ब्लोगीवुड में ज्ञान वर्धन के लिए पहेली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था दीपावली के मौके पर ! और इनामी पहेली रखी बिल्कुल कौन बनेगा करोड़पति स्टाईल में ! बाकायदा पार्टिसिपेंट्स को बुलवाया गया ! उनका आई. क्यू. टेस्ट लिया गया ! डा. अरविन्द मिश्रा सवाल पूछने वाले थे ! उनको तस्लीम पर पहेली पूछने का तजुर्बा भी अच्छा था ! इस वजह से ये जिम्मेदारी उनको दी गई !
प्रतियोगिता में कुल ४ सवालों का जवाब देना था और एक एक सवाल पच्चीस २ लाख का था ! पर एक भी ग़लत जवाब दिया तो पुरे रुपये हजम और खेल खत्म ! अब कौन सी मल्टी नॅशनल कम्पनी ने इसे आयोजित किया था ये अपने को नही पता ! अपने को तो ये पता था की इनाम की रकम एक करोड़ वहीं सूटकेस में भरके रखी जाती थी !
वहाँ पर ऐसे २ सवाल मिश्राजी द्वारा पूछे जा रहे थे की उनका जवाब देना बड़ा मुश्किल था ! किसी भी प्रतियोगी ने किसी भी किताब में ये सवाल पढ़े ही नही थे ! अब इधर पिछले सप्ताह ही उन्होंने ब्लॉग पर चन्द्रमा से सम्बंधित सवाल पूछा था ! उसका सिर्फ़ ताऊ ने सही जवाब दिया था ! बाक़ी लोगो ने तो ताऊ के देखा देखी जवाब दे दिए थे ! :) इस आधार पर ताऊ को वाइल्ड कार्ड इंट्री दे दी गई !
अब ताऊ हॉट सीट तक पहुँच गया ! और ताऊ ने तय कर लिया की किसी भी तरह ये एक करोड़ तो हथियाने ही हैं ! क्योंकि शिवजी भी चकमा देके निकल लिए थे ! और अब एक बार चोरी डकैती लूट का खून मुंह लग जाए तो फ़िर खेती बाडी करना ज़रा मुश्किल काम है !
निश्चित दिन ताऊ प्रतियोगिता में भाग लेने पहुँच गया !
मिश्रा जी के सामने ताऊ बैठा है और मिश्रा जी नियम कायदे समझा रहे हैं !
मिश्रा जी : ताऊ आपका परिचय ?
ताऊ : हरियाणा का एक शरीफ और बेरोजगार किसान !
मिश्रा जी : क्या काम करते हैं आप ?
ताऊ : कभी कुछ कभी कुछ !
मिश्राजी : क्या मतलब ? ज़रा साफ़ 2 बतलाईये हमारे दर्शकों को !
ताऊ : भाई कभी खेती बाडी और कभी चोरी डकैती लूट का धंधा सै मेरा !
अब मिश्राजी को कुछ खुटका हुआ ! मिश्राजी ने एक करोड़ रूपया वाली पेटी को ध्यान से देखा और अब समझ गए की ये ताऊ बार बार उसकी तरफ़ ही क्यूँ देखे जा रहा है ? मिश्राजी को लगा की ये कहीं लेके ही ना भाग जाए !
मिश्राजी : देखो ताऊ , इस खेल के नियम समझ लो ! हर सवाल २५ लाख का है ! एक भी गलत जवाब तुमको प्रतियोगिता से बाहर कर देगा ! और तुम कुल दो लाईफ लाइन यानी दो बार फोन से तुम्हारे दोस्तों की मदद ले सकते हो ! कोई शक ?
ताऊ : नही जी हमको कैसा शक ? आपको हो तो दूर करलो ! हम तो एक करोड़ जीतने आए हैं !
तो ताऊ अब शुरू करते हैं सवाल जवाब का सिलसिला ! Be ready ....
मिश्रा जी : ये रहा पहला सवाल , ताऊ , छछूंदर के सर में कौन सा तेल लगाया जाता है ?
ताऊ : अरे मिश्राजी ज़रा से सवाल के २५ लाख ? इतना सरल सवाल ? कल और परसों ही ज्ञान जी के ब्लॉग पर समीर जी ने बताया था की छछूंदर के सर में चमेली का तेल लगाया जाता है ! और ज्ञान जी चमेली का तेल लगा कर फोटू खिंचाये बैठे हैं !
और फ़ुरसतिया जी चमेली का तेल लगाने को तैयार नही है !
मिश्रा जी : वेरी स्मार्ट ताऊ ! आप २५ लाख जीत गए हैं ! अब अगला सवाल !
ताऊ बोला : आने दो जी अगले सवाल को भी !
मिश्रा जी : ऊँटनी के दूध देने वाले कितने थन होते हैं ?
ताऊ : ये लो मिश्राजी आप भी कैसे २ आसान सवाल पूछ रहे हो ? मैंने ही कुछ दिन पहले ब्लागीवूड को बताया था की ऊँटनी के दूध आले ३ थन होते हैं !
मिश्रा जी : वेरी गुड ताऊ ! ये सवाल भी तुम जीत गए ! अब आपके पास ५० लाख हो गए हैं ! आप चाहो तो ये रूपये लेके किसी भी समय जा सकते हैं ! पर अगर एक भी गलत जवाब दिया तो इनसे हाथ धोना पडेगा !
पर ताऊ ने समझ लिया था की सीधे सीधे सवाल पूछ रहे हैं सो पुरे एक करोड़ ही ले के जायेंगे !
मिश्रा जी : हाँ तो ताऊ अब तीसरा सवाल ! बोलो खेलोगे या छोड़ कर ५० लाख ले जाना चाहोगे ?
ताऊ : नही २ आप तो सवाल पूछो जी !
मिश्राजी : हाँ तो बताइये तलाक के लिए कौन जिम्मेदार होता है ?
ताऊ : शादी ! बिल्कुल सीधा सा सवाल है ! बिना शादी हुए तलाक हो ही नही सकता !
मिश्राजी : unbelievable . बधाई हो ताऊ ! आप ७५ लाख जीत गए हैं ! बहुत २ बधाई ! और पूरा हाल तालियों से गड़ गड़ा उठा !
ताऊ झूक २ कर सबकी बधाईयाँ स्वीकार कर रहा है !
मिश्रा जी : हाँ तो ताऊ महोदय ! अब क्या विचार है ? ७५ लाख लेकर जाना है या और खेलना है ?
ताऊ : ना जी हमें तो पुरे एक करोड़ चाहिए ! इतने सीधे सवाल हैं ! २५ लाख का घाटा कौन सहन करेगा ? आप तो अगला सवाल पूछिये !
मिश्रा जी : ठीक है ताऊ महोदय ! हाँ तो आपके पास दो लाईफ लाइन बाक़ी हैं ! दो दोस्तों को फोन करने वाली ! उनका उपयोग कर सकते हो ! ठीक है ? अब अगला सवाल ये रहा :
बताईये दिल्ली और न्यूयार्क में कितना समय का फर्क है ?
अब ताऊ को साँप सूंघ गया ! ये टाईम फर्क क्या चीज होती है ? इसके बारे में तो कभी सुना ही नही था ! अब क्या करे ? ये तो आखिरी में उलझा दिया मिश्रा जी ने !
मिश्राजी : ताऊ क्या हुआ ? आराम से सोच के जवाब दो ! कोई जल्दी नही ! पर समझ लो की गलत जवाब तुम्हारे पिछले जीते हुए ७५ लाख भी डुबो देगा ! नही आता हो तो लाईफ लाइन प्रयोग में ले सकते हो !
अब ताऊ को थोड़ी तसल्ली हुई ! ताऊ ने लाईफ लाइन में योगीन्द्र मोदगिल को फोन लगवाया ! और सवाल पूछा ! योगीन्द्र मोदगिल जी ने बताया की तकरीबन घंटा बीसेक का फर्क होगा और भाई ताऊ जे बीसेक का नही तो फ़िर १२ घंटा का तो पक्का ही सै ! और फोन लाइन का समय खत्म ! फोन कट हो गया !
अब ताऊ को ७५ लाख भी डूबते नजर आने लगे ! मन ही मन योगीन्द्र मोदगिल जी को कोसते हुए ताऊ दुखी हो लिया ! अब ताऊ ने योगीन्द्र मोदगिल जी को फोन लगाया तो इस लिए था की वो भी हरयाणवी है तो कम से कम एक हरयाणवी को तो सही सलाह देगा पर उसमे उनका क्या दोष ? हर हरयाणवी इसी तरह की बातें करता है ! बताओ २० और १२ घंटे में कोई फर्क नही ?
मिश्रा जी : हाँ तो ताऊ अब बोलो ! अब या तो एक करोड़ ले जाओगे या फ़िर शून्य अंडा ! अभी भी कुछ याद आया ? कोई विचार ? कभी किसी से सूना हो ?
ताऊ : यार मिश्रा साहब ! मन्नै अमरीका की पूंछ का नही मालुम ! और थमने सवाल बूझ लिया अमरीका का ? यो कित की तरफ़ होवे सै ? मन्नै ये भी नही बेरा तो टेम का फर्क कित सै मालुम होगा ? अगर ये मालुम होता की अमरीका अमरीका खेलोगे तो मैं अमरीका की मैय्यत म्ह भी नही जाता ! और ७५ लाख से तसल्ली कर लेता ! बुरा फंसा लिया थमने ! मैं तो समझा था लट्ठ और भैंस पर ही आयेगा अगला सवाल !
मिश्रा जी : खैर ताऊ चिंता की कोई बात नही ! अभी एक लाईफ लाइन और है आपके पास ! प्रयोग कर लो ! बोलो किसको लगाऊं ?
ताऊ ने सोच साच के बताया की राज भाटिया जी को लगादो ! पर ताऊ को ये नही सुझा की वो भी हरयाणवी है और बेभाव मरवाएगा ताऊ को !
मिश्राजी ने भाटिया जी को जर्मनी फोन लगा दिया और ताऊ के बारे में बता दिया ! और फोन ताऊ को पकडा दिया ! अब राज भाटिया जी और ताऊ में बात होने लगी !
ताऊ : यार भाटिया जी दिल्ली और न्यूयार्क म्ह टेम का कितना फर्क सै भाई ? ज़रा सही सही बताना भाई ! एक करोड़ का सवाल सै ! इबकै ये करोड़ रुपये हाथ लग गए तो फ़िर मैं भला आदमी बन कर जीऊँगा !
भाटिया जी : ताऊ एक मिनट ...... ( ताऊ ने आगे की बात ही नही सुनी ! भाटिया जी एक मिनट रुकने का कह रहे थे ! और ताऊ ने समझा की टेम फर्क एक मिनट का है ! )
और ताऊ ने फोन काट कर मिश्रा जी को जवाब पकडा दिया : एक मिनट !
मिश्रा जी : हां तो ताऊ ? लोक करू आपका जवाब - एक मिनट ?
ताऊ : बिल्कुल जी !
मिश्राजी : एक बार फ़िर सोच लो ताऊ !
ताऊ : अरे मिश्रा जी भाटिया जी म्हारा बड़ा भाई सै ! और इतना पढा लिखा सै की ठेठ जर्मनी म्ह रहता है तो क्या उसको इतनी बात भी नही मालुम ? आप तो उसका बताया जवाब एक मिनट लोक करदो !
मिश्रा जी : ठीक है कंप्यूटर जी ! लोक करिए, ताऊ का जवाब है - एक मिनट ! और ये
ताऊ तुम हार गए ! सही जवाब है 10 : 30 hrs ...!
ताऊ बोल्या - अरे कल तो यो शंकर जी की एक मिनट नै म्हारी ऐसी तैसी करवा दी और आज यो भाटिया जी की एक मिनट नै म्हारी ऐसी तैसी करवा दी ! ७५ लाख कमाए हुए का नुक्सान करवा दिया !
लगता है ताऊ की किस्मत ही कुछ माड़ी चाल री सै आज कल ! आपके पास कोई काम धंधा का आईडीया हो तो ताऊ को बताना ! इब राम राम !




26 comments:
Tuesday, November 04, 2008 12:46:00 AM
अरे ताऊ तु केसे हार गया, पकड ले मिश्रा जी कॊ भाग के , भाई मिश्रा जी गलत है भाई १०,३० नही ११,३० का फ़र्क है, भाग जल्दी कही मिश्रा जी निकल ना ले.
Tuesday, November 04, 2008 1:02:00 AM
अब भी समझे ना ताऊ, एक मिनट में कोई करोड़ पति ना होए है।
Tuesday, November 04, 2008 2:06:00 AM
ताऊ
जय राम जी की
इतै सब ठीक है, आपकी जा पोस्ट मिलतै गूगल
कक्का की ट्रांसलेटर किंक खोल खैं हम तिपियाबे के लाने
बुन्देली सोची रए हथे कै मिसरा जी को फोन आ गओ बे कहन लगे ........कहन लगे कि "काय,बांच लाई ताऊ की चिट्टी"
हओ कह के हम ने फोन पटक दओ . अब ताऊ को लगो घाटा इनको # पेट पिरा र ओं काय ?
मिसरा हरे [वगैरा] जा बात नें जान पाए कि "कि स्टोरी को मारल क या "[व्हाट इस द मारल ऑफ़ थे स्टोरी ]
बे औरै ताऊ के घाटे में अपनो घाटा तपास रए हैं
भैया इस कहानी से हमें जा सिच्छा मिला रई है कि "ब्लागरन को भरोसा नै करना भैया और उन पै तो रत्ती भर नैं करियो जीतते नाम लाऊ नें गिनाएं हैं ''
"बेहतरीन पोस्ट के लिए बधाइयां ताऊ का आ रए हमाए जबलैपुर न आओ तो भी ठीक आ ओ तो ठीकै है
Tuesday, November 04, 2008 5:19:00 AM
मिनट-मिनट की बात है. उस मिनट ताऊ का बैडलक ही ख़राब चल रहा था शायद. अब ताओ को चाहिए कि प्रतियोगिता वालों के ख़िलाफ़ किसान, ग्रामीण और हरियाणा के ख़िलाफ़ भेदभाव करने का मुक़द्दमा चलाया जाय. भेदभाव वाला कार्ड तो भारत में क्या कहीं भी कभी फ़ेल नहीं होता है.
Tuesday, November 04, 2008 6:22:00 AM
बादशाहों तुसी कंगाल होकर भी कई कुबेरों की ऐसी तैसी कर रहे हो -ठण्ड रख भाई !
Tuesday, November 04, 2008 7:20:00 AM
ताऊ आपको २५ लाख का घाटा हो गया पढ़कर बहुत अफ़सोस हुवा |हमारी और से बहुत बहुत सांत्वना | ताऊ सारे काम धंधे करके देख लिए तुम्हारी तो किसानों के वोटों पर अच्छी पकड़ होगी सो राजनीती में क्यों नही चले जाते,पुराने लुट आदि के मामले भी खुल गए तो बच जावोगे और आजकल मंत्री बनाना कोनसा मुश्किल काम है |
Tuesday, November 04, 2008 8:22:00 AM
बहुत बढ़िया ताऊ ! केबीसी की याद दिला दी, इस प्यारी विविधता के लिए बधाई ! ;-))
Tuesday, November 04, 2008 9:08:00 AM
क्या ताऊ.. राज जी कि बात मान ले.. जल्दी से पकड़ मिश्राजी को.. :)
चलते चलते एक मजेदार बात बताता जाता हूं ताऊ, जो मुझे पेड़ का फोटू देख के याद आया.. लगभग 1.5 साल पहले उसी फोटो वाला और्कुट पर एक प्रोफ़ाईल हुआ करता था.. खुद को ट्री बुलाती थी, मगर उसका नाम कहीं दिखता नहीं था.. शायद वो पाकिस्तान कि रहने वाली थी और और्कुट कि सबसे बड़ी हैकर थी वह.. और्कुट वाले भी परेशान रहते थे उससे.. कभी उसका आई पी ब्लौक करते तो कभी कुछ.. मगर उसे रोक नहीं पाते थे.. :)
Tuesday, November 04, 2008 9:38:00 AM
ताऊ जी ने गलती कर दी इस हरियाणवी छौक्करे को फोन मिला दिया होता तो पूरे एक करोड़ जीत के जाता। ताऊ जी के सितारे खराब चल रहे है। जब चमकेंगे तो देखना क्या क्या गुल खिलाते हैं ताऊ जी।
Tuesday, November 04, 2008 9:43:00 AM
@राज भाटिय़ा ... इब भाई भाटिया जी मिश्रा जी ने १० :३० बोला था या ११ : ३० उससे क्या फर्क पङता है ? शोरगुल और गम में ताऊ ने ज्यादा ध्यान नही दिया था ! अगर थोडा बहुत फर्क होता १० या २० मिनट का तो लट्ठ मार मार कै म्हारा जवाब सही करवा लेते पर १०/११ घंटे के फर्क में तो इतनी घावली भी नही चलती ! हो सकता है ११ : ३० ही कहा होगा ! पर आपने तो एक मिनट कह कै म्हारे ७५ लाख ही डुबवा दिए ! :)
Tuesday, November 04, 2008 10:12:00 AM
बेहतरीन पोस्ट सै, ताऊ !
देख लिया जातिवाद, प्रदेशवाद का नतीज़ा ?
मेरे को बोला कोन्नीं, कम्प्यूटर का लाक हैक कर लेता !
Tuesday, November 04, 2008 10:50:00 AM
भाई मज़ा आ गया.
Tuesday, November 04, 2008 12:48:00 PM
बड़ा भारी नुकसान है ताऊ ...... इब जब मिलेगे तो बाँट दियो सब में ....दुःख घना कम हो जावेगा
Tuesday, November 04, 2008 12:49:00 PM
ये तो शंकर भगवान के एक मिनट से भी भारी निकला... आते ताऊ तनिक सब्र करना सीखो. हड़बड़ी करोगे तो यही होगा.
Tuesday, November 04, 2008 1:45:00 PM
ताऊ
मेरे तै तो बात ई कोनी होयी थारी
तीन-चार दिन तै मेरा मोबाइल भूतनाथ के पास है
उसे नै बदला काड्या होगा
युनिटी की कसम
Tuesday, November 04, 2008 4:03:00 PM
कमाल हो गया भई, आपकी यह पोस्ट तो ताऊ के लटठ और भैंस के गोबर की तरह लाजवाब है जी। पर बेचारे ताऊ को 75 लाख का नुकसान हो गया, यह जानकर दुख हुआ। देखो जी, एक टब आंसू निकल चुके हैं अब तक। घबराओ नहीं ताऊ, हम तुम्हारे साथ हैं।
Tuesday, November 04, 2008 6:43:00 PM
अरे ताऊ हम बुरे लग रहे थे क्या ? हमको फोन मिला लेते हम एक मिनट में तो क्या छूटते ही बता देते ! अब भुगतो तुम्हारे हरयाना वाले भाई बंधो के किए धरे को ! वो मोदगिल जी साफ़ नकार गए की उनको फोन नही लगाया ! फोन भूतनाथ के पास था ! तो फ़िर सवाल ये उठता है की भूतनाथ कहाँ था ? क्या भूतनाथ डा. मिश्रा जी से मिला हुवा था ! मुझे तो लगता है तुम्हारे साथ बेईमानी की गई है ! इसकी जांच करवाओ ताऊ ! नही तो अपना लट्ठ और भैंस लेकर पहुँच जाओ ब्लागीवूड में ! न्याय होना चाहिए ! :) कुछ गड़ बड तो हुई है तुम्हारे साथ !
Tuesday, November 04, 2008 8:12:00 PM
अच्छा हुआ नहीं जीते। एक करोड़ जीत लेते तो ताऊ की ताऊअत खतम हो जाती!
ताऊ का हास्य एक करोड़ से ज्यादा का है! :)
Tuesday, November 04, 2008 10:55:00 PM
ताऊजी, आपके नुकसान का दुख हुआ। असल में आपकी शुरुआत गलत हुई। शुरू में फ़ुरसतिया के नाम का लफ़ड़ा लग गया इसीलिये सब रुपये चले गये। आप ऐसा करो जी ठोंक दो दावा फ़ुरसतिया पर। जो होगा देखा जायेगा।
Tuesday, November 04, 2008 11:18:00 PM
ताऊ, अब आज याद कर ले-मैने जब भी मना की थी कि भाटिया जी का भरोसा मत करना जब इनने ताई को जर्मनी वालाअ लट्ठ लाकर दिया था. मगर मेरी सुनते कहाँ हो..हरियाणवी है हरियाण्वी है-लो, देख ली हरयाणवी की करतूत!! सही जबाब मालूम था मगर एक मिनट बोलने की क्या जरुरत थी. अब तो एक काम कर-भाटिया जी से कहो कि नुकसान की कुछ तो भरपाई करें. कुछ तो खर्चा पानी दें.
Tuesday, November 04, 2008 11:54:00 PM
are...bada bura hua. ek minute ne aapke ek karod rupaye harwa diye. khair agli baar hame fone lagana..shaayad ham aapko jitwa den.commission ki baaat baad mein kar lenge.
Wednesday, November 05, 2008 12:40:00 AM
ताऊ, आपकी भैंस की कीमत कितनी होगी?
Wednesday, November 05, 2008 1:07:00 AM
रोचक....!! लेकिन ताऊ जी पहले से ही लिखे स्क्रिप्ट पर खेलेंगे तो ऐसे ही होगा न...आप ठहरे हमारे सेलेब्रिटी...और आज तक किसी पैसा वाले प्रोग्राम में सेलेब्रिटी को फाइनल जीतते देखा है क्या...?? ताऊ...आप तो खेलते रहें...हम लोगों का " बेशकीमती " मनोरंजन होता है.
Wednesday, November 05, 2008 9:47:00 AM
' oh yhan to kya se kya ho gya or hume to ptta he nahee chla..... ye tau jee ke akal ko kya ho gya.... itna accha mauka hath se gva diya arey bhai jub tk khud shee jvab diye thy tb tk hee khailna tha akheer ye life line hee ley dubee naa aapko.... 75 lakh see hee sabr krna tha kahey ye ek crore ke chhakar mey aagye....ab to smej aa gya hoga na kee lalach buree blaa hai.....ha haha "
Regards
Thursday, November 06, 2008 8:16:00 PM
तू यार ताउ हर जगह गुड गोबर कर देता है, कभी शिवजी को ठगने मे मात खा जाता है तो कभी 75 लाख हार जाता है, अब तो लगता है कुँए वाली छोरियों को भी पता चल चुका होगा और डर लग रहा है कि कहीं फिर मेरे ताउ को कह दूँगी..थारी बतियां कह कर फिर से नंगा न कर दें :)
मजेदार पोस्ट।
Thursday, November 06, 2008 10:18:00 PM
ताऊ ये पैसे तो आप अपनी गलती से हारे हो, अरे फ़ोन रखने की क्या जरूरत थी, कौन से आपके पैसे से आईएसडी लग रहा था, आराम से पूरी बात सुन लेते, घर वालो की ख़बर ले लेते...अब लगा न घाटा.
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