शेयर बाज़ार ने तो पुरे सप्ताह ही उम्मीद के अनुसार सबको, चारों खाने चित ही रखा
जो बन्दर जैसे समझदार थे उन्होंने कमाई करी और ज्यादातर लोगों ने जूते ही खाए
ताऊ और बन्दर दोनों बैठे बात चीत कर रहे थे
बन्दर- - ताऊ इस सप्ताह आपने ताउनामा नही सुनाया ?
ताऊ-- हाँ यार बन्दर ! इस सप्ताह दो बड़ी घटनाएं या दुर्घटनाएं हो गई
बन्दर-- कौन कौन सी ? हमकों भी तो बताओ
ताऊ -- भई , पहली तो यो की अपने फील्ड मार्शल मानेक शा साब अब इस दुनिया में नही रहे
सो भई इस दुनिया सै जाना तो सबको है और हमारे मार्शल साब तो ऐसे ऐसे बड़े बड़े कारनामे करके गयें हैं, की वो इस दुनिया से भले चले गए हो पर उनकी याद कभी नही जायेगी
और उनके बनाए कीर्तिमान शायद ही कोई और तोड़ सके
बन्दर-- ताऊ कुछ विस्तार से बताओ ना !
ताऊ-- अबे बन्दर तू स्साले फोकट बक बक करके बात को लंबा खीच देता है थोड़ा अखबार भी पढ़ लिया कर सारे अखबार रंगे पड़े हैं फिल्ड मार्शल साब के कारनामों से और भई ये तो हमारे मिडीया और प्रेस को धन्यवाद है, जो इस भारत मां के सपूत के सम्मान में उन्होंने कोई कसर नही छोडी उनके बारे में पूरी की पूरी जानकारी मिडीया ने दी है इब तेरे जैसे कर्मठोक ना पढ़े तो कोई क्या कर लेगा ?
बन्दर-- ताऊ आप तो खाम खा: नाराज हो रहे हो , आप जानते हो की मैं बिना पढा लिखा हूँ
इसीलिए तो आप के पास टिका हूँ नही तो मैं भी किसी बड़ी कम्पनी का सी. ई. ओ. नही होता क्या ?ताऊ-- देख बे बन्दर ! मानेकशा साब नै दुसरे विश्व युद्ध से लेकर और १९७१ तक के सारे युद्ध लड़े और भई ऎसी फतह हासिल करी की, आज उनकी मिस्साल बन गई हैं भई यो किसी से नही डरता था न्यूँ समझ लेकी ग़लत बात पे एक बार इन्दीरा गांधी नै भी टका सा जबाव पकडा दिया था और भई बहादुर ऐसा की सही बात पे दुश्मन की भी तारीफ़ कर देवे था
बन्दर-- ताऊ और भी कुछ बताओ ना , इनके बारे मैं !
ताऊ-- देख बन्दर अगर तेरे को जानना ही है तो लिखना पढ़ना सिख ले इनकी यश गाथा तो मैं सारे जनम में भी पूरी नही सूना सकता बस तू इस बात से अंदाज लगा ले की १९७१ के युद्ध में कोई नब्बे हजार पाकिस्तानी सिपाहियां नै रेवड़ की तरह घेर के , बंदी बना के , उनको बाड़े में डाल दिया था , इस भारत मां के सपूत ने ऐसा वीर सिपाही था वो और भई शांत और शरीफ इतना के इराक़ की लड़ाई पर उनकी प्रतिक्रया पूछी तो उनके शब्द थे---मैं तो शांतिप्रिय आदमी हूँ , जंगो के बारे में कुछ भी नही जानता हे महानायक आपको सलाम !
बन्दर -- और दूसरी घटना क्या हुयी ताऊ ?
ताऊ -- भई बन्दर , दूसरी घटना म्हारे देश की नही सै, पर यो नक़ल म्हारे देश की ही सै
बन्दर-- पहेलियाँ मत बुझाओ ताऊ ! फ़िर मुझे दोष देते हो की बात को लम्बा खींचता हूँ
और आप ख़ुद किसी बात को बिना पेंच लड़ाए छोड़ते ही नही हो
ताऊ-- हाँ यार बन्दर , सारी उम्र हो गयी खैर .. मैं तने बता रहा था बिल गेट्स के बारे में
भई इन्होने अपनी सारी धनसम्पति छोड़ कर अब ये दूसरों की सेवा में अपना बाक़ी जीवन लगायेंगे
बन्दर-- ताऊ इसमे क्या बड़ी बात हो गई ? इनके पास माल है ये कुछ भी कर सकते हैं
ताऊ-- नही बे पागल के बच्चे ! तू बीच में मत बोल्या कर सारी बात का मजा किरकिरा कर देता है अरे इन्होने अपना सब कुछ छोड़ छाड़कर गरीबों की सेवा करने का व्रत लिया है और भई , अगर म्हारे देश मे , कोई इस तरह अपनी सम्पति का त्याग कर दे तो सीधा भगवान ही कहलावे था और इतनी बड़ी धन संपदा को छोड़ना कोई साधारण मानव के बूते की बात नही सै यो तो कोई महामानव ही कर सके है और पुराने जमाने में हमारे यहाँ भगवान महावीर और बुध्द ने भी ऐसा ही त्याग किया था हे महामानव बिल गेट्स आपको भी सलाम और शुभकामनाएं ।
और अब आज कल, अपने यहाँ पर तो पैसे वाले मरते दम तक दमडी भी छोड़ने को तैयार नही हैं।
अब हमारे छोटे छोटे किराने के दुकानदार , सब्जी-फल बेचने वाले और तमाम तरह के खेरची धंधा करने वालों को इन बड़े उद्योग पतियों ने बेरोजगार कर दिया है
बन्दर-- ज़रा खुल के बताओ ताऊ
ताऊ-- अरे इसमे खुल के और बंद हो के बताने वाली कौनसी बात सै
सारी दुनिया जाने सै की यो अम्बानी, बियानी और सारे मोटे मोटे सेठों ने कसम खा ली है की
हम इन छोटे मोटे धंधा करने वालों को बेरोजगार कर देंगे
और सड़क पे झाडू लगाने से लेके दूध, सब्जी , नमक सब कुछ ये ही बेचेंगे
बन्दर-- हाँ ताऊ ! पहले नमक एक रुपये का दस किलो बिकता था और अब दस रुपये का एक किलो ?ताऊ -- हाँ यार बन्दर ! इन बड़े लोगों का पेट भी बड़ा ही होता है ये ५ पैसे की चीज को ५० रुपये कीनही बेचें, तब तक इनके पेट ही नही भरते भई बन्दर एक बार न्यूँ हुया की एक सेठ मर गया और बड़ा डरते डरते मरा कारण की इसी तरह के घने पाप कर राखे थे उस सेठ ने भी सो यम् के दूत उसको डंडे सोटे मारते मारते नरक की तरफ़ ले जावे थे
फ़िर भई जिस जगह से एक रास्ता स्वर्ग की तरफ़ औए दूसरा रास्ता नरक की तरफ़ जाता है उसचोराहे पर ट्रेफिक जाम हो राख्या था
वहाँ पता चला की आज यमराज का हैप्पी बर्थ डे है सो इस खुशी के मोके पर यमराज ने ये घोषणा कर दीहै की आज जो भी मरके आयेगा , वो अपनी मरजी से स्वर्ग या नरक में जाने का चुनाव कर सकता है सो जाहिर सी बात सै की सब को स्वर्ग जाने की इच्छा हो रही थी क्यूँ की स्वर्ग में हर चीज इच्छा करते ही मिल जाती है, कुछ करना नही पङता यमराज सबसे हैप्पी बर्थ डे ..स्वीकार करते हुए पूछते जा रहे थे अब भई म्हारे देश के इस सेठ का भी नंबर आगया ..और इसको भी यमराज के सामने पेश किया गया
यमराज-- तुम्हारा नाम ?
सेठ-- अरब पति किरोडी मल !
यमराज -- कहाँ से आए हो ?
सेठ-- .. ..हिन्दुस्थान से !
यमराज-- कहाँ जाना चाहोगे ? स्वर्ग या नरक ?
सेठ -- यमराज जी बात ये है की, मैंने सूना है , स्वर्ग में सब चीज सिर्फ़ इच्छा करने से ही मिल जाती हैं तो मैं वहाँ जाकर क्या करूंगा ? मेरे को तो आप नरक ही भेज दो वहाँ पर मेरी दुकानदारी तो चलतीरहेगी और सेठ नरक की तरफ़ बढ़ लिया । सेठ तुझे धिक्कार है ।
बन्दर-- वाह ताऊ वाह ! !! क्या सही बात कही आपने ?
ताऊ-- हाँ भई बन्दर ! नरक के कीडे नरक में ही सुखी रहते हैं पर बन्दर ये मत सोच की हमारे यहाँ कुएं में ही भांग पड़ गई है भई यो तो थोड़े से लोग ही सें इस तरियां के ओछी बुद्धि के हमारे सामने आज भी ताजा उदाहरण है हमारे नारायण मूर्ती जी का आपको भी सलाम
फ़ील्ड मार्शल, बिल गेट्स और सेठ
Sunday, June 29, 2008 at 1:32 PM Posted by ताऊ रामपुरिया
Labels: ताऊ, बन्दर, फ़ोकट बात-चीत
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About Me
- ताऊ रामपुरिया
- अब अपने बारे में क्या कहूँ ? मूल रुप से हरियाणा का रहने वाला हूँ ! लेखन मेरा पेशा नही है ! थोडा बहुत गाँव की भाषा में सोच लेता हूँ , कुछ पुरानी और वर्तमान घटनाओं को अपने आतंरिक सोच की भाषा हरयाणवी में लिखने की कोशीश करता हूँ ! वैसे जिंदगी को हल्के फुल्के अंदाज मे लेने वालों से अच्छी पटती है | गम तो यो ही बहुत हैं | हंसो और हंसाओं , यही अपना ध्येय वाक्य है | हमारे यहाँ एक पान की दूकान पर तख्ती टंगी है , जिसे हम रोज देखते हैं ! उस पर लिखा है : कृपया यहाँ ज्ञान ना बांटे , यहाँ सभी ज्ञानी हैं ! बस इसे पढ़ कर हमें अपनी औकात याद आ जाती है ! और हम अपने पायजामे में ही रहते हैं ! एवं किसी को भी हमारा अमूल्य ज्ञान प्रदान नही करते हैं ! ब्लागिंग का मेरा उद्देश्य चंद उन जिंदा दिल लोगों से संवाद का एक तरीका है जिनकी याद मात्र से रोम रोम खुशी से भर जाता है ! और ऐसे लोगो की उपस्थिति मुझे ऐसी लगती है जैसे ईश्वर ही मेरे पास चल कर आ गया हो ! आप यहाँ आए , मेरे बारे में जानकारी ली ! इसके लिए मैं आपका आभारी हूँ !
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2 comments:
Sunday, June 29, 2008 11:06:00 PM
हमारा भी सलाम बिल गेट्स और नारायण मूर्ति जी को.
Sunday, June 29, 2008 11:07:00 PM
फील्ड मार्शल मानेक शा को नमन.
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