने ना बैठ जाना,
क्योंकि हर वर्ष हमारा बचपन बुढ़ापे में बदल जाता है।"
प्रीती बङथ्वाल।

  P.N. Subramanian

Sunday, March 01, 2009 7:49:00 PM

जन्मदिन की बधाई प्राप्त करने की अछि विधा है. अब हम क्यों पीछे रहें. हमारी भी बोरे भर बधाई. हिमांसु जी को बता दें की मदन महल गोंड लोगों ने नहीं बनवाया था. जो सन बता रहे है उस समय वहां गोंड भी नहीं आये थे. आभार.

  सुशील कुमार छौक्कर

Sunday, March 01, 2009 7:50:00 PM

जन्मदिन पर आपको लख लख बधाई और ढेरों शुभकामनाएं। पहले ना बताके पार्टी बचा गए जी आप। खैर अगली बार तो हम पहले आ धमके आपके घर पर। वैसे आज कबीर जी का कुछ पढा तो सच आनंद आ गया।

  PD

Sunday, March 01, 2009 7:57:00 PM

are taau..
janmdin ki ghani badhayi.. :)

  ताऊ रामपुरिया

Sunday, March 01, 2009 8:14:00 PM

@ श्री नितिन व्यास जी.

ध्यान आकर्षित करने के लिये धन्यवाद. आपके दो सवाल हैं.

पहले का जवाब : हमने रामप्यारी और बीनू फ़िरंगी दोनों को पूछा था.

उसने तो सभी सही जवाब देने वालों को ३० नम्बर ही दिये और बीनू फ़िरंगी ने भी सही नम्बर ही दिये हैं.

असल मे अभी मेरीट लिस्ट बन ही रही है. अकाऊंटीग सोफ़्टवेयर पुराने २० अंक के हिसाब से सेट था सो सिर्फ़ ट्रायल ही चल रहा था.

एक बार सेट हो जाये तब दिक्कत नही आयेगी. अभी तो सबके लेजर भी नही लगे हैं. ये कल तक ही हो पायेगा. अभी तो साईड बार मे सर्टीफ़िकेट भी पुराना ही लगा है.

आपका दुसरा सवाल - कम सुझाव है और बहुत बेहत्रीन आईडिया है आपका. आपके आदेश का पालन किया जायेगा जी. हम बिल्कुल इसकी व्यवस्था कर रहे हैं.

भविष्य मे भी आपसे निवेदन है कि अपने सुझाव अवश्य देते रहें.

बहुत धन्यवाद आपको.

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Sunday, March 01, 2009 8:31:00 PM

ताऊ को जन्मदिन की शुभकामनाएं!

  गौतम राजरिशी

Sunday, March 01, 2009 9:20:00 PM

सालगिरह की हार्दिक बधाईयाँ ताऊ आपको.....और इस दूसरे राउंड की पहली पहेली को मिस कर गया
मैं तो सोच रहा था कि दूसरे राउंड में आप महलों-किलों से हट कर कुछ और दिखाओगे....यानि इस राउंड में भी अपना नतीजा सिफ़र ही रहना है...बुहूहूहूहू

  रावेंद्रकुमार रवि

Sunday, March 01, 2009 10:04:00 PM

जन्म-दिन हो शुभ तुम्हारा,
कामना यह शुभ हमारी!

  हिमांशु । Himanshu

Sunday, March 01, 2009 10:37:00 PM

आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें,
और सभी विजेताओं को बधाई.

  विवेक सिंह

Sunday, March 01, 2009 11:33:00 PM

ताऊ जी को जन्मदिन की घणी घणी बधाइयां.

  अल्पना वर्मा

Monday, March 02, 2009 12:10:00 AM

@Nitin vyas ji aur Taau ji..

wikipedia mein hindi mein kuchh sthanon ki mere dwara paheliyon di gayi jaankari already mere naam ke saath---'ek shubhchintak' ne post ki hui hai.

1-link yahan hai--http://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6

[http://en.wikipedia.org/wiki/Daulatabad]
hindi mein click karen to yah page aa jayega---

2-baki do article -amber fort aur saheliyon ki bari par bhi kaam chal raha haii--

--yah mere khud ke liye ek 'surprise' tha..jab mujhey is baat ki suchna mili ki mere dwara collect ki gayi information ko pahchana ja raha hai..

--un shubhchintak ka naam unhin se poochh kar batungi.

-khel khel mein shuru hua yah jaankari lene ka kram ab ek rochak jimmedari ban gaya hai.:)-Is liye Taau ji ko kotish dhnywaad.

  अल्पना वर्मा

Monday, March 02, 2009 12:20:00 AM

@Nitin vyas ji aur adarniy taau ji,

wikipedia mein hindi mein mere dwara collect hui jaankari
-daulatabad aur सहेलियों की baaadi को आप मेरे naam ke saath wikipedia mein dekh saktey hain.
-Yah मेरे liye bhi ek surprise hi tha.
yah kaam मेरे 'ek shubhchintak'[?] ne kiya है..और उनकी मैं शुक्रगुजार हूँ जो मेरे prayason को pahchan di gayi है.

taau ji की patrika mein sampadak banane se pahle hi daultabad wala hissa wikipedia mein 'मेरे naam ke saath publish ho gaya tha..

Taau jiki paheliyon ke karan itihaaas mein ruchi jaagi है.is ke liye unka bhi tahey dil se shukriya.


--[http://en.wikipedia.org/wiki/Daulatabad
=select hindi--]

  Udan Tashtari

Monday, March 02, 2009 6:06:00 AM

ताऊ को जन्म दिन की फिर से मुबारकबाद.

सभी विजेताओ को बहुत बहुत बधाई और खास कर उन्हें और ज्यादा जिन्हें उड़नतश्तरी भी दिखी. :)

रामप्यारी का काम बन गया, अब सब खुश.

  Udan Tashtari

Monday, March 02, 2009 6:06:00 AM

सीमा जी की पेशकश ’Overview of Jabalpur' बहुत बढ़िया है. आभार.

  seema gupta

Monday, March 02, 2009 8:48:00 AM

ताऊ जी कल आपका जन्मदिन था????? कल इतवार होने की वजह से हम तो देख ही नहीं पाए और आपको समय से विश भी नहीं रक पाए......ये तो अज्ञानता वश हुआ न....उम्मीद है आप आज हमारी शुभकामनाये स्वीकार करेंगे. "आप को जन्मदिन की हमारी और आयुषी की तरफ से ढेरो शुभकामनाये" भगवन आप पर अपना आशीर्वाद हमेशा ही बनाये रखे और आप को लम्बी आयु , सुख समर्धि और पारिवारिक सुखों से समर्द्ध रखें."

Regards

  seema gupta

Monday, March 02, 2009 8:53:00 AM

सभी विजेताओं की बधाई..,ताऊ जी की नई मैनेजमेंट टीम के सदस्य बीनू फिरंगी से मिल कर अच्छा लगा.....और ये रामप्यारी तो बहुत ही ज्यादा क्यूट सी है ...कितनी प्यारी बाते करती है ....रामप्यारी का मुझे आंटी कहना तो बस मन को गुदगुदा गया ......अब इतनी प्यारी सी बच्ची को कौन पीटने देगा भई.......हम सब इसके साथ हैं........पूरी कोशिश रहेगी की बेचारी को स्कूल में मार ना पडे......हा हा हा हा "

Regards

  आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)

Monday, March 02, 2009 9:27:00 AM

जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं..

  आलोक सिंह

Monday, March 02, 2009 11:08:00 AM

प्रणाम
बिलम्ब के लिए क्षमा.
जन्मदिवस के हार्दिक बधाईया, ईश्वर आप की सारी मनोकामना पूर्ण करे और आप को दीर्घायु प्रदान करे .

  poemsnpuja

Monday, March 02, 2009 11:28:00 AM

जन्मदिन की हार्दिक बधाई ताऊ...हम थोड़े लेट हो गए...कल छुट्टी मना रहे थे तो इधर आये ही नहीं.

  कुश

Monday, March 02, 2009 12:24:00 PM

जन्म दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाए जी... आज तो बड़ी बड़ी पार्टिस की ख़बरे आ रही है.. शाम को ही आपको कॉल करता हूँ..

वैसे आशीष भई वाली जानकारी बढ़िया लगी.. इसके बारे में पढ़ा तो था पर देखा नही.. अभी office में सबको दिखाया..

मज्ज़ेदर..

  दिलनाज

Saturday, September 26, 2009 3:37:00 PM

सभी के साथ हमारी भी बधाई

ताऊ उवाच :-:


विजेट आपके ब्लॉग पर
www.blogvani.com

Followers