नैनो मेरे जीवन का सपना है ! मैं कर्मचारियों के भविष्य और भावनाओं को ठेस नही पहुँचने दूंगा ! कर्मचारियों का भविष्य मेरे पास सुरक्षित है ! और सरकार द्वारा दिए गए धोखे के लिए मैंने उसको माफ़ कर दिया है !
सिंगुर मामले पर सरकार से इस बुरी तरह धोखा खाने के बाद अगर कोई साधारण उद्यमी होता तो हार कर बैठ जाता ! जिस उद्यमी को पूरा कारखाना ही उखाड़ना पड़ रहा हो , और वो आज कह रहा है नैनो को वक्त पर बाजार में लाने के लिए ! ऐसे दृढ़ निश्चयी उद्यमी के जज्बे को प्रणाम !




15 comments:
Sunday, October 05, 2008 10:13:00 AM
बहुत बड़ा स्पैक्ट्रम है उद्योगपतियों का। और टाटा उसके उजले पक्ष के शीर्ष पर हैं।
Sunday, October 05, 2008 10:25:00 AM
पंडित जी से पुरी तरह सहमत हूं।
Sunday, October 05, 2008 12:10:00 PM
टाटा के इरादे बहुत मजबुत है.. सलाम टाटा को
Sunday, October 05, 2008 12:44:00 PM
ऐसे दृढ़ निश्चयी उद्यमी को नमन | देश तरक्की के लिए उधोग जरुरी है और उन्हें ऐसे ही दृढ़ निश्चयी उद्यमी चला सकतें ,हमारे नेता तो लगे हुए कारखानों को चौपट ही करा सकतें है ,ममता बनर्जी ने बंगाल का अहित ही किया है |
Sunday, October 05, 2008 2:23:00 PM
chalo maan liya inke pas bhi hriday hai.kafi dhridh-sankalp bhi dikhta hai
Sunday, October 05, 2008 3:58:00 PM
मै भी टाटा जी के समर्थन मे हुँ!!आमा यार हमे भी तो नैनो खरीदनी है!!
Sunday, October 05, 2008 4:07:00 PM
बेहतरीन,सामयिक एवं अतिआवश्यक लेख ! बधाई !
Sunday, October 05, 2008 5:56:00 PM
मणे तो इस बारे कुछ पता ही ना शे भाई बस ताऊ की कारण हा हा हा हा कर रहे है
धन्यवाद
Sunday, October 05, 2008 8:47:00 PM
टाटा यूँ ही टाटा थोड़े ही है..यही जज्बा तो है. सलाम टाटा!!
Sunday, October 05, 2008 10:01:00 PM
इसी जज्बे को तो धरोहर कहा जाता है, विरासत में मिला है ये टाटा को. मेरा भी सलाम!
Sunday, October 05, 2008 10:24:00 PM
नैनों में है बस चुकी,लखटकिया की रेंज
ताऊ तुमने कर दिया, लेआउट क्यों चेंज
लेआउट क्यों चेंज,गजब हैं अपने टाटा
जो कर रहे विरोध,सहेंगे भारी घाटा
Monday, October 06, 2008 2:07:00 AM
TATA परिवार भारतीय उध्योगपतियोँ की शान हैँ ~~~
- लावण्या
Monday, October 06, 2008 3:31:00 AM
पश्चिम बंगाल से सीधे गुजरात जा रहे हैं (सुना है). कोई नहीं, अपने राज्य को भी न संभाल पाने वाले उनको भगवा कैंप वाला घोषित कर देंगे (लगता है).
Monday, October 06, 2008 4:39:00 AM
आज के तमाम व्यापारिक घरानों में टाटा-बिडला हमेशा से ही अलग दिखते रहे हैं , यही इनके समर्थन का आधार है । भगवन से प्रार्थना है की ऐसे जज्बे वाले व्यक्ति हमेशा सफल रहें। ममता बनर्जी ने बंगाल का अहित ही किया है |
Monday, October 06, 2008 10:13:00 AM
"ya totaly agree with your words, that is why he is 'Tata'
regards
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