माननिय भाईयों , बहणों, भतीजो और भतीजियों आप सबका हार्दिक स्वागत और आज बल्टियान दिवस यानि की वेलेंटाईन बाबा दिवस की बधाई और शुभकामनाएं.
कृपया आज की बात को ध्यान से पढें.
जैसा कि आपको शुरु मे बताया गया था. हम इस ताऊ पहेली प्रतियोगिता को मेगा फ़ायनल तक ले जायेंगे. और इसीलिये हम आप सबको शुरु से निवेदन करते आ रहे हैं कि आप इसमे किसी भी अंक से दाखिल हों, कृपया भाग अवश्य लेवें.
कई लोग ऐसा सोचते हैं कि वो बहुत पिछड गये हैं और अब क्या भाग लेंगे? तो आप गलत सोच रहे हैं. यह राऊंड वाली पहेली प्रतियोगिता है. अब हम जो यह प्रथम राऊंड चल रहा है. इसके दस अंक पूरे करके अपने वादे के मुताबिक ११ लोगो की मेरिट लिस्ट घोषित कर देंगे.
इस प्रथम राऊंड का दसवां अंक पूरा होते ही हम राऊंड दो शुरु करेंगे. दुसरे राऊंड में सभी के अंक और मेरिट नये सिरे से तैयार होगी. तो अब फ़िर से सब लोगों को इस राऊंड मे जीतने का नये सिरे से मौका मिलेगा. तो अब मत चूकियेगा.
और सारे राऊंड पुरे होने के बाद मेगा फ़ायनल होगा.
जो लोग भी प्रथम राऊंड के ११ की मेरिट लिस्ट मे हैं वो यह ना सोचे कि हम अब क्युं भाग लें? हम तो राऊंड जीत ही चुके हैं. तो ऐसी गल्ती मत करियेगा.
आपको हम पहले ही बता देते हैं कि हमारे सारे राऊंड पुर्ण होने के बाद एक सर्वाधिक अंक प्राप्त करने का एक्स्ट्रा अवार्ड भी दिया जाना है. और अन्य कई अवार्ड्स भी हैं. उसमे सभी अंकों और राऊंड्स के नम्बर ही आपको सफ़लता तक पहुंचायेंगे.
और जब मेगा फ़ायनल होगा तब आपका जिस राऊंड का भी सर्वाधिक स्कोर होगा वही काऊंट किया जायेगा. अत: आपसे निवेदन है कि पहेली मे भाग लेना जारी रखें. क्योंकी मेगा फ़ायनल में एक एक अंक का घमासान हो सकता है.
अत: सावधानी पुर्वक भाग लेना जारी रखें.
एक अवार्ड ताऊ पहेली मे नियमित भाग लेने वालों का भी है. अत: हार जीत का उन पर फ़र्क नही पडेगा. यह देखा जायेगा कि किसने सर्वाधिक अंको मे भाग लिया. विविध प्रकार के अवार्ड्स रखे गये हैं. सबसे मनोरंजक टीपणी का भी अवार्ड है.
यानि आप जो सोचेंगे वही मिलेगा. अत: भाग अवश्य लेवें.
जैसा कि आप जानते ही हैं कि ताऊ साप्ताहिक पत्रिका में पर्यटन स्थल की जानकारी हमारी माननिय सलाह्कार संपादक सुश्री अल्पना वर्मा "मेरा पन्ना" स्तम्भ के अंतर्गत देती हैं.
जैसा कि आप जानते हैं हमने इसी माह सुश्री सीमा गुप्ता का साक्षात्कार लिया था. उस साक्षात्कार के पहले तक आप हम उन्हे एक कवियत्री/शायरा के रुप मे ही जानते थे. पर साक्षात्कार के बाद उनका एक और रुप "प्रबंधन विशेषज्ञ" का हमारे सामने आया.
जैसा कि आप जानते ही हैं कि प्रबंधन सिर्फ़ व्यापार का ही नही होता, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र मे प्रबंधन अति आवश्यक है.
हमने उनसे अनुरोध किया था कि वो अपने इस ज्ञान का लाभ हमारे पाठकों तक भी पहुंचायें. और हमारी बात मानते हुये उन्होने ताऊ साप्ताहिक पत्रिका के आगामी अंक से हर सप्ताह अपना एक आर्टीकल देने का वादा किया है जो आगामी सोमवार से आप पढ पायेंगें. यह आर्टिकल आप "मेरी कलम से" स्तम्भ मे पढ पायेंगे.
अब आईये आज की पहेली की तरफ़ बढते हैं!!!
ताऊ पहेली न. ९ ये रही !!!
ये नीचे देखिये और पहचानिये ये कौन सी जगह है ? तो जरा फ़टाफ़ट जवाब दिजिये और जीत लिजिये ये पहेली प्रतियोगिता, जिससे हम आपका इंटर्व्यु लेने तुरन्त आपके पास पहुंच सकें.
इस जगह को पहचानिये !
एक दम सीधी सी पहेली पूछी है हमने अबकी बार. सारे नियम कायदे सब पहले की तरह ही हैं. बस आप तो फ़टाफ़ट जवाब देते जाईये. चाहे जितने जवाब दें, कोई प्रतिबंध नही है. ध्यान रखिये आपका आखिरी जवाब पिछले जवाब को स्वत: ही केन्सिल कर देगा.
सोमवार सूबह ४.४४ बजे इसके रिजल्ट घोषित किये जायेंगें. और पहेली विजेताओं का साक्षात्कार गुरुवार सूबह ४.४४ बजे प्रकाशित किया जायेगा. जिसमे अबकी बार हम दो बार के विजेता श्री शुभम आर्य का साक्षात्कार आपसे करवायेंगे.
विशेष बोनस सवाल : - हम आपसे एक सवाल पूछ रहे हैं. इसका जवाब बिल्कुल अलग टिपणी मे देवे. और इसके जवाब के लिये आप मुख्य पहेली का जवाब नही रोके. क्योंकि
इस सवाल के जवाब से आपके मुख्य पहेली पर कुछ असर नही पडेगा.
इस सवाल के लिये सिर्फ़ १० अंक मिलेंगे जो कि आपके अकाऊंट में जोड दिये जायेंगे. यह १० अंक सिर्फ़ आपकी मेरिट को उपर नीचे कर सकते हैं. अत: हमारी सलाह है कि आप इस सवाल का जवाब आराम से सोच कर देवें. कोई जल्दी नही है. पर मुख्य पहेली के जवाब साथ नही देकर अलग से एक टीपणी मे देवें.
लिजीये यह रहा सवाल :- ताऊ की बिल्ली रामप्यारी एक चिकने खम्बे पर उछल कर चढने की कोशीश करती है. वो एक बार मे ६ फ़ुट चढती है तो तीन फ़ुट वापस आ जाती है. इस तरह रामप्यारी कुल ४ बार चढती है. अब बताईये उस खम्बे की कुल उंचाई कितनी है?
| इब खूंटे पै पढो :- आप तो जानते ही हैं कि भाटिया जी ताऊ से कुछ रुपये मांगते थे. पर ताऊ दे नही पा रहा था. सो भाटिया जी ने ताऊ पर मुकदमा लगा दिया. ताऊ के पास नोटिस आया तो ताऊ द्विवेदी जी के पास पहुंच गया और अपना केस उनको सौंप दिया. द्विवेदी जी बोले - देखो ताऊजी, मैं आपकी ज्यादा मदद इस केस मे नही कर पाऊंगा. क्योंकि सारा ब्लागीवूड जानता है कि आपने और गोटू सुनार ने मिल कर भाटिया जी के १५ लाख डकारे हैं. इस ताऊ बोला - वकील साहब केस तो आपको लडना ही पडेगा. बाकी मैं संभाल लूंगा. द्विवेदी जी बोले - ठीक है ताऊजी. अब आप कह रहे हो तो ये भी मंजूर. पर मेरे को मालूम है कि मुकदमा आप हारोगे ही और मेरा भी नाम खराब करवाओगे. इब ताऊ किम्मै नाराज होता हुआ बोल्या - वकीळ साहब. आपका नाम क्युंकर खराब होगा? ये समझाओ. द्विवेदी जी बोले - देखो ताऊजी, मैने आज तक कोई मुकदमा नही हारा है. पर आपका तो हारना ही पडेगा. ताऊ बोला - आपने आज तक किसी ताऊ का मुकदमा लडा क्या? अब द्विवेदी जी ने सोचा - कि ये कहां से हरयाणवीं आफ़त पीछे पड गई? सो पिंड छुडाने को कह दिया नही. इब ताऊ बोल्या - इब एक बार किसी ताऊ का मुकदमा लड कर देखो आप . मुकदमा चलने लगा. बीच मे दिपावली आई. ताऊ वकील साहब के घर मिठ्ठाई लेकर पहुंचा और उनसे पूछा कि - द्विवेदी जी, आप कहो तो जज साहब के घर भी एक दो डब्बे मीठ्ठाई के दिपावली के नाम पर भिजवा दूं? द्विवेदी जी बोले - अरे ताऊजी, आप हमेशा ही उल्टी बुद्धि के काम क्यों करते हैं? ऐसा बिल्कुल भी मत करना वर्ना मैने इतनी मेहनत करके जो थोडा बहुत आपका मुकदमा सुधारा है, वो भी उम्मीद खत्म समझना. ये जज साहब बहुत कडक आदमी है.आप पक्के मे केस हार जायेंगे. आप ये मिठाई भेजने का काम बिल्कुल भी मत करना. अब कुछ समय बाद मुकदमा ताऊ जीत गया और खुशी खुशी मिठ्ठाई लेकर ताऊ पहुंच गया द्विवेदी जी के पास. और बोला - वाह द्विवेदी जी वाह. आपकी सलाह काम कर गई. मिठ्ठाई के डब्बे ने मेरा काम बना दिया. द्विवेदी जी आश्चर्य से बोले - मेरी सलाह? पर मैने तो मिठ्ठाई का डब्बा नही भेजने की सलाह दी थी आपको? ताऊ - हां आपने तो बिल्कुल यही सलाह दी थी. द्विवेदी जी - फ़िर तुमने मिठ्ठाई का डब्बा क्यों भेजा? जज नाराज नही हुआ क्या? ताउ - हुआ. बिल्कुल नाराज हुआ. और तभी तो मैं केस जीता वकील साहब. द्विवेदी जी - ताऊ सीधी तरह बताओ कि ये क्या चमत्कार किया तुमने? ताऊ - बस वकील साहब, मैने ज्यादा कुछ चमत्कार नही किया. मीठ्ठाई के टोकरे पर लिखवा दिया - आदर्णिय जज साहब को राज भाटिया की तरफ़ से सादर तुच्छ सी भेंट. और जज साहब के बंगले पर भिजवा दिया. |




119 comments:
Saturday, February 14, 2009 7:04:00 AM
ये आगरा के लाल किले का अंदरूनी द्रश्य लग रहा है !
Saturday, February 14, 2009 7:05:00 AM
ताऊ , नीचे वाले प्रश्न का उत्तर १५ फीट है | पहेली का उत्तर थोडी देर में ||
Saturday, February 14, 2009 7:05:00 AM
ताऊ , नीचे वाले प्रश्न का उत्तर १५ फीट है | पहेली का उत्तर थोडी देर में ||
Saturday, February 14, 2009 7:16:00 AM
वाह ताऊ, पहेली का जबाब सोचते सोचते जो दिमाग ख़राब हो जाता है वह खूंटे पर आकर फ्रेश हो जाता है ! वैसे ताऊ पिछली एक बार पहेली का सही जबाब क्या दे दिया आज साढ़े छ: बजे उठ लिया जबकि हमेशा लेट उठता हूँलेकिन क्या फायदा जबाब में तो तुक्का ही मारा है !
Saturday, February 14, 2009 7:17:00 AM
जयपुर, आमेर का किला.
Saturday, February 14, 2009 7:17:00 AM
जयपुर, आमेर का किला.
Saturday, February 14, 2009 7:23:00 AM
ताऊ जी ये तो शीश महल है , अम्बेर का किला जयपुर राजस्थान
यानि Amber Fort Shish महल |
Saturday, February 14, 2009 7:23:00 AM
ताऊ जी ये तो शीश महल है , अम्बेर का किला जयपुर राजस्थान
यानि Amber Fort Shish महल |
Saturday, February 14, 2009 7:24:00 AM
शीश महल है , अम्बेर का किला जयपुर राजस्थान
Saturday, February 14, 2009 7:24:00 AM
ये तो शीश महल है , अम्बेर का किला जयपुर राजस्थान ||
Saturday, February 14, 2009 7:25:00 AM
खम्भे की ऊंचाई १५ फुट है |
Saturday, February 14, 2009 7:25:00 AM
खम्भे की ऊंचाई १५ फुट है |
Saturday, February 14, 2009 7:37:00 AM
jaipur ka city palace
Saturday, February 14, 2009 7:37:00 AM
बल्टियान दिवस पर बधाई. ये श्वान महोदय रामप्यारी से दिले इज़हार कर रहे है?
चलो फ़टाफ़ट लिख लें - ये जगह आगरा के किले मे है.
खंबे की ऊंचाई १५ फ़ीट है.
Saturday, February 14, 2009 7:38:00 AM
bonus paheli ka jawab--15 feet
Saturday, February 14, 2009 7:46:00 AM
पता नहीं। पर धूल में लट्ठ तो मारें।
तो धूल में लट्ठ यो के यो लखनऊ को इमामबाड़ो स्से।
Saturday, February 14, 2009 7:50:00 AM
ताऊ! जज साहब के यहाँ भी ताऊ गिरी की तिकड़म मार ली। वैसे एक ताऊ का कुछ ऐसा ही मुकदमा लड़ा था। किसी दिन उसी का किस्सा आप की भाषा में लिखा जाएगा। वह भी सीधे तीसरा खंबा में। यह फागुन का महीना जो है।
Saturday, February 14, 2009 8:02:00 AM
भई ताऊ पहेली तो म्हारे समझ ना आयी मगर दोनों विदुषियों के लेखों की आतुर प्रतीक्षा रहेगी ! आज प्रेम दिवस पर आपको उर आपको चाहने वालों को प्यार की घणी शुभकामनाएं !
Saturday, February 14, 2009 8:02:00 AM
जयपुर का हवा महल
---
गुलाबी कोंपलें
Saturday, February 14, 2009 8:08:00 AM
ताऊ पहली दृष्टी में तो ये आमेर के किले का फोटु लागे है.. और देख के बतायेगें..
Saturday, February 14, 2009 8:16:00 AM
" length of poll is 12 ft,"
Regards
Saturday, February 14, 2009 8:25:00 AM
ताऊ, ये रामप्यारी वाला खम्बा १५ फुट का है क्या? जितना भी हो, राम प्यारी पूरा चड़ पाई की नहीं, ये तो बताया ही नहीं.
Saturday, February 14, 2009 8:34:00 AM
आमेर का किला लगता है.
Saturday, February 14, 2009 8:42:00 AM
" poll ki length 15 ft"
Regards
Saturday, February 14, 2009 8:43:00 AM
" tau ji pheli ka hint kb tk aayega ha ha ha ha "
Regards
Saturday, February 14, 2009 8:45:00 AM
" red fort delhi.."
Regards
Saturday, February 14, 2009 8:45:00 AM
बिकानेर के जूनागढ़ फोर्ट का कोई हिस्सा लग रहा है
Saturday, February 14, 2009 9:06:00 AM
खंबे की ऊंचाई १५ फ़ीट है.
Saturday, February 14, 2009 9:09:00 AM
१० बजे मिलते हैं !!
Saturday, February 14, 2009 9:10:00 AM
मैं तो अब चला स्कूल !!
Saturday, February 14, 2009 9:15:00 AM
खंबा तो १२ फीट का है
Saturday, February 14, 2009 9:25:00 AM
Amber Fort Shish Mahal jaipur.
regards
Saturday, February 14, 2009 9:32:00 AM
ताऊ! यो है अम्बर महल,जयपुर(ambar fort,jaipur)
Saturday, February 14, 2009 9:32:00 AM
सिटी पैलेस जयपुर
Saturday, February 14, 2009 9:36:00 AM
hum bhi jaipur ka hawa mahal keh dete hai,:)
Saturday, February 14, 2009 9:46:00 AM
मैने इस इमारत को कभी नही देखा किन्तु बनावट, खिड्कियों और दरवाजो से लग रहा है कि यह हवा महल है। अभी तक विनय भाई हमारे अंदाजे को सही साबित कर रहे है। :)
Saturday, February 14, 2009 9:47:00 AM
ताऊ मन्नै तो ये जयपुर के नजदीक आमेर के किले में स्थित शीश महल का फोटू लाग रह्यौ सै..
Saturday, February 14, 2009 9:51:00 AM
प्रिय ताऊ जी, पता नही आपकी पहेलियों का ही असर होगा, आजकल हर पुरानी हवेली एक जैसे दिखने लगी है. यह समस्या तब और बढ जाती है जब वह हवेली किसी पहेली का हिस्सा हो.
मुझे लगता है कि इस मानसिक संघर्ष के लिये अब आप से मुवावजा मांगना पडेगा. इसे "पहेली पुरस्कार" के रूप में भी दिया जा सकता है. (मैं ने हिन्ट दे दिया है, फिर मत कहना कि मालूम नहीं था).
अब आते हैं दिनेश जी और भाटिया जी के कांड पर -- आप इस तरह से एक एक की कलई खोलते जयेंगे तो हमारा क्या होगा ताऊ!! हम तो यह सोचे बैठे थे थे कि हमारे कांड हमेशा छुपे रहेंगे!
अब उस "प्रसिद्ध" खम्बे के बारे में. पता नहीं बिल्ली से कुछ होगा या नहीं, लेकिन यदि कभी आपके पास ऐसा खम्बा निकल आये जिस पर कोई चढे तो चढता ही रहे -- कभी उतर न पाये -- तो सबसे पहले वह इस नाचीज को उधार दे देना. मैं अपने जानपहचान के कई लोगों को (कुछ इनाम-किताब के बहाने) उस खम्बे पर चढाना चाहूँगा!!
शेष सब आपकी कृपा से शुभ है
सस्नेह -- शास्त्री
पुनश्च: आजकल जब तक आपकी पहेली की गोली न "देख" लूँ तब तक रक्तचाप ऊंचा रहने लगा है. इसके लिये भी आप ही जिम्मेदार हैं.
Saturday, February 14, 2009 9:51:00 AM
प्रिय ताऊ जी, पता नही आपकी पहेलियों का ही असर होगा, आजकल हर पुरानी हवेली एक जैसे दिखने लगी है. यह समस्या तब और बढ जाती है जब वह हवेली किसी पहेली का हिस्सा हो.
मुझे लगता है कि इस मानसिक संघर्ष के लिये अब आप से मुवावजा मांगना पडेगा. इसे "पहेली पुरस्कार" के रूप में भी दिया जा सकता है. (मैं ने हिन्ट दे दिया है, फिर मत कहना कि मालूम नहीं था).
अब आते हैं दिनेश जी और भाटिया जी के कांड पर -- आप इस तरह से एक एक की कलई खोलते जयेंगे तो हमारा क्या होगा ताऊ!! हम तो यह सोचे बैठे थे थे कि हमारे कांड हमेशा छुपे रहेंगे!
अब उस "प्रसिद्ध" खम्बे के बारे में. पता नहीं बिल्ली से कुछ होगा या नहीं, लेकिन यदि कभी आपके पास ऐसा खम्बा निकल आये जिस पर कोई चढे तो चढता ही रहे -- कभी उतर न पाये -- तो सबसे पहले वह इस नाचीज को उधार दे देना. मैं अपने जानपहचान के कई लोगों को (कुछ इनाम-किताब के बहाने) उस खम्बे पर चढाना चाहूँगा!!
शेष सब आपकी कृपा से शुभ है
सस्नेह -- शास्त्री
पुनश्च: आजकल जब तक आपकी पहेली की गोली न "देख" लूँ तब तक रक्तचाप ऊंचा रहने लगा है. इसके लिये भी आप ही जिम्मेदार हैं.
Saturday, February 14, 2009 9:52:00 AM
भाटिया जी की तरफ से भेंट भिजवा कर नपवा दिया उनको. :)
Saturday, February 14, 2009 9:55:00 AM
लो पहेली के चक्कर में १० नं का सवाल तो छूट गया... ताऊ तेरो खम्बो है १५ फि्ट को.. पर ये बात समझ नहीं आई तेरी बिल्ली खम्बे पे क्या लेण चढी़?
Saturday, February 14, 2009 10:03:00 AM
Saturday, February 14, 2009 10:07:00 AM
फोटो देखा हुआ लग रहा है.. अभी आया अपने और अपने मित्रो के पुराने चित्र अल्बम पलट कर.. :)
Saturday, February 14, 2009 10:10:00 AM
yah sheesh mahal agra fort ke bhitar hai.
Saturday, February 14, 2009 10:16:00 AM
mujhe to aamer ka kila lag raha hai...baaki detail baad me bhejte hain
Saturday, February 14, 2009 10:17:00 AM
sheesh mahal at amber fort--
Saturday, February 14, 2009 10:18:00 AM
फ़ालतू झूठे कयास लगाने का क्या फ़ायदा ताऊ ? ये जगह हमने नहीं देखी, भाई आप ही बतैयो।
Saturday, February 14, 2009 10:19:00 AM
han, khambhe ki unchai 15 foot hai :)
Saturday, February 14, 2009 10:22:00 AM
अरे हाँ जी और हमें तो खंबे की ६ फ़ीट ही लग रही है। हा हा।
Saturday, February 14, 2009 10:23:00 AM
http://tbn1.google.com/images?q=tbn:JKkNJby86md-VM:http://www.travel-in-rajasthan.com/images/amber-fort-shish-mahal.jpg
"Sheesh Mahal of Amber Fort ... जयपुर ही है ताऊ जी १०० % हमारा जवाब लाक कर लो इब कोई थारे हिंट की जरूरत ना सै हमने हाँ...ये लिंक जो दिया है उस फोटू का डिजाईन और थारी पहेली आली फोटू का डिजाईन यानी बनावट एक सी दिखे है मन्ने तो.....बाकि फ़ैसला तो रामप्यारी करेगी इब......."cat-scan' का जमाना है ना "
Location: 11 kilometers from Jaipur in Rajasthan
Highlight: Beautiful carvings and a Hall of Mirrors
Best Time to Visit: October to March
One of the most exquisite creations in the Amber Fort is the Sheesh Mahal. Literally translated, it means the Palace of Mirrors. A big hall that is filled with thousands of tiny mirrors all over, the Sheesh Mahal never fails to amuse onlookers. It is said that during the days of yore, a single tiny candle would illuminate the entire hall. The tiny and intricate mirrors are preserved till date and look as royal as they did then. A visit to the Amber Fort is absolutely essential if you want to see real untouched beauty.
Regards
Saturday, February 14, 2009 10:27:00 AM
एम्बर किला शीश महल - जयपुर अपने एम्बर रंग और हाथी सफारी के लिए जाना जाता है
Saturday, February 14, 2009 10:28:00 AM
पहेली को तो जवाब नही मालूम पर लगता यह राजस्थान मे होगा एसा लगता है। ये आई लव यू का फ़ोटो तो जबरदस्त लग रहा हैं आप कहे तो चोरी कर लूं। और हां मै तो चला आज का दिन मनाने। दूसरे सवाल का जवाब ताऊ से पूछ कर बता दूंगा।
Saturday, February 14, 2009 10:31:00 AM
वैसे तो मैं यहां कई बार गया हूं। लेकिन इसके बारे में लिखने की जरूरत महसूस नहीं कर रहा हूं (भई.. मैं ही लिख दूंगा तो अल्पना जी क्या करेंगी??) औपचारिकता निभाने के लिए इंटरनेट से चुरा चुरा कर शीश महल की जानकारी दे रहा हूं-
आमेर का किला अपने शीश महल के कारण प्रसिद्ध है। इसकी भीतरी दीवारों, गुम्बदों और छतों पर शीशे के टुकड़े इस प्रकार जड़े गए हैं कि केवल कुछ मोमबत्तियाँ जलाते ही शीशों का प्रतिबिम्ब पूरे कमरे को प्रकाश से जगमग कर देता है। चालीस खम्बों का है यह शीश महल। सुख महल व किले के बाहर झील बाग का स्थापत्य अपूर्व है।
Saturday, February 14, 2009 10:32:00 AM
ताऊ, हमने दोनों जबाब दिये थे..दोनों नहीं दिख रहे मतलब की सही ही होंगे..जीत गये भई जीत गये. मजा आ गया. आज तो नम्बर वन कर ही दे ताऊ.
Saturday, February 14, 2009 10:36:00 AM
शीश महल - जयपुर अपने एम्बर रंग और हाथी सफारी के लिए जाना जाता है
शीश महल, इस पैलेस के भीतर.का नजारा बहुत अदभुत है
एक राजपूत वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरण है, यह Kachhawah शासकों की प्राचीन राजधानी थी. मूल महल राजा मान सिंह और परिवर्धन द्वारा बाद में सवाई जय सिंह द्वारा किए गए बनाया गया था. महल के भीतर दीवान ए आम या दीवान ए खास हैं " . महल का शीश महल घरों और एक महल के मुख्य आकर्षणों में से एक है.
आमेर का किला अपने शीश महल के कारण प्रसिद्ध है। इसकी भीतरी दीवारों, गुम्बदों और छतों पर शीशे के टुकड़े इस प्रकार जड़े गए हैं कि केवल कुछ मोमबत्तियाँ जलाते ही शीशों का प्रतिबिम्ब पूरे कमरे को प्रकाश से जगमग कर देता है। चालीस खम्बों का है यह शीश महल। सुख महल व किले के बाहर झील बाग का स्थापत्य अपूर्व है।
Saturday, February 14, 2009 10:38:00 AM
जयपुर का सिटी पैलेस.
Saturday, February 14, 2009 10:38:00 AM
अर ताऊ जवाब के चक्कर मैंह 'बेलन'टाईन की बधाई देणा तो भूल ही गया.
हैप्पी 'बेलन'टाईन डे'
Saturday, February 14, 2009 10:39:00 AM
और खंभे की कुल ऊँचाई है १५ फुट .
Saturday, February 14, 2009 10:40:00 AM
"ओह ओह ये आज आपकी पहेली बुझन मे ऐसे उलझे की कुछ याद ही नही रहा..... हमारी तरफ से 'रामप्यारी" और 'सैम' को बल्टियान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं."
or Regards Tau ji ko.....
Saturday, February 14, 2009 10:46:00 AM
Hight of poll is -
12 pht.
Saturday, February 14, 2009 10:47:00 AM
खंबे की ऊंचाई १५ फ़ीट है.
Saturday, February 14, 2009 10:50:00 AM
ये जयपुर से ११किलोमेतेर दूर स्थित अम्बर(आमेर) किला है...गाइड ने बताया था की क्योंकि ये बहुत ऊँची पहाडी पर बना हुआ है इसलिए इसको अम्बर किला कहते हैं.(ये सच है या ग़लत हमको मालूम नहीं).
ये किला राजा मान सिंह द्वारा शुरू किया गया था और सवाई जय सिंह ने इसका निर्माण कार्य पूरा किया १५९२ में. रेड sandstone और सफ़ेद संगमरमर इसको बनाने में लगाया गया है. किले में काली जी का मन्दिर प्रवेश के पास है.
यहाँ एक काली जी का मन्दिर भी है जिसे शीला देवी मन्दिर कहते हैं.
इसके दीवाने आम में एक खास व्यवस्था थी...एक जाली जैसी बनी हुयी थी जिससे मरुथल में में ठंढी हवा आती है आज भी...कारीगरों की उत्कृष्ट कलाकारी का नमूना थी वो जाली...ऐसी एयर कंडिशनिंग मैंने कहीं और नहीं देखी, जब किले में राजा लोग रहते थे तब जाली के पीछे की पाईप में गुलाबजल सर्कुलेट होता था और सबको खुशबूदार हवा लगती थी. (ये भी हमें गाइड ने दिखाया था)
किले की दीवारें आज भी बेहद मजबूती से खड़ी हैं...और इतनी चौडी हैं की हाथी गुजर सकता है.
बस्स...इससे ज्यादा हमें मालूम नहीं.
happy valentine day :)
Saturday, February 14, 2009 10:51:00 AM
ताऊ, ’दिल वाले दिन’ आपने दिल खोल दिया.. आज हिंट क्या दिया पुरा उत्तर ही दे दिया... अब ये हिंट देखकर कौन भला गल्त जबाब देगा..:)
Saturday, February 14, 2009 10:55:00 AM
सिटी पैलेस, जयपुर.
Saturday, February 14, 2009 10:56:00 AM
हम्म जूनागढ़ भी नही, तो चौका धानी (या चौकी थानी ऐसा ही कुछ नाम है) कहीं वो तो नही। बाकि कल देखेंगे कुछ हिंट मिले तो पता चले।
Saturday, February 14, 2009 10:56:00 AM
हम्म जूनागढ़ भी नही, तो चौका धानी (या चौकी थानी ऐसा ही कुछ नाम है) कहीं वो तो नही। बाकि कल देखेंगे कुछ हिंट मिले तो पता चले।
Saturday, February 14, 2009 11:02:00 AM
ओह, यह चित्र तो किसी रहीस के झबरैले कुत्ते का है। इस बार तो हमारा उत्तर बिल्कुल सही होगा!
Saturday, February 14, 2009 11:04:00 AM
अब ये पक्का हो गया.. कि ये आमेर का किला है जयपुर में... और जो हिंट है वो शीश महल की छत है.. और पहेली में दिखाई हुई जगह शीश महल के बाहर वाला बरामदा दिख रहा है.. कुल सात बन्दे और एक बच्चा दिख रहा है..५ पुरुष, २ महिलाऐं और एक बच्ची.. फ्राक पहने.. जो बैठे है उनमें साफे वाला अंग्रेज है.. और उसके साथ दो महिला अंग्रेज है.. एक और जना (वो भी शायद अंग्रेज होगा) फोटो में नहीं दिख रहा.. ये भी एक पहेली है.. बताओ वो कंहा है.. ये घर से चार जन चले थे.. तीन फोटो में चौथा कंहा....... मिल गया अरे वो ही तो ये फोटो खीच रहा ताऊ को भेजने कि लिये..वैसे ताऊ आमेर में हाथी बहुत है..फोटो में नहीं दिख रहे...
ये अब ताऊ आमेर के बारे में कुछ पता नहीं तो ये फालतु की बातें लिख दी...बाकी जानकारी तो सोमवार को अल्पना जी देने वाली है..पढ़ लेगें..:)
और आपके एक सदस्य निर्णायक मंडल को प्रणय पर्व की शुभकामनाऐं..
राम राम
Saturday, February 14, 2009 11:08:00 AM
ताऊ जी,नमस्ते।
भाटिया जी के साथ बुरा हुआ:)
पहेली श्रृंखला अच्छी चल रही है। बधाई।
Saturday, February 14, 2009 11:27:00 AM
खम्बा 15 फुट का होना चाहिये। वैसे रामप्यारी का क्या भरोसा 3 फुट के खम्बे पर ही चार बार उछली हो, ताऊ की बिल्ली है ना… हा हा हा हा हा
Saturday, February 14, 2009 11:31:00 AM
-sam aur binu firangi ko bhi-बल्टियान दिवस ki shubhkamnayen
-rampyari ko 'हैप्पी 'बेलन'टाईन डे'
[pandit ji ka diya yah shbd bhi badiya laga!]
Saturday, February 14, 2009 11:55:00 AM
Saturday, February 14, 2009 11:57:00 AM
चम्पाकली को किसी ने याद नहीं किया??वो चाँद पर बल्टियान दिवस मना रही होगी??
Saturday, February 14, 2009 12:01:00 PM
मेरे ख्याल से तो खम्बे की लम्बाई..१५ फीट होनी चाहिये--क्योंकि वह 3feet गिर कर फ़िर वहीँ से ६ फीट चढ़ रही है...
Saturday, February 14, 2009 12:03:00 PM
बिल्ली खेल रही है ताऊ जी उसको खेलने दो ...:) गणित मैं वैसे ही अपना डिब्बा गोल है .कितना चढी कितना उतरी में दिमाग आउट हो गया :) .बहुत सोचने के बाद यही लगा कि अब बिल्ली को यह खेल अच्छा लगा रहा होगा :) ..बल्टियान दिवस की शुभकामनाएं."
Saturday, February 14, 2009 12:17:00 PM
ताऊ रामराम.
रामप्या्री जिस खंबे पर चढ र्ही है उसकी ऊंचाई है २४ फ़ीट. सीधी बात है. चार बार उछली और एक बार मे ६ फ़ीट. तो कुल ६ गुणा ४ = २४.
इतने सीधे सवाल भी हम ज्ञानियों से मत पूछा करो. कुछ तो हमारी अक्ल की भी इज्जत किया करो.
Saturday, February 14, 2009 12:20:00 PM
ये मुझे तो मुगलेआजम पिक्चर का सेट दिखता है, जहां प्यार किया तो डरना क्या? गाना फ़िलमाया गया था.
पर यहां तो कोई अंग्रेज अंग्रेजनी बैठे दिख रहे हैं.
और सोचके बताते हैं. फ़िल्हाल तो यही जवाब समझो.
Saturday, February 14, 2009 12:21:00 PM
खंबे की हाईट होगी २१ फ़ीट.
Saturday, February 14, 2009 12:25:00 PM
सबके जवाब चेक कर लिए !
सारे जवाब ग़लत हैं !
कोई है जो "वेलेंटाईन बाबा" के नाम पर
मुझे जल्दी से "क्लू" दे दे !
बस खम्बा नाप पाया हूँ !
खंभे की ऊँचाई १२ फीट है !
[ ताऊ जी ये बिल्ली क्या अमर सिंह के
घर में रहती है ? ]
Saturday, February 14, 2009 12:29:00 PM
"दोपहर १२ तक की स्थिति"
एक जरुरी सूचना :- निर्णायक मंडल ने कुल ३३ टिपणियों को संदिग्ध पाये जाने के जुर्म मे रोक रखा है.
उनका गहन परि्क्षण चल रहा है. जैसे ही जांच का काम पूरा होगा आपको सूचना दी जायेगी.
बोनस सवाल का जवाब कुछ लोगो ने दिया नही है. कृपया बोनस सवाल का जवाब जरुर देवे क्योंकि आपसे नीचे वाला सीधे १० नम्बर से जम्प करेगा.
सूचना समाप्त हुई.
धन्यवाद.
Saturday, February 14, 2009 12:43:00 PM
अर ताऊ यो खंबे की ऊंचाई मन्नै 15 फिट दिखै .
Saturday, February 14, 2009 1:17:00 PM
लगता है खम्बा नापने में कुछ गलती हो गई !
जब दुबारा नापा तो
खंभे की ऊँचाई 15 फीट निकली !
Saturday, February 14, 2009 1:38:00 PM
वाहवा.... ताऊ, जैरामजीकी...
१ या फोटो तो ऐसी लगे जैसे शेखावत जी का मायका हो...
२ बिल्ली को पानीपत भेजो हम अपने खंबे पर चढ़ा कर प्रैक्टकलि चैक करेंगें कितना चढ़ती है और कितना उतरती है...
३ खूंटे का नुस्खा बढ़िया है. वकीलों के लिये नुकसानदेह लेकिन फिर भी द्विवेदी जी आपके वकील थे. फीस के रूप में खूंटे की सांकल याने चेन उन्हें भेज दो.
-----देरी इसलिये हो गई कि आज सुबह से ही पार्क में गुलाब के फूल ढूंढ रहा था. थम saबकी चाची को देने के लिये. फूल नहीं मिले. कांटो का टोकरा दे दिया.
Saturday, February 14, 2009 1:59:00 PM
हवामहल नहीं है. जगह राजस्थान की लग रही है...कहा? नहीं पता :(
Saturday, February 14, 2009 2:15:00 PM
ताउ यह जयपुर के आमेर किले क शीश महल है
Saturday, February 14, 2009 2:19:00 PM
ताउ यह जयपुर के आमेर किले क शीश महल है
यहा पर हि मुगले आजम फ़िल्म की शूटीन्ग हुइ थी
Saturday, February 14, 2009 2:22:00 PM
अरे ताऊ भाटिया जी सच मै बहुत सीधे है, जरा मुकदमे का फ़ेसला तो होने दो फ़िर देखो... जिस छोरे के हाथ मिठाई भेजी थी उसे हम ने १० हजार युही तो नही दिये... बस भाटिया जी की जगह ताऊ जी ही तो लिखना था, ओर साथ मे एक नोटो को डिब्बा भी आप के नाम से जज सहाब को नजर कर दिया था.
यह खम्बा तो ९ फ़िट का ही है
पहेली का जबाब मेने कोनी बेरा, अब लोगो के घरो मे तांका झाकी कर के जुते तो नही खाने.
राम् राम जी की
Saturday, February 14, 2009 3:00:00 PM
" ताऊ जी ये हिंट वाली फोटो देख कर "मुगले आजम" और मधु बाला याद आ गयी......"
Regards
Saturday, February 14, 2009 3:12:00 PM
Saturday, February 14, 2009 5:19:00 PM
इस तरह रामप्यारी कुल ४ बार चढती है. अब बताईये उस खम्बे की कुल उंचाई कितनी है?
...
ताऊ पहले तो ये गारंटी दो कि बिल्ली चौथी बार में खम्भे पर चढ़ ही जाती है. मान लिया कि चौथी बार में चढ़ भी जाती है तो खम्भे की ऊँचाई है---
15 फीट
ओके?
Saturday, February 14, 2009 6:13:00 PM
ताऊ ये तो आमेर किले का शीश महल लग रहा है ! सुबह आपका हिंट नही नही दिख पा रहा था अब देखने पर पता चला है !
Saturday, February 14, 2009 7:25:00 PM
Last try - Amber fort
Saturday, February 14, 2009 7:31:00 PM
आम्बेर के किल्ले का शीश महा हैगा - पिछ्ला जवान केंसल
Saturday, February 14, 2009 7:45:00 PM
यह जयपुर (राजस्थान) में स्थित
अम्बर किले का शीशमहल है !
आत्मा पर बोझ लेकर जवाब दे रहा हूँ !
सिद्धांततः तो मुझे इस प्रतियोगिता में
शामिल होने का हक़ नहीं है क्योंकि
मैंने एक बहुत अच्छे शख्स से छोटा सा हिंट
माँगा था लेकिन उन्होंने मुकम्मल जवाब बता दिया !
अब मैं क्या करता ...... ??
Saturday, February 14, 2009 7:50:00 PM
यह जयपुर (राजस्थान) में स्थित अमेर किले का शीशमहल है !
आत्मा पर बोझ लेकर जवाब दे रहा हूँ !
सिद्धांततः तो मुझे इस प्रतियोगिता में
शामिल होने का हक़ नहीं है क्योंकि
मैंने एक बहुत अच्छे शख्स से छोटा सा हिंट
माँगा था लेकिन उन्होंने मुकम्मल जवाब बता दिया !
अब मैं क्या करता ...... ??
Saturday, February 14, 2009 8:30:00 PM
मेरा ख्याल है की खम्बा ६ फ़ुट का ही ठीक रहेगा. क्योंकि चिकना है तो बिल्ली ४ क्या ४० छलांग भी लगा सकती है... चाहे वह ३ फ़ुट से वापिस फिसल आए या ६ फ़ुट से..... चलो जी, फाइनल उत्तर ६ फ़ुट लाक किया जाए.
Saturday, February 14, 2009 8:32:00 PM
pole ki height 12 ft hai taaoo...
aur paheli ka jawaab manne na maalum..
shayad red fort delhi ho....
Saturday, February 14, 2009 8:35:00 PM
मतलब आपने ठान रखा है कि मैं तो कोई जवाब ही न दे पाऊँ.....
इस पहेली का सीजन-२ कब से शुरू हो रहा है?उसी में हाथ आजमाऊँगा,तब तक भारत भ्रमण कर आता हूँ
Saturday, February 14, 2009 8:39:00 PM
...और दूबारा आया हूँ बिल्ली के बारे में विमर्श करने।
हल तो हो गया है सवाल,मगर फिर सोचने लगा कि ये ताऊ की बिल्ली कूद जायेगी इतना?
सब समझ गये हम ताऊ.....
Saturday, February 14, 2009 8:44:00 PM
अरे ये तस्वीर तो मेरे महल की है... यहाँ की फोटो कैसे खीच ली आपने?
Saturday, February 14, 2009 9:03:00 PM
ताऊ ये है आमेर का किला का अण्दरुणि भाग. यहां हाथियों से चढ कर भी जाते हैं और पैदल भी जा सकते हैं.
इस किले मे घुसते ही शिला देवी का मंदिर है जहां अब भी नियमित पूजा अर्चना होती है. ये जयपुर के राजपरिवार की कुल देवी हैं.
यही से उपर की तरफ़ जयगढ का किला भी दिखाई देता है.
Saturday, February 14, 2009 9:08:00 PM
रामप्यारी जिस खंबे पर चढ रही है उसकी उंचाई १५ फ़ीट है. क्योंकि आखिरी यानि चोथी छलांग लगाने के लिये उसे छ फ़िट ऊंचाई चाहिये. तब वह १२ फ़िट पर रुकेगी.
आपने बडा घुमा कर फूछा है. आखिर इसीलिये तो ताऊ हो.:)
हमारा जवाब बिल्ली ने कुल ऊंचाई चढी १२ फ़ीट और कुल खम्बे की लम्बाई १५ फ़ीट.
ताऊ,ताई, रामप्यारी, सैम, बीनू फ़िरंगी, चंपाकली, अनारकली और रामदयाल और उसकी गधेडी यानि ताऊ के सारे कुणबे को वेलेण्टाईन दिवस की बधाई.
Saturday, February 14, 2009 9:10:00 PM
ये आमेर फ़ोर्ट (जयपुर) है.
Saturday, February 14, 2009 9:10:00 PM
खम्बे की उंचाई है १५ फ़िट.
Saturday, February 14, 2009 9:14:00 PM
जरूरी सूचना :-
कल रविवार दोपहर १२ बजे तक आये हुये जवाब ही पत्रिका मे शामिल किये जा सकेंगे.
उसके बाद आये जवाबों के नम्बर आपके अकाऊंट मे दे दिये जायेंगें.
रामराम.
Saturday, February 14, 2009 10:49:00 PM
अम्बेर किले का शीश महल ही लगता है, सिटी पैलेस नहीं।
Sunday, February 15, 2009 6:49:00 AM
khamba 18ft high.
Sunday, February 15, 2009 11:19:00 AM
han taau, shishmahal ke bare me ek baat batana bhool gayi thi...
wahan ek kamra khas taur se sheeshmahal ki khoobsoorati dikhane ke liye rakha gaya tha, uske darwaje aur khidkiyan band kar diye jaate aur fir ek candle jalane par charo or aise rohni chitakti jaise taaron bhara aasman ho..ye nazara maine khud dekha hai...diwar me angitat chote chote sheeshon ki nakkashi hone ke karan aisa adbhut drishya hota hai.
Sunday, February 15, 2009 2:17:00 PM
आमेर किले का शीश महल !!!!
Sunday, February 15, 2009 2:17:00 PM
आमेर किले का शीश महल
Sunday, February 15, 2009 2:19:00 PM
नमस्कार ताउजी!
आपके प्रश्न का उत्तर तो १५ फीट ही हैं!
और खूंटा बड़ा जोरदार था, पढ़कर बहुत मजा आया! वैसे एक बात कहूँ आप बुरा मत मानना, ये ताऊ लोग बहुत चालू होते हैं मेरा मन करता हैं की इनसे दूर ही रहूँ, क्या पता मेरे ससुराल में कुछ उल्टा सीधा लिखकर भेज दे और मेरी बसी बसाई गृहस्ती (२ महीने बाद की बात कर रहा हूँ क्यूंकि २० मई को आपके भतीजे की शादी हैं) को उजाड़ने की कोशिश कर दे! समझे!
हा हा हा हा..
Sorry... if you dont like it!
सस्नेह!
दिलीप गौड़
गांधीधाम
Sunday, February 15, 2009 2:43:00 PM
ताऊ राम राम आज मुझे पहेली में हिस्सा नहीं लेना
लेकिन
जवाब दे दूंगा
कि
यो
फोटू
आमेर किला
या
शीश महल
ही है
ताऊ अब एक बात और सुन लो मेरी भी
मैं भी आपके ऊपर केस करने जा रहा हूं आज शाम को छह बजे के बाद अदालत में
क्योंकि
आपने
मेरी पहेलियों में वादा किया था कि विजेताओं को बिना पानी के गोल गप्पे एक रूपये के देने का वादा किया था लेकिन अभी तक ईनामी राशि नहीं आई और मेरी पहेलीयों के विजेता मुझे रोज फोन कर रहे हैं। आप बताओ कि आपके एक रूपये के गोलगप्पे के लिए हमारे आदरणीय भाटिया जी ने विदेश से फोन किया और करीब आधा घंटा बात की तो उनके तो करीब 500 रूपये वैसे ही लग गए
अगले केस लडने के लिए तैयार हो जाओ
Sunday, February 15, 2009 2:45:00 PM
ताऊ खंभे की लंबाई पूरी पूरी बता सकता हूं एक सूत भी ईधर ऊधर नहीं होगा और आपको मेरा जवाब का विजेता बनाना होगा
तो मेरा सही जवाब है
आधे से दोगुना
अगर कोई भी इसे गलत साबित कर दे तो मुझे बताओ
Sunday, February 15, 2009 3:47:00 PM
आपने यह तो बताया कि बिल्ली चार बार चढी, लेकिन यह नहीं बताया कि चौथे बार उस ने हार मान ली या वाकई में ऊपर पहुंच गई.
इस हिंट के बिना इस सवाल का जवाब नहीं दिया जा सकता है.
सस्नेह -- शास्त्री
Sunday, February 15, 2009 3:51:00 PM
@ मान. शाश्त्रीजी, छ फ़ुट चढकर ३ फ़ुट गिरने वाली बिल्ली कभी खम्बे के टोप पर पहुंच सकती है भला? कभी नहीं.:)
रामराम.
Sunday, February 15, 2009 6:00:00 PM
प्रिय ताऊजी, यदि आप का मतलब "ज़ीनो पेराडोक्स" से है तो आप को "चार बार चढती है" वाक्य हटाना होगा.
सस्नेह -- शास्त्री
Sunday, February 15, 2009 6:47:00 PM
Sheesh Mahal of Amber Fort
खैर, जबाब तो मैं पहले ही दे चुका हूँ. अब लोग रामप्यारी को इतनी बार कुदा चुके हैं कि मुझे तो उसकी चिन्ता लग गई है. कैसी तबीयत है बिल्ली की?
Sunday, February 15, 2009 7:45:00 PM
@शाश्त्री जी,
जी १५ फ़िट के खम्बे पर ही चार बार उछल सकती है
क्योंकी वो एक बार मे सिर्फ़ ६ फ़िट ही ऊछल सकती है.
ना कम ना ज्यादा.
चोथी बार मे वो १५ फ़िट तक उछल गई और १२ फ़िट
हाईट पर रुक गई.
और उपर ३ फ़िट खम्बा बच गया. क्युंकी वो छ फ़िट से कम
नही ऊछल सकती.
अगर १८ फ़िट होता तो एक बार और यानि ५ वीं बार भी उछल लेती.:)
Sunday, February 15, 2009 8:15:00 PM
अरे ताऊ कही राम प्यारी राम को प्यारी तो नही हो गई, कल से कुदा कुदा के सब ने उसे मार ही दिया होगा, यह खम्बा उखाड के फ़ेक दो, ओर यह महल का जबाब देने आया था, लेकिन इस रामप्यारी की हालात देख कर अब मेरा मुड नही जबाब देने का इस लिये मै इस महल के बारे कुछ नही बताऊग, पहले राम प्यारी को सम्भालो, नही तो इस राम प्यारी के याद मै तुम्हे भी एक शीश महल बनबाना पडेगा.
राम राम जी की
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