ताऊ शनीचरी पहेली राऊण्ड 2 अंक 5

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरै की घणी राम राम. आज हम ताऊ शनीचरी पहेली के दुसरे राऊंड के अंक पांच की पहेली पूछने वाले हैं.

हमको पता लगा है कि रामप्यारी उल्टी सीधी बकबास करती रहती है. खाली दिमाग शैतान का घर..यही सोच कर रामप्यारी को हमने क्ल्यु देने का और बोनस सवाल पूछने का जिम्मा दे रखा है.

पर रामप्यारी मे बचपना बहुत ज्यादा है. दूसरी कक्षा मे पढने लग गई पर अभी तक अक्ल कोडी की नही है. ताऊ जब दूसरी कक्षा मे पढता था तब अंगरेजी में अंगरेजों को हरा देता था. लगता है रामप्यारी ताऊ का नाम डूबोयेगी.

ताऊ ने सिफ़ारिश करके उसको पुलिस मे भर्ती करवा दिया तो पिस्तौल लेकर जानवरो और पक्षियों को डराती है. उसका आज का सवाल वो खुद की बेवकूफ़ी के बारे मे ही पूछ रही है. अत: सोच समझ कर जवाब दिजियेगा. क्योंकि बेवकूफ़ो के सवाल भी बडे बेवकूफ़ाना होते हैं.


रामप्यारी के ब्लाग तक पहुंचने के लिये आप रामप्यारी की फ़ोटॊ जो कि यहां साईड बार मे लगी है, उस पर चटका लगायें और वहां पहुंच जाये और वहां क्ल्यू की फ़ोटो पर चटका लगा कर आप वापस यहां आ जायें.आपको सब क्ल्यु रामप्यारी के ब्लाग पर ही मिलेंगे.

आईये अब आपको सीधे पहेली की तरफ़ लिये चलते हैं.





यह कौन सी जगह है?



इस पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार सूबह दस बजे तक बढा दिया गया है. ताऊ साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन सोमवार सूबह पुर्ववत होगा.



अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये.











वैरी गुड वाली मार्निंग अंकलों, आंटियों एंड दीदीयों,

अब मैं आपको क्या बताऊं? रामप्यारी तो लगता है आज आफ़त मे फ़ंस गई है. हुआ युं कि मैने ताऊ को साफ़ मना कर दिया कि मैं अब और नही पढूंगी. मैने दूसरी कक्षा मे फ़ैल होने का सर्टीफ़िकेट प्राप्त कर लिया है. ज्यादा पढकर क्या करना? और ज्यादा दिमाग खराब होगा.

मेरी इस बात पर ताऊ बोला कि - हां रामप्यारी तेरी बात तो सही है. मैं भी इसीलिये पांचवी फ़ैल का लायसेंस मिलते ही पढना बंद कर चुका था और लूट मार शुरु कर दी थी.

अब हुआ युं कि ताऊ ने मुझे पुलिस मे काम पर लगवा दिया और मुझे वहां से एक पिस्तौल भी मिल गया जिससे मैं सब पर रौब भी गांठती हूं. और सब मुझसे डरते भी हैं. अब इसी मे लफ़डा हो गया.

आप तो जानते ही हो कि मुझे सिर्फ़ खेलना और चाकलेट खाना पसंद है. अब जब मैं ड्युटी पर जाती हूं तो हाजिरी लगा कर तफ़्तीश करने के बहाने दिन भर मटरगश्ती करती हूं. काम कभी नही करती. कई साथ वालों ने मेरी शिकायत भी साहब लोगों से कर दी.

एक दिन हमारे बडे साहब ने मुझे एक केस सौंपा तफ़्तीश करने के लिये. हुआ युं कि एक मर्डर होगया और जांच का काम पूरा करने मैं रवाना हुई. रास्ते मे मेरे साथ वाले बच्चे मिल गये और मैं दिन भर खेलती रही. शाम को याद आया कि - अरे रामप्यारी आज तो तेरी नौकरी गई. मैं तो भूल ही गई की मुझे मौका-ए-वारदात पर पहुंचना था.

अब मैं जल्दी २ वहां से भागी घटना स्थल की और. रास्ते मे सामने से ताऊ आता दिखाई दिया और मुझे इस तरह बेतहासा भागते देख कर कारण पूछा. मैने ताऊ को सब सच्ची २ बात बतादी. क्योंकि मैं दुनियां मे सबसे झूंठ बोल सकती हूं पर ताऊ से नही.

मेरी बात सुनकर ताऊ बोला - कि रामप्यारी अब तू एक काम कर. मैं वहीं से आ रहा हूं. तेरे को सारा विवरण बताता हूं. तू यहीं बैठकर रिपोर्ट बना ले और फ़िर जाकर यही रिपोर्ट सबमिट कर देना.

बात मुझे जम गई.अब ताऊ ने मुझे बताया कि - लिख रामप्यारी --

एक कमरा..जिसका एक दरवाजा, जो अंदर से बंद है. उस कमरे की दो खिडकियां..एक अंदर से बंद और दूसरी खुली है. अंदर का सारा नजारा इसी खिडकी से झांक कर देखा जा सकता है.

खिडकी से झांकने पर सामने की दिवार पर एक घोडे की फ़ोटो टंगी है. उस फ़ोटो का कांच टुटा हुआ है.

कमरे के बीचोंबीच एक गोल टेबल है. जिस पर तीन चाय के कप रखें हैं..दो खाली हैं और एक कप आधा अब भी भरा हुआ है. साथ मे दो प्लेट रखी हैं...एक खाली है और दुसरी मे चार बिस्कुट रखे हैं. सिगरेट की ऐश ट्रे से अभी भी धुंआ निकल रहा है. और वहीं पर एक जासूसी उपन्यास " मौत का सौदागर" रखा है जिसके पेज नम्बर इक्कासी - बयांसी खुले हुये हैं.

टेबल के चारों और तीन कुरसियां लगी हैं. दो कुर्सी खाली हैं और एक पर लाश है.. लाश की गर्दन लटक चुकी है और सीने मे एक बडा सा खंजर घुसा हुआ है... कमरे मे घुटनों तक पानी भरा है... और कोई सा FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है.


यह रिपोर्ट लिख कर मेरी तो खुशी के मारे चीख ही निकल पडी. और मैने कहा - वाह ताऊ वाह..क्याअ खूब रिपोर्ट लिखवाई है आपने. लगता है कि आप भी "पेरी मेशन" से कम नही हो? आज तो अब मेरा प्रोमोशन पक्का ही समझो.

मैं बहुत खुश होती हुई साहब के केबिन मे घुसी और रिपोर्ट साहब के सामने रख दी.

साहब ने पुरी रिपोर्ट पड्गी और मेरे उपर जोर से चिल्लाये - रामप्यारी ..ये क्या तमाशा लगा रखा है? मैं तुमको अभी सस्पेंड करता हूं.

मैं तो घबरा गई. मैं कुछ बोलती उसके पहले ही साहब चिल्ला कर बोले - तुम मौका-ए-वारदात पर गई ही नही थी और यह झूंठी रिपोर्ट बना कर लाई हो. सच बताऒ? वर्ना नौकरी से बाहर समझो अपने आपको. और सात दिन के अंदर मुझे जवाब चाहिये.

अब आप मुझे ये बताइये कि इस रिपोर्ट मे ऐसा क्या लिखा गया जो साहब ने तुरंत पकड लिया कि रामप्यारी ने बिना वहां गये ही रिपोर्ट लिख दी?

अब आपका जवाब आने पर ही साहब के आरोपों का जवाब दूंगी. रामप्यारी की नौकरी का सवाल है. कृपया मेरी मदद किजिये.


Comments

  1. koi love spot lgta hai rock pr hearts bne hain. Mumbai ho skta hai! Regards

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  2. अरे रामप्यारी जब FM रेडियो बज रहा है तो सन्नाटा कैसा ?

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  3. rampyari ye to sach hai na ki tum vhan gye nahe. Ab jb ghutno tk pani bhra hai to khidki se kaise dikh gya ki ek cup adha bhra hai or do khali hain ??? Or itne dur se kitab ke pape numbr bhe tau ji ne pdh liye han? Table pr kitab dikh skte hai magar kitab ka naam or page no nahe dikh skta. Or kitab agar khuli hai to kitab ka naam kaise pdha tau je ne? Socho socho ?

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  4. अरे ताऊ, ये रामलाल इस पहाड़ी पर चढ़ा क्या कर रहा है? अभी उसका नंबर मिलाकर पता करने की कोशिश करता हूँ।

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  5. ये नंबर मौजूद नही है, फोन करने पर ऐसा आ रहा है। अब खुद ही तुक्का मारते हैं, कहीं ये हम्पी झील (या मंकी हिल) तो नही।

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  6. रामप्यारी ने लिखा की घुटनों तक पानी भरा था हो सकता है रामप्यारी के पैर (पेंट या सलवार जो भी पहनती है) या जुते बिल्कुल सूखे हों। इसी से अंदाजा लगा होगा कि वो झूठ बोल रही है।

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  7. The Page Nos. 81 and 82 as mentioned here cannot be true. When a book is open usually the the lower page number is an even number so it could have been 81-81 0r 82-83 in an Open book.

    However, its not always True. In some countries the page numbers are counted starting from the page on left which gets and odd number i.e. 1

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  8. पता नहीं ताऊ,ये कहाँ -कहाँ से फोटू छाप देते हौ.

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  9. अहा.. कभी कभी कितना अच्छा लगता है..जब पानी ज्यादा ठंडा होने के बहाने, सुबह-सुबह नहाने का दिल न करे.
    आज ऐसा ही दिन है...जवाब न देने का दिन...क्योंकि न तो फोटो पहचान में आई है और न ही नटखट बिल्ली की रिपोर्ट...
    आज तो अंगूर बहुत ही खट्टे हैं...फोटो वैसे अरावली क्षेत्र की ही होनी चाहिए.

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  10. यो के कर दिया तीन रामप्यारी? गोल टेबल के चारों ओर तीन कुर्सियां?

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  11. ये तो माऊंट आबू की फोटो लगती है। नक्की झील के आस-पास की फोटो है।

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  12. रामप्यारी, बहुत ही आसान है ऐसी गलतियाँ करना, तभी तो पकड़ी गई आप खुद ही उदाहरण देखलो -

    १. गोल टेबल के चारों और तीन कुरसियां लगी हैं.
    २. कोई सा FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है.

    ऐसे और भी उदाहरण है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि सच बोलोगी तो साहब खुश हो जायेंगे, और इत्ती बढ़िया तफ़्तीश के लिये परमोशन भी देंगे।

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  13. ताऊजी प्रणाम.. फिलहाल तो जवाब नैनीताल माना जाए.. विस्तृत जांच जारी है..

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  14. अरे राम प्यारी ये ताऊ तन्ने मरवाने के लिए रिपोर्ट लिखवा दी है। जब सारा नज़ारा खिड़की से दिख रहा था तो तन्ने ये कैसे पता चला कि एक दरवाज़ा अन्दर से बन्द है? यहीं पकडी गई शायद!

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  15. रामप्यारी कहाँ आज सुबह सुबह पथरो में उल्जा दिया रानी.....कोई बात नहीं हमने भी तलाश तो कर लिया अब सही जवाब ताऊ जी जाने.......इस लिंक पर यही पिक्चर है और जो पहेली के पिक्चर मे रॉक के बीच मे लिखा है न वही इस लिंक वाली फोटो मे भी लिखा है जरा ध्यान से देखना ओके....ताऊ जी का कोई भरोसा नहीं , उन्हें तो खिड़की से ही खुली किताब का नाम और पेज no. तक दिख जाता है हा हा हा हा .....
    Toad Rock, Nakki Lake, Mt. Abu

    http://tbn1.google.com/images?q=tbn:cNWd7doHINAW7M:http://www.shunya.net/Pictures/Rajasthan/MtAbu/ToadRock1.jpg

    Regards

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  16. मेरी टिप्पणी (अंग्रेजी मे थी)? :(

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  17. तुक्का ही लगाते हैं - उदयपुर।

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  18. नेट और दिमाग पर जोर डालने के बाद बताता हूं :)

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  19. हे ताऊ.... ये है डायनासोर की पुरानी खोपड़ी. जो कुदरती थपेड़े सह-सह कर पत्थर जैसी होगी. इश्क के मारे जिन छोरे-छोरियों के पास ढंग की जगह जाने के पैसे नहीं होते, वे बिचारे शादी के बाद की रिहर्सल के लिये यहीं आते हैं, और टिप के रूप में हस्ताक्षर भी कर जाते हैं.

    बाकि रही रामप्यारी..
    ईब भला जो राम नै ई प्यारी होली उसका के जवाब दयूं..?
    इतना हिसाब-किताब आता तो कविता थोड़े ई लिखता..!!!
    जैरामजीकी.....

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  20. raampyaari kafi cute hai..baaqi sawal bahut kathin :(

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  21. ईबके पक्का लग रिया है. ई आबू का मैंढक पत्थर है.

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  22. रामप्यारी हमने भी बहुत जासूसी उपन्यास पढ़े थे ...अब ये बता जब तू अन्दर गयी ही नहीं तो तुझे कैसे दिखा कप आधा भरा था या पूरा ...??

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  23. Mount Abu Rajasthan that for sure

    and the rock is seems to be look like frog. its very famous in between touriests.

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  24. dताऊजी.. पहले वाला जवाब केंसिल कर दिया जाए.. नया जवाब..

    यह माउंट आबू का फोटो है..

    यह जवाब फाइनल है .. अब नहीं बदलूंगा

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  25. देखा हम तो आज भी भूल गए। खैर जवाब तो पता नही होना था सो नही पता है आज की पहेली का जवाब भी। एफ एम बज रहा हो और सन्नाटा भी हो ऐ कैसे हो सकता है। लगता है कि यही गलती कर दी रामप्यारी ने।

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  26. वाह वाह ताऊ मजा आ गया...घणा दिना के बाद दिमाग की फ्यूज टूब लाईट जली है....भाईजी ये तो "टोड रोक" है , जो माउन्ट आबू में है...नक्की झील की ऊपर की पहाड़ी पे है और जी इसकी शकल बैठे हुए मेंडक जैसी है इसलिए इसे टोड रोक कहते हैं... ये बात पक्की है...ईनाम मिलना ही मिलना है इब की बार...
    नीरज

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  27. ताऊ आज भी ये फोटो वाला स्थान समझ में नहीं आ रहा ,लगता है सब-कुछ छोड़ के भारत -भ्रमण करना पड़ेगा .

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  28. TOD-ROCK MOUNT ABU Rajasthan


    ram piyari tumari report mai 81- 82 page kula tha jo kisi bhi rup me sahi nahi hai, ya toh page 80- 81 yaa 82- 83 kula hoga......

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  29. रामप्यारी तू भी कित ताऊ की बातां मै आगी।
    मर्डर होने के बाद तू पूरा दिन बच्चों के साथ खेलती रही और सिगरेट की ऐश ट्रे महै तै धुआं सांझ तक उठता रहा । या बात हजम होन की कोन्या ।

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  30. ताऊ नै तेरे को बताया कि अभी-अभी वहीं से आ रहा हूं, तो क्या ताऊ सिगरेट पी कर और ऐश ट्रे में छोड कर आया था

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  31. राम प्यारी ताऊ ने तुझे गलत जानकरी दी , वो ऐसे की जब उपन्यास खुला हुआ है तो ताऊ ने उसका नाम कहाँ से पढ़ लिया , अच्छा मानले की नाम उन्होंने पढ़ लिया कही से, शायद पेज पर लिखा रहा होगा (दूरबीन लगा के पढ़ा होगा ) पर कोई भी उपन्यास का पहला पेज दहिने से शुरू होता है मतलब आगे के पेज २-३ , ४-५ होगे न ८१-८२ ,पेज ८०-८१ हो सकता है ८२-८३ लेकिन ८१-८२ नहीं और एक बात " FM रेडियो स्टेशन बज रहा है और माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है", ऐसा कैसे हो सकता है माहौल में तो संगीत गूंज रहा होगा , सन्नाटा नहीं .

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  32. नक्की लेक, माऊंट आबू, राजस्थान

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  33. समुद्र का किनारा है, जिसमें व्‍हेल जैसी आकृति की चटटान दिख रही है।

    ----------
    तस्‍लीम
    साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

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  34. PLEASE PROMOTE IT ON YOU BLOG CREAT AWARENESS



    मै अपनी धरती को अपना वोट दूंगी आप भी दे कैसे ?? क्यूँ ?? जाने





    शनिवार २८ मार्च २००९समय शाम के ८.३० बजे से रात के ९.३० बजेघर मे चलने वाली हर वो चीज़ जो इलेक्ट्रिसिटी से चलती हैं उसको बंद कर देअपना वोट दे धरती को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लियेपूरी दुनिया मे शनिवार २८ मार्च २००९ समय शाम के ८.३० बजे से रात के ९.३० बजेग्लोबल अर्थ आर { GLOBAL EARTH HOUR } मनाये गी और वोट देगी

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  35. ताऊ, यो राजस्थान के माउन्ट आबू की टोड रॉक है. इस चट्टान की आकृति कुछ मेढक जैसी नहीं लग रही?

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  36. ताऊ जी !
    रामप्यारी को मेरा बिल्ला कालू रामप्यारा
    बहुत प्यार करता है।
    आपको मेल से उसका फोटो भी भेजूँगा।
    आपका यह एपीसोड भी बहुत पसंन्द आया।
    अब तो घर के बच्चे भी आपकी पोस्ट को
    पढ़नें मे रुचि लेने लगे हैं।
    आप बधाई के पात्र हैं।
    हरयिाणा को हम बहुत पसन्द करते हैं।
    ‘‘देशाँ में देश हरियाणा,
    जहाँ दूध-दही का खाणा।’’

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  37. कुछ समझ नहीं आ रहा है जी ..क्या है यह ...:(
    और बेचारी रामप्यारी कहाँ खून खराबे में फंस गयी ..

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  38. और रामप्यारी, पहले तो मेरी सलाह मान ले की ये पुलिस वाला काम तुम्हारे बस का है नहीं. वो भी तब जब ताऊ जैसा "ताऊ" सेक्रेटरी साथ में हो. तू तो पिस्तौल का यूज चूजों और मुर्गियों को डराने के लिए ही किया कर.

    तुमने जो रिपोर्ट दी उसमें एक नहीं कई बातें ऐसी हैं जिनपर शक होता है. पहली बात तुने खिड़की से इतनी चीजे कैसे देख ली? चाय कितनी भरी है, बिस्कुट कितने हैं और उपन्यास का कौन सा पेज खुला है; हद है. और जब उपन्यास खुला है तो तुने उसका नाम " मौत का सौदागर" कहाँ से पढ़ लिया और ये बात क्या तुम्हे मरे आदमी की आत्मा ने आकर बताई की वो एक जासूसी उपन्यास है.

    चलो इन सब पर विश्वास कर भी लें तो जब दरवाजा बंद है तो हत्यारे क्या चाय सिगरेट पीके अदृश्य हो गए? हाँ अगर मरने वाले ने खुद ही "बड़ा सा खंजर" सीने में घुसा लिया हो तो और बात है.

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  39. प्रिय ताऊ जी,

    पिछले शनिवार सफर के कारण आपके चिट्ठे पर न आ सका. उसका मानसिक डिप्रेशन अभी भी चल रहा है. उम्मीद है कि इस उत्तर को लिखने के बाद यह डिप्रेशन कम हो जायगा.

    1. मैं किताबों का बेहद प्रेमी हूँ, अत: वह पुस्तक जरूर देखना चाहूंगा जिसमे एक साथ इक्क्यासी-बयासी पन्ने देखे जा सकते हैं!!! (हा! हा!! आज कुछ तो हाथ लगा!! प्रात: शायद आपको स्मरण किया था ताऊ जी).

    2. चट्टान देखते ही डिप्रेशन बढ गया -- कि कहीं यह मेरे ऊपर न ट्पक जाये. घर वालों से कह दिया है कि ऐसी कोई भी दुर्घटना हुई तो ताऊ जी और सिर्फ ताऊजी जिम्मेदार हैं अत: हर्जाखर्चा के लिये सीधे वहीं पहुंच जाना!!

    हां नीचे वाली चट्टान पर खुदे दिल को देख कर दुख और भी बढ गया कि एक क्षण के आनंद के लिये किस तरह हम प्रकृतिदत्त चीजों पर लिखलिखा कर उनको रौन्दते हैं.

    सस्नेह -- शास्त्री

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  40. ताऊ जी, मेरा जवाब क्यों पचा गए?
    सही है इसलिए क्या :) :) :)

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  41. Dekhne me to yah mere College ke pichhe vali pahadi mandir ka bhag lag raha hai.. Velore in Tamil Nadu.. kabhi us jagah ke uploaded photo ka link aapko bhejunga.. :)
    vaise sachchi bat yah hai ki mujhe nahi pata.. :)

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  42. Rampyari ko bhi uttar de hi deta hun.. ab chahe sahi ho ya galat.. :)

    mere khyal se do uttar ho sakte hain..
    1. agar vahan ajib si shanti thi to FM kya shanti ke geet suna raha tha? :)
    2. kisi kitab par ek sath 81-82 page number nahi aa dikh hain.. :)

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  43. Pichhle hafte Out of Station tha so nahi tipiya paya tha.. Ghoomne gaya tha.. kabhi uski photo bhi laga kar aapse paheli poochunga.. :P

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  44. आंख मूंद के मै भी रतन सिंह जी के साथ हो लेता हू यह जगह माऊन्ट आबू है ।
    २- राम प्यारी ने गलत रिपोर्ट लिखी है और कोई सा FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है. दोनो बात कैसे हो सकती है ।

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  45. नमस्कार ताऊ,

    आज शनिवार छुट्टी का दिन होने के बावजूद आपके ब्लॉग पर आने में देर हो गयी. पर सवाल तो बड़ा तीखा है. मुझे लगता है ये विशाखापत्तनम है.

    ...बाकी खोज जारी है.

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  46. अरे रामप्यारी, साहब इसलिए समझ गए की कभी भी किसी भी किताब में ८१-८२ पेज नंबर एक साथ नहीं खुल सकते क्यूंकि ये एक दुसरे के पीछे होते है.

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  47. ताऊ भारत भ्रमण तो नहीं गूगल देव से पता करने की कोशिस की तो वो माउन्ट आबू के टॉड रॉक और नन रॉक की तरफ इशारा कर रहे है ,अब सही जगह क्या है ये तो आप ही बताओगे.

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  48. ये है हिमालय का पहाड़ :)

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  49. This comment has been removed by the author.

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  50. जरुर यह कोई पत्थर ही होगा ? आलू तो इतना बडा हो नही सकता?

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  51. कुछ भी हो सकता है..........गोवा की पत्थर, नैनी ताल भी और माउंट आबू भी ......
    मैं माउंट आबू के साथ जाऊँगा

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  52. ताऊ, माउन्ट आबु की टोड रोक है..

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  53. राम प्यारी.. फंस गई ८१-८२ के चक्कर में.. तुझे समझाया न की पहेली के हिंट के चक्कर में ना पड़..काम कर ्ले..

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  54. चित्र : टोड रोक, माउण्ट आबू ।

    रामप्यारी का जवाब :- जब जासूसी उपन्यास के पन्ने खुले थे, पृष्ठ इक्कासी-बयांसी; तब ताऊ ने कैसे जान लिया कि उस उपन्यास का नाम "मौत का सौदागर" है , और मुझे नहीं लगता कि कमरे के बीचो-बीच टेबल पर रखी हुई किताब के पेज नम्बर पढ़े जा सकते हैं खिड़की से ।

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  55. Mumbai meM hoo, isaliye leT ho gayaa. magar baDaa hee confyuzaya sawaal hai.

    Rampyari kaa jawaab-

    mahaul meM sannataa aur FM radio baj rahaa hai?, baat kuCh hazam nahee huee.

    ye chitra zaroor mount Abu kaa hai.

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  56. ये मेंढकी गढ का मेंढक महल है. जहां एक मेंढक बैठा दिखाई दे रहा है. और इसकी मेंढकी साथ वाली झीळ मे है. ये यहां चढ कर उसी का इंतजार कर रहा है.

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  57. रामप्यारी ऐसे ताऊ के साथ रहेगी तो येही होगा. तेरे को खुद गलत सलत रिपोर्ट करा कर नौकरी से निकलवाना चाहता है. जिससे तू ताऊ के घर के कामकाज करती रहे और ताऊ ब्लागरी करता रहे.

    तू अब हडताल कर दे.

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  58. रामप्यारी तेरे ताऊ को अक्ल नही है. सुन क्य क्या गलतियां की है :-

    १. पेज कभी भी ८१ के साथ ८२ नही खुलता.
    २. जब रेडियो बज रहा है तो सन्नाटा कैसा?
    ३. सिगरेट का धुंआ इतनी देर बाद कहां से?

    और भी बहुत सारी बेवकूफ़ाना बाते हैं. तू तो ताऊ का घर छोड और मेरे यहां आजा. चूहे भी हमारे यहां बहुत हैं.:)

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  59. रामप्यारी जरा ये कौन सी चट्टन है ? चुपके से बता जा एक बडी सी चाकलेट भिजवाता हूं. तू तो एक काम करदे कि जो टीपणियां पबलिशड हैं उनमे कौन से नम्बर की सही है बस ये बतादे.:)

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  60. ये है माऊंट आबू के नक्की झील के पास टोड रोक.
    और रामप्यारी के सवाल का जवाब दूसरी टिपणि मे .

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  61. रामप्यारी बात गले नही उतरती. ताऊ ने तेरे को बिना गये ही रिपोर्ट लिखवा दी. क्युं कि ताऊ पुलिस के मामलों मे उस्ताद है. उसका रोज का काम है पुलिस से बचने का.

    अगर ताऊ वहां से लिखवाता तो सिगरेट का धुंआ ऊठ रहा था ये नही लिखवाता. और किताब के पेज भी असंभव है कि ८१ और ८२ खुले हों?

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  62. इब यू ताऊ भी सनीच्चर कू घणौ सनिच्चर दिक्खन लाग्यो है . पूरे दिमाग का दही कर देवे है कोई इन्नै रोक्यो भाई :)

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  63. Road Rock, Mount Abu: The uniqueness is that rock is built on its own overhanging the calm water with the shape resembling the shape of a toad that is ready to make a dive onto the blue lake.

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  64. FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है.
    इस एफ एम रेडियो में से बज रहा सन्‍नाटा बतला रहा है कि रिपोर्ट वहां जाए बिना लिखी गई है। पर रिपोर्ट तो लिखी गई, चाहे बिना गए ही, यह भी तो एक कलाकारी ही है।


    चित्र वाला सवाल ही समझ में नहीं आया।

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  65. पत्थर का ये टीला तो जानूँ ना....
    और रामप्यारी की केस-हिस्ट्री में उलझा हुआ हूँ...मेरे ख्याल से ८१-८२ का झमेला है...लेकिन इससे ये कैसे पता चलेगा कि रामप्यारी वहाँ गयी ही नहीं थी अगर शेष वर्णन सही है....

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  66. बोनस सवाल का जवाब :
    बस रिपोर्ट लिखने में एक गलती कर दी ! उपन्यास के पेज नंबर लिखने में !
    किसी भी किताब का 81वाँ और 82वाँ पेज
    एक साथ नहीं खुल सकता !

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  67. अरे ताऊ आलू तो हो ही नही सकता... अब सोचने कि बात यह है कि यह है कया.... ओर मेने ओर मेरे हेरी ने बहुत दिमाग लगाया... तो लगा हो ना हो यह राज स्थानी शकर कंदी हो सकती है.....

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  68. अब जब इतने सारे लोग टोड रोक, माउण्ट आबू कह रहे हैं हैं तो हमें भी बहुमत को मान्यता देनी ही पड़ेगी. सो नया उत्तर लिख लिया जाए:
    टोड रोक, माउण्ट आबू

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  69. राम्प्यारी, यह जगह तो टोड चट्टान, माउंट आबू की ही लगती है। मैं तो गया नहीँ इंटरनेट और अन्य जवाबों से मदद मिली - यदि सही हो तो उस मदद के लिये नंबर काट लेना!

    दूसरा जवाब अलग से!

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  70. रिपोर्ट में वैसे तो अन्य बातें अटपटी लगतीं है - पर मेरी समझ में तो तुमने पृष्ट संख्या में ही गड़बड़ करे दी। भला पेज नं 81 व 82 कैसे खुले दिखेंगे, सामान्यत: प्रकाशित पुस्तक में?

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  71. जरूरी सूचना : जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है. रिजल्ट तैयार हो रहा है जैसे ही रिजल्ट तैयार होगा प्रकाशित कर दिया जायेगा. अब इस पहेली अंक के जवाब स्वीकार नही किये जायेंगे.

    आप सभी का भाग लेने के लिये अतिशय आभार.

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  72. जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है
    chalo abh shanti huii...................rampyari...................teri chocolate pakki................................kal subah milna..........................aur baat karenge
    jai jinendra
    ram ram
    namaskar
    jaishree krishna
    khuda hafiz

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  73. लो ताऊ जी
    जे भये पूरे 80
    अब चलूँ दफ्तर ..?

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