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पाठशाला आफ़ सन्डे में ताऊ पहेली - 2 (5) का जवाब

प्रिय बहणों,  भाईयो, भतीजियों और भतीजों आप सबका ताऊ की रविवारीय क्लास मे  घणा स्वागत है. कल की पहेली का सही जवाब था “टोड राक” माऊंट आबू.   जिसके बारे मे कल सोमवार की ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे विस्तार से बता रही हैं सु अल्पना वर्मा.

 

आपको यह बताते हुये हमे हार्दिक प्रशन्नता हो रही है कि ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के संपादक मंडल मे कल सोमवार से एक नये सदस्य का आगमन हो रहा है.  कौन?

 

इस बात को आज सस्पेंस ही रहने देते हैं. कल की पत्रिका मे आप स्वयम ही उनसे मिल लिजियेगा. हां एक बात बता देते हैं कि ये महाशय हैं बडे विदुषक किस्म के. अब ये क्या गुल खिलायेंगे यह हमको भी फ़िल्हाल तो नही मालूंम.  तो इनका कल तक इन्तजार करते हैं.

 

एक जरुरी बात यह है कि कल के रामप्यारी के लिये हमे सवाल भेजा था श्री आशीष खंडेलवाल ने. इसी लिये उन्होने रामप्यारी के सवाल का जवाब नही दिया.

 

अगर आप भी रामप्यारी के लिये कोई सवाल भेजना चाहते हैं तो रामप्यारी की अक्ल के हिसाब से कोई अटपटा- चटपटा सा सवाल भेज सकते हैं. जो रामप्यारी को जंच गया तो वो अवश्य शामिल करेगी. पर आप जानते ही हैं कि रामप्यारी बहुत इमानदार है सो आपका सवाल अगर शामिल हुआ तो उस अंक मे आप रामप्यारी के सवाल का जवाब नही दे पायेंगे.

 

जिन भाईयों बहणों ने रामप्यारी के सवाल भेजे हैं उनके सवाल भी समय आने पर अवश्य प्रकाशित किये जायेंगे.

 

अब आपको और इन्तजार नही करवाते हुये  हम आज का रिजल्ट जानने  के लिये  आपको बीनू फ़िरंगी के पास लिय चलते हैं.

 

ताऊ रामपुरिया की तरफ़ से आपको बहुत  घणी रामराम.

 

 

 

 

 

binu-firangiआदर्णीय देवियों और सज्जनों, ताऊ के भाइयो, बहणों, भतीजियों और भतीजो, समस्त संपादक मंडल के सदस्य गणों,   आप सबको बीनू फ़िरंगी का सादर प्रणाम.

 

और मिस रामप्यारी को विशेष रामराम.

 

 

ताऊ पहेली राऊंड –२ के पांचवें अंक का रिजल्ट घोषित करते हुये मुझे  अपार हर्ष हो रहा है. और मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका आज फ़िर  मिला. और जब तक ताऊ चाहेगा आगे भी मिलता रहेगा.

 

 

मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैं बिना किसी ईमान और  इमानदारी के यानि बेइमानी पुर्वक रिजल्ट घोषित करता आ रहा हूं पर आपने आज तक कभी ध्यान ही नही दिया और शायद आगे भी नही देंगे तब तक करता रहूंगा.

 

 

यह बात मैं जबसे रिजल्ट घोषित कर रहा हूं तब से लिख रहा हूं अब देखता हूं कि इस बात पर आप लोगों का ध्यान कब तक जाता है?  वैसे मुझे  आशा है आप मेरे द्वारा तैयार रिजल्ट से संतुष्ट हो ही रहे होंगे?  नही तो अब तक ताऊ से शिकायत कर चुके होते.

 

 

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तो आईये अब चलते हैं रिजल्ट की तरफ़ :-  हमारी इस पहेली का सही जवाब है टोड-राक माऊंट आबू .  जो कि नक्की झील के किनारे पर स्थित है. इस विषय पर विस्तृत जानकारी  कल के अंक मे पत्रिका की विशेष संपादक सु.अल्पना वर्मा दे रही हैं.

 

 

 

 

सर्वाधिक अंक प्रात किये १०१



RATAN SINGH-21

घणी बधाई प्रथम स्थान के लिये. .श्री रतन सिंह शेखावत

 

तालियां..... तालियां..... तालियां..... जोरदार  ….  तालियां

विशेष बधाई….

 

 

 

 

 

आज के उप विजेता  अंक १०० के साथ बधाई


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श्री नितिन व्यास

 

 

आज की तृतिय विजेता अंक ९९ के साथ ...बधाई... 

    

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सुश्री सीमा गुप्ता

 

 

आईये अब अन्य माननिय विजेताओं के बारे में  क्रमश:  जानते हैं. सभी को हार्दिक बधाई.

 

 

 

poemsnpuja अंक ९८

 

 संजय बेंगाणी अंक ९७

jitendra अंक ९६

 आशीष खण्डेलवाल अंक ९५

नीरज गोस्वामी अंक ९४

 HEY PRABHU YEH TERA PATH अंक ९३

अन्तर सोहिल अंक ९२

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" अंक ९१

सतीश चंद्र सत्यार्थी अंक ९०

 नरेश सिह राठौङ अंक ८९

 आलोक सिंह अंक ८८

 

दिगम्बर नासवा


अंक ८७

 

रंजन


अंक ८६

हिमांशु । Himanshu अंक ८५

 दिलीप कवठेकर अंक८४

makrand अंक ८३

Syed Akbar अंक ८२

प्रकाश गोविन्द अंक ८१

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन अंक ८०

[rs.jpg]

 Rajeev (राजीव) अंक ७९

    

 

 

 

 

 

इसके अलावा निम्न महानुभाओं ने भी इस पहेली अंक मे शामिल होकर हमारा उत्साह बढाया. जिसके लिये हम उनके हृदय से आभारी हैं.

 

श्री मा पलायनम,  श्री ज्ञानदत्त पांडेय,  श्री अशोक पांडेय,  श्री योगिंद्र मौदगिल,  सुश्री पारुल, 

 

श्री अरविंद मिश्रा,  श्री महामंत्री तस्लीम,  सुश्री रचना,  श्री डा. रुपचन्द्र शाश्त्री “ मयंक”, 

 

सुश्री रंजना [रंजू भाटिया],  श्री शाश्त्री जी,  श्री PD,  श्री शुभम आर्य,  श्री राज भाटिया, और श्री पंगेबाज.

 

 

आप सबका बहुत बहुत आभार..

 

 

अब आईये रामप्यारी की क्लास में:-

 


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रामप्यारी की क्लास मे :-

आप सबको रामप्यारी की नमस्ते.



अब क्या बताऊं आपको? ताऊ ने जानबूझकर मेरे साथ गडबड करदी.  पहले तो मुझे समझ ही नही आया कि ये कैसे हो गया? जब आप लोगों ने बताया तो मुझे समझ आगया.

मैने ताऊ से पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया? तब ताऊ ने पूछा कि मैने क्या किया?

तब मैने बताया कि आपने जानबूझकर गलत रिपोर्ट लिखवा दी. तब ताऊ बोला – मैने कब रिपोर्ट
लिखवाई? मैने कहा कि वो मर्डर की तफ़्तीस रिपोर्ट?

तो ताऊ बोला – रामप्यारी तू तो बडी बेवकूफ़ है.  मैं तो “पेरी मेशन” का नावल पढ रहा था और
तूने उसको सच मान कर रिपोर्ट लिख ली तो मैं क्या करुं?

तो मेरी ये नौकरी तो पक्के से छुट ही जायेगी. अब चार्जशीट का जवाब भी क्या दूं?

पर आपने तो मुझको मेरी गल्तियां बता ही दी हैं तो आप सब के खाते मे मैने तीस तीस नम्बर
जमा करवा दिये हैं.

सबसे पहले आये रतन सिंह शेखावत अंकल,  उसके बाद आई सीमा आंटी,  फ़िर आये तरुण अंकल,
और सबसे बडी गल्ती की तरफ़ सबसे पहले ध्यान दिलाया आर. सी. मिश्रा अंकल ने.

स्मार्ट ईंडियन अंकल,  नितिन अंकल, पर्काश गोविंद अंकल और फ़िर आई हरकीरत आंटी.

सुशील  कुमार छोक्कर अंकल,  हे प्रभु ये तेरा पथ वाले अंकल,  अंतर सोहिल अंकल, आलोक अंकल,

और उसके बाद आये सतीश चन्द्र सत्यर्थी अंकल, और आज तो शाश्त्री अंकल ने भी रामप्यारी की गलती निकाल ही आखिर. हैल्लो अंकल कैसे हैं आप?


फ़िर PD  अंकल..हाय अंकल ..कहां कहां…घूमे इतने दिनो तक?


उसके बाद आये नरेश राथौड अंकल,  सैयद अकबर अंकल…हैल्लो अंकल लविजा कैसी है?…

फ़िर रंजन अंकल..हाय अंकल..पल्टू के क्या हाल चाल हैं?

और उसके बाद आये हिमांशू अंकल…हैल्लो अंकल आप्ने मेरा जवाब ताऊ के जवाब के साथ घुसेड दिया
था. अगली बार जरा ध्यान रखना ना…मुझे जवाब बनाने मे दिक्कत होती है..क्योंकि मैं कम पढी लिखी हूं ना..

फ़िर दिलिप कवठेकर अंकल, दीपक तिवारी साहब अंकल,  फ़िर मकरंद अंकल, अविनाश वाचस्पति अंकल
और फ़िर अपने फ़ौजी अंकल..अरे वही गौतम राजरिशी अंकल..हाय अंकल..कैसी लगी आपकी नई जगह? मुझे जरुर बताना. मैं वहां आऊंगी.

और फ़िर प्रकाश गोविंद अंकल और सबसे आखिर मे आये राजीव अंकल.

आप सबको मैने इमानदारी से तीस तीस नम्बर दे दिये हैं.

अबकी बार कोई भी दीदी नही आई मुझे मेरी गल्ती बताने. वो डा. पूजा दीदी भी आकर ताऊ के सवाल
का जवाब दे कर चली गई. हैलू दीदी..आप का क्लिनिक वापस कब चालू हो रहा है? कब आऊं कैट स्केन करने?

बस अब आज रामप्यारी ज्यादा बाते नहीं करेगी. मेरे को नौकरी की पडी है. देखती हूं कि कोई ताऊ
की सिफ़ारिश से काम चल जाये. वैसे आप चिंता मत करना. सिफ़ारिश से यहां बडे बडे काम हो जाते हैं ये तो एक रामप्यारी की छोटी सी नौकरी बचाने का सवाल है.


 

 

 

छपते छपते :

 


हमारे पास अभी २ एक मेल आई है “हे प्रभु ये तेरा पथ” की

उन्होने माऊंट आबू के बारे में बहुत निजी जानकारी दी है. और इस आग्रह के साथ कि इसे माऊंट आबू के परिचय मे प्रयोग किया जाये. आपका आदेश सर माथे पर.

हमारी यादें भी माऊंट आबू से आपकी यादों की तरह ही जुडी हुई हैं.  हमारा सबसे पसंदीदा स्थल है छोटे अवकाश बिताने के लिये.

बहुत धन्यवाद श्रीमान. हमारी पत्रिका मे इसका प्रकाशन इसलिये नही कर पायेंगे क्योंकि पत्रिका का       
प्रिंटिंग बहुत एडवांस मे ही हो चुका है. अत: आपके अनुरोध पर हम इसको यहां प्रकाशित करके अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. आगे भी आप ऐसी सामग्री भिजवाते रहियेगा.


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                                                     हे प्रभु यह तेरापन्थ

                                              महावीर बी सेमलानी " भारती'





राजस्थान का एक मात्र पर्वतीय स्थल माउन्ट आबू अरावली पर्वत माला के दक्षिण सिरे पर पहाडियो के बीच मे बसा हुआ है। इसे राजस्थान का कश्मीर भी कहा जाता है। ११वी-१३वी शताब्दी का उत्सकृष्ट दिलवाडा मन्दिर जैन मन्दिरो के विस्मयकारी समुह के कारण आबु माउन्ट को तीर्थस्थलो की श्रेणी मे रखा गया है। आख्यानो के अनुशार आबू हिमालय के पुत्र का प्रतिक है, जिसका नाम शक्तिशाली सॉप "अरबुदा" से पडा है। जिसने भगवान शिव के पवित्र सान्ड "नन्दी" को गहरी खाई मे गिरने से बचाया था।


माउन्ट आबू साधु सन्तु का निवास स्थल रहा है। इनमे सन्त वशिष्ठ भी थे।जिनके बारे मे कहा जाता है कि इन्होने धरती से राक्षसो का नाश करने के लिऐ यज्ञ द्वारा अग्नि कुण्ड से चार अग्निकुल राजपूत वशो को उत्पन किया था।

शहर के करीब स्थित एक प्राकृतिक झरने के पास इस यज्ञ का आयोजन किया था। यह झरना गाय के सिर जैसी आकृति वाली चटटान से फुटता है।इसलिऐ इस क्षेत्रको गोमुख कहा जाता है।

Picture 061 हे प्रभु (महावीर बी सेमलानी) का यह पहाडी क्षेत्र मुख्य पसन्ददीदा स्थल है १९९२ हानीमुन से लेकर अब तक प्रतिवर्ष २८ दिसम्बर से १ जनवरी तक मै पुरे परिवार के साथ आबुमाउन्ट मे ही रहता हू। २८ दिसम्बर से ३१ दिसम्बर तक यहॉ राजस्थान परियटर्न द्वारा शरद महोत्सव का आयोजन करती है जिसमे एक लाख देशी-विदेशी पर्यटक मोजुद होते है। इन्ह तिन दिनो मे विभिन्न प्रतीसपर्धाओ का आयोजन होता है। जैसे मटका रैस, कब्बडी, फलाईन्ग, पतगबाजी, एवम रात्रिकालिन समय मे देश भर से आई मण्डलीयो द्वारा लोक गीति, लाफ्टर शो, सहित कई तरह के सास्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन होता है। ३१ दिसम्बर को वहॉ का तापमान ० डिग्री से भी निचे चला जाता है। यहॉ कि शाफ्टी आईसक्रिम का स्वाद लेने लोग दुर दुर से आते है।

 

नक्की झील-: पहाडियो के बीच स्थित यह एक सुरम्य छोटी सी झील नगर के मध्य स्थित होने के कारण पर्यटको के आकर्षण का केन्द्र है। इसमे नोका विहार भी है चार और छ सीट बोट का ३० मिनट का चार्ज है १००-२०० रुपया। आप चाहे तो पेडल बोट भी ले सकते है। इस झील के आसपास अनेक टापू भी है। झील के चारो ओर चटटान की अजब सी आकृति विशेष आकर्षण का केन्द्र है। "टॉड रॉक" (चटटान) जो वास्तविक मेढक की तरह लगती है। देखने पर ऐसा लगता है मनो यह अभी झील मे कुद पडेगा। इसके अलावा "नन रॉक" "नन्दी - रॉक" आदि भी है।


नक्की झिल का नाम नक्की इसलिऐ पडा क्यो कि यह नाखुनो से खोदी गई थी। अगर मजेदार चाय पीने का मन करे तो ठीक नक्की के सामने हॉटल है एक मलाई-चाय कि कीमत १० रुपया।
यहॉ बर्हृमाकुमारी समुदाय का वर्ल्ड स्प्रीचुअल यूनिवर्ससिटी "ॐ शान्ति भवन" है। यहॉ के खम्बे युक्त हॉल मे तकरीबन ३५००-४००० लोगो के बैठ्ने कि जगह है, और ट्रान्सलेटर माइक्रो फोन द्वारा इच्छीत १०० भाषाओ मे व्याख्यान सुन सकते है।


दिलवाडा जैन मन्दिर, गोमुख मन्दिर,अधरदेवीमन्दिर, सन सैट पॉइन्ट, हानीमुन पॉइन्ट, श्री रघुनाथजी का मन्दिर, बाग बगीचे, सग्रहालय व कलादिर्धा, ट्रेवर्स टेन्क् (५ किमी) अचलगढ किला (८ किमी) और जो रामप्यारी के ब्लोग पर चटटान का फोटु दिखाया गया वो चटटान गुरु शिखर जो अरावली पर्वत माला का उच्चतम शिखर (समुन्द्र तल से १७२२ मीटर ऊचॉ है, जहॉ फोटुग्राफी के लिऐ गाईड रुकाते है।

यह वन स्थल है। यहॉ के जगलो मे भालु एवम शीते पाऐ जाते है। यहॉ से शुध्द सिन्दुर एवम कुमकुम खरीदा जा सकता है।


यहॉ पहुचने के लिऐ आबुरोड रेल्वे स्टेशन उतरकर २८ किमी उपर पहाडी पर बस, टेक्सी, से सफर करना होगा। यहॉ गणगोर का त्योहार एक महीने तक चलता है जो माउन्ट आबू के जन्गलो मे रहने वाले गरासिया आदिवासी-जाति के लोग मनाते है।


इसी त्योहार के दोरान आदिवासी युवक अपनी मनपसन्द लडकी के साथ विवाह रचाता है, जो देखने लायक है (पर आप को अगर यह फ्रेस्टिवल देखना हो तो स्थानीय लोगो के सहयोग से ही ऐसा करे।)

यहॉ रुकने के लिऐ पॉच सितारे होटलो से लेकर धर्मशालाओ कि व्यवस्था है। खाने के लिऐ अरबुदा होटल, उत्तम है।


 

 

अच्छा अब नमस्ते. कल सोमवार को ताऊ साप्ताहिक पत्रिका मे सिर्फ़ रिजल्ट वाला हिस्सा

छोडकर बाकी सब स्तम्भ यथावत प्रकाशित होंगे.

 

सभी प्रतिभागियों को इस प्रतियोगिता मे हमारा उत्साह वर्धन करने के लिये हार्दिक धन्यवाद. इस दुसरे राऊंड की पांचवीं  पहेली का आयोजन एवम संचालन ताऊ रामपुरिया और सुश्री अल्पना वर्मा ने किया.

 

संपादक मंडल :-

 

मुख्य संपादक : ताऊ रामपुरिया

 

विशेष संपादक : अल्पना वर्मा

 

संपादक (प्रबंधन) : seema gupta

 

संपादक (तकनीकी)  : आशीष खण्डेलवाल

 

सहायक संपादक : बीनू फ़िरंगी एवम मिस. रामप्यारी

20 comments:

  1. अगली बार से खयाल रखूंगा रामप्यारी के जवाब के लिये ।
    सभी विजेताओं को बधाई ।

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  2. अफ़सोस ताऊ इस बार भी हम लोग चूक गए .

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  3. बधाईयां सभी विजेताओ को.... मै तो कल से परेशन था कि आलू इतना बडा केसे हो गया...:)

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  4. सभी को बहुत बधाई........अब की बार रामप्यारी के सवाल की ओर तो ध्यान ही नहीं दे पाए..खैर.

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  5. रतन सिंह शेखावत जी, नितिन व्‍यास जी, सीमा गुप्‍ता जी व अन्‍य सभी विजेताओं हार्दिक बधाई।

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  6. सभी विजेताओं को, यहाँ दिल्ली से, गीली-गीली बधाई.
    (दिल्ली में, इस समय भीनी-भीनी बरसात के साथ मौसम 26 डिग्री सेल्सिअस पर बहुत सुहावना बना हुआ है..-:)

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  7. बधाई सब को बधाई..........
    मुझे भी....बधाई ...पहली बार मैं भी प्रवेश पा गया पहेली की दावेदारों में

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  8. माउन्ट आबू के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए महावीर जी का आभार !

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  9. हेलो रामप्यारी, कैसी हो तुम ? लविज़ा बिलकुल ठीक है और तुम्हें याद कर रही है, तुम इतने दिनों से उसके साथ खेलने जो नहीं आयी.

    ...विजेताओं को घणी बधाई

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  10. .....और हां... लवी अभी अभी गौरव टावर के फ़ूड फेस्टिवल से घूम कर वापस आयी है और कल के लिए पोस्ट लिख रहीं हैं.

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  11. महावीर जी को विस्तृत जानकारी देने के लिेये शुक्रिया!, सभी संपादको, विजेताओं और महाताऊओं को बधाईयां।

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  12. सबसे पहले प्रथम स्थान-श्री रतन सिंहजी शेखावत, उप विजेता- श्री नितिनजी व्यास, तृतिय विजेता- सुश्री सीमाजी गुप्ता को विजय होने कि बधाई।

    जो मेरे जैसे विजेता के इन्तजार कि कतार मे खडे है-

    poemsnpuja- संजय बेंगाणी-jitendra - आशीष खण्डेलवाल,- नीरज गोस्वामी- HEY PRABHU -अन्तर सोहिल -Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"-सतीश चंद्र सत्यार्थी - नरेश सिह राठौङ - आलोक सिंह -दिगम्बर नासवा-रंजन-Himanshu - दिलीप कवठेकर -makrand -Syed Akbar-प्रकाश गोविन्द-Smart Indian - स्मार्ट इंडियन -Rajeev (राजीव) आपको भी बधाई क्यो कि आपका यह प्रयास कभी ना कभी सफल होगा और ताऊ को इन्टरव्यू के लिऐ आना पडेगा। खुशी इस बात कि है कि प्रथम विजेता कि ट्राफी हमारे राजस्थानी कुवरसा श्री रतनसिहजी लेकर आऐ है।

    आपने रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा ! पर माउन्ट आबू पर मेरे सस्मरण को प्रकाशित किया इसलिए मै
    संपादक मंडल :-
    ताऊ रामपुरियाजी
    अल्पना वर्मा जी
    -seemaji gupta -आशीषजीखण्डेलवाल-
    बीनू फ़िरंगी एवम मिस. रामप्यारी
    का आभार और धन्यवाद।

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  13. सभी विजेताओं को घणी बधाइयाँ

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  14. सबसे अधिक बधायी के पात्र हैं-श्री ताऊ रामपुरिया और उनकी समस्त टीम के विशेष संपादक : अल्पना वर्मा संपादक (प्रबंधन) : seema gupta संपादक (तकनीकी) : आशीष खण्डेलवाल सहायक संपादक : बीनू फ़िरंगी एवम मिस. रामप्यारी जिनकी अच्छी करतूतों से प्रथम स्थान-श्री रतन सिंहजी शेखावत, उप विजेता- श्री नितिनजी व्यास, तृतिय विजेता- सुश्री सीमाजी गुप्ता ने पुरस्कार प्राप्त किया।
    आशा है कि इस रोचक एपीसोड को निरन्तर आगे बढ़ाते रहेंगे।

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  15. श्री रतन सिंह शेखावत जी को पहली बार प्रथम स्थान पाने पर बहुत बहुत बधाई.
    बाकि सभी विजेताओं को भी बहुत बहुत बधाई.
    रामप्यारी को भी कोई समझाए कि स्कूल जाना शुरू करे.
    कल हमारे नए सदस्य आ रहे हैं अब उन्हीं पर उम्मीद है कि रामप्यारी सही रास्ते पर आ जाये!
    सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद और शुभकामनायें.
    दिल्ली के सब से नज़दीक हिल स्टेशन 'माउंट आबू 'के बारे में मैं ने भी पहली बार इतना सब जाना और अब अगली बार भारत आने पर वहां जरुर जाने का मन बना लिया है.
    श्री महावीर भारती जी ने इतनी अच्छी जानकारी दी उनका भी धन्यवाद.

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  16. इस पत्रिका के अनूठेपन के लिये और नित नयी उत्सुकता बनाये रखने के लिये बधाई ताऊ...

    चरैवेती....

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  17. ताउजी, राम-राम सा! आपका ब्लॉग देखके मन घणा राजी होया. हनुमानगढ़ जिले के परलीका गाम में बैठ के हम बी माडा मोटा प्रयास करां हाँ. राजस्थानी अर हरियाणवी तो माँ जाई भैणा ऐ सै. कदे फुर्सत मिलै तो आपणी भाषा रै ब्लॉग पर भी पधारो. हम पलक पांवडे बिछाया आपका इंतजार करां हां.

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  18. रतन सिंह शेखावत जी, नितिन व्‍यास जी, व अन्‍य सभी विजेताओं हार्दिक बधाई।महावीर जी को विस्तृत जानकारी देने के लिेये शुक्रिया. और रामप्यारी क्या ये खून खराबे में लगी रहती है..........ताऊ जी की बातो में मत आया कर रानी वरना तो हो गया काम ओके......और हाँ ये बिनु फिरंगी का क्या मामला है " बडी स्पेशल राम राम " लिखता है तुम्हरे लिए हा हा हा हा .....और बिनु जी जरा आप अपनी ये ईमानदारी बरकरार रखे ओके ......

    Regards

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  19. अरे रामप्यारी क्या बताऊँ...मैं तो खुद ही बीमार पड़ गयी थी...क्लिनिक कैसे चलाती. और ऐसे खुराफाती सवाल का जवाब सोचने में टाइम लगता, तुमको तो पता ही है, बीमारी में सोचना कितना मुश्किल होता है. टोड रॉक तो चूँकि देखा हुआ था तो जवाब देने में मुश्किल नहीं हुयी.

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  20. माउन्ट आबू की जानकारी बहुत रोचक लगी - आभार !
    विजेताओँ को बधाई तथा बीनू , रामप्यारी की बातेँ
    (माशाअल्ल्लाह :)
    बहुत प्यारी लगीँ
    -- लावण्या

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