ताऊ ने करवाया ताई और भैंस का बीमा

बीमा एजेंट बड़ा मायूस हो गया , जब ताऊ से उसका बीमा का काम नही बना ! पर ताऊ के दिमाग म्ह तो खुराफात ही चल री थी ! इब ताऊ उस एजेंट तैं बोल्या   -- अरे तू एक काम कर ! मेरा बीमा करना तो छोड़ और तू मेरी लुगाई का और भैंस का बीमा करदे ! इब एजेंट तो हो गया बिल्कुल खुश ! और जितना भी बड़ा बीमा हो सकता था ! उतना बड़ा बीमा ताई का और ताऊ की भैंस का करके चला गया ! इधर ताऊ ने प्लान बना रक्खा था ! उसी के अनुसार उसने इतने बड़े २ बीमे करवाए थे !

 

इब ताऊ के चैन तैं बैठण आला था ? दो तीन महीने हुए भी नही थे की ताऊ ने अपनी लुगाई और भैंस को अपनी ससुराल यानी ताई के मायके भेज दिया और ख़ुद पहुँच लिया पुलिस थाने में ! 

 

थाने में जाकै ताऊ बोला - थानेदार साब ! मेरी लुगाई और भैंस मर गी सै ! रपोर्ट लिख ल्यो ! इब थानेदार नै पूछी की ताऊ क्यूँकर मर गी ? के बेमारी हुई थी ? ताऊ बोल्या -- जी ये तो मन्नै मालुम नही , पर बस  उनकी उम्र पुरी हो ली थी सो वो दोनु एक ही साथ मर ली !  थानेदार को बड़ा आश्चर्य हुवा और उसको कुछ शक पड़ गया ! इधर ताऊ भी दुनियादारी के धक्के खा खा के होशियार हो चुका था ! सो थानेदार के साथ गाम आली भाषा में तोड़ कर लिया ! यानी दान-दक्षिणा दे के रपोर्ट लिखवा कर आगया ! और बीमा कम्पनी म्ह क्लेम लगा दिया ! 

थोड़े दिन में ताऊ का क्लेम पास हो गया और ताऊ ने सारे रुपये क्लेम के हथिया लिए ! और थोड़े दिनों बाद ताई को और भैंस को वापस बुलवा लिया !  उसने पहचान छुपाने को भैंस के सींग तोड़ डाले और उसकी पूंछ काट डाली ! लेकिन गाम में ताऊ से जलने वाले भी कई थे ! उनसे ये सहन ही ना हो री थी की ताऊ जिंदा बैठी ताई के नाम से क्लेम लेके मजे करण लाग रया सै !

 

उन लोगो ने बीमा कम्पनी म्ह जाकै शिकायत दर्ज करवा दी ! और बीमे कम्पनी वालो ने पुलिस थाने में रपोर्ट कर दी ! और वो पुलिस लेके ताऊ के घर तफ्तीश करने आ धमके ! इब पुलिस वालो ने बड़े ध्यान से भैंस को देखा और बोले -- ताऊ ये भैंस तो वो नही सै  जिसका बीमा करवाया था ! सो इसका क्लेम तो ठीक सै ! इब ताई नै बुला !  ताई को देख कर पुलिस आले बोले -- अरे ताऊ ये तो वो की वो ताई सै ! ये तूने बहुत बड़ा जुल्म करया सै !  बोगस क्लेम और धोखाधडी का केस बनेगा !

 

इब ताऊ बोल्या -- भाई मैं तो थारी ताई को भी इस भैंस जैसी ही बना देता , पर क्या करूँ ? ना तो थारी ताई के सींग सै और ना ही पूंछ सै !

23 comments:

  Udan Tashtari

Wednesday, October 15, 2008 6:24:00 AM

हा हा!! ताई के बाल वगैरह डाई करवा लो और जरा मार्डन लुक लगवाओ...काम बण जावेगा, ताऊ...देखते नहीं..जब रियल्टी शो में आती हैं लड़कियां तो कैसी दिखती हैं और देखते देखते पहचानना मुश्किल हो जाता है जब मार्डन हो जावें तब!!!

  विवेक सिंह

Wednesday, October 15, 2008 7:55:00 AM

वाह ताऊ !

  Anil Pusadkar

Wednesday, October 15, 2008 8:26:00 AM

ताऊ सुन रहे ली ना समीर जी की बात अगली बार धोका मत खाना। आणंद आ गया, ठेट देसी अंदाज़ में।

  सतीश सक्सेना

Wednesday, October 15, 2008 9:07:00 AM

सुबह सुबह मज़ा आगया !

  Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

Wednesday, October 15, 2008 10:01:00 AM

ताऊ,
ऐसे कारनामे करते भी हो
फ़िर जर्मन लट्ठ से डरते भी हो

  seema gupta

Wednesday, October 15, 2008 11:02:00 AM

इब ताऊ बोल्या -- भाई मैं तो थारी ताई को भी इस भैंस जैसी ही बना देता , पर क्या करूँ ? ना तो थारी ताई के सींग सै और ना ही पूंछ सै !

'ha ha ha ha ha ha ha ha tau jee kya taee jee ko aapke iss khtrnak irade ka ptta hai, jra hume taee jee kaa phone no daina......"

Regards

  Anonymous

Wednesday, October 15, 2008 11:22:00 AM

Arvind Sharma Indore
Are tau par tai ki plastic surgery karva sakta the ?

  दीपक

Wednesday, October 15, 2008 12:22:00 PM

हा हा !! ताऊ तैने इक किस्सा याद दिला दिया एक बार पिक्चर की टिकट लेने गये हम ने अपने सामने लंबे बाल देखे तो कहा ये लडको की लाईन मे लडकी कौन तो पिछे से आवाज आयी नही वो मेरा बेटा है हमने कहा आप उसके पिताजी है उसने कहा नही मै उसकी मां हु !!

अस ऐसा ही गेट-अप चेंज किजीये ताई का!!

  Nitish Raj

Wednesday, October 15, 2008 1:24:00 PM

बहुत ही बढ़िया ताऊ जी। लेकिन असलियत तो आप छुपागए कि ताई ने हाथ तक नहीं लगाने दिया आपको। अपने ओल्ड लुक को मॉर्डन लुक में कनवर्ट नहीं करने दिया। वर्ना आप तो उन्हें भी भैंस की तरह ही कर देते।

  अभिषेक ओझा

Wednesday, October 15, 2008 2:12:00 PM

हा हा ! भाई तो वो भैंस वाली पुँछ और सिंग लगवा देते ताई के, सर्जरी तो हर चीज की होवे है :-)

ताऊ बेचारे फँस गए !

  poemsnpuja

Wednesday, October 15, 2008 2:59:00 PM

पूँछ नहीं थी तो चोटी तो होगी ताई की, वही कटवा देनी थी, छोटे बालोंको कलर करा के ताई ऐसी दिखती की ताऊ तक धोखा खा जाता.

  Zakir Ali 'Rajneesh'

Wednesday, October 15, 2008 3:59:00 PM

मैं तो इतना ही कहूंगा कि ताऊ इस किंग।
सही कहा न?

  लवली / Lovely kumari

Wednesday, October 15, 2008 4:36:00 PM

मेक ओवर ,ताऊ सुना है कभी आपने वोही कर डालो :-)

  डॉ .अनुराग

Wednesday, October 15, 2008 6:36:00 PM

चिंता कोई नी !एकता कपूर तो फटाफट आदमियों को बदल दे ...औरतो को भी.....यहाँ तो ऐसा लगे है कागजी मिस्टेक हुई है

  mahabharat

Wednesday, October 15, 2008 9:37:00 PM

ताऊ सही बात है इन्सान को अगर ये भी सुविधा मिल जाती तो वो घर वाली की भी पहचान छुपा सकता था ! अच्छा व्यंग किया आपने ! धन्यवाद आपको , आप अपने ऊपर ही व्यंग करके सब बात कह लेते हो !

  rukka

Wednesday, October 15, 2008 9:40:00 PM

बहुत बढिया ताऊ ! झंडे गाड़ दिए आज तो ! सही व्यंग किया है इन झूठे क्लेम लेने वालो पर !

  दीपक "तिवारी साहब"

Wednesday, October 15, 2008 9:42:00 PM

बहुत बढिया ताऊ ! एक आधा बीमा हमारी पन्डताईन का भी करवा दो ! :) एजेंट को भेज देना मेरे पास !

  makrand

Wednesday, October 15, 2008 9:48:00 PM

आईडिया तो अच्छा लगा ! पर आप पूरा काम नही कर पाते ! अगर आप पहले ही ब्लागारियो से सलाह करके जाते तो पूरा क्लेम हड़प सकते थे ! देखिये एक से बढ़कर एक आईडिये दिए हैं इन्होने ! प्लास्टिक सर्जरी, डाई करे बाल और क्या २ ! अब आगे से कोई धंधा करो तो पहले यहाँ सलाह मशवरा करके शुरू करना ! :)

  राज भाटिय़ा

Wednesday, October 15, 2008 11:52:00 PM

रे ताऊ इब के होवेगां , ताई ने मिनी स्कर्ट पहना देता, उपर टी शर्ट, आंखॊ पे काला चशमा लगवा देता, बीमे वाला भी के उस का वाप भी ना पहचान पाता.
चलो अगली बार सही. बहुत सुन्दर
धन्यवाद

  संगीता मनराल

Thursday, October 16, 2008 10:45:00 AM

हा हा हा बहुत खूब ताऊ जी तो निरे बेवकूफ लाग रे सै, रे नू ही क्लेम के रूपयों को जाण दिया |

  जितेन्द़ भगत

Thursday, October 16, 2008 12:12:00 PM

ताऊ, सच बताऊँ, मुझसे ताई की इतनी बेइज्‍जती बर्दाश्‍त नहीं हो रही। मैं दो दि‍न के लि‍ए गायब क्‍या हुआ अपने काम से, आपने पीछ से ताई की कैसी तस्‍वीर बनवा दी। आपने लटठ का बीमा तो करवाया नहीं होगा, क्‍योंकि‍ अब वह ताई के हाथ में है और लटठ आपके पीठ से मजबूत तो है नहीं।

  जगदीश त्रिपाठी

Thursday, October 16, 2008 7:33:00 PM

भौजाई से नहीं पिटे,बहुत दिनों से आप
तुलना करते भैंस से,हम दे देंगे श्राप
हम दे देंगे श्राप,समझ के रहियो भइया
भौजी हैं अनमोल,भाड़ में गया रुपइया

  मदारी

Thursday, May 21, 2009 9:20:00 PM

superb!

ताऊ उवाच :-:


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