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जिधर देखो उधर बाढ ही बाढ....

चीन ठहरा पक्का बणियां, ऊ धमकी से आगे कदी नी जायेगो

एक गधे के इश्क की दास्ताँ

"हरियाणवी ठिलुआ संघ" द्वारा गजल संध्या