चुनाव दृश्य न.१
नागनाथ पार्टी अध्यक्ष की तीन पत्नियां,
टिकट दिलवा दिया तीसरे नंबर की जानू को,
बड़ी और मझली ने कोप भवन संभाल लिया,
सौतन के प्रचार में जाने से मना कर दिया,
चुनाव प्रचार में उलटा असर पड़ते देख,
कार्यकर्ताओं ने और ग्रामीणों ने पूछा,
तो आदत अनुसार नेताजी बोले,
नही ऎसी कोई बात नही है, एकता बरकरार है
अभी बड़ी और मझली पटेलन को बुलवाता हूँ
घर फोन से बात की , और आने का आदेश दिया
केन्द्रीय नेता की सार्वजनिक सभा समाप्त होगई
पर दोनों पटेलन तो मिटींग में नही आई !
चुनाव दृश्य न.२
सांपनाथ पार्टी के प्रत्यासी की हैं चार बीबीयाँ
आजकल चारो बीबीयों के साथ वोट मांगने निकलते हैं !
चार होने के बावजूद सम्पूर्ण एकता और तालमेल है
गजब का चुनाव प्रबंधन है
पहली पटेलन, चारों के मायको के गाँवों को संभाल रही है
दूसरी ससुराल के गाँवों को संभाल रही है
तीसरी सारे कार्यकर्ताओं और अर्थ प्रबंधन देख रही है
चौथी ने , रण ( चुनाव ) क्षेत्र में,
पति के कंधे से कंधा लगा रक्खा है
आप ही बताईये किसकी विजय होगी ?
इब खूंटे पै पढो :-
आदिवासी समाज में आज भी बहुपत्नी प्रथा का चलन है ! म.प्र. के निमाड़ और मालवा के कुछ जिलो में रहने वाले भील, भीलाला और दूसरी जन जातियों में इसे अघोषित रूप से मान्यता मिली हुई है ! उपरोक्त दोनों चुनाव समाचार आजकल के अखबारों में चर्चा में का विषय हैं ! और दोनों ही शीर्षस्थ पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं !




29 comments:
Saturday, November 22, 2008 10:09:00 AM
आप ही बताईये किसकी विजय होगी ?
ताऊ जी चुनावी विजय की छोडो ,बाहर हारें -चाहें जीतें लेकिन घरवाली की लडाई तो हार ही जायेंगे ऐसे पुराने अनुभव लोंगों ने कई बताएं हैं .
Saturday, November 22, 2008 10:23:00 AM
1. HTML tag ko thik kariye, fat para hai.
2. Ye chunav ke saamp aur naagon ko 1-2 bibi se kaam nahi chalta kya
3. Abhi tak kuch pata chala ki right side me sabe top me per ke neeche khari ye cute kehan chali ;)
Saturday, November 22, 2008 10:23:00 AM
पहली पटेलन, चारों के मायको के गाँवों को संभाल रही है
दूसरी ससुराल के गाँवों को संभाल रही है
तीसरी सारे कार्यकर्ताओं और अर्थ प्रबंधन देख रही है
चौथी ने , रण ( चुनाव ) क्षेत्र में,
पति के कंधे से कंधा लगा रक्खा है
"" वाह, क्या आँखों देखा हाल सुनाया है ताऊ जी ने, अब सापनाथ की चारो बीबीयों ने तो सारे मोर्चे सम्भाले जा चुके है पर हम कुछ नही कहेंगे , आप के समाचार का ही इन्तजार करेंगे... वैसे जिसको ताऊ जी वोट देंगे जीतेगा वोही ... हा हा "
Regards
Saturday, November 22, 2008 10:49:00 AM
सांपनाथ जीतना चाहिये।
पर जीते चाहे सांपनाथ या नागनाथ, हारने वाला करेगा केस - एक से ज्यादा बीवी होने के मामले को ले कर!
Saturday, November 22, 2008 11:18:00 AM
ताऊ, इब तो चुनावों तै पाच्छे ई बेरा पाट्टेगा अक कुण सी पाल्टी जित्ती. बोट उनकी घर आलियों नै कोन्या डालने.
Saturday, November 22, 2008 11:21:00 AM
कोई भी जीते हारने वाले तो हम ही हैं. खमीर उस्रो ने कहा भी है:
चुनाव में खड़े हो तो डर कैसा
हारे तो हल्ला करो, जीते तो पैसा ही पैसा!
Saturday, November 22, 2008 11:22:00 AM
कौन जीतेगा ये तो नही बता सकता लेकिन हारेगा कौन ये गारंटी के बता सकता हूं। हारेगी तो सिर्फ़ गरीब जनता,क्यों गलत कहा क्या मैने।वैसे ताऊ सवाल बडा गजब का है,नागनाथ और सांपनाथ दोनो मे से एक को तो चुनना ही पडेगा,यही तो मज़बूरी है।
Saturday, November 22, 2008 11:34:00 AM
कल पोस्ट कुछ और दिख रही थी ब्लोगरोल में...पर ब्लॉग पर गई तो पोस्ट गायब! चुनाव का ये बढ़िया लिखा है आपने, खास तौर से कैसे चार पत्नियाँ मिल कर सम्हाल रही हैं इलेक्शन, एक मायका...एक ससुराल और एक सारी व्यवस्था. ऐसी पत्नियाँ हो तो कोई भी आराम से इलेक्शन जीतेगा.
Saturday, November 22, 2008 12:08:00 PM
jitna to dono ne hai kuke dono ke do se adhik shadiya kari hai ,magar dusare ke management kafi sahi hai .. aapkya kahte ho tauji....
Saturday, November 22, 2008 12:34:00 PM
yahan ek se pareshan
wahan charoan me gamahsan
regards
Saturday, November 22, 2008 12:53:00 PM
@ ताऊ jee, आपका कमेन्ट आदर सहित वहीं हैं, शायद मेरे नेटवर्क मे कुछ गडबड थी, जो ब्लॉग पर नही दिखा..मैंने ठीक कर लिया है , आपकी शुभकामनाओ और प्रोत्साहन के लिए दिल से आभारी हूँ..
Regards
Saturday, November 22, 2008 12:53:00 PM
पहली घटना भीकनगांव चुनाव क्षेत्र से है और दूसरी बडवानी चुनाव क्षेत्र की है !
यहाँ एक से परेशान और वहाँ तीन /चार में घमासान ! :) बहुत जोरदार !
Saturday, November 22, 2008 1:00:00 PM
जीत चाहे सापनाथ की हो चाहे नागनाथ की, हार तो जनता की ही होनी है.
एक हरयान्वी कहावत है के "शेर का भाई बघेरा - वो कूदै नौ, और वो कूदै तेराह !"
Saturday, November 22, 2008 2:14:00 PM
सांपनाथ जीतेगा जी !
Saturday, November 22, 2008 4:32:00 PM
ताऊ बहुत सुन्दर, सब सब साप नाथ, ओर नाग राज भाई भाई है, जीते कोई भी खुन तो हमारा ही चुसेगे.
धन्यवाद
Saturday, November 22, 2008 5:43:00 PM
हम तो किसी कृषि सहायक, विषहीन केंचुए को ढूँढ अपना वोट देंगे । वैसे सांप और नाग कुर्सी पर न बैठे हों तो बहुत सुन्दर लगते हैं ।
घुघूती बासूती
Saturday, November 22, 2008 7:50:00 PM
sab jeetnge
chahe ho saanp nath chaahe ho naag naath
ham to kabhoon na jeet sake!!!!!1
Saturday, November 22, 2008 7:53:00 PM
ताऊ कोई जीते जनता को तो हारना ही है .
Saturday, November 22, 2008 7:59:00 PM
मेरा तो मनोबल ही तोड़ दिया,
मेरे तो एक ही पत्नी है, मैं नही जीत सकता चुनाव, कल ही नाम वापस लेता हूँ...
Saturday, November 22, 2008 8:23:00 PM
"वो सुबहा कभी तो आयेगी"
जब कोई सच्चा वीर आयेगा और दुखी जनता का दर्द समझेगा !
और हमेँ तो आपके लगाये चित्रोँ मेँ से घटादार हरे पेड बहुत अच्छे लगे
और
उस महिला से पूछिये
"रोटी कब तक तैयार होगी ?"
तब तक हाथ धो कर हम आ जायेँगेँ ..जीमने :)
- लावण्या
Saturday, November 22, 2008 9:22:00 PM
नागनाथ और सांपनाथ दोनों की ही जमानत जिस दिन जनता जब्त करायेगी वही लोकतंत्र का असली
चेहरा होगा/ताऊ,विजय किसी की भी हो हर बार की तरह हार मजबूर जनता की होगी/
Saturday, November 22, 2008 11:02:00 PM
थारी हर बात निराली से...भाई खूब लिखा है तमने ताऊ...
नीरज
Saturday, November 22, 2008 11:52:00 PM
नागनाथ या सांपनाथ
दोनों जोड़ गए हाथ
विवशता है
इन में से ही
कोई एक जीतेगा
छाती पर मूंग दलेगा
लोग कहते हैं कोई जीते
हारना जनता को है
पर जनता लड़ती कहाँ है?
लड़ती है तो
हारती कहाँ है?
Sunday, November 23, 2008 7:48:00 AM
हारना तो खैर जनता को ही है। लेकिन ताऊ अब आपने रिपोर्टिंग भी शुरू कर दी :) और वह भी सीधे चुनाव क्षेत्र से :) हम तो कहेंगे कि नागनाथ और सांपनाथ को लट्ठ मारकर आप खुद ही इलेक्शन में खड़े हो जाओ..हां, उनकी बीवियों से होशियार जरूर रहना, सुनते हैं वे भी कम जहरीली नहीं होतीं :)
Sunday, November 23, 2008 11:01:00 AM
सांपनाथ और नागनाथ को आप्पस महं भेड़ कै स्वामी अजगर नारायण सीट निकाल सकैं
आजकल बाब्बे हिट अर फिट होरे सैं
Sunday, November 23, 2008 11:25:00 AM
नागनाथ पार्टी अध्यक्ष की तीन पत्नियां--ticket ek ko hi??badi nainsaafi hai!baqi do virodi ho gayee hongi.ye to haarega buri tarah se!
-सांपनाथ पार्टी के प्रत्यासी की हैं चार बीबीयाँ-आजकल चारो बीबीयों के साथ वोट मांगने निकलते हैं ! -yahi party jitegi Tau ji--yah to Lalu yadav se bhi bada diplomat lagta hai--
Sunday, November 23, 2008 1:27:00 PM
इन्हीं की माया है सब, इसलिए हमारे तो विरक्त होने में ही भला है।
Monday, November 24, 2008 1:32:00 AM
ताऊ जी आज पहली बार आप का ब्लॉग देखा ,बड़ा मजा आया ,फोटो तो कमाल की लग्गा राखी है , भूतनी का बले डांस सबसे मजेदार है
Tuesday, November 25, 2008 3:00:00 PM
जिसे ताऊ जी वोट देगे वही जीतेगा जी।
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