ताऊ घसीटा राम और गुल्ला सेठ

ताऊ घसीटा राम एक बार गुल्ला सेठ की दूकान मे चल्यागा । जाके बोल्या - ओ सेठ एक माचिस की डिबिया दीये । ताऊ घसीटे से गुल्ला सेठ थोडा डरता था। उसने जाट को परभावित करण खातर उसको लाइटर पकड़ा दीया। इब ताऊ घसीटे न घंना छोह (गुस्सा) ठा लिया .... अर्र उसने बनिये के २ कनपटी पर बजा दिए । अर्र ताऊ बोल्या - बावली बूच इस गेल्याँ कान क्यूं कर साफ करूंगा।
--------------------------------------------------------------------------------

3 comments:

  mukesh from ghaziabaad

Tuesday, May 27, 2008 7:01:00 PM

भइ ताउ घसीटे न तो हम जानै सै ... थम यो गुल्ला सेठ कुनसे की बात करो सो.. यो कदी म्हारा गाम आल्ला काली जाड सेठ तो नही सै ? पर मज़ा आ गया ....
देते रहो ... मिला मिला के...............

  छोटू नारनौल से......

Tuesday, May 27, 2008 7:54:00 PM

कनपटी पर बजा दिये.... बावली बूच ..... वाह ताउ वाह मज़्ज़ आ गया... और जलदी जलदी पोस्ट करो..

  sahi

Thursday, May 21, 2009 8:52:00 PM

reading since two weeks, now it looks worthfull blog

ताऊ उवाच :-:


विजेट आपके ब्लॉग पर
www.blogvani.com

Followers