ताऊ के सैम और बीनू फ़िरंगी की पोस्ट

सैम बाहर बैठा धूप सेकता हुआ बडे मनोयोग से अखबार पढ रहा है जैसे सारे राज काज का बोझ ही उस पर आ पडा हो और सिंह साहब की जगह अबकी बार मैडम जी उसे ही चांस देने वाली हों।

 

बीनू फ़िरंगी आते ही बोला - हैपी न्यू ईयर सैम भाई।

 

सैम - काहे की हैपी न्यू ईयर ? तुमको शर्म नही आती ? हैपी न्यू ईयर बोलते हुये ? सैम नाराजी दिखाते हुये बोला।

 

बीनू फ़िरंगी - अरे यार सैम भाई ! नाराज क्यों हो रहे हो ? मैने कौनसी तुमको गाली देदी?

 

सैम - अबे तो क्या  आजकल जो ब्लागीवुड मे गाली गलौज का सीजन चल रहा है वो वाली गाली देकर ही पेट भरेगा तेरा? तू एक बात समझ लेना कि मैं ये सब बदतमिजियां बर्दाश्त नही करुंगा।

 

बीनू फ़िरंगी हैरान है कि उसने ऐसी कौन सी गाली दे दी, जो ये आगबबूला हो रहा है ?पूछने की गर्ज से बीनू फ़िरंगी बोला - सैम भाई किसी और का गुस्सा हम पर तो उतारो मत। हम तो आपको happy new year  वाली हैपी न्यू ईयर बोल रहे हैं और आप खामख्वाह नाराज हो रहे हो ?

 

सैम - अबे तू एक बात समझ ले कि तू पढा लिखा गंवार है। तेरे को मालूम है? नागनाथ पार्टी के विधायकों ने क्या कहा? सबने कहा कि वो सब घर मे ही रहे ३१ दिसम्बर की रात को। क्योंकि वो इसे न्यू ईयर नही मानते। वो तो गुडी पडवा को ही न्यू ईयर मनाते हैं। और मैं जबसे नागनाथ पार्टी ने चुनाव जीता है उनकी पार्टी मे शामिल हो गया हूं।

 

बीनू फ़िरंगी - अरे यार सैम भाई माफ़ करना। मेरा इरादा तुमको तकलीफ़ पहुंचाने का नही था।  पर तुम तो कल शैफ़ाली जरीवाला की न्यू इयर पार्टी के पास लिये घूम रहे थे? इसीलिये नही गये क्या?

 

अब बडे दर्द से सैम बोला - यार बीनू अब क्या बताऊं ? तू किसी को बता देगा तो मेरी नौकरी चली जायेगी और आजकल वैसे ही मंदी छाई हुई है? तू विद्या-माता की कसम खा, कि किसी को बतायेगा नही ? फ़िर बताऊंगा।

 

बीनू फ़िरंगी - अरे यार सैम भाई , इतने दिन हो गये आपके पास ऊठा बैठा करते हुये पर पता नही क्युं आप मेरा विश्वास नही करते ? ठीक है आपको मुझ पर विश्वास नही है तो विद्या-माता की कसम खाकर कहता हूं कि सिवाये ताऊ के किसी को नही बताऊंगा।

 

अब इस बात पर सैम भडक गया और बोला - साले मैं तेरी ओकात जानता हूं। तू इन कामों मे माहिर है। तू मेरी नोकरी छुडवाने के चक्कर मे है जिससे तू मेरी जगह फ़िट हो जाये। जा अब तो नही बताऊंगा तुझे कुछ भी।

 

अब मूर्ख से कुछ उगलवाना हो तो उसकी बडाई करके ही उगलवा सकते हैं।  और बीनू फ़िरंगी इन कामों मे भी माहिर है।  सो उसने सैम की तरफ़ चाय का कप बढाते हुये कहा - अरे यार सैम भाई छोडो मत बताओ।  जब तुम्हारे पेट मे दर्द ऊठे तब बता देना। 

 

अब दोनो अखबार पढते हुये चाय पी रहे हैं।  अचानक बीनू फ़िरंगी बोला - यार सैम भाई ! देखो यार ये पाकिस्तानी आतंकवादी भी बडे देशभक्त हैं कसम से। 

 

सैम ये सुनते ही गुस्से से एक बिस्किट ऊठाते हुये बोला - अबे ओ फ़िरंगी की ओलाद।  तेरे को कुछ अक्ल भी है या नही?  अबे आतंकवादियों का कोई देश नही होता, फ़िर वो कहां से देशभक्त होंगें?

 

बीनू फ़िरंगी - अरे सैम भाई त्तुम यार बहुत जल्दी उखड जाते हो। अब तुम्हारा गुस्सा कल वाली बात पर है। मुझे सब मालुम है कि तुमको कल शैफ़ाली जरीवाला की न्यू ईयर पार्टी से भगा दिया गया था क्योंकि उस पार्टी में सिर्फ़ कपल ही अलाऊड थे  और तुम ठहरे रंडूए। तो इसका गुस्सा मुझ पर क्युं उतार रहे हो?

 

अब इतनी अंदर तक की बात सैम ने बीनू के मुंह से सुनी तो वो दंग रह गया।  सो थोडा ढीला पडते हुये बोला - देखो यार बीनू भाई बात तो तुम्हारी सही है। ताऊ खुद नही गया तो उसने टिकट मुझे पकडा दिये और मेरे साथ जो हुआ उसका उपाय तो यही है कि अब  मैं जल्दी से जल्दी शादी कर लूं।  आज मैं टाईम्स आफ़ ईन्डिया के मेट्रिमोनियल मे विज्ञापन भी दे रहा हूं।  और फ़िर अगली बार तेरी भाभी के साथ  मुझे जाने से कौन रोकेगा?

 

बीनू फ़िरंगी - बिल्कुल सैम भाई।  बधाई एडवान्स मे।  देखो यार सैम भाई ये पाकिस्तान के आतंकवादी पाकिस्तानी सरकार से कह रहे हैं कि भारत से युद्ध छेड दो ! हम सीमा पार जाकर लडेंगे।  अब बोलो, ये देशभक्त हुये कि नही?

 

सैम जो कि अपने लिये मेट्रिमोनियल कालम मे वधु ढुंढने का काम कर रहा था अब झल्लाक्रर बोला - यार तुम फ़िरंगी एक रट पकड लेते हो तो उसी को पकडे रहते हो?

अबे इतना भी नही समझते कि ये आतंकवादी भारत पाकिस्तान सीमा पर आकर लडेंगे तो लूट खसोटने के लिये इस सीमा पर तगडे मालदार गांवों के आसामी मिलेंगे। 

 

अफ़गानिस्तान सीमा पर अब क्या लूटपाट करे वहां तो इन पाजियों ने जनता को नोच नोच कर पहले ही  नंगे  नबाब और किले पर उनका घर बना डाला। और तुम कह रहे हो कि देशभक्त हैं ?

 

अब बीनू फ़िरंगी ने भी उसकी हां मे हां मिलाई। और इसी मे उसकी भलाई थी अब इस देशी से कौन उलझे ? अगर बीनू को काट खाये तो बीनू को चोदह दूनी अठाईस इंजेक्शन लगवाने पड जायें।  

और अखबार मे दोनो मेट्रिमोनियल कालम मे उलझ गये।

 

 

इब खूंटे पै पढो :-

ताऊ काम धंधे से घणा परेशान हो लिया था।  भूखों मरने की नौबत आगई तो राज भाटिया जी ने सलाह दे डाली की ताऊ अब सीधे रास्ते चल और कहीं इमानदारी तैं
नौकरी करले।

बात ताऊ के समझ म्ह आगई और भाटिया जी ने ताऊ को एक सेठ के यहां मुनीम की नौकरी के लिये  इन्टर्व्यू देने भेज दिया।

सेठ का हैड मुनीम ताऊ का इन्टर्व्यू लेने लगा। उसने पूछा - ताऊ हिसाब किताब आता है कि नही?

ताऊ - जी बिल्कुल पक्का आता है।  सारी उम्र हिसाब किताब करते ही निकाली है।

हैड मुनीम - अच्छा तो बताओ कि आठ और आठ कितने होते हैं?

ताऊ - जी मालिक साहब अब आप कहोगे उतने ही कर दूंगा जी।  आप कहो तो आठ
और आठ को २४ कर दूं और आप कहो तो  ६ कर दूं।

हैड मुनीम ने सोचा कि ये ताऊ काम का आदमी है। मैं जो सेठ के यहां घपले करता
हूं उसमे ये ताऊ सहायक ही होगा। सो उसने सेठ को ताऊ की सिफ़ारिस कर दी।

अब अगले दिन सेठ ने फ़ायनल ईण्टर्व्यू खुद लेने के लिये ताऊ को बुलाया।  और उसने
पूछना शुरु किया। 

जब सब बात से सेठ संतुष्ट हो गया तो उसने ताऊ से पूछा - ताऊ तुम्हारा कोई
अपराधिक रिकार्ड तो नही है?

ताऊ ने भोला बनते हुये कहा - सेठ जी ये अपराध और अपराधिक रेकार्ड क्या होता
है ? मेरा तो इनसे कभी काम ही नही पडा।

सेठ मन ही मन बडा खुश हुआ कि ये आज के जमाने मे कितना शरीफ़ आदमी
मिल गया अपने को और बोला - मेरा मतलब है कि तुम कभी गिरफ़्तार तो नही
हुये?

अब  असली  बात कोई कितने समय तक छुपा सकता है सो ताऊ भी अन्जाने
मे बोल ऊठा -  ना जी ना सेठ जी ! अगर कभी पकडा गया होता तो  गिरफ़्तार
होता ना ! मैं तो कभी पकडा ही नही गया।
  


26 comments:

  राज भाटिय़ा

Friday, January 02, 2009 5:22:00 AM

ताऊ सैम और बीनू फ़िरंगी की शादी सर्दियो मै ही कर दे, हम भी आ जायेगे, बच्चो ने भारत मै कोई भी शादी होते नही देखी, आप के सैम ओर बीनू की शादी मै ही आ जायेगे,ओर बता देना सेठ ने नोकरी पर रखा ताऊ को या नही, वेसे यह सेठ भी को सा शरीफ़ है सारा गोदाम तो जमा खोरी कर के भर रखा है.
अच्छा ताऊ राम राम जी की .
नया साल केसे मनाया, सुना है सैम ओर बीनू फ़िरंगी ने पी कर खुब ऊधम मचाया, गली की सारी शरीफ़ कुतियो का घर से निकलना कठिन कर दिया.
राम राम जी की

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

Friday, January 02, 2009 5:47:00 AM

ताऊजी । जै रामजी की । आपकी मन मोजी वाली बाते पढ कर अच्छा लगताहै। पर ताऊ इस बात से मै नाराज हु आप पार्टी मे नही गये ? अगर जाते तो बिचारा बीनू फ़िरंगी को सिगल होने का मलाल ना होता।

सेठ जी को पत्ता नही चला कि ताउ हरायाणवी डॉन है जिसे १२ गावो कि पुलिस ढुढ रही है ? मजा आगया।

जय हिन्द॥।

  Neeraj Rohilla

Friday, January 02, 2009 6:33:00 AM

तू विद्या-माता की कसम खा, कि किसी को बतायेगा नही ?

विद्या-माता की कसम, कहाँ १२-१५ साल पहले की दुनियाँ में पंहुचा दिया आपने । विद्या-माता की कसम इस साल मन लगाकर पढाई करेंगे ।

  Tarun

Friday, January 02, 2009 7:42:00 AM

सही बात, ये ताऊ शनिवारी पहेली में भी नही पकड़ा गया दिक्खे है।

  Arvind Mishra

Friday, January 02, 2009 8:24:00 AM

देखना है कब तक पकड़े नही जाते ताऊ !

  Amit

Friday, January 02, 2009 9:00:00 AM

बहुत अच्छे ताऊ ..मज़ा आ गया पढ़ कर....और नव वर्ष का पहला दिन कैसा रहा आपका ?

  seema gupta

Friday, January 02, 2009 9:25:00 AM

बीनू फ़िरंगी - अरे सैम भाई त्तुम यार बहुत जल्दी उखड जाते हो। अब तुम्हारा गुस्सा कल वाली बात पर है। मुझे सब मालुम है कि तुमको कल शैफ़ाली जरीवाला की न्यू ईयर पार्टी से भगा दिया गया था क्योंकि उस पार्टी कपल ही अलाऊड थे और तुम ठहरे रंडूए। तो इसका गुस्सा मुझ पर क्युं उतार रहे हो?

""हा हा हा हा हा हा हा ताऊ जी कहीं ये आपके दिल की ही व्यथा तो नही , ताई जी ने कहीं साथ जाने से इनकार तो नही कर दिया था हा हा हा इस डर से कहीं वहां भी आप ताऊ गिरी दिखाने लगे तो ...????

Regards

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Friday, January 02, 2009 9:45:00 AM

मजेदार पोस्ट है जी, पर ....
"देखो यार सैम भाई ये पाकिस्तान के आतंकवादी पाकिस्तानी सरकार से कह रहे हैं कि भारत से युद्ध छेड दो
! हम सीमा पार जाकर लडेंगे।"

यहाँ संबोधन का चिन्ह अगली पंक्ति में चला गया। चिन्ह के पहले स्पेस छोड़ देने से, स्पेस नहीं छोड़ी होती तो यह नहीं जाता। या आखिरी शब्द दो को भी साथ ही नीचे ले जाता।

  नारदमुनि

Friday, January 02, 2009 10:17:00 AM

bat bat me bat kahane kee kala lajwab hai . narayan narayan

  रंजन

Friday, January 02, 2009 10:35:00 AM

" विद्या-माता की कसम खा".. सैंम और बीनू ने बचपन याद दिला दिया.. हम भी बात-बात में ये ही कहते थे..

  कुश

Friday, January 02, 2009 10:56:00 AM

लगता है सैम को ए आई बी ए का मेंबर बनाना पड़ेगा.

अजी वही "ऑल इंडिया बेचलर एसोशियन"...

वैसे असली ताऊ कौन पहेली का जवाब मिला की नही???

  संजय बेंगाणी

Friday, January 02, 2009 11:04:00 AM

ताऊ है चतुर. क्या मजाल कोई पकड़ ले या सच्चाई उगलवा ले. :)


विद्या-माता की कसम खाकर कहता हूं... हम तो बचपन के दिनों में खो गए, भूल ही गए थे ये कसमें... :)
कभी विद्यावान बनना चाहते थे और विद्यामाता की कसम से बहूत घबराते थे.

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Friday, January 02, 2009 11:12:00 AM

ये आतंकवादी भारत पाकिस्तान सीमा पर आकर लडेंगे तो लूट खसोटने के लिये इस सीमा पर तगडे मालदार गांवों के आसामी मिलेंगे। अफ़गानिस्तान सीमा पर अब क्या लूटपाट करे वहां तो इन पाजियों ने जनता को नोच नोच कर पहले ही नंगे नबाब और किले पर उनका घर बना डाला।

बहुत पते की बात कही है सैम बहादुर ने.

  अजित वडनेरकर

Friday, January 02, 2009 12:08:00 PM

सैम संस्कारी लगता है। विद्यामाता की कसम खिलवाता है...

  मोहन वशिष्‍ठ

Friday, January 02, 2009 6:26:00 PM

अफ़गानिस्तान सीमा पर अब क्या लूटपाट करे वहां तो इन पाजियों ने जनता को नोच नोच कर पहले ही नंगे नबाब और किले पर उनका घर बना डाला। और तुम कह रहे हो कि देशभक्त हैं ?

वाह ताऊ जी मजा आ गया पढकर अर आदमी भी यूं तो तम काम के ही लगते हो बस बचकर रहना आपको बेस्‍ट आफ लक

  सुशील कुमार छौक्कर

Friday, January 02, 2009 6:42:00 PM

तू विद्या-माता की कसम खा। अरे तो स्कूल के दिनों की याद दिला दी।
और ताऊ जी ने सही कहा है जी। इस दुनिया में जो चोरी करता पकड़ा जाए वो चोर, नही तो इमानदार है ही।

  रंजना

Friday, January 02, 2009 7:18:00 PM

""हा हा हा हा हा हा हा ! lajawaab ! majedaar !

  विवेक सिंह

Friday, January 02, 2009 8:58:00 PM

मजेदार खूँटा गाढ दिया है ताऊ जी !

  अल्पना वर्मा

Friday, January 02, 2009 10:30:00 PM

-binu aur sam दोनों वधू की खोज में!!!!!!!!!! बहुत ही रोचक !


--अगर कभी पकडा गया होता तो गिरफ़्तार
होता ना !

सच्चाई कब तक छुपी रह सकती है...??
ताऊ के मुंह से भी सच निकल गया तो क्या हुआ??

  विनीता यशस्वी

Friday, January 02, 2009 10:49:00 PM

Tauji, Ek baar fir se satik shabdo mai gambhir baat ko aapne apne hi majakiya andaz mai kah dala

  गौतम राजरिशी

Friday, January 02, 2009 11:09:00 PM

तो हम उस नये साल वाले ई-मेल को २००८ की उस आखिरी पहेली का हल मान ले ताऊ?

सैम-बीनू संवाद फिर से तीर निशाने पे बिठा हुआ और खूंटे की चोट फिर से लाजवाब

  दिगम्बर नासवा

Saturday, January 03, 2009 12:55:00 AM

सैम बीनू की चक्कलस जोरदार होती है ताऊ.
और आपके खूंटे का तो कोई जवाब नही मजेदार है इस बार भी

  लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`

Saturday, January 03, 2009 3:13:00 AM

हैप्पी न्यू इयर
सैम और बीनू को भी :)
विध्यामाता की कसम !!
वाह जी वाह !!
- लावण्या

  अनूप शुक्ल

Saturday, January 03, 2009 8:21:00 AM

नये साल में सैम का घर बसे। रंड़ापा दूर हो। यही दुआ है- विद्या माता की कसम!

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Tuesday, January 06, 2009 7:30:00 PM

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Thursday, January 15, 2009 6:52:00 PM

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