ताऊ का जीना ही हराम हो गया ! जितने भी दोस्त हैं ताऊ के सब ताऊ के मजे लेने के लिए सलाह देते हैं ! ताऊ को सब उलटी सीधी समझा के कभी लूट का धंधा करवा दते हैं कभी ठगी करवा देते हैं ! अब सारी बात पुलिस वाले अफसरों को भी मालुम पड़ गई है ! और अपनी जुबान से और जुबान से क्या ? अपने ब्लॉग पर लिखा पढी में ठगी कबूल करली सो अब पुलिस ताऊ को अन्दर करेगी ही करेगी ! ताऊ को पक्का यकीन है क्योंकि पिछली पोस्ट की टिपणीयो से यही जाहिर होता है ! शायद पुलिस ने ताऊ के वारंट निकाल दिए हैं और ताऊ के अलावा सबको मालुम है ! और ताऊ को लगता है की सारे दोस्त भी पुलिस से मिले हुए हैं या मुखबिरी कर रहे हैं !
पिछली पोस्ट में किसने क्या क्या सलाह दी है ?
और ताऊ ने उनका क्या मतलब निकाला है ?
डा० अमर कुमार said...
ताऊ यार, आज इस घटना पर व्यक्तव्य देने का मन नहीं है, कल अपने गृहमंत्रालय से एक प्रेसनोट जारी करवा दूँगा
# मतलब सीधे धमकी की खुफिया पुलिस पीछे लग गई है ! सावधान !
अभिषेक ओझा said...
ताऊ नहीं सुधरने वाला... किसी दिन बुरा फंसेगा भाई !
राज भाटिय़ा said...
रे ताऊ तो घण ऊत शे भाई,लेकिन मजा आ गया सेठ ने भी कोन से मेहनत से कमाये थे, चल ताऊ अब ऎश कर, वेसे खाना तो मिलेगा बना बनाया चाहे बाहर खा चाहे अन्दर जा के खाईयो....
राम राम जी की
# साफ़ लग रहा है की वारंट निकल चुके हैं और ताऊ के मजे लेने लग रहे हैं !
ratan singh shekhawat said...
लगता है आजकल ताऊ ठगी में एक्सपर्ट हो लिया है लेकिन ताऊ सौ सुनार की एक लुहार की जिस दिन सेठ के धक्के चढ़ गए वो सारी ठगी वसूल लेगा |
# साफ़ साफ़ इशारा है की सेठ अन्दर करवाने के लिए पूरा जोर लगा रहा है !
ताऊ इस जमाने में घोड़ी वाला सेठ कहाँ? किस प्रदेश में मिल गया?
वैसे धंधा बुरा नहीं है बस रेगुलर न हो कर कैजुअल है।
# मतलब धंधे को और रेग्युलर कर लो तो कभी ना कभी फंसोगे ही ! फ़िर हम तो हैं ही ! चिंता क्यूँ करते हो ? आख़िर हम किस रोज काम आयेंगे ? तुम्हारी जमानत हम करवा देंगे !
smart indian - स्मार्ट इंडियन said...
यह किस्सा तो गज़ब का है.
# भरमाने की कोशीश कर रहे हैं !
gyan dutt pandey said... बस; ऐसे सेठ-सेठानी और ऐसे ताऊ हो जायें दुनियां में तोसमाजवाद फटाक से आ जायेगा! :D
# ये मिली बिल्कुल मन माफिक सलाह ! आख़िर ताऊ यही तो चाहता है !
seema gupta said...
सेठाणी नै ये जरुर समझ लिया की यो ताऊ घणा ही शरीफ माणस सै क्यूँकी सबतैं घणा अफसोस परगट ताऊ नै ही करया था ! यानी ताऊ सेठाणी जी की नजर म्ह भला आदमी बन गया था
अरे ताऊ , रामकोरी को कहणा की गहने तो उसकी माँ ने भेजे है और ये घोडी उसके घूमने के लिए मैंने भेजी है !
" ha ha ha ha ha ha hahahah, lggta hai desh kee arthik situation prr bat krtey krtey or naseeht daite daite tau jee arthik mandee ko jhel nahe paye or fir se thgee pr hee aa gyee.....ab in gehno se kyee din tk kaam chul jayega or vo ghodee age daka dalne mey kaam ayege hai na..."
Regards
# बिल्कुल ताऊ के दिल की बात पहचान ली !
zakir ali 'rajneesh' said... ये ताऊ तो बडा चालबाज निकला। भइये, आप होशियार रहना, वर्ना आप भी लपेटे में आ जाओगे।
# पुलिस तो पुलिस , गाँव में भी ख़बर कर दी ! अब करलो कैसे धंधा करते हो ?
दीपक "तिवारी साहब" said...
ताऊ आप सेठ और सेठानी को ठग लो कोई बात नही ! पर अब हम ब्लागरो को ठगने के पीछे क्यूँ पड़े हो ? आप अपने ब्लॉग के दाहिनी तरफ़ पेड़ पर भूतनी का डांस दिखा रहे हो ! एक घंटा हो गया देखते देखते ! कुछ भी नही दिख रहा ! आपका क्या इरादा है ? हम तो उल्लू बन कर पेड़ की तरफ़ देखते रहे और आप हमारी जेब खाली कर दो ! ये कोई नई टेक्निक है क्या ठगी की ! अब कम से कम घर ( ब्लॉग पर ) बुला कर तो हमको मत लूटो !
लगता है आप, भाटिया जी, भूत नाथ जी और योगीन्द्र मोदगिल जी ने एक ठगी का गिरोह बना रखा है ? :) और लगता है आर्थिक मंदी के शिकार सबसे ज्यादा आप लोग ही हुए हो ?
# लगता है तिवारी साहब तो जगाधरी पव्वे के शरूर में राज भाटिया जी, भूतनाथ जी और योगिंदर मोदगिल जी जैसे निहायत ही शरीफ लोगों को भी पुलिस से पिटवाने की जुगाड़ में हैं !
डॉ .अनुराग said...
हम नही सुधरेगे !
# आखिरी चेतावनी , अब भी समय है ताऊ ! सुधर जाओ !
yamaraaj said...
ब्लॉगर भाइओ सावधान अब ताऊ की नजर ब्लॉगर भाइयो पर है . ताऊ जी आपसे इसी उम्मीद नही थी आप तो ब्लागरो के ताऊ है.
# निहायत ही शरीफ यमराज ! मालुम है. मरके भी ताऊ नरक में लट्ठ और भैंस सहित आयेगा ! काहे को पंगा लेना ? वरना नरक में भी अशांति फैलाएगा !
जितेन्द़ भगत said...
ताऊ, आज तो मैंने आपकी ठग-गाथा हरियाणवी टोन में अपने परिवार में बॉचकर सुनाई, लोग हॅस-हॅसकर पागल हो गए। आपकी पिछली ठगी का किस्सा भी सुनाया। सब आपके किस्सागोई के कायल हो गए।
# असली हरयाणवी चौपाल के मजे लेने के शौकीन ! आप जैसो के लिए ही तो ये ताउनामा लिखा जा रहा है !
udan tashtari said...
ताऊ, किसी दिन बुरा फसोगे ये दोस्तों की सलाह मानते मानते. :)
अब अगला नम्बर किसको ठगने का इरादा है???
# गुरु जैसी नेक सलाह ! सुधर लो नही तो पाप का घडा भरना हो तो तुम्हारी मर्जी !
समीर यादव said...
दीवाली के बाद इस तरह खुलेआम परचार के बाद ठगे गये तो हम ताऊ न हो जायेंगे...अब थोड़ा सोचे ताऊ.... कर भला तो हो भला.
# बाप रे ! पुलिस की नजर पड़ गयी ! पुलिस का एक्शन प्लान लगता है चालु हो गया !
मा पलायनम ! said...
डा. अरविन्द मिश्रा जी नै सलाह दे डाली की " धंधा -जमाये रहो इसी को अब !" तो ताऊ क्यों सलाह को मानने के लिए बाध्य हो गया ! तो फिर जमाये रहो धंधे को ताऊ जी .
भाई दोस्ती में सलाह तो क्या जान भी देदे ताऊ ! आपका मतलब यही धंधा चालू रखा जाए ? और पुलिस से सटके खाए जाए ?
arvind mishra said...
ये बड़ा शाणा है अपना ताऊ भी !
# अब ताऊ को लूट और ठगी के लिए असली प्रोत्साहित करने वाले दोस्त आदरणीय मिश्राजी तो लोगो को आज कल चाँद की सैर करवा रहे हैं ! आदरणीय पुलिस जनों , ताऊ को मोटिवेट करने वाले ये ही मिश्रा जी हैं ! और देखिये अब भी बावलीबूच ताऊ को सयाना बता कर चने के झाड़ पर चढ़ा रहे हैं !
ताऊ के साथ २ इन पर भी कोई धारा अवश्य लगाए और वहाँ अन्दर ताऊ को इनका साथ भी चाहिए !
आज के ताऊ !!!!!!!
क्या पाऊं , क्या खाऊं?
# भूखे हैं , कुछ हो तो दे जाओ !
सुशील कुमार छौक्कर said...
ये ताऊ नही सुधरने वाला।
# यार लोग सुधरने दे तब ना !
preeti barthwal said...
ताऊ जी राम राम
ये क्या कर रहे हो आप।
# लूट डकैती छोड़ने की तैयारी कर रहा हूँ !
अब ताऊ ने तय कर लिया है की चोरी, डकैती , लूट और ठगी के धंधे बंद ! और आज से ही अपना खेती किसानी का काम शुरू !
अब ऐसे काम की तौबा ! और भाई आप लोग ध्यान रखना , अगर पुलिस को मेरे ख़िलाफ़ कोई गवाही दी या सबूत दिया तो फ़िर मैं भी चुप नही बैठूंगा ! मेरे से ये काम आप लोगो ने ही चने के झाड़ पर चढ़ा कर करवाए थे ! मैं तो सरकारी गवाह बन जाउंगा पर आप अपना चंद्रमा सोच लेना !
ताऊ अब शराफत से अपने खेत में हल चला रहा था ! इतने में पृथ्वी लोक की सैर करते २ शिवजी और पार्वती ताऊ के खेत से जा रहे थे ! ताऊ ने एक मोडडे बाबाजी को
एक सुथरी सी लुगाई के साथ जाते देखा तो हल चलाना छोड़ कर उनके पास आ गया ! और उनके हाल चाल पूछने लगा ! शिवजी ने बताया की वो पृथ्वी लोक के लोगो के हाल चाल पूछने आए हैं !
ताऊ को जैसे ही मालुम पडा की ये साक्षात भोलेनाथ हैं तो उसने अपनी पगडी को खोल कर खेत में बिछा दिया और कुछ तो बिछाने के लिए था नही ! और उन दोनों को बैठने का कहा ! भोलेनाथ तो औघड़ महाराज की तरह जम गए ! पर माता पार्वती थोड़ी सकुचाई ! पर ताऊ की सादगी देख कर वो भी बैठ गयी ! कुछ थक भी गई थी ! नीम के पेड़ की जोरदार छाँव भी थी !
इब ताऊ बोला - शिव जी महाराज ! बैठो आप तो ! लो दो घूँट चिलम के लगा लो फ़िर घर चल कर रोटी खा पीके चले जाना ! अब शिवजी और ताऊ दोनों चिलम पीते हुए यूँ बात चीत करने लग गए !
ताऊ : भोले नाथ एक करोड़ साल का टेम (समय) कितणा लाम्बा होवै सै ?
शिवजी : भई ताऊ म्हारै लिए तो एक मिनट बराबर होवै सै एक करोड़ साल का टेम !
ताऊ ने इब बड़े आश्चर्य तैं बुझया : तो शिवजी महाराज एक करोड़ रुपये कितने होवें सै ?
शिवजी : म्हारै लिए तो एक रुपये बराबर होवै सै एक करोड़ रुपये !
इब ताऊ को लगा की बस अपने संकट दूर ही समझो ! सो चिलम का एक लंबा कश खींच कर चिलम भोलेनाथ को पकडाता हुवा बोला : अरे भोले बाबा तो फेर नु कर म्हारै को भी दो चार रुपये दे देना ! जिस तैं म्हारै सारे कष्ट ही दूर हो जावैंगे !
इब शिवजी बाबा बोले : क्यूँ नही .. देता हूँ ....बस एक मिनट रुको !







19 comments:
Sunday, November 02, 2008 8:29:00 PM
तो ताऊ रुको एक करोड़ साल तक तब तक शिव जी दे ही देंगे
Sunday, November 02, 2008 8:57:00 PM
जिस ने कहा सही कहा था, अब ब्लगरों का नम्बर है। पर देखो एक फालतू सवाल पूछ कर खुद ही फंस लिए। ताऊ भी न छूटा शिव जी से।
Sunday, November 02, 2008 8:59:00 PM
ताऊ यह शिव जी तो भाई तेरे भी ताऊ शे,
Sunday, November 02, 2008 9:45:00 PM
अब टंगे रहो एक मिनट शिव जी वाले...शिव जी को ठगने का प्लान फ्लाप..नया मुर्गा फंसाओ.
हा हा!!!
और अंदर आने के नौबत दिखी तो आदरणीय बोल रहे हो:
आदरणीय पुलिस जनों , ताऊ को मोटिवेट करने वाले ये ही मिश्रा जी हैं !
पहले तो ऐसा नहीं बोलते थे, अब क्या हुआ!!!
Sunday, November 02, 2008 10:04:00 PM
मंहगाई के रेट के अनुसार अन्तत: ताऊ को दो चार रुपये ही मिलेंगे आज के हिसाब से। भगवान का न्याय इन्फ्लेशन रेट का ख्याल कर होता है। :)
Sunday, November 02, 2008 10:14:00 PM
तो ताउ भोले बाबा को भी ठगने चले थे चिलम पिला कर:) लेकिन ताउ को शायद ये नहीं पता था कि जब भोले बाबा पर विष तक नहीं चढता तो चिलम क्या चढेगी :) मजेदार पोस्ट।
Sunday, November 02, 2008 10:33:00 PM
भगवान के उधर भी लगता है कि बैंक-सैंक लुढ़क रहे हैं। इसीलिये गोली देकर सटक लिये।
Sunday, November 02, 2008 10:33:00 PM
ताऊ तैं चिंता मती करे ,जे पुलस वारे भैज्जा एक ब्लॉग मालक है....
हमाए जबलईपुर में नोकरी करत हैं जे भैया , तुम खों जे कछु न करहें
तुम दद्दा हमे जा सला [सलाह] मान लौ कै अब सबरे ब्लॉग पे टीप आए करौ
तब जा निचित करौ कै जित्ते पुलस वारे ब्लॉग लिखत हैं सबरे के ब्लॉगन पे टीप
आए .
ताऊ तुम साँची बड़े आरसी कहाए लिखन चाहत हते बड़ी लिक्खी तन्नक सी
"सादर अभिवादन के साथ "
Sunday, November 02, 2008 11:52:00 PM
क्या बात है !
आज सब के मनकी जान ली
और भोले शँभु की किरपा के प्रताप है जो मौज भी ले ली ! :)
Monday, November 03, 2008 12:14:00 AM
ताऊ पीला कर नही हुआ तो क्या खिला कर ट्राई कर लो शायद काम बन जाये।
Monday, November 03, 2008 3:32:00 AM
इब के मिल्ला सेर नै सवा सेर!
Monday, November 03, 2008 8:31:00 AM
वाह रे ताऊ !
लगी न " सौ सुनार की न एक लुहार की! "
करो बैठ कर 1 मिनट का इन्तेजार ......????
Monday, November 03, 2008 9:22:00 AM
बहुत बढ़िया ! शिवजी को भी ठगने की तैयारी थी और वो भी चिलम पिला कर ? पर शिव जी अब भोले नाथ नही रहे ! तुम्हारे जैसे ताऊओ से रोज पाला पङता है उनका ! करो अब शिवजी का एक मिनट इंतजार ! :) मैं तो फ़िर कह रहा हूँ की डकैती लूट से अच्छा धंधा नही है आज कल कोई ! अपना एक धंधा ही पकडे रहो ! एक बार लूट-पाट का धंधा शुरू करने के बाद खेती करना बहुत मुश्किल है ! खेती में मेहनत लगती है और वो तुम कर नही सकते ! :) जय हो ताऊ महाराज की ! :) और हाँ ये तो बताया ही नही की शिवजी तुम्हारे रोटी वोटी खाकर गए की ऐसे ही चल दिए थे ! :)
Monday, November 03, 2008 10:26:00 AM
शिवजी : म्हारै लिए तो एक रुपये बराबर होवै सै एक करोड़ रुपये
इब ताऊ को लगा की बस अपने संकट दूर ही समझो ! सो चिलम का एक लंबा कश खींच कर चिलम भोलेनाथ को पकडाता हुवा बोला : अरे भोले बाबा तो फेर नु कर म्हारै को भी दो चार रुपये दे देना ! जिस तैं म्हारै सारे कष्ट ही दूर हो जावैंगे ! इब शिवजी बाबा बोले : क्यूँ नही .. देता हूँ ....बस एक मिनट रुको !
"ha ha ha ha ha ha baap re baap tau jee shiv je bhee dgaa daigey aapko, ek crore saal tk intjaar intjaar intjaar.......... tb tk khait klehaan see kaam chalana pdega lggta hai........... vaise ab to aap sudhr hee gyen hain to koee lafda to hai nahee, rhee police volice kee too bat cheet se neepta lainge, koee tension nahee lainee kaa. fir subeh ka bhula shaam ko ghr aa jaye to usko bhula nahee na kehte smej gye na aap..."
Regards
Monday, November 03, 2008 10:28:00 AM
वाह भाई तू तो अब जबरा मारे रोये भी न दे वाले रोल में आ रिया है ! और वो जो भोले के साथ चिलम पी है तो ज़रा और रेलिजन वाले देख तेरी ये हिम्मत की दाद दें -पर असली हिम्मत तो तब जब हम तुम दोनों जने अल्लाह मियाँ के साथ ऐसायीच कुछ करें ,मुझे पूरा भरोसा है की वे भी भोले बाबा सरीखे ही होंगे ! लोग नाहक ही उन्हें यहाँ बदनाम किए हैं !
ये लालमुनियां की फोटो ताऊ बड़ी धाँसू है .इस समय यह रंग बदलती है -जाडे के ही रंग में है ये !
Monday, November 03, 2008 12:10:00 PM
पहले पढकर खूब हँसी आई। पत्नी भी दोडकर कमरे में चली आई कि ये क्या हुआ। बहुत खूब लिखा आपने। ये शिव जी महाराज तो ताऊ के भी ताऊ निकले।
Monday, November 03, 2008 2:00:00 PM
जय हो भोले बाबा की ! और चिलम से क्या होना जरा कोई कड़क माल खिलाओ-पिलाओ...
कुछ कमीशन की बात करो तो हम ट्राई करें :-)
Monday, November 03, 2008 2:14:00 PM
gr88. post.din bhar ko hans liye..
Tuesday, November 04, 2008 2:07:00 PM
Jai bambhole
jai tau ki
kamaal hone se bach gaya
ek hi baar me samajh aagi
EK MINUT
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