"दुल्हे मियां"


dulhe-miya1

दुल्हे मियां
सामने भविश्य तेरा
मुंह बाये खडा है
और तू घोडी पे
चड़ने को बेताब बडा है
आज हो रहा तू राजी
कल बाप ही कहेगा पाजी

अरे पागल सोच
ये प्रणय वेदी नही

तेरी बलि वेदी है
मंडप मे हवन नही
छुपा हुआ बडावानल है
मंत्रोच्चार नही
बोलता सिंहनाद है
पंडित नही मदारी हैdulhe-miya2
अरे अक्ल के अंधे
ये भांवर नही

गहरा एक भंवर है
अर्धांगिनी नही
ये नागफनी है
गठबंधन नही

यम का फ़ंदा है
अरे बावले

चंद्रग्रहण और सुर्य ग्रहण खराब
वैसे ही पाणिग्रहण करेगा बर्बाद

समय पर जरा जाग
धागे कच्चे हैं तोड डाल
पक गये धागे तो सारी उम्र
रस्साकशीं मे रहेगा बेहाल....
 
(इस रचना के दुरूस्तीकरण के लिये सुश्री सीमा गुप्ता का हार्दिक आभार!)

Comments

  1. "...समय पर जरा जाग
    धागे कच्चे हैं तोड डाल...
    "
    बालकों को आत्महत्या से बचाने का बड़ा सराहनीय बीडा उठाया है आपने. बधाई! ज्योतिषी ने १/१२ से सावधान रहने को कहा है! [?]

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  2. बड़ी देर से बताया. :)

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  3. बहुत खूब। बढिया कवित्त ।

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  4. ये किसी शिक्षा दे रहे ताऊ (फुसफुसाकर ) ...कोई संस्कृतिवादी सुन लेगा तो बखिया उधेड़ देगा ! कविता लिखी तो अच्छी है पर ......?

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  5. लेकिन दूल्हा माना नहीं न!

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  6. समय पर जरा जाग धागे कच्चे हैं तोड डाल
    "दूल्हा तो किम्मे भागता दिखे है मन्ने तो..." हा हा हा हा

    Regards

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  7. मुझे तो कार्टून बहुत बढ़िया लगा....
    काजल जी को पहले भी एक बार मैं ने सुझाव दिया था कि ताऊ नामा पर
    एक ठो कार्टून बना देवें..चलिए..आज बना तो दिया!
    [@काजल जी ,बिल्ली 'रामप्यारी ' भी कहीं नजीक में बना दी होती.उस की राजी खुसी पता पड़ जाती.]

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  8. चंद्रग्रहण और सुर्य ग्रहण खराब
    वैसे ही पाणिग्रहण करेगा बर्बाद

    समय पर जरा जाग

    धागे कच्चे हैं तोड डाल

    पक गये धागे तो सारी उम्र

    रस्साकशीं मे रहेगा बेहाल....
    अरे वाह ....क्या अंदाज है

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  9. वाह ताऊ...वाह
    आज हो रहा तू राजी
    कल बाप ही कहेगा पाजी

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  10. waah samaj sudhar karya bhi karne lage tauji,bahut hi achhi kavita badhai

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  11. सवाल वही की शादी वो लड्डू जो खाए वो पछताए जो न खाए वो भी पछताए ।
    तो बेहतर है की इस लड्डू को खाकर ही पछताए । :)

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  12. सीमा जी .आज कुछ ख़ास मूड में है...केक हमें कोम्पुटर से ही मिल जाता तो...

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  13. आप अब बता रहें है हम समय पर ही जाग गए थे।अब तो बहुत आगे निकल आए।वैसे आभार।:)

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  14. आज हो रहा तू राजी
    कल बाप ही कहेगा पाजी

    kya khub...

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  15. ताऊ अर सीमा जी थम दोनो इब तैयार रहियो. मैं जाऊं सूं कचैहरी. काल तक थारे दोनूयां धोरै कोर्ट का नोटिस पोहंच जेगा. मानहानि का दावा करूंगा कि ये दोनूं मिल कै पंडतां नै मदारी बतावण लाग रे.
    कमाल है जी, लोग तै बाह्मणां के पैर पूजैं अर थम उनकी इज्जत खराब करण लाग रे हो.
    भाई घोर कलयुग आ गया.
    कम तै कम जे पंडतां की नी ते मदारियां की तो इज्जत का ख्याल करया होन्दा.

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  16. मुझे पता था ताऊ आप के दिल मे मेरे लिये बहुत जगह है,और मै भी आपका पक्का भतीजा हूं,आपके आदेश का सालों पहले से पालन करता आ रहा हूं।

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  17. जो इस वेदी पर चढ़े सो पछताये, जो न चढ़े सो पछताये। च्वाइस इज योर्स!

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  18. सीमा जी को गुडगांवका पानी और रामपुर का इंदौरी जादू हास्य कवयित्री बना कर छोड़ेगा....

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  19. पढ़कर बहुत अच्छा लगा...और ताज्जुब हुआ कि आज के तथाकथित सभ्य समाज में ऐसा भी होता है..

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  20. चंद्रग्रहण और सुर्य ग्रहण खराब
    वैसे ही पाणिग्रहण करेगा बर्बाद

    समय पर जरा जाग

    धागे कच्चे हैं तोड डाल

    पक गये धागे तो सारी उम्र

    रस्साकशीं मे रहेगा बेहाल....

    waah waah kya paribhasa hai...! Tau ji ram ram...!!

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  21. ढेर सारी रस्साकशी के बाद सब कुछ ,
    कुछ कुछ समझ मेँ आता है
    फिर भी तो भारतीय पति
    धागोँ को आखिर तक निभाता है
    और अगर पहले कोइ कुछ समझाये
    तो समझ मेँ कुछ नहीँ आता है
    और जैसा अनूप जी ने कहा
    दुल्हा समझ के भी मान नहीँ पाता है

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  22. अरे ताऊ जब तेने व्याह किया किसी ने रोका ? अब दुसरो ने क्यु रोके शे, मजे लेन दे... या अपनी जग बीती बतान लाग रिहा शे .
    राम राम जी की

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  23. बहुत सुंदर कविता. मजा आ गया. आभार.

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  24. अरे ये तो दूल्हे को, खूब डरानेवाली कविता लिख दी आपने तो ..
    - लावण्या

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  25. बहुत जोरदार कविता.

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  26. अच्छी हास्य कविता

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  27. दुल्हों के लिये सुंदर सीख.:)

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