आप सबनै शनीचर की राम राम. इस शनीचरी पहेली न.५ मे आपका स्वागत है . नीचै ध्यान तैं देख कै जवाब देणा है बिल्कुल ही आसान पहेली है . यह कौन सी प्रसिद्ध जगह, कहां पर है. तो जरा सा दिमाग पर जोर डालिये. और पहेली जीत कर अपनी मेरिट को उपर कर लिजिये.
आपसे गुजारिश है कि जवाब बिल्कुल सुस्पष्ट देवे, यह कौन सी जगह है? इसकानाम लिखें, और फ़टाफ़ट अपना जवाब दे दे. विवरण के लिये दुसरी टीपणि करें, जिससे आपके पहले कोई दुसरा जवाब देकर आपसे अधिक अंक नही ले जाये.
अगर आपको यह पहेली आयोजन पसंद आया है तो पसंद पर भी एक चटका लगाने की कृपा करें. इससे हमारा उत्साह वर्धन होता है.
यह कौन सी प्रसिद्ध जगह है.
आप विषय से संबंधित जितनी सही जानकारी देंगे वो सभी के ज्ञानवर्धन के लिये ज्यादा अच्छा रहेगा . और आपकी टिपणी भी प्रकाशित की जायेगी .
इसका जवाब आपके जागने से पहले परसों सोमवार को मिल जायेगा . यानि ठीक ४८ घन्टे बाद.
सर्दी का मौसम होने से इस शनीचरी पहेली के प्रकाशन का समय अब हर शनीवार सूबह ७.०० AM कर दिया गया है. और रिजल्ट पुर्ववत सोमवार को सुबह ४.४४ AM पर प्रकाशित कर दिये जायेंगे.
तो है ना छुट्टी के दिनो का भरपूर मजा घर बैठे.
इस ब्लाग के दाहिंने तरफ़ आप आपकी मेरिट की स्थिति देख सकते हैं. सोमवार को इस अंक के रिजल्ट के साथ ही यह अपग्रेड कर दी जायेगी.
पहेली के नियम कायदे पहेली न.१ के रिजल्ट के साथ साथ बता दिये गये थे. जो यहां चटका लगा कर भी देखे जा सकते हैं.
पहेली नम्बर ४ तक जिन्होने भी इस पहेली मे हिस्सा लिया है वो अपने अंक की स्थिति यहां चटका लगा कर देख सकते हैं. शुरु से अंत तक की मेरिट लिस्ट यहां पर प्रकाशित कर दी गई है.
आपके सुझावो का हमेशा ही स्वागत है.
एक विशेष सूचना हम अवश्य देना चाहेंगे कि आप चाहे जितनी देर से आयें आपको अगर सही जवाब मालूम है तो जवाब अवश्य देवें .
यहां पर आपको हर सही जवाब के साथ मार्क्स दिये जाते हैं जो इकठ्ठे होकर कभी भी भविष्य मे आपको बहुत काम आयेंगे. और हर भाग लेने वाले प्रतिभागी को एक अंक दिया जाता है.
आपने अगर जवाब दे दिया हो तो आप इन्तजार करें. हो सकता है आप का जवाब जान बुझकर रोका गया हो. हम पहले ही बता देते हैं कि निरणायक गण आपको भ्रम मे डालने के लिये और पहेली की मनोरंजकता बढाने के लिये पहले जो टिपणियां प्रकाशित करते हैं वो गलत भी हो सकती हैं और सही भी. दोनो ही बाते हैं. अत: अपने विवेक से उत्तर देवें.
और आपसे एक निवेदन है कि किसी भी हालत में जवाब मे लिंक नही देवें. अगर आपका जवाब सही है तो हम उसे गलत नही करेंगे, पर आपके Link देने से आपके बाद आने वालों के लिये कोई चार्म नही बचता.
अत: प्लीज..प्लीज..Link कतई नही देवें. वर्ना आपकी टीपणी प्रकाशित नही की जावेगी.
| इब खूंटे पै पढो :- ताऊ की बीबी यानि ताई स्वर्गवासी हो गई, शवयात्रा मे अथाह भीड. लोगो का हुजुम टुटे पड रहा था. भाटिया जी को खबर लगी तो वो भी आगये और शवयात्रा मे शामिल हो गये. पर उन्होने देखा कि इतनी भीड हो रही है तो उन्होने पूछा लोगो से कि भई बात क्या है? इतनी भीड क्यों है? ताऊ की तो इतनी ओकात नही है कि इतनी भीड इक्कठी कर ले. तो क्या ताई कोई मिनिस्टर वगैरह बन गई थी या कोई महिला मोर्चा की नेता थी? लोग जवाब देने की बजाये, भाटिया जी की तरफ़ देख कर मुस्करा कर रह जाते. अब भाटिया जी को और भी उत्सुकता हुई तो उन्होने सीधे जाके ताऊ से ही पूछ लिया कि भई ये क्या कारण है इतनी भीड का? ताऊ बोला - भाटिया जी, इसका असली कारण है मेरा गधा. भाटिया जी - अरे यार ताऊ, तेरी बीबी की शवयात्रा है और इसमे भी तू मजाक कर रहा है? कुछ तो शरम कर. और सही बात बता. ताऊ - मैं सही ही बोल रहा हूं. मेरे गधे को दुल्लत्ती मारने की खराब आदत थी और उसकी दुल्लत्ती लगने से ताई की ये गति हो गई. अब सारे गांव वाले उस गधे को खरीदना चाहते हैं. भाटिया जी - अच्छा है तो फ़िर बेच दे. पर ये क्या कोई नई स्कीम है? ताऊ - भई भाटिया जी अपनी स्कीम तो चोबिसों घंटे चालू रहती है. काम धंधा तो मैं कभी बंद कर ही नही सकता. इसीलिये मैने सबको कह दिया कि उस गधे को जो भी खरीदना चाहे वो शमशान मे आ जाये वहीं पर उस गधे की नीलामी होगी. जो ज्यादा बोली लगायेगा वो गधा मैं उसी को बेचूंगा. और देखो सब आसपास के गांवों के लोग भी इक्कठ्ठा हो रहे हैं. |




74 comments:
Saturday, January 17, 2009 7:12:00 AM
ताऊ रे यह हर शनिवार को टपक रही है -अब तीर तुक्का हर बार थोड़े ही लहता है ! जो कुछ इज्जत पानी बची रह गयी है काहें को बंटाधार करने को तुल गया है ताऊ ?
Saturday, January 17, 2009 7:24:00 AM
आज तो हमारी बुद्धि और स्मृति चकरा गई। निगेटिव नंबर नहीं है इसलिए जवाब दे रहे हैं कि ये
एलीफेन्टा की गुफाएँ हैं। तीर न सही तुक्का ही सही।
हाँ, गधे की नीलामी मं दुनिया आए हम नहीं आ रहे हैं। ताऊजी तो गधे की नीलामी इस लिए कर रहे हैं कि यह उन्हें दुलत्ती न मार दे।
Saturday, January 17, 2009 7:32:00 AM
पहेली का तो जबाब पता नहीं ताऊ
लेकिन गधे की नीलामी कब है?
चटका लगा दिया है, ये गधा मुझे ही मिलना चाहिये
Saturday, January 17, 2009 8:16:00 AM
एलोरा की गुफा
Saturday, January 17, 2009 8:42:00 AM
तुक्का- nalanda
Saturday, January 17, 2009 9:32:00 AM
"ellora caves in aurangabad"
Regards
Saturday, January 17, 2009 9:50:00 AM
शनिवार की गुड मोर्निंग,..ये पुरानी गुफाओं को बाहर से नवीन कराया गया तो दिखाई दे रहा है ..अजन्ता एलोरा भी कई साल पहले गए थे इस लिए कन्फर्म नही है ,,लेकिन चित्र ऐसा है की याद वहीँ की दिला रहा है ..अब आप चाहे जो जाने....
Saturday, January 17, 2009 10:08:00 AM
नालंदा तो बिलकुल नहीं है, बीसियों बार नालंदा-राजगीर जा चूका हूँ.. मन्ने तो एलोरा लागे है.. :)
Saturday, January 17, 2009 10:20:00 AM
Saturday, January 17, 2009 10:33:00 AM
ताऊ सभी तो एलोरा ही कह रहे है, तो मै क्यों अलग बोलू ?
मेरा भी जवाब नालंदा ही लिख लो | :)
Saturday, January 17, 2009 10:35:00 AM
एलोरा दिखे है. ज्यादा नहीं पता. लगता नहीं यह पप्पू कभी पास होगा भी :(
खूँटा जोरदार था.
Saturday, January 17, 2009 10:47:00 AM
मुझे तो ये स्टॅच्यू ऑफ लिबर्टी लग रही है...
हा ये वही है.. लॉक कर दीजिए.. और गढ़े की ज़रूरत अभी हमको है नही..
Saturday, January 17, 2009 10:50:00 AM
पहले तो जी हम इतना घूमें फिरे है नही। आप जैसा पहले कोई मिला नही। कभी दिल्ली के एक आध स्मारक बगैरा के बारे में पूछेंगे तो कुछ बता पाए। वैसे जब अनुराग जी कह रहे है एलोरा की गुफा तो हमारा जवाब भी वही मानिए। सही हुआ तो भी ठीक नही हुआ तो भी ठीक। और हाँ आज का खूंटे पर तो बस हा हा हा ही कर ते रहे। अब भी गधा याद आ रहा है।
Saturday, January 17, 2009 11:04:00 AM
ताऊजि लगता है हमेम घर बैठे 2 ही भारत दर्शन करवा देंगे धन्यवाद्
Saturday, January 17, 2009 11:04:00 AM
ताऊजी।... पहेलियां और सहेलियां मेरे को तो परेशानी में डाल देती है।... हां।..गधे वाली कहानी अच्छी लगी।... लेकिन मुझे लगता है कि कोई न कोई गडबड है।... गधे की दुलत्ती से तो गधे की टांग बेशक टूट सकती है, ताई नहीं मर सकती।... पता लगा कर बता देना जी... इंतजार कर रहे है।
Saturday, January 17, 2009 11:08:00 AM
जवाब का इन्तजार करते हैं जी
Saturday, January 17, 2009 11:10:00 AM
बाघ गुफा , धार जिला , म . प्र .|
Saturday, January 17, 2009 11:13:00 AM
लगता है आज की पहेली का जवाब कुछ मुश्किल हो रहा है तो आपको बतादे कि सही जवाब आ चुका है. यही आपका क्ल्यु है.
कोशीश करिये, बहुत आसान है...और अगर फ़िर भी क्ल्यु चाहिये तो डिमाण्ड किजिये...अभी तक क्ल्यु के लिये कोई request नही आई..लिहाजा क्ल्यु नही दिया जा रह है.
रामराम.
Saturday, January 17, 2009 11:30:00 AM
ताऊ क्लु की request मैं कर देता हूँ.. वैसे अगर आप फोटो थोडे़ high resolution की डाल देते तो ये भी नहीं पुछते.. कौशीश जारी है..
Saturday, January 17, 2009 11:30:00 AM
ताऊ जी ये शनिवार बचपन से तंग कर रहा है।शनिवार को स्कूल मे होम वर्क मिलता था इस्लिये बहाना कर के स्कूल नही जाता था अब आप आ गये हो कठिन-कठिन सवाल करते हो।फ़िर शनिवार को गोल मारना पड़ेगा।वैसे एलोरा गये सालो हो गये मगर ऐसा लगता है की वो अजंता या एलोरा की गुफ़ाये ही है।
Saturday, January 17, 2009 12:00:00 PM
ये बाघ गुफा है जो धार से ९७ किलोमीटर दूर मध्ये प्रदेश मे है . इन गुफाओं की खोज १८१८ मे हुई थी, इनका नाम बाघ गुफा क्यूँ पडा इसका कोई ठोस कारन ज्ञात नही है मगर कहा जाता है की इनकी खोज से पहले यहाँ बाघों ने आपना निवास बनाया हुआ था. इसके बाद ये स्थान Buddhist मोंक्स द्वारा रहने और योग साधना आदि के लिए भी किया गया .ये गुफा कुदरती नही हैं इनका निर्माण पुरातन कलाकरों ने पथरों को नक्काशीदार काट कर किया था हैं ये गुफाएं अपनी अद्भुत चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध है .पॉँच गुफाओं का ये समूह इंदौर और वडोदरा के मध्य सडक पर पडता है "इन्हे Bagh Buddhist Caves,भी कहा जाता है ये बाघिनी नदी के तट पर बाघ गावं से ७ कम की दुरी पर स्तिथ है."
Regards
Saturday, January 17, 2009 12:02:00 PM
यह नालंदा का ही कोई हिस्सा लग रहा है.अभी यही जवाब माना जाए.
Saturday, January 17, 2009 12:03:00 PM
naalanda .......
Saturday, January 17, 2009 12:07:00 PM
@ रंजन जी, भाई हम ताऊ आदमी हैं इस लिये हाई और लो रेजोलिशन क्या होता है यह हम नही जानते. :)
हां अब तक सही जवाब आ चुके हैं. फ़िर भी क्ल्यु ले लिजिये.
१.इन गुफ़ाओं को सबसे पहले सन १८१८ मे खोजा गया.
२. इन गुफ़ाओं के नाम पर कपडे के काफ़ी फ़ेमस प्रिंट हैं.
३. और ये अजन्ता के जैसी चित्रकारी की वजह से ज्यादा जानी जाती हैं.
४. अब बताने को बचा ही क्या है? :)
रामराम.
Saturday, January 17, 2009 12:21:00 PM
ताऊ का खूँटा जिंदाबाद !
Saturday, January 17, 2009 12:25:00 PM
ताऊजी अगले आदेश तक हमारा उत्तर भी नालंदा समझा जाय !
Saturday, January 17, 2009 12:39:00 PM
पहले का जवाब खारिज कर दिया जाए...
नया जवाब है--Bagh caves
-details अभी देती हूँ.
Saturday, January 17, 2009 12:58:00 PM
अजंता की गुफायें ही है, जिसका जवाब सही उसे एक बार गुफा दर्शन का टिकट भेज दो, और जिसका जवाब सही ना हो उसे गुफा में बंद करवा दो ताऊ!
Saturday, January 17, 2009 1:04:00 PM
ये चाहे जो भी निकले मगर नालंदा ना निकले.. भगवान करे कि कुश का ही जवाब सही हो, अरे वही स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी.. :) अरे भई जब बीसीयों बार नालंदा घूमने के बाद भी हम ना पहचान पायें तो अब और क्या किया जा सकता है मेरे साथ?
Saturday, January 17, 2009 1:09:00 PM
यह चित्र बाघ गुफाओं का है.कुछ इतिहासकार इन्हें चौथी और पांचवी सदी में निर्मित मानते हैं .
अधिकतर ७ वीं सदी में.
ये बाघ गुफाएं ,मध्य प्रदेश में धार जिले से ९७ कम दूर विन्ध्य पर्वत के दक्षिणी ढलान पर hain.
बौद्ध धरम को दर्शाती हुई इन ९ गुफायों में से केवल ५ ही अभी बची हुई हैं.ये इंदौर और वडोदरा के बीच में हैं.बाघिनी नदी के किनारे हैं.
इन गुफाओं का संबंध बौद्ध मत से है। यहां अनेक बौद्ध मठ और मंदिर देखे जा सकते हैं।
इन गुफाओं में चैतन्य हॉल में स्तूप हैं और रहने की कोठरी भी बनी हैं जहाँ बोद्ध भिक्षु रहा करते थे.
अजंता और एलोरा गुफाओं की तर्ज पर ही बाघ गुफाएं बनी हुई हैं। इन गुफाओं में बनी प्राचीन चित्रकारी मनुष्य को हैरत में डाल देती है। इन गुफाओं की खोज 1818 में की गई थी। माना जाता है कि दसवीं शताब्दी में बौद्ध धर्म के पतन के बाद इन गुफाओं को मनुष्य ने भुला दिया था और यहां बाघ निवास करने लगे। इसीलिए इन्हें बाघ गुफाओं के नाम से जाना जाता है। बाघ गुफा के कारण ही यहां बसे गांव को बाघ गांव और यहां से बहने वाली नदी को बाघ नदी के नाम से जाना जाता है।
यहाँ बनी पदाम्पनी का चित्र[पेंटिंग]अजंता में बनी पदाम्पनी से मिलती जुलती है.
यह किताब इन गुफाओं के बारे में आप को बहुत सी जानकारी देगी.
यह शायद सिर्फ़ पुस्तकालयों में मिलेगी.बडे अफ़सोस की बात है ,की हमारे भारतीय इतिहासकार इन प्राचीन स्मारकों पर किताबें नहीं लिखते[?]=ज्यादातर किताबें और दस्तावेज अंग्रजों के द्वारा एकत्र किए हुए हैं.
यह किताब भी एक अंग्रेज ने ही लिखी है.
The Bagh Caves in Gwalior state
AUTHOR - Sir John Marshall
PUBLICATION - India society, London [year 1927]
[-आज तो सच में मुश्किल लगी पहेली.
-अच्छा हुआ, बहुत से monuments को जान लिया इस बहाने.]
Saturday, January 17, 2009 1:15:00 PM
ताऊ
हमारी समझ मा को नि आए इस का जवाब
बस थारा खूंटा चोखो से...............इब म्हारी बोली भी रिज़र्व रखियो
Saturday, January 17, 2009 1:24:00 PM
ताऊ मेरा अंतिम जबाब माना जाय मध्यप्रदेश में धार के निकट बाघ गुफाएं !
Saturday, January 17, 2009 1:25:00 PM
सही जवाब :
यह चित्र नालंदा का है !
Saturday, January 17, 2009 1:45:00 PM
ताऊ वैसे तो मुझे इस बा्रे में बिल्कुल पता नहीं था.. पर आपने हिंट दे दिया अब जबाब नहीं दु तो .. तो फिर हम भतीजे किसके..
ये है बाघ गुफा.. मध्यप्रदेश में धार से ९७ किमी दूर.. और हां ये प्राकृतिक नहीं ्है.. मानव निर्मित है..
बाकि जबाब तो सोमवार को देखेगें..
नंबर दे देना ताऊ..
राम राम
Saturday, January 17, 2009 1:54:00 PM
Taau post galti se delete ho gaya yah ealora ki gufa he hai
Saturday, January 17, 2009 2:07:00 PM
ताऊ
चन्देरी का किला, मध्य प्रदेश की फोटो तो नहीं निकाल लाये कहीं घूमते घूमते?
मुझे तो चन्देरी ही लगता है. वैसे सबके साथ अगर एलोरा हुआ तो तो मैं भी हूँ ही वरना फिर चन्देरी.
Saturday, January 17, 2009 2:08:00 PM
My Correct Answer :
Bagh Caves of Madhya Pradesh
Saturday, January 17, 2009 2:15:00 PM
ताऊ कहां हमे अजंता अलोरा घुमान लाग रिया शे भाई. अजंता ऎलोरा तो सही शे इब .
राम राम जी की
Saturday, January 17, 2009 2:16:00 PM
ये हैं बाध गुफाऐं धार जिले में..असल जबाब!!
इसे ही मान्यता दी जाये.
Saturday, January 17, 2009 2:19:00 PM
taaoo, ramram
sahi jawab hai- ELLORA
Saturday, January 17, 2009 2:23:00 PM
कोई बौद्ध स्तूप-सा है, शायद ऐलोरा हो!
---मेरे पृष्ठ
गुलाबी कोंपलें । चाँद, बादल और शाम । तकनीक दृष्टा/Tech Prevue
Saturday, January 17, 2009 2:32:00 PM
ham to vakeel sahab ke peeche hai ji....vahi sabse intellijent najar aa aahe hai hame.
Saturday, January 17, 2009 3:04:00 PM
ताऊ आपने "क्लू" देकर काम आसान कर दिया वरना मंजिल तक पहुंचना बहुत मुश्किल था !
सही जवाब तो मैं दे ही चुका हूँ अब थोड़ा विस्तृत जवाब भी दे दूँ !
बाघ गुफाएं-
ये गुफाएं मध्य प्रदेश के धार जिले से ९७ किलोमीटर दूर हैं ! माँडू किले से इनकी दूरी ५० किलोमीटर (पश्चिम) लगभग है !
इन गुफाओं का संबंध बौद्ध मत से है। यहां अनेक बौद्ध मठ और मंदिर देखे जा सकते हैं। अजंता और एलोरा गुफाओं की तर्ज पर ही बाघ गुफाएं बनी हुई हैं। इन गुफाओं में बनी प्राचीन चित्रकारी मनुष्य को हैरत में डाल देती है। इन गुफाओं की खोज 1818 में की गई थी। माना जाता है कि दसवीं शताब्दी में बौद्ध धर्म के पतन के बाद इन गुफाओं को मनुष्य ने भुला दिया था और यहां बाघ निवास करने लगे। इसीलिए इन्हें बाघ गुफाओं के नाम से जाना जाता है। बाघ गुफा के कारण ही यहां बसे गांव को बाघ गांव और यहां से बहने वाली नदी को बाघ नदी के नाम से जाना जाता है।
Saturday, January 17, 2009 3:13:00 PM
सब से पहले कहना चाहती हूँ--मेरे पहले [खारिज कर दिए ]जवाब -'नालंदा 'को कोई कॉपी न करे -please..मैं ने अंदाजे से लिखा था.
खूंटे पर ताई के बारे में पढ़ा...बहुत बुरा लगा..लेकिन ताऊ यह ख़बर आई है..की ताई इतनी भीड़ और शोर सुनकर उठ बैठी है..और अब आप की तो खैर नहीं!बिना पूरी जाँच किए , बेहोश ताई को शमशान पहुँचा दिया!बड़ी बुरी बात है...:(---और अब के ताई को जिन्दा देख ...सारे जमा गाम वाले भज जायेंगे..कोसेंगे अलग..की उनका टेम खोटी कर दिया! गधा अब किस के दुल्लती मारे न मारे--अब नहीं नीलाम होता..
Saturday, January 17, 2009 3:45:00 PM
ये मध्यप्रदेश के धार जिले में 'बाग की गुफाएं'हैं.किंवदंतियो के अनुसार यहीं पर पांड्वो ने अपने अज्ञातवास का समय व्यतीत किया था.
Saturday, January 17, 2009 4:01:00 PM
ताऊ राम राम कैसे हैं आपके पडोसी
अच्छा तो आज की पेहली का सही जवाब है म्हारे गांव का बच्चियों वाले स्कूल का पिछवाडा
Saturday, January 17, 2009 4:01:00 PM
ना ताऊ म्हाने तो आइडया सा न लग रया अब थमी बता दयो कुणसी जगह है या
Saturday, January 17, 2009 4:06:00 PM
ओफ फो इतना ज्यादा कनफूजन । :)
हम ४८ घंटे बाद आकर देख लेंगे ।
क्यूँ ठीक है न ताऊ ।
Saturday, January 17, 2009 4:37:00 PM
पक्का अलोरा ही है। लोक कर दिजिये।
Saturday, January 17, 2009 5:26:00 PM
आज की पहेली के जवाब के लिए मैं भी एक clue दे दूँ -'बगल में बच्चा और नगर में ढिंढोरा....' मैं ने भी सारी दुनिया घूम डाली ,इस के जवाब को पाने में...बड़ी मशक्कत से जवाब मिला..
Saturday, January 17, 2009 5:32:00 PM
ताऊ मैंने पहला जवाब दिया था |
बाघ गुफा , धार जिले की , वो आपने प्रकाशित क्यों नही किया |
Saturday, January 17, 2009 5:32:00 PM
हमको शुभम आर्य से तीन मेल मिले थे, हमारी गलती से कम्प्युटरवा का कोई उल्टा सीधा बटनवां दब गया है सो हम उनकी तीनों मेल विवरण सहित तीन अलग अलग टिपणीयों मे प्रकाशित कर रहे हैं.
पहली टिपणी :-
date Sat, Jan 17, 2009 at 10:33 AM
subject[रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा !] New comment on ताऊ की शनीचरी पहेली-५.
mailed-byblogger.bounces.google.com
शुभम आर्य has left a new comment on your post "ताऊ की शनीचरी पहेली-५":
ताऊ सभी तो एलोरा ही कह रहे है, तो मै क्यों अलग बोलू ?
मेरा भी जवाब नालंदा ही लिख लो | :)
Saturday, January 17, 2009 5:33:00 PM
शुभम आर्य की दुसरी टीपणी :-
date Sat, Jan 17, 2009 at 10:59 AM
subject[रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा !] New comment on ताऊ की शनीचरी पहेली-५.
mailed-byblogger.bounces.google.com
hide details 10:59 AM (6 hours ago) Reply
शुभम आर्य has left a new comment on your post "ताऊ की शनीचरी पहेली-५":
ताऊ मेरा जवाब बदल दिया जाए मुझे मिल गया सही जवाब ये तो बाघ गुफा यानि bagh caves है |
जो धार, मध्य प्रदेश में है |
Saturday, January 17, 2009 5:36:00 PM
शुभम आर्य की तीसरी तिपणी :-
dateSat, Jan 17, 2009 at 11:03 AM
subject[रामपुरिया का हरयाणवी ताऊनामा !] New comment on ताऊ की शनीचरी पहेली-५.
mailed-byblogger.bounces.google.com
hide details 11:03 AM (6 hours ago) Reply
शुभम आर्य has left a new comment on your post "ताऊ की शनीचरी पहेली-५":
ताऊ मेरा जवाब बदल दिया जाए मुझे मिल गया सही जवाब ये तो बाघ गुफा यानि Bagh Caves है|
जो धार , मध्य प्रदेश में है |
Saturday, January 17, 2009 6:05:00 PM
ab sab bagh gufa bol rahe hain to ham bhi kah hi dete hain bagh gufa.. yahi antim javaab..
chori karke aaj pass ho hi jate hain.. :)
Saturday, January 17, 2009 6:26:00 PM
अरे ताऊ
मैं अचरज में हूँ कि ये अल्पना वर्मा जी
हर एक प्रश्न का जवाब इतने विस्तार से
कैसे दे लेती हैं !
हर बार ऐसा लगता है जैसे अल्पना जी
महीने भर पहले से जवाब की तैयारी कर
रही थीं !
इस मामले पर जांच कमीशन बैठना चाहिए
या सी०बी०आई० इन्क्वारी होनी चाहिए !
मैं इस गंभीर मामले को संसद में उठाऊंगा !
Saturday, January 17, 2009 6:59:00 PM
ताऊ, जैसी के हमारी और आपकी डील हुई थी, बिल्कुल वैसे ही मैंने जानते हुए भी सही उत्तर बाघ गुफा, (धार जिला) म . प्र लिखने के बजाय लोगों को कन्फुजिआने के लिए एलोरा बोला है. इब थम म्हारे पीसे लौटा दोगे ना?
Saturday, January 17, 2009 7:08:00 PM
ताऊ, मै पहले ही आई ही जवाब देने पर किसी ने वाज मार ली ...अब मोहन वशिष्ठ ने मेरा जवाब
कापी कर लिया....ये हमारे गांव का स्कूल ही है अरे इसी बरामदे में खडे होकर तो हम प्र।र्थना किया करते थे
...."सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा...."पर ताऊ एक राज की बात सुण लै ...गधे की निलामी ना करियो
दूसरी ताई के काम आयेगा....हा हा... फेर मौजां ही मौजां....."तालियाँ...!"
Saturday, January 17, 2009 7:25:00 PM
अपन तो गदहे की बोली लगाने में इंटेरेस्टेड हो गए, और जगह भूल गए.
Saturday, January 17, 2009 7:43:00 PM
ताऊ काम में ऐसा फंसा की पहेली रह गयी, बॉस को कहता कहता थक गया कि जाणे दा भाया काम तो होता रहेगा, पहेली ज्यादा जरूरी है नही तो फिर से मेरिट में पीछे आ जाऊँगा माणा ही नही। देर से ही सही हमारा उत्तर भी लॉक कर दिया जाय - बाघ गुफायें (Bagh Caves) जो मध्य प्रदेश में हैं, धार से कोई ९०-१०० किमी दूर।
फाइनल उत्तर - बाघ गुफायें (Bagh Caves)
Saturday, January 17, 2009 7:55:00 PM
ताऊ चालहे काट दिये, मेरे ब्लाग पै कब्जा करकै टिपणियां के मजे लेण लाग रया सै. यो तओ बाघ की गुफ़ा ही सै, पर मेरे ब्लाग पै कब्जा कब छौडैगा? या बता दे. लागै सै कि चिठ्ठा चर्चा म्ह फ़ु्रसतिया जी की अदालत म्ह तेरे उपर केस ठोकणा पडैगा और वकिळ भी द्विवेदी जी को करुंगा फ़ेर देखते हैं कैसे कब्जा ना छोडैगा तू.
इब नम्बर तो दे ही दे, बाकी तो मैं बाद म्ह निपट ल्युंगा.
रामराम.
Saturday, January 17, 2009 7:58:00 PM
अरे यार ताऊ, आज ही मैं गांव गया था कुक्षी, और आज ही हमारे गांव की पहेली पूछ ली आपने.
ये हमारे गांव से दस किलोमीटर पर बाघ की गुफ़ाएं हैं यहां पर खूब गुल्ली डन्डा खेला है बचपन मे हमने.
Saturday, January 17, 2009 8:01:00 PM
बाघ की गुफ़ाएं हैं ताऊ. और यहां की साडियां भी बडी फ़ेमस हैं. बाघ प्रिन्ट के नाम से यहां की साडीयां और बेड कवर बहुत फ़ेमस हैं.
Saturday, January 17, 2009 9:31:00 PM
ताऊ जी जब इत्ते लोग बता रहे हैं तो हमारा जबाब भी बाघ गुफ़ा होना चाहिये लेकिन हमारा जबाब लाक किया जाये कि ये ताजमहल बनने के पहले की जगह है।
Saturday, January 17, 2009 10:54:00 PM
दुबई में जब भी ग्लोबल विल्लेज लगता है -भारत के पवेलियन में मध्य प्रदेश का एक छोटा सा स्टाल ही देखा है.जहाँ कपड़े मिलते हैं.मैं ने वहां से एक बार सिर्फ़ cotton बेड शीट्स खरीदीं हैं.राजस्थान और कश्मीर के स्टाल्स के आगे बहुत फीका और dull स्टाल होता है.इसलिए लोग उस तरफ जाते ही कम हैं.मैं भी हैण्ड प्रिंट्स के चक्कर में वहां पहुँची थी.लेकिन तब भी बाघ प्रिंट्स के बारे में नहीं सुना था.आज पहली बार जाना है कि बाघ प्रिंटिंग क्या होती है.इस के बारे में नेट पर पढ़ा और प्रिंट्स देखे.
आप की हर पहेली कुछ न कुछ सिखा रही है.
धन्यवाद.
Saturday, January 17, 2009 11:19:00 PM
लो तुम भी क्या याद रखोगे ताऊ....इस पहेली का सही हल सिर्फ मुझेपता है-ये ताजमहल के कब्र के अंदर का गलियारा है
हो हो हो
Sunday, January 18, 2009 2:47:00 PM
मध्यप्रदेश में धार के निकट बाघ गुफाएं !!!!!
Sunday, January 18, 2009 2:47:00 PM
मध्यप्रदेश में धार के निकट बाघ गुफाएं !
Sunday, January 18, 2009 6:30:00 PM
ताऊ, पहली बात तो ये कोई प्रसिद्ध जगह है पर इतनी भी नहीं जितना थारा खूंटा वहां कम से कम गधा तो रहवै
दूसरी बात शनीचर को पानीपत में हमारे मोहल्ले में लाइट नहीं होती अंधेरे में कंप्यूटर महाराज नहीं चलते इसलिये हम तो ठाट से संडे को डंडा लेकै बैठते हैं
jai RAM g kee
Sunday, January 18, 2009 7:37:00 PM
Ram Ram Tau .......pehli bar aaya thyare blog pe ........ib sab Bagh ghufa keh rahe to mera bhi yahi jawab man leyo .........waise tau .....teth hariyanvi mein puri post likhi jave to maza hi aa javega ......!!!
Lucky
Sunday, January 18, 2009 7:40:00 PM
Peshe se engineer hu tau ..... par kuch likhna shuru kiya se......ab thyari kripa ho jaye to jivan hi dhanya ho javega .......
plz mere blog par aaye
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and www.sandesh.co.nr
aapke aashirwad ke pritiksha mein
Sunday, January 18, 2009 8:57:00 PM
ताऊ, प्रकाश गोविद जी ने सही कहा मुझे भी अल्पना और सीमा गुप्ता दोनों पर शक है...जांच
कमीशन बैठाई जाये...!
Sunday, January 18, 2009 11:17:00 PM
बाघ गुफा , धार जिला , म . प्र .|
Tuesday, January 20, 2009 12:04:00 AM
यो तो म्हारे भी दिमाग में थी कि यो टाइगर गुफा है। न दो जी ईनाम हमको। कोई बात नहीं। जो जीता वह सिकंदर। म्हारी तरफ से जीते और हारे को यानी सभी को बधाई।
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