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सैम और बीनू फ़िरंगी की पोस्ट

सैम और बीनू फ़िरंगी आज फ़िर ब्लाग-पोस्ट लिखने की जोगाड मे अखबारों का कचूमर निकाले जारहे हैं कि इतनी देर मे बीनू फ़िरंगी  की नजर एक समाचार पर पडी और वो फ़िर अपनी आदत मुताबिक चहक ऊठा. और बोला - अरे यार सैम भाई देखो यार,  देखो जरा... क्या मजेदार खबर है. कसम से मेरी तो हंसी ही नही रुक रही है.

 

सैम - अबे इतनी जोर से क्यों दांत फ़ाड रहा है? कहीं बाहर निकल कर गिर गये तो तेरी पोल पट्टी खुल जायेगी.

 

बीनू फ़िरंगी - अरे यार सैम भाई, तुम भी ना, हर समय टांग खींचते रहते हो? कभी तो समझ की बात किया करो.

 

सैम - अच्छा चल बता, क्या बात है.

 

बीनू फ़िरंगी - ये देखो, राजस्थान के सांपनाथ पार्टी के सी.एम. क्या कह रहे हैं?

 

सैम -  अबे सी.एम. हैं, और वो भी ५ साल बाद बने हैं दुबारा,  तो कुछ ना कुछ तो कहेंगे ही ना. अब क्या घोषणा कर दी इन कसोक बहलोत साहब ने?

 

बीनू फ़िरंगी - बहलोत साहब ने मंगलोर की घटना पर, .. वो क्या कहते हैं...हां प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि - मैं अब राज्य से "पब कल्चर"  ही खत्म कर दुंगा. हर गांव गली और और शहर कस्बे में बडी बडी शराब की दुकाने और साईन बोर्ड लगे हैं. कहीं २ तो स्कूल और धार्मिक स्थलों के पास ही खोल दी गई हैं.

 

सैम - तो इसमे दांत फ़ाडने वाली कौन सी बात है? बिना मतलब मेरा दिमाग हटा दिया ब्लाग पोस्ट लिखने से.... खैरी का खूंट  कहीं का... सैम ने आंखे तरेरते हुये कहा.

 

बीनू फ़िरंगी - अरे यार सैम भाई ..बस तुम्हारे अंदर वही ताऊ वाली आदत..दुसरों की पूरी सुनते नही हो और अपने मन से ही सब आईडिये लगा लेते हो? पूरी बात सुनो.

 

सैम - चल भाई तू भी सुना दे कि बहलोत साहब ने कौनसी नई रागनी गाई है?

 

बीनू फ़िरंगी - अरे सैम भाई ये तो तगडी रागनी है. बहलोत साहब कहते हैं कि ये शराब के पब कल्चर में,  सांपनाथों की रानी  सरकार ने ही युवकों को पीना सिखाया है और वो इसे खत्म कर देंगे.

 

सैम - अरे यार बीनू भाई. तुम भी इनको जानते नही हो. ये सब इन सांपनाथों और नागनाथों की नूरा कुश्ती है. इनके बाद जब रानी गद्दी नशीं हुई थी तब वो भी ऐसा ही कहती थी. चल ब्लाग पोस्ट की तैयारी कर.. इन बातों मे ज्यादा ध्यान मत दिया कर. हमारे पास वैसे ही दिमाग की कमी है.

 

बीनू फ़िरंगी - अरे सैम भाई ये खबर देखो. लिखा है कि  गधे गुलाब जामुन खा रहे हैं....

 

उसको बीच मे ही टोककर सैम बोला - अरे कूटांट..तेरे को सिवाय गुलाब जामुन और कुछ नही सूझता के? तेरे को मालूम है मुझे गुलाब जामुन बहुत पसंद हैं, और तू उनकी ही मेरे को याद दिला दिया कर हमेशा....साला उल्लू का प्यो कहीं का....

 

बीनू फ़िरंगी - इसमे मैने क्या गलत कह दिया यार...अब नाराज हो के गालियां क्यों दे रहा है?

 

सैम - अरे यार बीनू भाई. वो क्या है ना कि ..मुझे गुलाब जामुन खाने का बडा शौक है, पर आज तक मिले नही. सो सोचता हूं अबकी बार चुनाव लड ही लूं.

 

बीनू फ़िरंगी - अरे यार सैम भाई, अब चुनाव लड के गुलाब जामुन कैसे खाओगे? और कुत्तों को तो मिठाई खाने से ताऊ भी मना करता है.

 

सैम - अबे जब गधे गुलाब जामुन खा सकते हैं तो कुत्ते क्यों नही? अब तू देखता जा. मैं भी तुझे चुनाव लड कर और जीत कर दिखाता हूं.

 

 

 


इब खूंटे पै पढो :-

बात युद्ध के दिनो की है. अमेरिकी राष्ट्रपति रुजवेल्ट साहब को एक सभा मे भाषण करना था. और वहां पर आये अखबार के पत्रकारों को आशा के विपरीत राष्ट्रपति महोदय के बिल्कुल नजदीक बैठने की व्यवस्था की गई थी.

कार्यक्रम बिल्कुल शांतिपुर्ण ढंग से निपट गया और तब ताऊ ने अपने साथी पत्रकारों
से कहा - भाईयो और बहणों..आज तक हमको राष्ट्रपति महोदय के इतने नजदीक बैठने का सौभाग्य नही मिला और मैं इस सम्मान से गदगदायमान हूं. हमको जाकर राष्ट्रपति
महोदय के सचिव को धन्यवाद कहना चाहिये.

और सारे पत्रकार भाई ताऊ की अगुआई मे राष्ट्रपति महोदय के सचिव के पास गये.

ताऊ ने कहा - सचिव साहब, आपने महामहिम के इतना नजदीक बैठा कर हमको जो सम्मान दिया उसके लिये हम आपको धन्यवाद देते हैं और आभार व्यक्त करते हैं.

अब मुस्कुराते हुये सचिव महोदय बोले - ताऊ, इसमे धन्यवाद देने और आभार व्यक्त करने सरीखी कोई बात नहीं है.

दर असल आप लोगों को राष्ट्रपति महोदय के इर्द गिर्द इस तरह से बैठाया गया था कि दर्शकों मे से कोई राष्ट्रपति महोदय पर गोली चलाता तो वो गोली आप लोगो मे से ही किसी को लगती. 

 

 

 

 


एक जरुरी सूचना :-

कृपया ध्यान देवे, ताऊ की शनीचरी पहेली-७ कल शनीवार सूबह ७.०० AM पर पुर्व वत
प्रकाशित होगी. कल की पहेली के साथ हमारी पहेली - ६ की प्रथम विजेता सु सीमा गुप्ता जी का साक्षात्कार भी प्रकाशित होगा, पढना ना भुलियेगा.

पहेली से संबन्धित क्ल्यु अगर जरुरी हुआ तो ब्लाग के दाहिंने साईड मे प्रकाशित किया  जायेगा, जहां अभी एक महिला और बालक का चित्र लगा है.

26 comments:

  1. सैम, इब सापनाथ और नागनाथ दिनों ही नाग है तो बात भी तो एक जैसी ही करेंगॆं.. तुम तो मस्त रहो गुलाब जामुन खाओ..

    ताऊ, ये खुटां पढ़ पत्रकारों की ्तो नींद उडने वाली है.. अगली बार कंही बैठने से पहने १० बार सोचेगें..:)

    कल मिलते है सुबह ७ बजे.. राम राम

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  2. वैसे भी जब हम मथुरा जाते हैं तो पब/रेस्टोरेंट वगैरह में बडा खतरा होता है। पिताजी तो पीते नहीं लेकिन शहर में बाकी लोग हमको तो कोई नहीं जानता लेकिन उनके स्कूटर को लोग ज्यादा पहचानते हैं। एक बार फ़ंसते फ़ंसते बचे थे, इसीलिये अपने दोस्त के होटल में चले जाते हैं, वो मस्त AC कमरा खुलवा देता है, साथ ही किचन से मसालेदार चने आ जाते हैं और हम मित्रों के साथ विमर्श करते हुये काम चला लेते हैं। अब हमें भी सावधान रहना पडेगा कि कहीं मथुरा में कोई कृष्ण सेना वाले आकर धावा न बोल दें।

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  3. ताऊ जिन्दाबाद! सीमाजी के इंटरव्यू का इंतजार!

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  4. tau ji kai bar kai logo ke blog par aap ka nam padha aur bahut tareef suni. aaj padhne ka mauka b mila. vaqai ghazab likhte hain aap.

    agar ho sake to meri bhi madad kijie.
    plz visit & make comments on
    www.salaamzindadili.blogspot.com

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  5. Sam Babu ke chunav mai khare hone ka intzaar hai. ek vote meri taraf se bhi pakka.....

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  6. आपको पढने के बाद हम भी गदगदायमान है।

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  7. खूंटे का पैड़ा कस कै बांध्या कर ताऊ.... मैं बी काल जल्दी उट्ठूंगा साक्षात्कार के स्वागत में..

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  8. " ताऊ जी सैम तो चुनाव जीता ही जीता मगर मुझे आप क्यूँ खूंटे पे टांगने की तैयारी कर रहे हो....@ योगेन्द्र मौदगिल जी आपने कहा था की आप मेरे साथ हैं....तो plssss संभाल लेना कोई भूल चुक हुई हो तो......"

    Regards

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  9. " ताऊ जी सैम तो चुनाव जीता ही जीता मगर मुझे आप क्यूँ खूंटे पे टांगने की तैयारी कर रहे हो....@ योगेन्द्र मौदगिल जी आपने कहा था की आप मेरे साथ हैं....तो plsssssss संभाल लेना कोई भूल चुक हुई हो तो......"

    Regards

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  10. in netaon se to kutte hi bhale, aur wo bhi aapki chhatrachaya me pahle huye. ham vote jaroor denge. aur khoonta hamesha ki tarah lajawab tha.

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  11. पहेली और सीमा जी के इंटरव्यू का इन्तजार रहेगा ..

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  12. -सैम और बीनू फिरंगी के जरिये राजनीति में वर्तमान हालात पर करारा व्यंग्य खूब सही किया है.

    -खूंटा मजेदार था..सही कारण जान कर ताऊ की तो बोलती ही बंद हो गई होगी!
    -सीमा जी के साक्षात्कार का इंतज़ार रहेगा.

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  13. कल तो हम पूरा जौर लगा देगे कल की पहेली का सही जवाब देने के लिए। हो सके तो ताऊ जी को भेज देना जरा जिससे कुछ मदद मिल सके।

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  14. म्हरी शकल बुरी है क्या? सब सीमा जी को इम्प्रेस कर रहे हो, थोड़ा भाव मन्ने भी दो, ताऊ!


    ---
    नोट: उपरोक्त टिप्पणी को सिर्फ़ हास्य की दृष्टि से देखा जाना चाहिए, किसी का दिल तोड़ने की मेरी कोई इच्छा नहीं है!

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  15. सांपनाथ और नागनाथ में फर्क ही कितना है !
    कल आते हैं हम भी साक्षात्कार पढने.

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  16. अगर सैम चुनाव में खडा हो गया तो समझो फिर जीत पक्की. कोई ओर वोट न भी दे तो भी अकेले ब्लागरियों की वोटों से ही सामने वाले प्रतिद्वंदियों की जमानतें जब्त हो जाएगी.
    बढिया पोस्ट, अर खूंटा तो हमेशा की तरह मस्त बांधा है.

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  17. agar chunav ke dino me jhola pakadvaana ho to ham hajitr hain vote to paka samjho

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  18. नमस्कार ताउजी,
    आज आपने भतीजे का तो दिल ही तोड़ दिया, वास्तव मे मै तो कल वाली कहानी का अगला हिस्सा पढ़ने आया था लेकिन आप तो नई राम कहानी लेकर बैठ गए ! मजा नहीं आया आज...
    ऐसा नहीं हैं कि ब्लॉग पसंद नही आया, पसंद तो बहुत आया पर जिसके इन्तजार मै कल से पलके बिछाये बैठे थे वो चीज नही मिली, इसीलिए मन थोड़ा भारी भारी सा हैं, लेकिन आप टेन्सन ना लो, हम संभाल लेंगे अपने आप को! बस इस कहानी को रविवार वाले ब्लॉग मै पूरा कर देना, मुझे पता हैं कल तो पहेली में व्यास रहोगे!
    और हाँ... मै तो राजस्थान का हूँ, और मेरा जवाब सबसे पहला और सही होगा लेकिन उसे रोक कर मेरा दिल ना तोड़ना!
    सस्नेह !
    दिलीप कुमार गौड़
    गांधीधाम

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  19. maja aaya jankari me v ijafa hua- ki kutte or gadhe gulabjamun khate hai. vaise tau aapki lekhni ka jawab nahi.

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  20. सांपनाथ और नागनाथ सत्ता की बीन पर झूम रहे हैं! :)

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  21. पहेली के लिये मेने अभी से पर्ची बना ली है पुछो कोने से खण्डहर की पहेली पुछोगे, हां सीमा जी का इंटरव्यू जरुर लाजवाव ओर शेरो , गजलो से भरा होगा, मै तो अभी से अपनी दरी के कर सब से आगे जा कर बेठ गया, जगह मल के.( जेसे राम लीला मै बेठते थे)
    राम राम जी की,

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  22. अच्छा हुआ ताऊ कि सभा अमरीका में थी, इराक में होती तो पत्रकारों को अपने ही जूताकार भाइयों से ख़तरा था.

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  23. और हां सीमाजी के साक्षात्कार का इंतजार।

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