ताऊ शनीचरी पहेली राऊण्ड 2 अंक 4

प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरै की घणी राम राम. आज हम ताऊ शनीचरी पहेली के दुसरे राऊंड के अंक तीन की पहेली पूछने वाले हैं.आपको क्ल्यु चाहिये तो वो आपको रामप्यारी देगी. इसके दो कारण हैं.. इस ब्लाग की साईड बार मे फ़ोटो लगाने से ब्लाग कई जगह खुलने मे स्लो हो जाता है.


दूसरे रामप्यारी को हम लाख मना करें उसको बात इधर उधर किये बिना भोजन हजम नही होता. हमको मालूम है वो हमारे बारे में भी उल्टा सीधा बोलती रहती है.


इसलिये हमने सोचा है कि क्ल्यु का काम वही करे. जिससे उसका भोजन भी हजम होता रहेगा. हमारा और अल्पना जी का काम सिर्फ़ यह देखना है कि उसको सही जवाब नही मालूम पडे वर्ना वो बेवकूफ़ किसी को भी एक चाकलेट के बदले मे जवाब थमा सकती है.


रामप्यारी के ब्लाग तक पहुंचने के लिये आप रामप्यारी की फ़ोटॊ जो कि यहां साईड बार मे लगी है, उस पर चटका लगायें और वहां पहुंच जाये और वहां क्ल्यू की फ़ोटो पर चटका लगा कर आप वापस यहां आ जायें.


आईये अब आपको सीधे पहेली की तरफ़ लिये चलते हैं.



paheli-round2(4)                                                   यह कौन सी जगह है, और कौन से शहर में है?



iइस पहेली के जवाब देने का समय कल रविवार सूबह आठ बजे तक है. ताऊ साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन सोमवार सूबह पुर्ववत होगा.





अब रामप्यारी का विशेष बोनस सवाल : - ३० अंक के लिये.



rampyari_thumb[3]


वैरी गुड वाली मार्निंग अंकलों, आंटियों एंड दीदीयों,


अब पीछले सप्ताह मैने हनुमान जी का सवा पांच आने का परसाद चढाकर मैथ्स वाली टीचर को बुखार चढवाया था तब हिंदी वाली टीचर का दिमाग गर्म हो गया था. और उसने अमीर खुसरो वाला सवाल पूछ लिया था.


अब हिंदी वाली टीचर को बुखार चढवाने के लिये मैने फ़िर से हनुमान जी का परसाद बोला तो उसको बुखार चढ गया पर मैथ्स वाली टीचर का बुखार उतर गया.


लगता है ये हनुमान जी ने भी परसाद बंटवाने का अच्छा रास्ता ढूंढ लिया है. तो अब फ़िर से मैथ्स वाली टीचर का सवाल सोमवार को सुलझा कर स्कूल ले जाना है.


आप मेरी मदद करिये ना प्लीज….


सवाल है…ध्यान से पढियेगा और आराम से जवाब दिजियेगा.


२७ बतखों का झुंड पिक्चर देखने सिनेमा हाल की तरफ़ जा रहा था. रास्ते में उनको सडक पार करनी पडी. ट्रेफ़िक में ५ तो खो ही गई. यानि लापता हो गई. १३ का झूंड सिनेमा हाल के बाहर बाकी बतखों का इन्तजार कर रहा था. और नौ बतखें सिनेमा हाल के अंदर पहुंच गई. अब बताईये बाकी बतखें कहां गई ?


अब बोलिये ये मैथ्स की टीचर को बतखों के सिनेमा देखने से क्या लेना ? पर नही अगर वो टांग नही अडाये तो टीचर ही कैसी ? अब आप मुझे पिटने से बचाईये.
मेरा तो सवाल सुन कर ही माथा गर्म हो गया.

और हां मेरे सवाल का ताऊ की टीपणी मे जवाब मत दिजियेगा. मेरे लिये आप एक बिल्कुल अलग टिपणी करियेगा. ठीक है ना?


इसका क्ल्यु चाहिये तो आप रामप्यारी को संबोधित करके टिपणि करें. मैं आपको
क्ल्यु दूंगी. क्यों ठीक है ना?


आंटीयो एवम अंकलों आपको मेरे ब्लाग पर क्ल्यु मैं दूंगी. जितनी भी जल्दी मुझे मिल जायेगा. मेरा क्या है, मुझे अगर जवाब पता चल गया तो जवाब भी आपको बता दूंगी. विद्द्या माता की कसम…झूंठ नही बोल रही हूं. बदले मे सिर्फ़ एक चाकलेट..





इस पहेली-अंक के आयोजक और संचालक

ताऊ रामपुरिया और सु. अल्पना वर्मा हैं.




102 comments:

  Udan Tashtari

Saturday, March 21, 2009 6:31:00 AM

जंतर मंतर, दिल्ली!! :)

  Udan Tashtari

Saturday, March 21, 2009 6:36:00 AM

Jantar Mantar observatory in Delhi India

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, March 21, 2009 6:38:00 AM

Delhi, Jantar Mantar

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, March 21, 2009 6:38:00 AM

Jaipur, Jantar Mantar

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, March 21, 2009 6:38:00 AM

Jaipur, Jantar Mantar

  makrand

Saturday, March 21, 2009 6:38:00 AM

यह मुझे तो जंतर मंतर लग रहा है दिल्ली का. फ़िल्हाल लोक करे बाकी बताता हुं थोडी देर में

  seema gupta

Saturday, March 21, 2009 6:42:00 AM

rampyari ye kaisa sval hai rani han? 5 trific mey kho gyi han 13 picture hall ke bhar wait kr rhe hain 9 picture hall ke andr chli gye to ye to pure 27 to ho gye na. To fir dundhna kise hai? Jo 5 kho gye unhe kya? Ab kho gye ya trafic ke neeche aa gye kya pta? So cute han.

  seema gupta

Saturday, March 21, 2009 6:43:00 AM

ye jgeh jaipur mey lgti hai. Regards

  Udan Tashtari

Saturday, March 21, 2009 6:45:00 AM

अरे रामप्यारी, ये कैसा सवाल:

टोटल तो २७ ही थी न:::

५ खो गई
१३ हाल के बाहर खड़ी हैं
९ हाल के अंदर हैं..

तो हो तो २७..अब किसकी पूछ है?? क्या जो ५ लापता हुई हैं, उन्हें खोज करवाना है. पल्लवी आंटी पुलिस वाली हैं, वो तो झट खोज देंगे बस, जरा संभल कर, दीदी बोलना उनको..आंटी बोलने पर डंडा फटकारती हैं वो भी लवली दीदी की तरह!!!

बता किनकी पूछ रही है??

  काजल कुमार Kajal Kumar

Saturday, March 21, 2009 6:49:00 AM

२७ चलीं, ५ खो गयीं तो बचीं २२.
२२ में से १३ हाल के बाहर और ९ अन्दर.
यह कैसा सवाल रामप्यारी, तुम बिल्ली हो या बन्दर.
(५ खो गयीं तो खो गयीं...अब कुछ नहीं हो सकता, वेट करो शायद लौट आयें.)

  seema gupta

Saturday, March 21, 2009 6:51:00 AM

ye delhi ka jantar mantar hai. Regards

  शुभम आर्य

Saturday, March 21, 2009 6:53:00 AM

Jantar Mantar observatory, New Delhi

  Arvind Mishra

Saturday, March 21, 2009 6:58:00 AM

देखा तो है ताऊ और लगता है इधर से गुजरे भी हैं मगर याद ही नहीं आ रहा !

  Tarun

Saturday, March 21, 2009 6:59:00 AM

ताऊजी, आज थोड़ा वक्त मिल ही गया - ये है दिल्ली का जंतर मंतर

  वरुण जायसवाल

Saturday, March 21, 2009 7:04:00 AM

जंतर मंतर है भाई दिल्ली वाला

  Tarun

Saturday, March 21, 2009 7:05:00 AM

दरअसल इसे यंत्र मंदिर कहते थे क्योंकि ये समय बताने के लिये उपयोग में आता था लेकिन आजकल ये जंतर मंतर के नाम से जाना जाता है। इसके बाहर देश के अन्य भागों से आकर धरना देने वालों का जमघट अक्सर दिखायी देता है।

जयपुर के महाराजा जय सिंह ने इसे बनवाया था, यही नही इन्होंने पाँच ऐसे यंत्र और बनवाये थे, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी।

It consists of 13 architectural astronomy instruments, The primary purpose of the observatory was to compile astronomical tables, and to predict the times and movements of the sun, moon and planets.

  शुभम आर्य

Saturday, March 21, 2009 7:09:00 AM

अरे रामप्यारी सवाल तो बड़ा ही आसान है |
ट्रेफ़िक में ५ तो खो ही गई |
यानि २७-५= २२

१३ का झूंड सिनेमा हाल के बाहर बाकी बतखों का इन्तजार कर रहा था

यानि उन्ही में से १३
२२-१३= ९
बची ९
वही नौ बतखें सिनेमा हाल के अंदर पहुंच गई

मेरी तरफ से पूरा चाकलेट का डिब्बा गिफ्ट में दूंगा अगर जवाब सही है तो | :)

  वरुण जायसवाल

Saturday, March 21, 2009 7:11:00 AM

२७-५=२२
२२-१३=९
९= अन्दर गई |

सिंपल है भाई |

लेकिन इसके सही जवाब एवं गलत कोई भी पब्लिश नहीं करियेगा नहीं तो कई सही जवाब मिल जायेंगे |

  मा पलायनम !

Saturday, March 21, 2009 7:33:00 AM

संभवत जयपुर मे,पता नही देखा हुआ है याद नहीं आ रहा

  नितिन व्यास

Saturday, March 21, 2009 7:47:00 AM

दिल्ली का जंतर मंतर लगता है।

  seema gupta

Saturday, March 21, 2009 8:14:00 AM

rampyari aapka anwer a big egg hai yani ki "O" ok. ha ha ha ha ha

  seema gupta

Saturday, March 21, 2009 8:17:00 AM

or Rampayri taau ji ki pheli ka ansewer to hum subeh hi de chuke hain..fir be agar verify krna ho to ye rha link. delhi ka jantar manatr. ok

http://www.cis.rit.edu/people/faculty/easton/manuscripts/India%202006-06/Jantar_Mantar_1.jpg

Regards

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Saturday, March 21, 2009 8:53:00 AM

यह है दिल्ली का लाल किला... अरे नहीं ताऊ, यो तो जयपुर का जंतर मंतर सै.

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Saturday, March 21, 2009 8:54:00 AM

अरे रामप्यारी,
९ हाल के अन्दर, १३ बाहर और ५ ट्राफिक में खोई हुई. इब बताओ के सवाल क्या है?

  दिलीप कवठेकर

Saturday, March 21, 2009 8:55:00 AM

हमारे यहां साडे छः से ही बिजली गुल हो जाती है, और साडे आठ तक आती है. मगर आज सात बजे ही आ गयी. ताऊ का बोर्ड में बडा रुतबा होगा.

मगर हाय, इंटरनेट नहीं चल रहा है, इसलिये सुबह सुबह ऒफ़िस भागना पडा.

ये जंतरमंतर है, जो देश में तीन ही जगह है.

एक दिल्ली में , एक जयपुर और तीसरा उज्जैन.

प्रस्तुत चित्र दिल्लीके जंतर मंतर का है. पीछे बडी इमारतें भी दिख रही है, जो जयपुर और उज्जैन में नही है.

  सुशील कुमार छौक्कर

Saturday, March 21, 2009 8:57:00 AM

ये तो जी जंतर मंतर है दिल्ली का। बाकी बाद में।

  सुशील कुमार छौक्कर

Saturday, March 21, 2009 8:57:00 AM

ये तो जी जंतर मंतर है दिल्ली का। बाकी बाद में।

  ज्ञानदत्त पाण्डेय | G.D.Pandey

Saturday, March 21, 2009 9:02:00 AM

जन्तर मन्तर - जयपुर या दिल्ली!
ताऊ पाकिस्तान किस लिये गये? वहां भी जन्तर मन्तर है क्या?

  आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)

Saturday, March 21, 2009 9:16:00 AM

ताऊजी और अल्पनाजी को प्रणाम,

यह जगह तो नई दिल्ली स्थित यंत्र मंदिर (जंतर मंतर) है।

  आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)

Saturday, March 21, 2009 9:25:00 AM

रामप्यारी,

यह सवाल तो बड़ा आसान है। कुल बतखें थीं 27.. 9 सिनेमाघर के अंदर हैं, 13 सिनेमाघर के बाहर इंतजार कर कर रही हैं और 5 बतखें ट्रेफिक में खो गई हैं यानी लापता हो गई हैं। तो आंकड़ा हो गया ना पूरा .. 13+9+5 = 27

  vineeta

Saturday, March 21, 2009 9:43:00 AM

अरे ताऊ यु तो दिल्ली का जंतर मंतर लग रहा है. अगर वो नहीं तो जयपुर का होगा ...पर है जंतर मंतर ही...

  poemsnpuja

Saturday, March 21, 2009 9:52:00 AM

jantar mantar, new delhi

  प्रकाश गोविन्द

Saturday, March 21, 2009 9:52:00 AM

Answer :
Jantar Mantar - Delhi

  jitendra

Saturday, March 21, 2009 10:06:00 AM

JANTAR MANTAR JAIPUR

  P.N. Subramanian

Saturday, March 21, 2009 10:27:00 AM

हमने नहीं देखा..

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, March 21, 2009 10:51:00 AM

ताऊ जी, अब की बार तो पहेली बहुत ही आसान है....ये दिल्ली जंतर-मंतर की तस्वीर है...

  Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

Saturday, March 21, 2009 10:55:00 AM

रामप्यारी का सवाल भी बहुत आसान--------
5 बतखें खो गई+13 सिनेमा के बाहर प्रतीक्षारत+9 अन्दर फिल्म देखने में मस्त=27 बतखें....अब बताओ, बाकी क्या बचा.

  Harkirat Haqeer

Saturday, March 21, 2009 11:19:00 AM

ताऊ बस राम राम...बुलाने चली आई थी ...अब ये पहेली वहेली के लिए तो आप हमे भी
महाताऊ की उपाधि दे ही दो....ये रामप्यरी भी किसी काम की ना है ताऊ .. पिछली बार
डायरी मिल्क भी खा गयी किट- कैट भी निगल गयी चोटी... खा खा के मुस्टंदी हुई फिरती है
चेहरा देखा कितना मोटिया गया है...?? मैने भी दो दो अल्सेसियन कुत्ते पाल रखे हैं
इस बार आई तो उन्हीं के ह्वाले कर दूँगी...!!

  अन्तर सोहिल

Saturday, March 21, 2009 11:23:00 AM

जन्तर-मन्तर, दिल्ली
ज्यादातर धरने यहीं पर होते हैं

  Syed Akbar

Saturday, March 21, 2009 11:27:00 AM

ताऊ, ये तो दिल्ली का जंतर-मंतर है.

  अन्तर सोहिल

Saturday, March 21, 2009 11:28:00 AM

9 सिनेमा हाल में चली गई
13 बाहर इंतजार कर रही हैं
5 ट्रेफिक में खो गई
27 का झुंड ही तो सिनेमा में गया था
बाकि जो थी वो जल-विहार में मस्त हैं

  रंजना [रंजू भाटिया]

Saturday, March 21, 2009 12:33:00 PM

दिल्ली का जंतर मंतर

  रंजना [रंजू भाटिया]

Saturday, March 21, 2009 12:37:00 PM

बाकी बतख रास्ते में पड़ने वाली झील पर तैरने चली गयी होंगी ..गर्मी बहुत है न आज कल :)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

Saturday, March 21, 2009 12:49:00 PM

भटको खुद ही नगर-नगर में,

क्यों हमको उलझाते हो।

माया नगरी की गलियन के,

क्यों यह दृश्य दिखाते हो।

  सुशील कुमार छौक्कर

Saturday, March 21, 2009 1:11:00 PM

इधर मेरे पास बैठे चित्रगुप्त जी हँस रहे है। और हमारा दिल धुक धुक कर रहा है। जवाब तो बिल्कुल सही दिया था। ये क्या हमारा नाम गायब। फिर ताऊ सा दिमाग दोडाया तो समझ आया कि क्या माजरा है कि जवाब वाला कमेट दिखा दिया तो सबको पता चल जाऐगा । हमारे साथ अक्सर ऐसा ही होता है। चित्रगुप्त हँसता रहता है। अधिकतर समय हम भी उसके साथ हसँते है पर आज तो ना हँस रहे है। ना रो रहे है। दूसरा हम ठहरे बेसब्र इंसान सोमवार तक पता चलेगा कि कौन जीता। आज पता थी पहेली का पर लगता है ना पता होता तो अच्छा होता। कम से कम इंतजार तो नही करना पड्ता। चलो कोई बात नही, कहते है इंतजार में भी अपना आनंद होता है। पता नही कल की आकाशवाणी सच होगी या नही। हम तो आलार्म लगाकर सोये थे। सुबह उठकर आज तो मैदान मार लेगे। पर आलार्म कब बंद कर दिया नींद में पता नही। सुबह 8 बजे उठे और भूल गए। फिर काफी देर बाद याद आया हमेशा की तरह। तब एकदम याद आया। तब ही चित्रगुप्त प्रकट हुआ हँसता हुआ। हम समझ गए। मामला हो गया गडबड। खैर .........

  poemsnpuja

Saturday, March 21, 2009 1:39:00 PM

raampyari ke blog par gayi to wo saavdhan kar rahi thi ki shahar me galti ho gayi hai, to maine socha fir se confirm poora jawab de doon. pata nahin aap kis cheej ke number kaat lo :)
jantar mantar, nayi delhi. pichle me shayad sirf dilli likha tha...ab dilli bhi to do hai na nayi aur purani.
waise rampyari ke clue me to ham peeche ki building bhi pahchaan gaye, le meridian hotel hai.
bhai itte din janpath par matargashti hi hai, kitabon ke liye CP me bhatke hain ispar bhi jantar mantar na bata paaye to doob marne ki baat ho. is baar sawal sach me aasan tha.

  आलोक सिंह

Saturday, March 21, 2009 2:05:00 PM

ताऊ राम राम
राम कसम हम ये फोटो वाला जगह नहीं देखे है , अब तो उत्तर मिलाने पर ही जानेगे की ये कहाँ है और क्या है .

  आलोक सिंह

Saturday, March 21, 2009 2:10:00 PM

राम प्यारी आज तो हम सवाल ही नहीं समझ पा रहे है .
कुल २७ बत्तख थी ५ गुम हो गयी , बची २२ .
९ सिनेमा हाल के बहार है और १३ अन्दर, मतलब २२ .
अब बाकि पॉँच जो गायब है वो तो उन्ही से पूछना पड़ेगा की वो कहा गयी .
मुझे तो लगता है ताऊ उन्हें भुन का खा गए तभी नहीं मिल रही .

  Syed Akbar

Saturday, March 21, 2009 2:47:00 PM

अरे रामप्यारी, बाकी तो ट्रेफिक में खो गयी ना.

  संजय तिवारी ’संजू’

Saturday, March 21, 2009 4:03:00 PM

ताऊ केसै है कब चक्कर लगा रहे है , जबलपुर का ताऊ छोटा हू , गल्ती हो तो माफ करना

  योगेश समदर्शी

Saturday, March 21, 2009 4:48:00 PM

यह तो जन्तर मन्तर है.. और है तो दो जगह एक जयपुर में और दूसरा दिल्ली में, क्योंकि इस चित्र में के बहुमंजिला इमारत भी दिखाई दे रही है तो यह पक्का है कि यह दिल्ली का जन्तर मन्तर है... ठीक ताऊ.. पहली बार थारी पहेली का उत्तर दिया है... अब थम जाणो, अर थारा काम..

  भारतीय नागरिक - Indian Citizen

Saturday, March 21, 2009 4:51:00 PM

jantar mantar lag raha hai jaipur ka.

  योगेश समदर्शी

Saturday, March 21, 2009 5:05:00 PM

रामप्यारी जिब सारी बत्त्ख थी २७
खो गई ५
इंतजार मे है १३
और सिनेमा हाल मे है ९
तो कुल संख्या तो हो गई २७

अब आपका सवाल है कि बाकी कहां गई तो भई बाकी वैसे तो कोई बची नहीं पर यह भी हो सकता है कि बाकी फिल्म देखने गई हों... क़्यों... ऐसा ही है ना... या कुछ और ही माजरा है..

  प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर

Saturday, March 21, 2009 5:08:00 PM

5 बाकी बतखें ट्रेफ़िक में ही तो खो गई!!!

  Ratan Singh Shekhawat

Saturday, March 21, 2009 6:05:00 PM

ताऊ हमने तो यो दिल्ली को जंतर मंतर लगे है ! देख्यां घणा दिन होग्या |

  Ratan Singh Shekhawat

Saturday, March 21, 2009 6:11:00 PM

ताऊ यो तो पक्का दिल्ली को जंतर मंतर है |

  दिलीप कवठेकर

Saturday, March 21, 2009 6:11:00 PM

अरे रामप्यारी, इस बार पहेली सरल है.

बाहर एक भी बतख नही बचेगी, जो पांच गुम हो गयी है, उनके अलावा.

  मुसाफिर जाट

Saturday, March 21, 2009 7:04:00 PM

ताऊ के बात है? आज तो घणा बरस रहा है. दिल्ली के धोरे का फोटू दिखाके हमने घुमाने की कोशिश कर रहा है.
मुझे तो जंतर मंतर लग रहा है. वैसे मैंने अभी तक जंतर मंतर देखा नहीं है.

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, March 21, 2009 7:13:00 PM

ताऊ आज क्या बात है? आपकी पहेली फ़ेल हो गई क्या? कोई टीपणि भी नही दीखाई रही है या आप कहीं अन्तर्ध्यान हो गये हो?

  अल्पना वर्मा

Saturday, March 21, 2009 7:14:00 PM

ताज़ा खबर है कि मुख्य पहेली के अब तक ३८ जवाब रोके हुए हैं...
उस में सही -गलत सभी जवाब हैं.
**यह ध्यान दें की अगर आप के द्वारा दिया अंतिम जवाब ही सही माना जाता है.अगर आप ने पहले सही जवाब लिखा और फिर दूसरा गलत जवाब तो यह दूसरा जवाब ही lock हो जायेगा.कृपया जांच लें.

*अगर जगह सही लिखी है मगर शहर का नाम गलत तो कृपया जांच लें.

**क्लू रामप्यारी के ब्लॉग पर तस्वीर में है.
**थोडी देर में सभी सही -गलत जवाब ताऊ जी चाहेंगे तो बाहर आ जायेंगे.
धन्यवाद.

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, March 21, 2009 7:15:00 PM

ये जो लाल लाल दिख रहा है येह मांडु का भंगी महल जैसा दिखाई दे रहा है पर उसमे इतनी चमक नही है. ये जयपुर का हवा महल हो सकता है.

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, March 21, 2009 7:17:00 PM

रामप्यारी तेरी कितनी बतख गायब है? लगता है उनको ताऊ ने उदरस्त कर लिया होगा? :)

वैसे हम तो गणित मे कमजोर हैं. जरा हमारी पंडताईन आती है उससे पूछ कर तुम्हारे सवाल का भी जवाब देता हुं.

  makrand

Saturday, March 21, 2009 7:19:00 PM

This comment has been removed by the author.
  makrand

Saturday, March 21, 2009 7:21:00 PM

रामप्यारी तू क्युं जान ले रही है? अब ये बतख कहां से ले आई? तेरे सवाल का जवाब ले ले अगर तेरे मुंह मे पानी ना आजाये तो मुझे कहना.

तेरे सवाल के जवाब मे एक सवाल करता हूं और जवाब देता हूं. आशा है वो जवाब तू आज पबलिश नही करेगी.

  Dilip Gour

Saturday, March 21, 2009 7:22:00 PM

ट्रेफ़िक में ५ तो खो गई थी तो वो ही रह गयी होगी...

  makrand

Saturday, March 21, 2009 7:30:00 PM

रामप्यारी जवाब सुन... जैसे...

मैने रामप्यारी को २७ चाकलेट डेरी मिल्क की बडी वाली दी और कहा कि रामप्यारी इनको घर ले जाकर खाना...रामप्यारी ने १३ चाक्लेट तो रास्ते मे बांट दी....और ९ चाकलेट रास्ते मे बदमाशों ने छीन ली..अब रामप्यारी के पास बची ५ चाकलेट...

घर आकर रामप्यारी को मालूम पडा कि वो ५ चाकलॆत तो उसकी फ़टी जेब मे से निकल कर रास्ते मे गिर गई.

और रामप्यारी को बेचारी को एक भी चाकलेट खाने को नही मिली.

यानि रामप्यारी का जवाब है अंडा बटा अंडा.:)

क्युं रामप्यारी ठीक है ना.मुंह में पानी आ रहा है ना?

  mahabharat

Saturday, March 21, 2009 7:31:00 PM

भाई ताऊ जवाब नही मालूम हमको तो ये लाल अस्पताल लग रहा है.

  mahabharat

Saturday, March 21, 2009 7:34:00 PM

राम्प्यारी तेरे को एक चाकलेट दूंगा मेरा जवाब भी लिख देना तू ही. आखिर सब कुछ तेरे हाथ मे तो है ही.:)

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, March 21, 2009 7:36:00 PM

रामप्यारी के क्ल्यु के हिसाब से ये जंतर मण्तर दिल्ली है.

बाकी रामप्यारी की माया रामप्यारी ही जाने.

  दीपक "तिवारी साहब"

Saturday, March 21, 2009 7:38:00 PM

रामप्यारि का सवाल सीधा सा जोड है. सिर्फ़ पूछने मे ही लगता है कि कुछ गडबड है.

९+५=१३=२७ बस यही जवाब है और वैसे पूछो तो जीरो जवाब है.

  हिमांशु । Himanshu

Saturday, March 21, 2009 7:39:00 PM

मुझे तो यह दिल्ली का जंतर-मंतर लगे है
रामप्यारी का जवाब बाद में ।

  poemsnpuja

Saturday, March 21, 2009 7:40:00 PM

ke taau, aaj to subah se sare jawab pacha riya si...manne to laage hai tu aaj koi vadda ghotala kariya si.

  ताऊ रामपुरिया

Saturday, March 21, 2009 7:49:00 PM

एक जरूरी सूचना:-

अभी तक कुल मिलाकर ५५ टिपणीयां रोकी गई हैं. जिनमे गलत और सही दोनों ही हैं.

आपसे निवेदन है कि सु.अल्पना जी की टिपणीमे कही गई बात को जरा ध्यान पुर्वक मनन कर लें. क्योंकि आज लगता है जरासी लापरवाही से जवाब गलत घोषित किये जा सकते हैं.

हम पुन: निवेदन करते हैं कि आज हमने चित्र की पहचान के साथ यह भी पूछा है कि यह कौन से शहर मे है और यहीं पर लोग लापरवाही कर रहे हैं. कृपया अपने जवाब जांच ले और क्ल्यु के लिये रामप्यारी की पोस्ट पढें

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, March 21, 2009 7:56:00 PM

:) Banglore kaa Lal-Bag hai taoo....

:D मोका अच्छा था इसलिए शेष पाच बतख किसी के साथ भाग गई होगी ?

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, March 21, 2009 8:17:00 PM

Delhi - Jantar Mantar 100% lock kardo rampyari

  premlatapandey

Saturday, March 21, 2009 8:46:00 PM

jantar-mantar delhi.

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Saturday, March 21, 2009 8:46:00 PM

इस Jantar Mantar (वास्तव में यंत्र मंदिर, जैसे उपकरणों के 'भवन' के रूप में), नई दिल्ली, दिल्ली के आधुनिक शहर में स्थित है । . इस वास्तुशिल्प मे खगोल विज्ञान के 13 उपकरण , शामिल हैं। जिसे महाराजा जयसिंह द्वितीय जयपुर के द्वारा 1724 के बाद से निर्माण किया गया। और यह उनके द्वारा निर्मित पॉच वैध शालो मे एक है। जैसा कि वह मुगल सम्राट मोहम्मद शाह द्वारा कैलेंडर और खगोलीय सारणी में संशोधन का कार्य दिया गया था.
इस वेधशाला का प्राथमिक उद्देश्य खगोलीय सारणी संकलन करने के लिए था। और सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की गतिविधियों की भविष्यवाणी करने के लिए. इनमें से कुछ प्रयोजनों ज्योतिष के रूप में भी उपयोगी रहा।
शुरुआती 18 वीं सदी में, महाराजा जयसिंह द्वितीय जयपुर से दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी में कुल में पाँच यंत्र मंदिरों, निर्माण किया, और 1724 और 1735 के बीच पूरा किया। . सबसे प्रसिद्ध यंत्र मंदिरों जयपुर और दिल्ली में हैं.
raam raama ji

  ranjan

Saturday, March 21, 2009 8:56:00 PM

tau.. ye ye delhi ka jantar mantar hi he... sameer ji ne jabaaab diya he galat kaise ho sakataa he..

ram ram

  ranjan

Saturday, March 21, 2009 8:57:00 PM

raam pyari ji..

baaki batake aapane dadabe me he...

  लवली कुमारी / Lovely kumari

Saturday, March 21, 2009 8:58:00 PM

http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/a/aa/Jantar_Mantar_Delhi_27-05-2005.jpg YAHI HAI NA..

  नरेश सिह राठौङ

Saturday, March 21, 2009 9:38:00 PM

जंतर मंतर है । रामप्यारी ही ने बताया जहा उसे फ़्रोक मिली वही से यह फ़ोटो भी मिली है । इस लिये यह जयपुर का है ।

  नरेश सिह राठौङ

Saturday, March 21, 2009 9:40:00 PM

बतख का हिसाब ५ ट्राफ़िक मे खो गयी १३ बहर है ९ अन्दर है ५+१३+९=२७ हो गयी पूरी ।

  गौतम राजरिशी

Saturday, March 21, 2009 11:01:00 PM

लगता है एक और जवाब सही होने वाला है मेरा...ये तो शर्तिया जंतर-मंतर नई दिल्ली वाला है.....हें हें हें

  अभिषेक ओझा

Saturday, March 21, 2009 11:59:00 PM

फिर से सरेंडर !

  सतीश चंद्र सत्यार्थी

Sunday, March 22, 2009 12:54:00 AM

भई, अपनी तो किस्मत ही फूटी है. जब पहेली आसान होती है तो लेट से पहुँचते हैं.
दिल्ली का जंतर मंतर.
अभी पिछले हफ्ते होके आया था.

  सतीश चंद्र सत्यार्थी

Sunday, March 22, 2009 12:58:00 AM

और हाँ, मेरी जो फोटो दिख रही है वो भी जंतर मंतर की गोलनुमा बिल्डिंग के बाहर खींची हुई है.

  सतीश चंद्र सत्यार्थी

Sunday, March 22, 2009 1:12:00 AM

और रामप्यारी, मुझे तो तेरी टीचर सठिया गयी लगती है.
अरे ५ बतखें खो गयीं, १३ बाहर हैं और ९ अन्दर तो बाकी और क्या रास्ते में किसी ने अंडे दिए थे?

  Rajeev (राजीव)

Sunday, March 22, 2009 2:43:00 AM

यह तो जंतर मंतर, नई दिल्ली वाला ही लगता है

  Rajeev (राजीव)

Sunday, March 22, 2009 3:00:00 AM

रामप्यारी, सवाल तो सीधा सा प्रतीत होता था, पर पूछा है तो कुछ अलग होगा, ध्यान से पढ़ने को कहा है तो देखते हैं -

इसमें कुछ दो प्रकार का भ्रम लगता है - पहला यह कि 5 व 13 के अंक के बाद यह नहीं पता कि यह 5 व 13 बतखों के लिए ही है, नौ के बाद यह बिल्कुल स्पष्ट है तो पहेली का अर्थ ही बदल जाय शायद | फिर भी हम तो दूसरा भ्रम सही मानते हैं | उसके अनुसार

भाषा से कुछ ऐसा भी लगता है कि जो 13 बाहर प्रतीक्षा कर रहीं थीं उन्हीं में से 9 अंदर गयीं, तब तो बाहर बचीं - 4
और कुल 22 (27-5) में से 13 तो आ गयीं, शेष 9 अभी आनी बाकी हैं, रास्ते में हैं|

कुल - 27

लापता - 5
हॉल के अंदर - 9
हॉल के बाहर - 4
रास्ते में - 9

  हिमांशु । Himanshu

Sunday, March 22, 2009 6:01:00 AM

बाकी बतखें हाल में गयीं ।
सवाल कुछ समझ में नहीं आया । बाकी तो कोई है ही नहीं : ५+१३+९=२७ ।
अब वही ९ बतखें जो आ रही थीं हाल में गयीं ।

  अमिताभ बच्‍चन

Sunday, March 22, 2009 6:33:00 AM

जंतर मंतर की जय हो
जयपुर हो
जय हो।

  अविनाश वाचस्पति

Sunday, March 22, 2009 6:34:00 AM

जंतर मंतर
जय हो
जयपुर है।

  नितिन व्यास

Sunday, March 22, 2009 8:24:00 AM

5 बतखें खो गई, बाकी सिनेमा के अंदर या बाहर!

  ताऊ रामपुरिया

Sunday, March 22, 2009 9:06:00 AM

सूचना:- अब और जवा्ब स्वीकार करना संभव नही है. रिजल्ट तैयार होने चला गया है. जैसे ही रिजल्ट तैयार होगा, आज ही घोषित कर दिया जायेगा.

पहेली मे सभी भाग लेने वालों का आभार.

  Bhairav

Sunday, March 22, 2009 9:11:00 AM

जवाब लिखो जी हर की पैडी रिशिकेश.

  Bhairav

Sunday, March 22, 2009 9:12:00 AM

रामप्यारी की बतखों को रास्ते मे सैम और बीनू फ़िरंगी खा गये

  Bhairav

Sunday, March 22, 2009 9:15:00 AM

अगर वो सैम या बीनू फ़िरंगी से बच गई होंगी तो उनको एक एक करके खुद रामप्यारी चाकलेट समझ कर चटका गई होगी. और अब ताऊ की मार से बचने के लिये कह रही है कि वो सिनेमा देखने गई थी.

ऐसी कौन सी पिक्चर देखने गई थी वो और उस वक्त रामप्यारी क्या कर रही थी?

ताऊ ये रामप्यारी तेरी खटिया खडी करेगी. घणी चालू रकम है ये.

  indrani

Sunday, March 22, 2009 9:16:00 AM

यह है दिल्ली का जंतर मंतर.

  indrani

Sunday, March 22, 2009 9:23:00 AM

रामप्यारी का सवाल का जवाब.. सब हिसाब बराबर है. कहीं गडबड नही है.

  दीपक "तिवारी साहब"

Sunday, March 22, 2009 9:25:00 AM

ताऊ कुछ बतखें भाटिया जी के ब्लाग पर रोड पार करते देखी गई थी कुछ दिन पहले. लगता है उनको भाटिया जी ने रख लिया और अब रामप्यारी तुमको उल्टे सीधे किस्से सुना रही है.

मिलिभगत है दोनो की.:)

  mahabharat

Sunday, March 22, 2009 9:28:00 AM

ये जंतर मंतर दिल्ली है और रामप्यारी का जवाब है कि सब गिनती बराबर मिल गई है.चिन्ता नही करे.घर आजाये..अब ताऊ उसे नही मारेगा और स्कूल मे टीचर भी नही मारेगा.

  दिगम्बर नासवा

Sunday, March 22, 2009 1:15:00 PM

ताऊ
एक शिकायत प्यार से..... भाई हमारे दुबई में शुक्र और शनि की छुट्टी होती है और कंप्यूटर फिर सीधे इतवार को खुलता है तो जवाब तो लेट होना ही है .......
पर जवाब आता है इसका तभी लिख रहा हूँ

जंतर मंतर, दिल्ली या जयपुर का वैसे मैं दिल्ली के साथ जाऊँगा

ताऊ उवाच :-:


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