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बनिया और जाट का

गाम के छोरे स्कूल जावै थे
रास्ते मै एक बणिए और जाट के छोरे का झगडा हो गया ।
दोनु गुथ्थ्म गुथ्था हो लिये । बणिए के छोरे का दावं कुछ इस्सा बैठया कै
वो जाट आले छोरे नै नीचे पटक के और उसके उपर बैठ गया
और उसने कूटता भी जावै और रोता भी जावै था....
तभी उधर सै ताउ फत्ते निकल्या...
ताउ : रे छोरे बणिए के ! तु इस जाट के छोरे नै छेत्तन भी लागरया सै ।
और फिर तै रोता भी जावै सै ? क्यूं कर ?
बणिए का बोल्या : ताउ जब यो उठेगा तब के होवैगा ?

2 comments:

  1. ऐक बार ऐक जाट ने जेल हुईगी तो जाट जेल मे गयो तो देखे कि ऐक कु ऐक गूड्डा मईने है और बे जाट ने देखता हि कने बुलाया और बोले ले मेरे कपडे धो जाट झट चालाकी लाओ साहब अभी धो देता हु गूड्डा सोच मे पडगा ईत्ती जलदी कैसे मानगो जाट कपडे धोते 2 ऐक दुसरा गाडडा कन जाकर बोले साहब पैर दबा दु गाड्डा सोच मे पडगो बिना किये पैर दबाना कि कैवे है लागे है सिधा है ईससे काम नहि करवाना चाहिए और

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