प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरै की घणी राम राम. आज हम ताऊ शनीचरी पहेली के दुसरे राऊंड के अंक पांच की पहेली पूछने वाले हैं.
हमको पता लगा है कि रामप्यारी उल्टी सीधी बकबास करती रहती है. खाली दिमाग शैतान का घर..यही सोच कर रामप्यारी को हमने क्ल्यु देने का और बोनस सवाल पूछने का जिम्मा दे रखा है.
पर रामप्यारी मे बचपना बहुत ज्यादा है. दूसरी कक्षा मे पढने लग गई पर अभी तक अक्ल कोडी की नही है. ताऊ जब दूसरी कक्षा मे पढता था तब अंगरेजी में अंगरेजों को हरा देता था. लगता है रामप्यारी ताऊ का नाम डूबोयेगी.
ताऊ ने सिफ़ारिश करके उसको पुलिस मे भर्ती करवा दिया तो पिस्तौल लेकर जानवरो और पक्षियों को डराती है. उसका आज का सवाल वो खुद की बेवकूफ़ी के बारे मे ही पूछ रही है. अत: सोच समझ कर जवाब दिजियेगा. क्योंकि बेवकूफ़ो के सवाल भी बडे बेवकूफ़ाना होते हैं.
रामप्यारी के ब्लाग तक पहुंचने के लिये आप रामप्यारी की फ़ोटॊ जो कि यहां साईड बार मे लगी है, उस पर चटका लगायें और वहां पहुंच जाये और वहां क्ल्यू की फ़ोटो पर चटका लगा कर आप वापस यहां आ जायें.आपको सब क्ल्यु रामप्यारी के ब्लाग पर ही मिलेंगे.
आईये अब आपको सीधे पहेली की तरफ़ लिये चलते हैं..jpg)
यह कौन सी जगह है?
इस पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार सूबह दस बजे तक बढा दिया गया है. ताऊ साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन सोमवार सूबह पुर्ववत होगा.
अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये.
ताऊ शनीचरी पहेली राऊण्ड 2 अंक 5
Saturday, March 28, 2009 at 6:30 AM Posted by ताऊ रामपुरिया
Labels: paheli-2(5), rampyari-bonus
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
About Me
- ताऊ रामपुरिया
- अब अपने बारे में क्या कहूँ ? मूल रुप से हरियाणा का रहने वाला हूँ ! लेखन मेरा पेशा नही है ! थोडा बहुत गाँव की भाषा में सोच लेता हूँ , कुछ पुरानी और वर्तमान घटनाओं को अपने आतंरिक सोच की भाषा हरयाणवी में लिखने की कोशीश करता हूँ ! वैसे जिंदगी को हल्के फुल्के अंदाज मे लेने वालों से अच्छी पटती है | गम तो यो ही बहुत हैं | हंसो और हंसाओं , यही अपना ध्येय वाक्य है | हमारे यहाँ एक पान की दूकान पर तख्ती टंगी है , जिसे हम रोज देखते हैं ! उस पर लिखा है : कृपया यहाँ ज्ञान ना बांटे , यहाँ सभी ज्ञानी हैं ! बस इसे पढ़ कर हमें अपनी औकात याद आ जाती है ! और हम अपने पायजामे में ही रहते हैं ! एवं किसी को भी हमारा अमूल्य ज्ञान प्रदान नही करते हैं ! ब्लागिंग का मेरा उद्देश्य चंद उन जिंदा दिल लोगों से संवाद का एक तरीका है जिनकी याद मात्र से रोम रोम खुशी से भर जाता है ! और ऐसे लोगो की उपस्थिति मुझे ऐसी लगती है जैसे ईश्वर ही मेरे पास चल कर आ गया हो ! आप यहाँ आए , मेरे बारे में जानकारी ली ! इसके लिए मैं आपका आभारी हूँ !
Archives
-
►
2011
(67)
-
►
September
(7)
- ताऊ आज ताई के हाथों पिटेगा या बचेगा?
- ब्लागिंग में भी श्राप के डर से मजे लेने कम कर दिये...
- दुनियां की सबसे श्रेष्ठ और खराब वस्तु क्या है?
- ताऊ महाराज धॄतराष्ट्र के चिरयुवा होने का राज.
- "तनु वेड्स मनु" बनाम "मेरे ब्रदर की दुल्हन" और ता...
- आखिर ये ब्लाग भारत कब तक चलेगी तातश्री?
- क्या है ताऊ महाराज के अंधे होने का राज?
-
►
August
(10)
- तेरी चोटी काट कर तेरे बाप के पास भिजवा दूंगी.
- ताऊ की यादों में : डाक्टर अमर कुमार
- ये ताऊ गिरी है या अन्ना गिरी?
- अगर लामप्याले और मिस समीला टेढी के कहने पर चले तो...
- अंधे ताऊ महालाज धॄतराष्ट्र....तानून मंत्री लामप्या...
- ये है ताऊ के जीवन का असली राज
- क्या मैं इसकी अम्मा लगती हुं ?
- ब्लाग संसद में सवाल और ब्लाग प्रधान ताऊ महाराज के ...
- इब सीधे खूंटै पै पढो
- "ब्लागर भाईचारा बढाओ पार्टी" आनन फ़ानन मे आयोजित क...
-
►
March
(21)
- ताऊ पहेली - 119
- ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता -२०११ में श्री दिली...
- ब्लाग भौजी सुंदरी प्रतियोगिता - 2011 शुरू
- ताऊ गरही कवि सम्मेलन में : चच्चा मनचले "पिट लिए" श...
- ताऊ पहेली - 118
- ताऊ गरही कवि सम्मेलन में चच्चा रामपुरी चाकू वाले ...
- ताऊ तरही कम गरही कवि सम्मेलन में : कवि शिरोमणी श्र...
- ताऊ तरही कम गरही कवि सम्मेलन -2011
- ताऊ तरही कम गरही कवि सम्मेलन - २०११ में महाकवियित्...
- ताऊ पहेली - 117 (भंगी दरवाजा, Bhangi gate, Mandav)...
- ताऊ तरही कम गरही कवि सम्मेलन - २०११ में महाकवि शिर...
- ताऊ पहेली - 117
- ताऊ तरही कम गरही सम्मेलन आहूत
- "ब्लेक बूट एवार्ड ट्राफ़ी" आफ़ ब्लागर जूतमपैजारियत...
- ताऊ पहेली - 116 (महाकाल मंदिर, उज्जैन, Mahakal Tem...
- इस मास का अति विशेष राशिफ़ल : अवश्य पढिये.
- ताऊ पहेली - 116
- "ताऊ दुखिया सब संसार, जेडा सुखी वो........." ओये.....
- ब्लागर जूतमपैजारियता ब्लेक बूट एवार्ड - 2011 के ना...
- षडयंत्र पूर्वक चार हरयाणवियों ने एक हरयाणवी का यान...
- ताऊ पहेली - 115 (सिलिसेढ लेक अलवर, siliserh lake, ...
-
►
February
(17)
- ताऊ नीत गठबंधन (TDA) सरकार का ब्लाग बजट पेश
- ताऊ पहेली - 115
- मिस समीरा टेढ़ी को उनकी स्लिम एवं जीरो साईज उपन्या...
- ताऊ पहेली - 114 (रणथंभोर दुर्ग, राजस्थान, Ranthamb...
- ताऊ की पुस्तक समीक्षा (छीछालेदर) की पुरातन दुका...
- ताऊ पहेली - 114
- ब्लागरत्व, जलागरत्व और ताऊत्व गुण प्रधान समीक्षक
- अईजे ताऊ आमि भोस बाबू बोलछि....
- "ब्लेक बूट एवार्ड ट्राफ़ी" आफ़ ब्लागर जूतमपैजारियत...
-
►
September
(7)
-
▼
2009
(302)
-
▼
March
(30)
- क्या यही नारी है
- ताऊ साप्ताहिक पत्रिका अंक १५
- पाठशाला आफ़ सन्डे में ताऊ पहेली - 2 (5) का जवाब
- ताऊ शनीचरी पहेली राऊण्ड 2 अंक 5
- रामप्यारी की पोस्ट
- महाताऊओं द्वारा ताऊ का साक्षात्कार
- ताऊ बना हनुमान
- जिंदगी एक गीली सी रेत
- ताऊ साप्ताहिक पत्रिका : अंक 14
- पाठशाला आफ़ सन्डे में ताऊ पहेली - 2 (4) का जवाब
- ताऊ शनीचरी पहेली राऊण्ड 2 अंक 4
- रामप्यारी लिखती है…..
- परिचयनामा : लविजा के पापा सैयद से
- ताऊ को शेर की सीख
- नेता बनाम डाकू
- ताऊ साप्ताहिक पत्रिका : अंक 13
- पाठशाला आफ़ सन्डे में ताऊ पहेली - २ (३) का जवाब
- ताऊ शनीचरी पहेली (round-2) अंक-३
- रामप्यारी की नमस्ते
- ताऊ द्वारा होली पर पोस्ट की छीछालेदर
- पति-पत्नी
- ताऊ साप्ताहिक पत्रिका : अंक 12
- पाठशाला आफ़ सन्डे में ताऊ पहेली का जवाब
- ताऊ शनीचरी पहेली राऊंड २ (अंक – २)
- मिस रामप्यारी की रामराम
- श्री काजल कुमार का साक्षात्कार : ताऊ पत्रिका
- काका योगिंद्र मौदगिल ताऊ के खूंटे पै टंगा
- काकी की गुहार
- ताऊ साप्ताहिक पत्रिका : अंक ११
- ताऊ की पाठशाला आफ़ सन्डे में पहेली का जवाब
-
▼
March
(30)



80 comments:
Saturday, March 28, 2009 6:32:00 AM
माउन्ट आबू
Saturday, March 28, 2009 6:40:00 AM
koi love spot lgta hai rock pr hearts bne hain. Mumbai ho skta hai! Regards
Saturday, March 28, 2009 6:44:00 AM
अरे रामप्यारी जब FM रेडियो बज रहा है तो सन्नाटा कैसा ?
Saturday, March 28, 2009 6:46:00 AM
rampyari ye to sach hai na ki tum vhan gye nahe. Ab jb ghutno tk pani bhra hai to khidki se kaise dikh gya ki ek cup adha bhra hai or do khali hain ??? Or itne dur se kitab ke pape numbr bhe tau ji ne pdh liye han? Table pr kitab dikh skte hai magar kitab ka naam or page no nahe dikh skta. Or kitab agar khuli hai to kitab ka naam kaise pdha tau je ne? Socho socho ?
Saturday, March 28, 2009 7:01:00 AM
अरे ताऊ, ये रामलाल इस पहाड़ी पर चढ़ा क्या कर रहा है? अभी उसका नंबर मिलाकर पता करने की कोशिश करता हूँ।
Saturday, March 28, 2009 7:16:00 AM
ये नंबर मौजूद नही है, फोन करने पर ऐसा आ रहा है। अब खुद ही तुक्का मारते हैं, कहीं ये हम्पी झील (या मंकी हिल) तो नही।
Saturday, March 28, 2009 7:20:00 AM
रामप्यारी ने लिखा की घुटनों तक पानी भरा था हो सकता है रामप्यारी के पैर (पेंट या सलवार जो भी पहनती है) या जुते बिल्कुल सूखे हों। इसी से अंदाजा लगा होगा कि वो झूठ बोल रही है।
Saturday, March 28, 2009 7:53:00 AM
The Page Nos. 81 and 82 as mentioned here cannot be true. When a book is open usually the the lower page number is an even number so it could have been 81-81 0r 82-83 in an Open book.
However, its not always True. In some countries the page numbers are counted starting from the page on left which gets and odd number i.e. 1
Saturday, March 28, 2009 8:01:00 AM
पता नहीं ताऊ,ये कहाँ -कहाँ से फोटू छाप देते हौ.
Saturday, March 28, 2009 8:07:00 AM
गोलकुंडा का किला.
Saturday, March 28, 2009 8:09:00 AM
अहा.. कभी कभी कितना अच्छा लगता है..जब पानी ज्यादा ठंडा होने के बहाने, सुबह-सुबह नहाने का दिल न करे.
आज ऐसा ही दिन है...जवाब न देने का दिन...क्योंकि न तो फोटो पहचान में आई है और न ही नटखट बिल्ली की रिपोर्ट...
आज तो अंगूर बहुत ही खट्टे हैं...फोटो वैसे अरावली क्षेत्र की ही होनी चाहिए.
Saturday, March 28, 2009 8:19:00 AM
यो के कर दिया तीन रामप्यारी? गोल टेबल के चारों ओर तीन कुर्सियां?
Saturday, March 28, 2009 8:20:00 AM
ये तो माऊंट आबू की फोटो लगती है। नक्की झील के आस-पास की फोटो है।
Saturday, March 28, 2009 8:34:00 AM
रामप्यारी, बहुत ही आसान है ऐसी गलतियाँ करना, तभी तो पकड़ी गई आप खुद ही उदाहरण देखलो -
१. गोल टेबल के चारों और तीन कुरसियां लगी हैं.
२. कोई सा FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है.
ऐसे और भी उदाहरण है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि सच बोलोगी तो साहब खुश हो जायेंगे, और इत्ती बढ़िया तफ़्तीश के लिये परमोशन भी देंगे।
Saturday, March 28, 2009 8:34:00 AM
"mount abu "
regards
Saturday, March 28, 2009 8:35:00 AM
ताऊजी प्रणाम.. फिलहाल तो जवाब नैनीताल माना जाए.. विस्तृत जांच जारी है..
Saturday, March 28, 2009 8:40:00 AM
अरे राम प्यारी ये ताऊ तन्ने मरवाने के लिए रिपोर्ट लिखवा दी है। जब सारा नज़ारा खिड़की से दिख रहा था तो तन्ने ये कैसे पता चला कि एक दरवाज़ा अन्दर से बन्द है? यहीं पकडी गई शायद!
Saturday, March 28, 2009 9:14:00 AM
रामप्यारी कहाँ आज सुबह सुबह पथरो में उल्जा दिया रानी.....कोई बात नहीं हमने भी तलाश तो कर लिया अब सही जवाब ताऊ जी जाने.......इस लिंक पर यही पिक्चर है और जो पहेली के पिक्चर मे रॉक के बीच मे लिखा है न वही इस लिंक वाली फोटो मे भी लिखा है जरा ध्यान से देखना ओके....ताऊ जी का कोई भरोसा नहीं , उन्हें तो खिड़की से ही खुली किताब का नाम और पेज no. तक दिख जाता है हा हा हा हा .....
Toad Rock, Nakki Lake, Mt. Abu
http://tbn1.google.com/images?q=tbn:cNWd7doHINAW7M:http://www.shunya.net/Pictures/Rajasthan/MtAbu/ToadRock1.jpg
Regards
Saturday, March 28, 2009 9:15:00 AM
मेरी टिप्पणी (अंग्रेजी मे थी)? :(
Saturday, March 28, 2009 9:43:00 AM
तुक्का ही लगाते हैं - उदयपुर।
Saturday, March 28, 2009 9:54:00 AM
नेट और दिमाग पर जोर डालने के बाद बताता हूं :)
Saturday, March 28, 2009 9:55:00 AM
हे ताऊ.... ये है डायनासोर की पुरानी खोपड़ी. जो कुदरती थपेड़े सह-सह कर पत्थर जैसी होगी. इश्क के मारे जिन छोरे-छोरियों के पास ढंग की जगह जाने के पैसे नहीं होते, वे बिचारे शादी के बाद की रिहर्सल के लिये यहीं आते हैं, और टिप के रूप में हस्ताक्षर भी कर जाते हैं.
बाकि रही रामप्यारी..
ईब भला जो राम नै ई प्यारी होली उसका के जवाब दयूं..?
इतना हिसाब-किताब आता तो कविता थोड़े ई लिखता..!!!
जैरामजीकी.....
Saturday, March 28, 2009 9:58:00 AM
toad rock hai, mount aabu ka.
Saturday, March 28, 2009 10:11:00 AM
raampyaari kafi cute hai..baaqi sawal bahut kathin :(
Saturday, March 28, 2009 10:20:00 AM
ईबके पक्का लग रिया है. ई आबू का मैंढक पत्थर है.
Saturday, March 28, 2009 10:21:00 AM
रामप्यारी हमने भी बहुत जासूसी उपन्यास पढ़े थे ...अब ये बता जब तू अन्दर गयी ही नहीं तो तुझे कैसे दिखा कप आधा भरा था या पूरा ...??
Saturday, March 28, 2009 10:21:00 AM
Mount Abu Rajasthan that for sure
and the rock is seems to be look like frog. its very famous in between touriests.
Saturday, March 28, 2009 10:25:00 AM
भीम बेटका !
Saturday, March 28, 2009 10:27:00 AM
dताऊजी.. पहले वाला जवाब केंसिल कर दिया जाए.. नया जवाब..
यह माउंट आबू का फोटो है..
यह जवाब फाइनल है .. अब नहीं बदलूंगा
Saturday, March 28, 2009 10:31:00 AM
देखा हम तो आज भी भूल गए। खैर जवाब तो पता नही होना था सो नही पता है आज की पहेली का जवाब भी। एफ एम बज रहा हो और सन्नाटा भी हो ऐ कैसे हो सकता है। लगता है कि यही गलती कर दी रामप्यारी ने।
Saturday, March 28, 2009 10:41:00 AM
वाह वाह ताऊ मजा आ गया...घणा दिना के बाद दिमाग की फ्यूज टूब लाईट जली है....भाईजी ये तो "टोड रोक" है , जो माउन्ट आबू में है...नक्की झील की ऊपर की पहाड़ी पे है और जी इसकी शकल बैठे हुए मेंडक जैसी है इसलिए इसे टोड रोक कहते हैं... ये बात पक्की है...ईनाम मिलना ही मिलना है इब की बार...
नीरज
Saturday, March 28, 2009 10:45:00 AM
ताऊ आज भी ये फोटो वाला स्थान समझ में नहीं आ रहा ,लगता है सब-कुछ छोड़ के भारत -भ्रमण करना पड़ेगा .
Saturday, March 28, 2009 10:48:00 AM
TOD-ROCK MOUNT ABU Rajasthan
ram piyari tumari report mai 81- 82 page kula tha jo kisi bhi rup me sahi nahi hai, ya toh page 80- 81 yaa 82- 83 kula hoga......
Saturday, March 28, 2009 10:51:00 AM
रामप्यारी तू भी कित ताऊ की बातां मै आगी।
मर्डर होने के बाद तू पूरा दिन बच्चों के साथ खेलती रही और सिगरेट की ऐश ट्रे महै तै धुआं सांझ तक उठता रहा । या बात हजम होन की कोन्या ।
Saturday, March 28, 2009 10:55:00 AM
ताऊ नै तेरे को बताया कि अभी-अभी वहीं से आ रहा हूं, तो क्या ताऊ सिगरेट पी कर और ऐश ट्रे में छोड कर आया था
Saturday, March 28, 2009 10:55:00 AM
राम प्यारी ताऊ ने तुझे गलत जानकरी दी , वो ऐसे की जब उपन्यास खुला हुआ है तो ताऊ ने उसका नाम कहाँ से पढ़ लिया , अच्छा मानले की नाम उन्होंने पढ़ लिया कही से, शायद पेज पर लिखा रहा होगा (दूरबीन लगा के पढ़ा होगा ) पर कोई भी उपन्यास का पहला पेज दहिने से शुरू होता है मतलब आगे के पेज २-३ , ४-५ होगे न ८१-८२ ,पेज ८०-८१ हो सकता है ८२-८३ लेकिन ८१-८२ नहीं और एक बात " FM रेडियो स्टेशन बज रहा है और माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है", ऐसा कैसे हो सकता है माहौल में तो संगीत गूंज रहा होगा , सन्नाटा नहीं .
Saturday, March 28, 2009 11:08:00 AM
नक्की लेक, माऊंट आबू, राजस्थान
Saturday, March 28, 2009 11:19:00 AM
समुद्र का किनारा है, जिसमें व्हेल जैसी आकृति की चटटान दिख रही है।
----------
तस्लीम
साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन
Saturday, March 28, 2009 11:19:00 AM
pure तुक्का माऊंट आबू
Saturday, March 28, 2009 11:39:00 AM
PLEASE PROMOTE IT ON YOU BLOG CREAT AWARENESS
मै अपनी धरती को अपना वोट दूंगी आप भी दे कैसे ?? क्यूँ ?? जाने
शनिवार २८ मार्च २००९समय शाम के ८.३० बजे से रात के ९.३० बजेघर मे चलने वाली हर वो चीज़ जो इलेक्ट्रिसिटी से चलती हैं उसको बंद कर देअपना वोट दे धरती को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लियेपूरी दुनिया मे शनिवार २८ मार्च २००९ समय शाम के ८.३० बजे से रात के ९.३० बजेग्लोबल अर्थ आर { GLOBAL EARTH HOUR } मनाये गी और वोट देगी
Saturday, March 28, 2009 11:40:00 AM
ताऊ, यो राजस्थान के माउन्ट आबू की टोड रॉक है. इस चट्टान की आकृति कुछ मेढक जैसी नहीं लग रही?
Saturday, March 28, 2009 11:43:00 AM
ताऊ जी !
रामप्यारी को मेरा बिल्ला कालू रामप्यारा
बहुत प्यार करता है।
आपको मेल से उसका फोटो भी भेजूँगा।
आपका यह एपीसोड भी बहुत पसंन्द आया।
अब तो घर के बच्चे भी आपकी पोस्ट को
पढ़नें मे रुचि लेने लगे हैं।
आप बधाई के पात्र हैं।
हरयिाणा को हम बहुत पसन्द करते हैं।
‘‘देशाँ में देश हरियाणा,
जहाँ दूध-दही का खाणा।’’
Saturday, March 28, 2009 11:48:00 AM
कुछ समझ नहीं आ रहा है जी ..क्या है यह ...:(
और बेचारी रामप्यारी कहाँ खून खराबे में फंस गयी ..
Saturday, March 28, 2009 11:58:00 AM
और रामप्यारी, पहले तो मेरी सलाह मान ले की ये पुलिस वाला काम तुम्हारे बस का है नहीं. वो भी तब जब ताऊ जैसा "ताऊ" सेक्रेटरी साथ में हो. तू तो पिस्तौल का यूज चूजों और मुर्गियों को डराने के लिए ही किया कर.
तुमने जो रिपोर्ट दी उसमें एक नहीं कई बातें ऐसी हैं जिनपर शक होता है. पहली बात तुने खिड़की से इतनी चीजे कैसे देख ली? चाय कितनी भरी है, बिस्कुट कितने हैं और उपन्यास का कौन सा पेज खुला है; हद है. और जब उपन्यास खुला है तो तुने उसका नाम " मौत का सौदागर" कहाँ से पढ़ लिया और ये बात क्या तुम्हे मरे आदमी की आत्मा ने आकर बताई की वो एक जासूसी उपन्यास है.
चलो इन सब पर विश्वास कर भी लें तो जब दरवाजा बंद है तो हत्यारे क्या चाय सिगरेट पीके अदृश्य हो गए? हाँ अगर मरने वाले ने खुद ही "बड़ा सा खंजर" सीने में घुसा लिया हो तो और बात है.
Saturday, March 28, 2009 1:17:00 PM
प्रिय ताऊ जी,
पिछले शनिवार सफर के कारण आपके चिट्ठे पर न आ सका. उसका मानसिक डिप्रेशन अभी भी चल रहा है. उम्मीद है कि इस उत्तर को लिखने के बाद यह डिप्रेशन कम हो जायगा.
1. मैं किताबों का बेहद प्रेमी हूँ, अत: वह पुस्तक जरूर देखना चाहूंगा जिसमे एक साथ इक्क्यासी-बयासी पन्ने देखे जा सकते हैं!!! (हा! हा!! आज कुछ तो हाथ लगा!! प्रात: शायद आपको स्मरण किया था ताऊ जी).
2. चट्टान देखते ही डिप्रेशन बढ गया -- कि कहीं यह मेरे ऊपर न ट्पक जाये. घर वालों से कह दिया है कि ऐसी कोई भी दुर्घटना हुई तो ताऊ जी और सिर्फ ताऊजी जिम्मेदार हैं अत: हर्जाखर्चा के लिये सीधे वहीं पहुंच जाना!!
हां नीचे वाली चट्टान पर खुदे दिल को देख कर दुख और भी बढ गया कि एक क्षण के आनंद के लिये किस तरह हम प्रकृतिदत्त चीजों पर लिखलिखा कर उनको रौन्दते हैं.
सस्नेह -- शास्त्री
Saturday, March 28, 2009 2:21:00 PM
ताऊ जी, मेरा जवाब क्यों पचा गए?
सही है इसलिए क्या :) :) :)
Saturday, March 28, 2009 2:24:00 PM
Dekhne me to yah mere College ke pichhe vali pahadi mandir ka bhag lag raha hai.. Velore in Tamil Nadu.. kabhi us jagah ke uploaded photo ka link aapko bhejunga.. :)
vaise sachchi bat yah hai ki mujhe nahi pata.. :)
Saturday, March 28, 2009 2:26:00 PM
Rampyari ko bhi uttar de hi deta hun.. ab chahe sahi ho ya galat.. :)
mere khyal se do uttar ho sakte hain..
1. agar vahan ajib si shanti thi to FM kya shanti ke geet suna raha tha? :)
2. kisi kitab par ek sath 81-82 page number nahi aa dikh hain.. :)
Saturday, March 28, 2009 2:27:00 PM
Pichhle hafte Out of Station tha so nahi tipiya paya tha.. Ghoomne gaya tha.. kabhi uski photo bhi laga kar aapse paheli poochunga.. :P
Saturday, March 28, 2009 2:55:00 PM
आंख मूंद के मै भी रतन सिंह जी के साथ हो लेता हू यह जगह माऊन्ट आबू है ।
२- राम प्यारी ने गलत रिपोर्ट लिखी है और कोई सा FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है. दोनो बात कैसे हो सकती है ।
Saturday, March 28, 2009 3:06:00 PM
नमस्कार ताऊ,
आज शनिवार छुट्टी का दिन होने के बावजूद आपके ब्लॉग पर आने में देर हो गयी. पर सवाल तो बड़ा तीखा है. मुझे लगता है ये विशाखापत्तनम है.
...बाकी खोज जारी है.
Saturday, March 28, 2009 3:07:00 PM
अरे रामप्यारी, साहब इसलिए समझ गए की कभी भी किसी भी किताब में ८१-८२ पेज नंबर एक साथ नहीं खुल सकते क्यूंकि ये एक दुसरे के पीछे होते है.
Saturday, March 28, 2009 3:14:00 PM
ताऊ भारत भ्रमण तो नहीं गूगल देव से पता करने की कोशिस की तो वो माउन्ट आबू के टॉड रॉक और नन रॉक की तरफ इशारा कर रहे है ,अब सही जगह क्या है ये तो आप ही बताओगे.
Saturday, March 28, 2009 3:19:00 PM
ये है हिमालय का पहाड़ :)
Saturday, March 28, 2009 3:37:00 PM
Saturday, March 28, 2009 4:10:00 PM
जरुर यह कोई पत्थर ही होगा ? आलू तो इतना बडा हो नही सकता?
Saturday, March 28, 2009 4:43:00 PM
कुछ भी हो सकता है..........गोवा की पत्थर, नैनी ताल भी और माउंट आबू भी ......
मैं माउंट आबू के साथ जाऊँगा
Saturday, March 28, 2009 5:05:00 PM
ताऊ, माउन्ट आबु की टोड रोक है..
Saturday, March 28, 2009 5:08:00 PM
राम प्यारी.. फंस गई ८१-८२ के चक्कर में.. तुझे समझाया न की पहेली के हिंट के चक्कर में ना पड़..काम कर ्ले..
Saturday, March 28, 2009 5:59:00 PM
चित्र : टोड रोक, माउण्ट आबू ।
रामप्यारी का जवाब :- जब जासूसी उपन्यास के पन्ने खुले थे, पृष्ठ इक्कासी-बयांसी; तब ताऊ ने कैसे जान लिया कि उस उपन्यास का नाम "मौत का सौदागर" है , और मुझे नहीं लगता कि कमरे के बीचो-बीच टेबल पर रखी हुई किताब के पेज नम्बर पढ़े जा सकते हैं खिड़की से ।
Saturday, March 28, 2009 6:28:00 PM
Mumbai meM hoo, isaliye leT ho gayaa. magar baDaa hee confyuzaya sawaal hai.
Rampyari kaa jawaab-
mahaul meM sannataa aur FM radio baj rahaa hai?, baat kuCh hazam nahee huee.
ye chitra zaroor mount Abu kaa hai.
Saturday, March 28, 2009 7:09:00 PM
ये मेंढकी गढ का मेंढक महल है. जहां एक मेंढक बैठा दिखाई दे रहा है. और इसकी मेंढकी साथ वाली झीळ मे है. ये यहां चढ कर उसी का इंतजार कर रहा है.
Saturday, March 28, 2009 7:11:00 PM
रामप्यारी ऐसे ताऊ के साथ रहेगी तो येही होगा. तेरे को खुद गलत सलत रिपोर्ट करा कर नौकरी से निकलवाना चाहता है. जिससे तू ताऊ के घर के कामकाज करती रहे और ताऊ ब्लागरी करता रहे.
तू अब हडताल कर दे.
Saturday, March 28, 2009 7:22:00 PM
रामप्यारी तेरे ताऊ को अक्ल नही है. सुन क्य क्या गलतियां की है :-
१. पेज कभी भी ८१ के साथ ८२ नही खुलता.
२. जब रेडियो बज रहा है तो सन्नाटा कैसा?
३. सिगरेट का धुंआ इतनी देर बाद कहां से?
और भी बहुत सारी बेवकूफ़ाना बाते हैं. तू तो ताऊ का घर छोड और मेरे यहां आजा. चूहे भी हमारे यहां बहुत हैं.:)
Saturday, March 28, 2009 7:25:00 PM
रामप्यारी जरा ये कौन सी चट्टन है ? चुपके से बता जा एक बडी सी चाकलेट भिजवाता हूं. तू तो एक काम करदे कि जो टीपणियां पबलिशड हैं उनमे कौन से नम्बर की सही है बस ये बतादे.:)
Saturday, March 28, 2009 7:31:00 PM
ये है माऊंट आबू के नक्की झील के पास टोड रोक.
और रामप्यारी के सवाल का जवाब दूसरी टिपणि मे .
Saturday, March 28, 2009 7:34:00 PM
रामप्यारी बात गले नही उतरती. ताऊ ने तेरे को बिना गये ही रिपोर्ट लिखवा दी. क्युं कि ताऊ पुलिस के मामलों मे उस्ताद है. उसका रोज का काम है पुलिस से बचने का.
अगर ताऊ वहां से लिखवाता तो सिगरेट का धुंआ ऊठ रहा था ये नही लिखवाता. और किताब के पेज भी असंभव है कि ८१ और ८२ खुले हों?
Saturday, March 28, 2009 7:43:00 PM
इब यू ताऊ भी सनीच्चर कू घणौ सनिच्चर दिक्खन लाग्यो है . पूरे दिमाग का दही कर देवे है कोई इन्नै रोक्यो भाई :)
Saturday, March 28, 2009 7:55:00 PM
Road Rock, Mount Abu: The uniqueness is that rock is built on its own overhanging the calm water with the shape resembling the shape of a toad that is ready to make a dive onto the blue lake.
Saturday, March 28, 2009 9:12:00 PM
FM रेडियो स्टेशन बज रहा है. माहौल मे एक अजीब सा सन्नाटा पसरा है.
इस एफ एम रेडियो में से बज रहा सन्नाटा बतला रहा है कि रिपोर्ट वहां जाए बिना लिखी गई है। पर रिपोर्ट तो लिखी गई, चाहे बिना गए ही, यह भी तो एक कलाकारी ही है।
चित्र वाला सवाल ही समझ में नहीं आया।
Saturday, March 28, 2009 10:24:00 PM
पत्थर का ये टीला तो जानूँ ना....
और रामप्यारी की केस-हिस्ट्री में उलझा हुआ हूँ...मेरे ख्याल से ८१-८२ का झमेला है...लेकिन इससे ये कैसे पता चलेगा कि रामप्यारी वहाँ गयी ही नहीं थी अगर शेष वर्णन सही है....
Saturday, March 28, 2009 10:37:00 PM
ANSWER :
TOAD ROCK - MOUNT ABU
(RAJASTHAN)
Saturday, March 28, 2009 10:51:00 PM
बोनस सवाल का जवाब :
बस रिपोर्ट लिखने में एक गलती कर दी ! उपन्यास के पेज नंबर लिखने में !
किसी भी किताब का 81वाँ और 82वाँ पेज
एक साथ नहीं खुल सकता !
Saturday, March 28, 2009 11:30:00 PM
अरे ताऊ आलू तो हो ही नही सकता... अब सोचने कि बात यह है कि यह है कया.... ओर मेने ओर मेरे हेरी ने बहुत दिमाग लगाया... तो लगा हो ना हो यह राज स्थानी शकर कंदी हो सकती है.....
Sunday, March 29, 2009 1:10:00 AM
अब जब इतने सारे लोग टोड रोक, माउण्ट आबू कह रहे हैं हैं तो हमें भी बहुमत को मान्यता देनी ही पड़ेगी. सो नया उत्तर लिख लिया जाए:
टोड रोक, माउण्ट आबू
Sunday, March 29, 2009 4:44:00 AM
राम्प्यारी, यह जगह तो टोड चट्टान, माउंट आबू की ही लगती है। मैं तो गया नहीँ इंटरनेट और अन्य जवाबों से मदद मिली - यदि सही हो तो उस मदद के लिये नंबर काट लेना!
दूसरा जवाब अलग से!
Sunday, March 29, 2009 4:47:00 AM
रिपोर्ट में वैसे तो अन्य बातें अटपटी लगतीं है - पर मेरी समझ में तो तुमने पृष्ट संख्या में ही गड़बड़ करे दी। भला पेज नं 81 व 82 कैसे खुले दिखेंगे, सामान्यत: प्रकाशित पुस्तक में?
Sunday, March 29, 2009 11:14:00 AM
जरूरी सूचना : जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है. रिजल्ट तैयार हो रहा है जैसे ही रिजल्ट तैयार होगा प्रकाशित कर दिया जायेगा. अब इस पहेली अंक के जवाब स्वीकार नही किये जायेंगे.
आप सभी का भाग लेने के लिये अतिशय आभार.
Sunday, March 29, 2009 12:30:00 PM
जवाब देने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है
chalo abh shanti huii...................rampyari...................teri chocolate pakki................................kal subah milna..........................aur baat karenge
jai jinendra
ram ram
namaskar
jaishree krishna
khuda hafiz
Monday, March 30, 2009 9:34:00 AM
लो ताऊ जी
जे भये पूरे 80
अब चलूँ दफ्तर ..?
Post a Comment